Haryana Government Gazette
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No. 26-2018] CHANDIGARH, TUESDAY, JUNE 26, 2018 (ASADHA 5, 1940 SAKA)
PART I-B
Notifications by Commissioners and Deputy Commissioners
उपायुक्त, रेवाड़ी
आदेश
दिनांक 1 जून, 2018
क्रमांक 933-977/66/स्थानीय.— श्री ईष्वर सिंह फायरमैन कार्यालय नगरपरिषद रेवाड़ी को इस कार्यालय के ज्ञापन क्रमांक 4423/स्थानीय दिनांक 14.08.2014 द्वारा हरियाणा नागरिक सेवाऐं (दण्ड एवं अपील) नियमावली 1987 के नियम-7 के अन्तर्गत आरोपित किया गया था तथा कर्मचारी को 15 दिन के अन्दर-2 लिखित कथन प्रस्तुत करने के निर्देष दिए गये थे। श्री ईष्वर सिंह फायरमैन दमकल केन्द्र नगर परिषद रेवाड़ी पर निम्नलिखित आरोप हैः-
आरोप नम्बर :- 1 वह अपनी डयूटी से बार-2 अनुपस्थित रहने का आदी है :-
माह सितम्बर, 2011 ः- 09.09.2011 से 14.09.2011
माह नवम्बर, 2011 ः- 10.11.2011 से 15.11.2011, 18.11.2011 से 22.11.2011 माह दिसम्बर, 2011 ः- 10.12.2011 से 18.12.2011
माह अप्रैल, 2012 ः- 21.04.2012 से 30.04.2012
माह मई, 2012 ः- 01.05.2012 से 22.05.2012
माह जुलाई, 2012 ः- 26.07.2012 से 31.07.2012 माह अगस्त, 2012 ः- 01.08.2012 से 20.08.2012 माह मार्च, 2013 ः- 22.03.2013 से 27.03.2013
माह जून, 2013 ः- 09.06.2013 से 14.06.2013
माह सितम्बर, 2013 ः- 25.09.2013 से 30.09.2013
माह अक्तूबर, 2013 ः- 01.10.2013 से 09.10.2013, 25.10.2013 से 31.10.2013 (9)HARYANA GOVT. GAZ., JUNE 26, 2018 (ASAR. 5, 1940 SAKA) [PART I B 10 माह अक्तूबर, 2016 ः- 30.10.2016 से 14.11.2016
माह मार्च, 2017 ः- 25.03.2017 से 27.03.2017 माह अप्रैल, 2017 ः- 06.04.2017 से 26.04.2017
माह जून, 2017 ः- 18.06.2017 से 11.07.2017 माह अगस्त, 2017 ः- 16.08.2017 से 06.09.2017
माह अक्तूबर, 2017 ः- 20.10.2017 से अब तक।
आरोप नम्बरः- 2
यह कि दिनांक 15.03.2014 को मध्य रात्रि लगभग 12ः00 बजे दमकल केन्द्र पर बने गैरिज में खड़ी फायर गाड़ी एच०आर०-47ए०-2365 के कैबिन में रखी गन-मैटल की एक शार्ट ब्रांच पाईप की चोरी करके गैराज से जैसे ही बाहर निकला, रात्रि के समय डयूटी पर तैनात कर्मचारी श्री देषराज, फायरमैन ने श्री ईष्वर सिंह, फायरमैन (निलम्बित) को देख लिया तथा भागकर गाड़ियों के गैराज के बाहर पकड़ लिया। तलाषी लेने उपरान्त पता चला कि उसकी पैन्ट की जेब में गन-मैटल की एक शॉर्ट ब्रांच पाईप है। डयूटी पर तैनात फायर स्टाफ इन्द्रजीत फायरमैन, पवन कुमार फायरमैन, नवीन कुमार फायरमैन, मनोज कुमार फायरमैन, श्री रामदत चालक इत्यादी वॉचरूम से बाहर निकले। इसके इतिरिक्त दमकल केन्द्र अधिकारी को फायर स्टाफ क्वार्टर से मौके पर बुलाया गया। श्री ईष्वर सिंह, निलम्बित (फायरमैन) की सूचना पुलिस को दी गई। कुछ समय पश्चात पुलिस मौके पर नहीं पहुची तो श्री देषराज चालक एवं श्री इन्द्रजीत फायरमैन, ईष्वर सिंह फायरमैन (निलम्बित) को लेकर थाना शहर रेवाड़ी के लिए निकले तो कुछ दूरी पर (डबल फाटक पर) पुलिस कर्मचारी आ गए तथा श्री ईष्वर सिंह फायरमैन (निलम्बित) को थाना शहर ले गए तथा साथ में श्री देषराज चालक व इन्द्रजीत फायरमैन भी गए। उपरोक्त के थाने में पहुंचने पर श्री बलवन्त सिंह दमकल अधिकारी को भी थाने में बुलाया गया और ईष्वर फायरमैन के विरुद्ध प्रार्थना पत्र बाबत एफ०आई०आर० दर्ज करवाने बारे दिया गया तथा मौके पर एफ०आई०आर० दर्ज की गई। श्री ईष्वर सिंह, फायरमैन (निलम्बित) को थाना शहर में पुलिस के सुपुर्द करके फायर स्टाफ वापस दमकल केन्द्र पर पहुंचा। इस प्रकार श्री ईष्वर सिंह फायरमैन, (निलम्बित) ने डयूटी से गैर हाजिर रहकर तथा नगर परिषद/सरकारी सम्पति की चोरी व खुर्द बुर्द करके अपने आपको दण्ड का पात्र बनाया है।
