हरियाणा सरकार विधि तथा विधायी विभाग अधिसूचना दिनांक 14 जून, 2018
संख्या लैज. 21/2018.— दि हरियाणा म्यूनिसिपॅल कार्पोरेशन (अॅमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2018 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक प्रथम जून, 2018 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 18
हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अधिनियम, 2018 हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
1994 के हरियाणा अधिनियम 16 में धारा 6ख का रखा जाना। 1. यह अधिनियम हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 6क के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात् :- ''6ख. वार्डों के परिसीमन तथा आरक्षण की समय सीमा.- निगम के वार्डों के परिसीमन तथा आरक्षण से सम्बन्धित कार्य निगम की अवधि पूरी होने से छह मास पूर्व पूरा किया जाएगा, उसमें असफल रहने पर, राज्य निर्वाचन आयोग वार्डों के विद्यमान परिसीमन तथा आरक्षण के आधार पर निर्वाचक नामावलियां तैयार करने तथा निर्वाचनों के संचालन की प्रक्रिया कार्यान्वित करवाएगा।''। 3. मूल अधिनियम की धारा 8 की उपधारा (2) के खण्ड (ध) में,-
(i) अन्त में, विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर, ''; या'' चिह्न तथा शब्द प्रतिस्थापित किए
जाएंगे; तथा
1994 के हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 8 का संषोधन। (ii) खण्ड (ध) के बाद, अन्त में, निम्नलिखित खण्ड जोड़ा जाएगा, अर्थात् :-
''(न) यदि वह अपने निर्वाचन पर विहित सीमा से अधिक खर्च करता है या अपना
निर्वाचन खर्च विवरण प्रस्तुत करने में असफल रहता है।''।
1994 के हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 8छ का संषोधन। 4. मूल अधिनियम की धारा 8छ में, अन्त में, निम्नलिखित शब्द, चिह्न, अंक तथा अक्षर जोड़े जाएंगे, अर्थात्ः- ''उपायुक्त या ऐसा अधिकारी, उन उम्मीदवारों की सूची भेजेगा जिन्होंने चुनाव लड़ा है किन्तु जो निर्वाचन परिणाम की घोषणा से तीस दिन की अवधि पूरी होने के बाद तुरन्त निर्वाचन खर्चे के लेखे दर्ज करवाने में असफल रहते हैं या राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विहित सीमा से अधिक खर्च करते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग तद्नुसार धारा 8ङ के अधीन उनकी निरर्हता के आदेश पारित करेगा।''। 5. मूल अधिनियम की धारा 34 की उप-धारा (1) के खण्ड (च) में, ''या यदि यह प्रतीत होता है कि वह अपने निर्वाचन या नामनिर्देशन के समय ऐसी किसी निरर्हता के अधीन था'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा।
6. मूल अधिनियम की धारा 34क के बाद, निम्नलिखित धाराएं रखी जाएंगी, अर्थात्ः-
1994 के हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 34 का संषोधन। 1994 के हरियाणा अधिनियम 16 में धारा 34ख, 34ग तथा 34घ का रखा जाना। 204 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA) 7. मूल अधिनियम की धारा 164 के विद्यमान खण्ड (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
1994 के हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 164 का संषोधन।
''(ग) प्रतिफल, जिसके लिए कोई अचल सम्पत्ति बेची, पट्टे पर दी या अन्यथा अन्तरित की जा सकती है, ऐसे मूल्य से कम नहीं होगा, जिस पर ऐसी अचल सम्पत्ति, सामान्य तथा उचित प्रतियोगिता में बेची, पट्टे पर दी या अन्यथा अन्तरित की जा सकती थी :
परन्तु सरकारी विभाग को अचल सम्पत्ति के विक्रय या पट्टे पर देने या अन्यथा के रूप में अन्तरण की दशा में, सरकार के पूर्व अनुमोदन के अध्यधीन सम्पत्ति कलक्टर दर पर अन्तरित की जा सकती है :
परन्तु यह और कि किसी व्यक्ति को दुकान तथा गृह का अन्तरण करने की दशा में, जिसके पास किराये या पट्टे या अन्यथा के रूप में पिछले बीस वर्ष से ऐसी सम्पत्ति का कब्जा है, ऐसा प्राधिकरण, जो विहित किया जाए, के पूर्व अनुमोदन के अध्यधीन, सम्पत्ति विक्रय के रूप में कलक्टर दर पर अन्तरित की जा सकती है।''।
......
कुलदीप जैन, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
56333—L.R.—H.G.P., Chd.