Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 99–2018/Ext.] चण्डीगढ़, वीरवार, दिनांक 14 जून, 2018
(24 ज्येष्ठ, 1940 शक)
विधायी परिषिष्ट
पृृष्ठ क्रमांक विषय वस्तु भाग I अधिनियम
1. हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 187—195 (2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 5)
197—198 2. हरियाणा मोटर यान कराधान (संषोधन) अधिनियम, 2018
(2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 8)
3. हरियाणा नगरपालिका गली विक्रेता (जीविका संरक्षण तथा गली विक्रय नियंत्रण) 199 निरसन अधिनियम, 2018 (2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 16)
201—202 4. हरियाणा नगरपालिका (संषोधन अधिनियम, 2018)
(2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 17)
203—204 5. हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अधिनियम, 2018
(2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 18) (केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष कुछ नहीं। भाग III प्रत्यायोजित विधान
1. अधिसूचना संख्या सा0का0नि0 36/संवि0/अनु0309/2018, दिनांक 14 जून, 2018 485—486 -हरियाणा आबकारी तथा कराधान विभाग, अधीनस्थ कार्यालय लिपिकीय (ग्रुप ग) सेवा (संशोधन) नियम, 2018. 2. अधिसूचना संख्या सा0का0नि0 37/संवि0/अनु0309/2018, दिनांक 14 जून, 2018 487—488 -हरियाणा आबकारी तथा कराधान आयुक्त कार्यालय (ग्रुप ग) सेवा (संशोधन) नियम, 2018. 3. अधिसूचना संख्या सा0का0नि0 38/संवि0/अनु0309/2018, दिनांक 14 जून, 2018 489—490 -हरियाणा आबकारी तथा कराधान निरीक्षणालय (राज्य सेवा वर्ग III)(संशोधन) नियम, 2018. 4. अधिसूचना संख्या सा0का0नि0 39/संवि0/अनु0309/2018, दिनांक 14 जून, 2018 491—492 -हरियाणा आबकारी तथा कराधान विभाग (ग्रुप ख) सेवा (संशोधन) नियम, 2018. 5. अधिसूचना संख्या सा0का0नि0 40/संवि0/अनु0309/2018, दिनांक 14 जून, 2018 493—494 -हरियाणा आबकारी तथा कराधान आयुक्त कार्यालय (ग्रुप घ) सेवा (संशोधन) नियम, 2018. (प्राधिकृत अंग्रेजी अनुवाद सहित)
भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन कुछ नहीं।
(liv)187 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 14 जून, 2018
संख्या लैज. 8/2018.- दि हरियाणा ग्रुप डी इम्प्लॉइज़ (रिक्रूट्मैन्ट एण्ड कॅन्डिशॅनज़ आफ़ सर्विस) ऐक्ट, 2018, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक प्रथम जून, 2018 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 5
हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 राज्य में हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारियों की भर्ती तथा सेवा की शर्तों को विनियमित करने के लिए तथा उनसे सम्बन्धित तथा उनसे आनुषंगिक मामलों के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ तथा लागूकरण। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है। (2) यह राजपत्र में इसके प्रकाशन की तिथि से लागू होगा। (3) यह,-
(क) तत्समय लागू किसी विधि द्वारा या के अधीन ; या (ख) ऐसे सदस्य तथा सरकार के बीच जारी रहने वाली किसी संविदा या करार द्वारा
ऐसी सेवा के किसी सदस्य के सम्बन्ध में, अन्यथा अभिव्यक्त रूप से उपबन्धित सीमा के सिवाय, राज्य या अधीनस्थ सेवाओं में, ग्रुप घ के किसी पद, चाहे अस्थाई या स्थाई हो, पर नियुक्त व्यक्तियों को लागू होगा।
परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) ''नियुक्ति प्राधिकारी'' से अभिप्राय है, किसी सेवा या पद के संबंध में भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक के अधीन बनाए गए सेवा नियमों में ऐसे रूप में विनिर्दिष्ट प्राधिकारी ;
(ख) ''नियुक्ति'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम या ऐसी नियुक्ति के समय पर लागू नियमों, जैसी भी स्थिति हो, के अनुसार सेवा के किसी सदस्य की नियुक्ति, जो प्रथम बार ऐसी सेवा के संवर्ग में किसी पद के कर्तव्यों का निर्वहन करता है या उसकी विहित परिवीक्षा, शिक्षा या प्रशिक्षण प्रारम्भ होता है ; व्याख्या.- एक ही सेवा के संवर्ग में किसी पद को धारण करने वाले किसी व्यक्ति की उसी सेवा में किसी उच्चतर पद का अतिरिक्त प्रभार या अन्य सेवा के संवर्ग में किसी पद को धारण करने या उसके वर्तमान कर्तव्यों के निर्वहन के लिए नियुक्ति को बाद वाले पद या सेवा पर नियुक्ति नहीं समझी जाएगी ;
(ग) ''अनुमोदित परिवीक्षार्थी'' से अभिप्राय है, सेवा का कोई सदस्य, जिसने अपनी परिवीक्षा संतोषजनक रूप से पूरी कर ली है और ऐसी सेवा या प्रवर्ग के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्ति के लिए प्रतीक्षा में है ;
(घ) ''सीधी नियुक्ति'' से अभिप्राय है, किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले
से कार्यरत किसी व्यक्ति की पदोन्नति या स्थानान्तरण से अन्यथा की गई नियुक्ति ;
(ङ) ''सेवोन्मुक्त परिवीक्षार्थी'' से अभिप्राय है, कोई पूर्णकालिक सदस्य या ऐसी सेवा से उसे प्रतिवर्तित करते हुए किसी अन्य सेवा या प्रवर्ग का अनुमोदित परिवीक्षार्थी या जिसकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं;
188 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA)(च) ''पूर्णकालिक सदस्य'' से अभिप्राय है, कोई सदस्य जिसे उस सेवा में पुष्ट किया गया है जिसमें उसकी प्रथम नियुक्ति की गई है ;
(छ) ''सरकार'' से अभिप्राय है, सामान्य प्रशासन विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार ;
(ज) ''विभागाध्यक्ष'' का वही अर्थ होगा जो उसे हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 8 के खण्ड (38) में दिया गया है और इसमें विभागाध्यक्ष की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए सरकार द्वारा विशेष रूप से नियुक्त कोई अन्य प्राधिकारी भी शामिल है ;
(झ) ''कार्यालयाध्यक्ष'' का वही अर्थ होगा, जो उसे हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 8 के खण्ड (39) में दिया गया है ;
(ञ) ''सेवा का सदस्य'' से अभिप्राय है, कोई व्यक्ति, जिसे सेवा में नियुक्त किया गया है, किन्तु इसमें धारा 8 की उप-धारा (1) के अधीन नियुक्त कोई व्यक्ति शामिल नहीं है ;
(ट) ''भर्ती अभिकरण'' से अभिप्राय है, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग या सेवा में नियुक्ति के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए सरकार द्वारा गठित ऐसा अन्य निकाय ;
(ठ) ''मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय या संस्था'' से अभिप्राय है,-
(i) भारत में विधि द्वारा निगमित कोई विश्वविद्यालय या संस्था; या