श्री ईष्वर सिंह फायरमैन ने इस कार्यालय द्वारा भेजे गये ज्ञापन क्रमांक 4423/स्थानीय दिनांक 14.08.2014 का कोई जवाब कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया। जिसके कारण कर्मचारी के विरूद्ध लगाए गए आरोपों की नियमित जांच नगराधीष, रेवाड़ी द्वारा करवाई गई। जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट क्रमांक 32/रीडर दिनांक 10.01.2018 के अनुसार श्री ईष्वर सिंह फायरमैन ने कार्यालय में बार-2 लिखित रूप में दिया था कि वह कार्यालय से गैर हाजिर नहीं रहेगा। इसके अतिरिक्त कर्मचारी द्वारा शपथ पत्र भी दिया गया था, लेकिन वह स्वैच्छा से अनुपस्थित रहने का आदी है जो अनुषासनहीनता की श्रेणी में आता है। कर्मचारी दिनांक 15.03.2014 को मध्य रात्रि लगभग 12ः00 बजे दमकल केन्द्र पर बने गैरिज में खड़ी फायर गाड़ी नं० एच०आर०-47ए०-2365 के कैबिन में रखी गन-मैटल की एक शॉर्ट ब्रांच पाईप की चोरी करके गैराज से जैस ही बाहर निकला। रात्रि के समय डयूटी पर कर्मचारी श्री देषराज, फायरमैन ने श्री ईष्वर सिंह फायरमैन को देख लिया तथा आपको भागकर गाड़ियों के गैराज के बाहर पकड़ लिया। तलाषी लेने उपरान्त पता चाल कि उसकी पैन्ट की जेब में गन-मैटल की एक शॉर्ट ब्रांच पाईप है। डयूटी पर तैनात फायर स्टाफ इन्द्रजीत फायरमैन, पवन कुमार फायरमैन, नवीन कुमार फायरमैन, मनोज कुमार फायरमैन, श्री रामदत चालक इत्यादी वॉचरूम से बाहर निकले। इसके इतिरिक्त दमकल केन्द्र अधिकारी को फायर स्टाफ क्वार्टर से मौके पर बुलाया गया। श्री ईष्वर सिंह, निलम्बित (फायरमैन) की सूचना पुलिस को दी गई। कुछ समय पश्चात पुलिस मौके पर नहीं पहुची तो श्री देषराज चालक एवं श्री इन्द्रजीत फायरमैन, ईष्वर सिंह फायरमैन को लेकर थाना शहर रेवाड़ी की तरफ चले तो कुछ ही दूरी पर (डबल फाटक चौंक) पुलिस कर्मचारी आ गए तथा श्री ईष्वर सिंह (निलम्बित) फायरमैन को थाना शहर रेवाड़ी ले गए तथा साथ में ही श्री देषराज चालक व इन्द्रजीत फायरमैन भी गए। उपरोक्त के थाने में पहुंचने पर दमकल केन्द्र अधिकारी श्री बलवन्त सिंह को बुलाया गया तथा ईष्वर सिंह फायरमैन के विरूद्ध प्रार्थना पत्र बाबत एफ०आई०आर० दर्ज करवाने हेतु दिया गया एवं मौके पर ही एफ०आई०आर० दर्ज की गई। श्री ईष्वर सिंह, (निलम्बित) फायरमैन को थाना शहर में पुलिस के सुपुर्द करके फायर स्टाफ वापस दमकल केन्द्र पर पहुंचा। इस प्रकार श्री ईष्वर सिंह फायरमैन, (निलम्बित) ने डयूटी से गैर हाजिर रहकर तथा नगर परिषद/सरकारी सम्पति की चोरी व खुर्द बुर्द करके अपने आपको दण्ड का पात्र बनाया है। जिससे स्पष्ट है कि वह लापरवाह व गैर जिम्मेवार कर्मचारी है। इस प्रकार कर्मचारी पर लगाए गए आरोप सही साबित होते है।