(ii) कोई अन्य विश्वविद्यालय या संस्था, जो सरकार द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कोई मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय या संस्था के रूप में घोषित की गई है ;
(ड) ''अनुसूची'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम से संलग्न अनुसूची ;
(ढ) ''सेवा'' से अभिप्राय है, राज्य में कोई ग्रुप घ सेवा ;
(ण) ''सेवा नियमों'' से अभिप्राय है, राज्य में ग्रुप घ पदों की भर्ती तथा सेवा की शर्तों को विनियमित करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक के अधीन बनाए गए सेवा नियम ;
(त) ''राज्य'' से अभिप्राय है, हरियाणा राज्य।
3. सेवा में सभी पदों पर नियुक्ति विभागाध्यक्ष या कार्यालयाध्यक्ष, जैसी भी स्थिति हो, द्वारा की जाएगी।
नियुक्ति करने के लिए सशक्त प्राधिकारी।
वेतन, भत्ते, छुट्टी, पेंशन तथा सेवा की अन्य शर्तें।
4. हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (यात्रा भत्ते) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (भत्ते) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (छुट्टी) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य भविष्य-निधि) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 तथा हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड तथा अपील) नियम, 2016 द्वारा, जहां तक वे लागू हों तथा इस अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से उपबन्धित सीमा के सिवाय, सेवा के सदस्यों, उनके वेतन, भत्ते, छुट्टी, पेंशन तथा सेवा की शर्तों के मामलों में शासित होंगे।
संवर्ग। 5. सेवा का स्थायी संवर्ग, प्रवर्ग तथा ग्रेड वेतन सरकार द्वारा अवधारित किया जाएगा।
आयु। 6. सेवा में कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त नहीं किया जाएगा, जो अठारह वर्ष से कम या बयालीस वर्ष की आयु से अधिक का हो :
परन्तु जहां सेवा नियमों में पदों के लिए विशेष रूप से निम्न तथा ऊपरी आयु सीमाएं भिन्न-भिन्न विहित की गई हैं, वे सीमाएं ऐसे पदों पर नियुक्ति के लिए लागू होंगी :
परन्तु यह और कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों, भूतपूर्व सैनिकों तथा अशक्त व्यक्तियों के प्रवर्गों से सम्बन्धित उम्मीदवारों की दशा में, ऊपरी आयु सीमा ऐसी होगी, जो सरकार द्वारा, समय-समय पर, नियत की जाए।
पदों पर भर्ती। 7. सेवा में सभी पदों पर भर्ती, भर्ती अभिकरण द्वारा की जाएगी :
परन्तु स्वीपर, चौकीदार तथा स्वीपर एवं चौकीदार के पदों पर भर्ती ऐसे अन्य निकायों द्वारा की जाएगी, जो सरकार द्वारा, समय-समय पर, गठित किए जाएं।189 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA) करार द्वारा नियुक्ति। 8. (1) जहां सरकार की राय में, इस अधिनियम या संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक या अनुच्छेद 313 के अधीन बनाए गए किन्हीं अन्य सेवा नियमों (जिन्हें, इसमें, इसके बाद, इस धारा में उक्त नियमों के रूप में निर्दिष्ट किया गया है) के किन्हीं उपबन्धों से असंगत, सेवा में किसी विशिष्ट या सभी पदों के संदर्भ में भर्ती, सेवा की शर्तें, वेतन, भत्ते, पेंशन, अनुशासन तथा आचरण के सम्बन्ध में विशेष उपबन्ध किए जाने अपेक्षित हैं, तो सरकार इस अधिनियम या उक्त नियमों के उपबन्धों से अन्यथा ऐसे पद पर नियुक्ति कर सकती है तथा किन्हीं मामलों, जिनके सम्बन्ध में सरकार की राय में विशेष उपबन्ध किए जाने अपेक्षित हैं, तथा उस सीमा तक जिसके लिए करार में ऐसे उपबन्ध किए गए हैं, के लिए इस प्रकार नियुक्त व्यक्ति के लिए करार उपलब्ध करवाएगी। इस अधिनियम या उक्त नियमों की कोई भी बात, किसी मामले, जिसके लिए करार में उपबन्ध किया गया है, के सम्बन्ध में इस प्रकार नियुक्त किसी व्यक्ति को लागू नहीं होगी :
परन्तु किसी मामले, जिसके सम्बन्ध में करार में कोई भी उपबन्ध नहीं किया गया है, के सम्बन्ध
में, इस अधिनियम या उक्त नियमों के उपबन्ध लागू होंगे।
(2) उप-धारा (1) के अधीन नियुक्त कोई व्यक्ति सेवा का सदस्य नहीं होगा और उस सेवा या किसी अन्य सेवा में केवल इस कारण से किसी अन्य नियुक्ति के लिए किसी अधिमान्य दावे के लिए ऐसी नियुक्ति के लिए हकदार नहीं होगा।
योग्यताएं। 9. (1) कोई भी व्यक्ति सेवा में किसी भी पद पर तब तक नियुक्त नहीं किया जायेगा जब तक वह सीधी भर्ती की दशा में, प्रथम अनुसूची के खाना 3 में विनिर्दिष्ट तथा सीधी भर्ती से अन्यथा नियुक्त व्यक्तियों की दशा में पूर्वोक्त अनुसूची के खाना 4 में विनिर्दिष्ट योग्यताएं तथा अनुभव न रखता हो। (2) कोई भी व्यक्ति सेवा में किसी भी पद पर तब तक नियुक्त नहीं किया जायेगा, जब तक वह निम्नलिखित न हो ,-
(क) भारत का नागरिक ; या (ख) नेपाल की प्रजा; या
(ग) भूटान की प्रजा :
परन्तु प्रवर्ग (ख) या (ग) से संबंधित किसी प्रवर्ग का व्यक्ति, ऐसा व्यक्ति होगा जिसके पक्ष में
सरकार द्वारा पा़त्रता का प्रमाण-पत्र जारी किया गया हो। (3) कोई भी व्यक्ति जिसकी दशा में पात्रता का प्रमाण-पत्र आवश्यक हो, उसे भर्ती अभिकरण द्वारा संचालित परीक्षा के लिए प्रविष्ट किया जा सकता है किन्तु नियुक्ति का प्रस्ताव केवल उसे सरकार द्वारा पात्रता का आवश्यक प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के बाद ही दिया जा सकता है। (4) कोई भी व्यक्ति, सेवा में किसी पद पर सीधी भर्ती द्वारा तब तक नियुक्त नहीं किया जायेगा जब तक वह अपने अन्तिम उपस्थिति के विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय या संस्था, यदि कोई हो, के प्रधान शैक्षणिक अधिकारी से चरित्र प्रमाण-पत्र और दो ऐसे अन्य जिम्मेवार व्यक्तियों से जो उसके संबंधी न हों, किन्तु उसके व्यक्तिगत जीवन में उससे भलीभांति परिचित हों, और जो उसके विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय, या संस्था से संबंधित न हों, उसी प्रकार के प्रमाण-पत्र प्रस्तुत न करे। (5) कोई भी व्यक्ति,-
(क) जिसने जीवित पति/पत्नी वाले व्यक्ति से विवाह कर लिया है या विवाह की
संविदा कर ली है ; या
(ख) जिसने पति/पत्नी के जीवित होते हुए, किसी अन्य व्यक्ति से विवाह कर लिया है या विवाह की संविदा कर ली है, सेवा में किसी पद पर नियुक्ति का पात्र नहीं होगा :
परन्तु यदि सरकार की संतुष्टि हो जाती है कि ऐसे व्यक्ति तथा विवाह के दूसरे पक्ष प़र लागू स्वीय विधि के अधीन ऐसा विवाह अनुज्ञेय है तथा ऐसा करने के अन्य आधार भी हैं, तो वह किसी व्यक्ति कोे इस नियम के लागू होने से छूट दे सकती है।
चयन मानदण्ड। 10. (1) ग्रुप घ पदों के लिए उम्मीदवारों के चयन और किसी विभाग या कार्यालय को उनके नामों की सिफारिश करने की दशा में, कोई भी साक्षात्कार नहीं होगा और चयन के लिए लिखित परीक्षा और मानदण्ड ऐसा होगा, जो द्वितीय अनुसूची में विनिर्दिष्ट किया जाए।