तदोपरान्त इस कार्यालय के यादी क्रमांक 93/66/स्थानीय दिनांक 16.01.2018 द्वारा उक्त कर्मचारी को नगराधीष रेवाड़ी से प्राप्त जांच रिपोर्ट की छायाप्रति भेजकर अपना लिखित प्रतिवेदन 30 दिन के अन्दर-2 इसक कार्यालय में भिजवाने बारे लिखा गया। कर्मचारी ने अपना जवाब दिनांक 21.02.2018 को इस कार्यालय में प्रस्तुत किया, जिसमें उसने वर्णन किया है कि आपके कार्यालय के पत्र क्रमांक 93/स्थानीय दिनांक 16.01.2018 के साथ नगराधीष रेवाड़ी एवं जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट क्रमांक 32/रीडर दिनांक 10.01.2018 छायाप्रति भेजी गई है तथा उसके साथा सभी कागजात संलग्न नहीं किये गए है जबकि सभी कागजात जांच रिपोर्ट के साथ संलग्न करने चाहिये थे। जांच अधिकारी द्वारा जांच की कार्यवाही हरियाणा नागरिक सेवाएं (दण्ड एवं अपील) नियमावली 1987 के नियमों के अन्तर्गत ना की गई। उपायुक्त महोदय, रेवाड़ी के पत्र क्रमांक 4423/स्थानीय दिनांक 14.08.2014 के साथ गवाहान की सूची लगाई गई थी, जिसमें गवाह नं० 1 बलवन्त सिंह दमकल केन्द्रPART I B] HARYANA GOVT. GAZ., JUNE 26, 2018 (ASAR. 5, 1940 SAKA) 11 अधिकारी द्वारा रोस्टर रजिस्ट्रर व एफ०आई०आर० की प्रति पेष करके पुष्टि करनी थी। परन्तु दिनांक 17.03.2015 के जांच अधिकारी के सम्मुख ब्यान में ऐसा ना किया गया है और ना ही गवाह का ब्यान शपथ पूर्वक लिखा गया है व ना ही उसको जिरह करने का मौका दिया गया है। गवाह श्री इन्द्रजीत फायरमैन, पवन कुमार फायरमैन, नवीन कुमार फायरमैन, मनोज कुमार फार्यरमैन नगरपरिषद रेवाड़ी चारो का जांच अधिकारी द्वारा दिनांक 17.03.2015 को सामूहिक ब्यान लिखा गया जो कि सरासर गलत है। इसके अलावा गवाह श्री देषराज फायरमैन का ब्यान दिनांक 17.03.2015 को लिखा गया, और गवाह की सूची में गवाह श्री रामपत फायरमैन, नगरपरिषद रेवाड़ी दर्षाया गया, जबकि जांच अधिकारी द्वारा श्री रामदत चालक का ब्यान लिखा गया उनको जिरह का मौका ना दिया गया है। कार्यकारी अधिकारी, नगरपरिषद रेवाड़ी ने उनके कार्यालय के पत्र क्रमांक 1231/सहायक दिनांक 16.05.2016 द्वारा रिपोर्ट जांच अधिकारी को भेजी गई की उसमें क्रमांक 8,9 पर ही लिखा है कि वेतन की अदायगी नहीं की गई और क्रमांक 1 से 7 व 10, 14 तक लिखा गया है कि वेतन की अदायगी की हुई है। अर्जित अवकाष स्वीकृत किये हुए है। जांच अधिकारी द्वारा मेरे खिलाफ चोरी व गैर हाजिर रहने का दोषी बताया गया है व रिकार्ड व तथ्यो के विरूद्ध बताया गया है। फौजदारी मुकदमा में जिरह के दौरान गवाहान श्री बलवन्त सिंह फायर आफिसर पी०डब्लू-1 माना है He alos stated during his crossed examination that no such illegal act was ever committed by the accused. He also stated that he himself was not on duty at that time. PW-3 श्री देषराज ने भी जिरह में यह माना है कि accused Ishwar singh was running absent from duty those days. He himself was also not on duty on that day. PW-4 श्री गोविन्द प्रषाद ए०एस०आई० ने भी जिरह में यह माना है कि That no recovery of the stole branch of the vehicle was effected by him from the possession of accused. माननीय Chief Judicial Magistrate, Rewari के आदेष दिनांक 20.10.2015 के खिलाफ मैने फौजदारी अपील नं० 97 ऑफ 2015 दिनांक 23.10.2015 को दायर की थी जिसमें माननीय श्री Parveen Gupta, Additional Session Judge, Rewari द्वारा दिनांक 18.05.2016 को यह आदेष पारित किये गए थे "Judgment of Conviction and order of sentence dated 20.10.2015 Passed the Learned Chief Judicial Magistrate, Rewari against the appellant accused are hereby set aside the appeal is allowed. The appellant stands acquitted of the charge under section 380 of Indian Penal code of for which he faced trail. इस प्रकार से उसको जांच अधिकारी द्वारा दोषी करार करने का कोई औचित्य नहीं बनता है। उसके बूढ़े माता-पिता जी जो गांव में ही रहते है और उसके दो बच्चे है और घर में कमाई का कोई और साधन नही है। अन्त में कर्मचारी ने अनुरोध किया कि उसके जवाब पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए मामला फाईल करने का कष्ट करे। तदोपरान्त, श्री ईष्वर सिंह फायरमैन कार्यालय नगरपरिषद रेवाड़ी का जवाब संतोषजनक ना होने के कारण उसको न्याय की दृष्टि से दिनांक 14.03.2018 को प्रातः 9ः30 बजे निजी सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। परन्तु कर्मचारी उक्त तिथि को हाजिर नहीं हुआ। तत्पष्चात इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 578/66/स्थानीय दिनांक 22.03.2018 द्वारा कर्मचारी को Dismissal from Service बारे द्वितीय कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए दिनांक 06.04.2018 के लिए प्रातः 10ः00 बजे निजी सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया, परन्तु कर्मचारी निष्चित तिथि को समय पर हाजिर नही आया। उक्त कर्मचारी दिनांक 09.04.2018 को प्रातः 10ः30 बजे उपस्थित हुआ तथा अपने गैर हाजिर रहने बारे लिखित रूप में प्रतिवेदन दिया कि वह टाईफाईड बुखार होने व मानसिक सतुलंन बिगड़ने के कारण कार्यालय में हाजिर नही हो सका। कर्मचारी द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और ना ही काई साक्ष्य/सबूत पेष किये अपितु अपने द्वारा की गई गलती की क्षमा याचना की।
मैने फाईल का अध्यन किया है तथा आरोपी श्री ईष्वर सिंह को भी व्यक्तिगत रूप से सुना है। श्री ईष्वर सिंह को नियम 7 के तहत कठोर सजा के अंतर्गत आरोपित किया गया था तथा इसकी जांच नगराधीष रेवाड़ी द्वारा की गई थी। आरोपी पर बिना अनुमति के कार्यालय से अनेकों बार गैर हाजिर रहने तथा चोरी के आरोप लागाए गए थे। नगराधीष द्वारा की गई जांच में इन आरोपों को सिद्ध किया गया है। इसके अतिरिक्त आरोपी ने अपने ब्यानों में स्वयं माना है कि डयूटी के दौरान वह शराब के नषे में रहता है।
आरोपी पर लगाए गए सभी आरोप गम्भीर प्रकृति के हैं। श्री ईष्वर सिंह लगभग दो-ढाई वर्ष के समय में बार-2 अनुपस्थित रहा है। कभी-कभी उसे घटना उपरान्त वेतन का भुगतान किया गया परन्तु दूसरी तरफ उसे कुछ समय का वेतन अदा नहीं किया गया। कुछ अनुपस्थित केसों में अर्जित अवकाष स्वीकृत किया गया। परन्तु यह स्पष्ट नहीं है कि इसकी अनुमति पहले ली गई थी या घटना उपरान्त। परन्तु इससे कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यह भी उल्लेखनीय है कि वेतन ना दिए जाने के बावजूद भी वह अपने आपको बिना पूर्व अनुमति के गैर हाजिर रहने से नहीं रोक पाया। यह उसका असंषोधनीय व्यवहार व अपनी डयूटी के प्रति अवमानना/तिरस्कार दर्षाता है। चोरी का आरोप भी श्री ईष्वर सिंह पर सिद्ध होता है। श्री ईष्वर सिंह ने बताया है कि उसने चोरी जान बूझकर नहीं की अपितू शराब के नषे के कारण ऐसा हुआ है।