(2) उम्मीदवार विभागों की अनगणित संख्या के लिए आवेदन कर सकता है और ऐसे विभागों के लिए अपनी वरीयता भी दर्शाएगा।190 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA) परिवीक्षा। 11. (1) सेवा में किसी भी पद पर नियुक्त व्यक्ति, यदि वह सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया हो, तो दो वर्ष की अवधि के लिए और यदि वह अन्यथा नियुक्त किया गया हो, तो एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रहेगा : परन्तु-
(क) ऐसी नियुक्ति के बाद किसी अनुरूप या उच्चतर पद पर प्रतिनियुक्ति पर व्यतीत की
गई कोई अवधि, परिवीक्षा अवधि में गिनी जाएगी ;
(ख) स्थानांतरण द्वारा किसी नियुक्ति की दशा में, सेवा में किसी पद पर नियुक्ति से पहले किसी समकक्ष अथवा उच्च्तर पद पर किए गए कार्य की कोई अवधि नियुक्ति प्राधिकारी के विवेक पर, इस धारा के अधीन नियत परिवीक्षा अवधि में गिनने के लिए अनुज्ञात होगी ; और
(ग) स्थानापन्न नियुक्ति की कोई अवधि परिवीक्षा पर व्यतीत की गई अवधि के रुप में गिनी जाएगी, किन्तु इस प्रकार स्थानापन्न रूप में कार्य करने वाला कोई भी व्यक्ति परिवीक्षा की विहित अवधि के पूरा होने पर, यदि वह किसी स्थायी रिक्ति पर नियुक्त न किया गया हो, तो पुष्ट किए जाने का हकदार नहीं होगा । (2) यदि, नियुक्ति प्राधिकारी की राय में, परिवीक्षा की अवधि के दौरान किसी व्यक्ति का कार्य या आचरण संतोषजनक न रहा हो, तो वह,-
(क) यदि ऐसा व्यक्ति सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया हो, तो उसे उसकी सेवाओं से
अलग कर सकता है ; और
(ख) यदि ऐसा व्यक्ति सीधी भर्ती से अन्यथा नियुक्त किया गया हो
तो,- (i) उसे उसके पूर्व पद पर प्रतिवर्तित कर सकता है ; या (ii) उसके संबंध में किसी ऐसी अन्य रीति में कार्रवाई कर सकता है जो उसकी
पूर्व नियुक्ति के निबंधन तथा शर्तें अनुज्ञात करे ।
(3) किसी व्यक्ति की परिवीक्षा अवधि पूरी होने पर, नियुक्ति प्राधिकारी,-
(क) यदि, उसकी राय में, उसका कार्य या आचरण संतोषजनक रहा हो
तो,- (i) ऐसे व्यक्ति को, यदि वह किसी स्थायी रिक्ति पर नियुक्त किया गया हो, तो
उसे उसकी नियुक्ति की तिथि से पुष्ट कर सकता है ; या
(ii) ऐसे व्यक्ति को, यदि वह किसी अस्थायी रिक्ति पर नियुक्त किया गया हो,
तो स्थायी रिक्ति होने की तिथि से पुष्ट कर सकता है ; या
(iii) यदि कोई स्थायी रिक्ति न हो, तो घोषित कर सकता है कि उसने अपनी
परिवीक्षा अवधि संतोषजनक ढंग से पूरी कर ली हैै ; या
(ख) यदि, उसकी राय में, उसका कार्य या आचरण संतोषजनक न रहा हो
तो,- (i) यदि वह सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया हो, तो उसे उसकी सेवाओं से अलग कर सकता है तथा यदि अन्यथा नियुक्त किया गया हो, तो उसे उसके पूर्व पद पर प्रतिवर्तित कर सकता है या उसके संबंध में ऐसी अन्य रीति में कार्रवाई कर सकता है जो उसकी पूर्व नियुक्ति के निबंधन तथा शर्तें अनुज्ञात करे ; या
(ii) उसकी परिवीक्षा अवधि बढ़ा सकता है और उसके बाद ऐसे आदेश पारित कर सकता है जो वह परिवीक्षा की प्रथम अवधि की समाप्ति पर कर सकता था :
परन्तु परिवीक्षा की कुल अवधि, जिसमें बढ़ाई गई अवधि, यदि कोई हो, भी शामिल है, तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी ।
सेवोन्मुक्ति के विरूद्ध अपील।