अपने दिनांकित उत्तर में श्री ईष्वर सिंह ने जांच के तरीकों पर आपत्ति उठाई है लेकिन मैं उनको, यदि वह सही भी हैं, तो इतना गम्भीर नहीं मानता जिससे जांच रिपोर्ट निष्फल होती हो। कर्मचारी पर लगे चोरी के आरोप के सम्बन्ध में माननीय अपराधिक न्यायलय के आदेष को ध्यान में रख गया है। परन्तु यह अनुषासनिक कार्यवाही के अंतर्गत चल रही जांच के निष्कर्ष को प्रभावित नहीं करते क्योंकि अपराधिक न्यायालय में आरोपों को उचित संदेह से परे सिंद्ध करना होता है जो अनुषासनिक जांच में इतना अनिवार्य नहीं है। श्री ईष्वर सिंह ने अपने ब्यानों में स्वयं माना है कि उसने चोरी शराब के नषे में की थी। आरोपी को दूसरा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उसे दिनांक 06.04.2018 को व्यक्तिगत सुनवाई का भी मौका दिया गया परन्तु वह उपस्थित नहीं हुआ जो उसके कार्यालय मामलों में असंषोधनीय व्यवहार दर्षाती है। कर्मचारी दिनांक 09.04.2018 को उपस्थित हुआ। न्याय के हित में तथा इस आधार पर कि उसे अपनी सफाई देने का पूर्ण अधिकार है,HARYANA GOVT. GAZ., JUNE 26, 2018 (ASAR. 5, 1940 SAKA) [PART I B 12 उसे अपने आप को बचाव करने का पूर्ण मौका दिया गया। व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान उसने बताया कि वह बीमार होने के कारण अनुपस्थित रहा है। जब उससे इतने लम्बे समय तक बीमार रहने के सम्बन्ध में कोई प्रमाण दिखाने बारे पूछा गया तो उसने कहा कि उसके दस्तावेज गुम हो गए हैं। उसने बताया कि माननीय न्यायालय द्वारा चोरी के केस में उसे बरी किया जा चुका है। यदि उसे एक मौका दिया जाए ता वह भविष्य में अपनी डयूटी के प्रति समर्पित रहेगा। उसने आगे बताया कि उसके प्रति सहानुभूति का रूख अपनाया जाए क्योंकि उसे अपने परिवार का पालन पोषण करना है। उसे बताया गया कि वह इस सम्बन्ध में कुछ कहना चाहता है तो लिखित रूप में भी अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकता है। इसकी पालना में उसने दिनांक 09.04.2018 को अपने लिखित ब्यान प्रस्तुत किये जिसमें उसने जो उसने जुबानी तौर पर कहा था लगभग उन्हीं का उल्लेख किया।
मैनें सारे मामले का अध्यन कर लिया है श्री ईष्वर सिंह एक गैर जिम्मेवार कर्मचारी है जिसमें जिम्मेदारी की कोई भावना नहीं है। अग्निषमन सेवाएं आपातकालीन सेवाएं होने के कारण एक फायरमैन से यह आषा की जाती है कि वह अपनी डयूटी पर तैनात रहे और अनुषासन में रहकर अपनी जिम्मेवारी को समझे। उसे काफी मौके देने उपरान्त भी वह अपने व्यवहार में सुधार करने में असफल रहा। व्यक्तिगत सुनवाई के लिए मौका दिए जाने पर भी उसकी अनुपस्थिति उसके द्वारा भविष्य में किए जाने वाले अच्छे व्यवहार के वादे का विराधाभाष करती है। चोरी के आरोप, कुछ संदेह के साथ सिद्ध होते है, जैसा कि उसके बयानो से स्पष्ट है तथा उससे उसकी ईमानदारी एवं सत्यन्ष्ठिा के प्रति गम्भीर प्रष्न पैदा हो जाते हैं। मैं पूर्णतया सन्तुष्ट हूं कि श्री ईष्वर सिंह को सेवा में रखना जनहित में नहीं है। इसलिए में पंकज, भा०प्र०से०, उपायुक्त रेवाड़ी श्री ईष्वर सिंह, फायॅरमैन को तुरन्त प्रभाव से सेवा से बर्खास्त (Dismissal from Service) करता हूँ। इन आदेषों से सभी सम्बन्धित को सुचित किया जाये।
दिनांक 1 जून, 2018.
(हस्ता०)..., उपायुक्त, रेवाड़ी।
56317—C.S.—H.G.P., Chd.