12. कोई सेवोन्मुक्त परिवीक्षार्थी, जिसकी सेवाएं धारा 11 के अधीन समाप्त कर दी गई हैं, सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित ऐसे आदेशों के विरूद्ध अपील दायर कर सकता है।
पूर्णकालिक सदस्य की नियुक्ति।
13. अनुमोदित परिवीक्षार्थी को उसकी परिवीक्षा संतोषजनक पूरी होने के बाद तुरन्त पुष्ट किए जाने के लिए विचारा जाएगा। ऐसी पुष्टि पद के प्रवेश स्तर पर की जाएगी जिस पर उसकी प्रथम नियुक्ति की गई थी और सेवा को पुष्ट करने के लिए आदेश जारी किया जाएगा।191 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA) ज्येष्ठता का नियतन। 14. सेवा के सदस्यों की परस्पर ज्येष्ठता सेवा में किसी भी पद पर उनके लगातार सेवाकाल के अनुसार निश्चित की जायेगी : परन्तु जहां सेवा में विभिन्न संवर्ग हो, वहां ज्येष्ठता प्रत्येक संवर्ग के लिए अलग-अलग निश्चित की जायेगी : परन्तु यह और कि सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त सदस्यों की दशा मेंं, ज्येष्ठता नियत करते समय भर्ती अभिकरण द्वारा निश्चित योग्यताक्रम भंग नहीं किया जायेगा : परन्तु यह और कि एक ही तिथि को नियुक्त दो या दो से अधिक सदस्यों की दशा मेंं, उनकी ज्येष्ठता निम्नलिखित रूप से निश्चित की जायेगीः-
(क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त सदस्य पदोन्नति या स्थानान्तरण द्वारा नियुक्त सदस्य से ज्येष्ठ
होगा ;
(ख) पदोन्नति द्वारा नियुक्त सदस्य स्थानान्तरण द्वारा नियुक्त सदस्य से ज्येष्ठ होगा ; (ग) पदोन्नति अथवा स्थानान्तरण द्वारा नियुक्त सदस्यों की दशा में, उनकी ज्येष्ठता ऐसी नियुक्तियों में ऐसे सदस्यों की ज्येष्ठता के अनुसार निश्चित की जायेगी, जिनसे वे पदोन्नत या स्थानान्तरण किए गए हैं ;
(घ) उसी कार्यालय से स्थानान्तरण द्वारा भर्ती किए गए सदस्यों की दशा में, ज्येष्ठता उस
संवर्ग में पूर्व नियुक्ति पर धारित ज्येष्ठता के अनुसार निश्चित की जाएगी ;
(ङ) विभिन्न संवर्गों से पदोन्नति/स्थानान्तरण द्वारा नियुक्त सदस्यों की दशा में, उनकी ज्येष्ठता वेतन के अनुसार निश्चित की जायेगी, अधिमान ऐसे सदस्यों को दिया जायेगा, जो अपनी पहले की नियुक्ति में उच्चतर दर पर वेतन ले रहा था, और यदि मिलने वाले वेतन की दर भी समान हो, तो उनकी नियुक्तियों में उनके सेवाकाल के अनुसार और यदि सेवाकाल भी समान हो, तो आयु में बड़ा सदस्य छोटे सदस्य से ज्येष्ठ होगा।
पदोन्नति। 15. सेवा का कोई भी सदस्य प्रवर्ग, जिसमें वह सेवा में नियुक्त किया गया था, से पदोन्नति के लिए तब तक पात्र नहीं होगा जब तक वह उस प्रवर्ग में अपनी परिवीक्षा संतोषजनक रूप से पूरी नहीं कर लेता है : परन्तु सेवा का कोई सदस्य, जो प्रवर्ग, जिसमें वह सेवा में नियुक्त किया गया था, में अपनी परिवीक्षा संतोषजनक रूप से पूरी कर लेता है, आगामी उच्चतर प्रवर्ग में पदोन्नत किया गया है, कि उसने ऐसे उच्चतर प्रवर्ग में उसकी परिवीक्षा संतोषजनक रूप से पूरी हुई घोषित नहीं की गई है, के होते हुए भी ऐसे उच्चतर प्रवर्ग से पदोन्नति के लिए पात्र होगा : परन्तु यह और कि यदि फीडर प्रवर्गों में पद का वेतनमान या वेतन बैंड या वेतन मैट्रिक्स भिन्न है, तो फीडर प्रवर्ग में उच्चतर वेतनमान या वेतन बैंड या वेतन मैट्रिक्स वाले पद को धारण करने वाले व्यक्ति को पहले विचारा जाएगा और कि, यदि उस फीडर प्रवर्ग में पद धारण करने वाला कोई अर्हक तथा उपयुक्त व्यक्ति उपलब्ध नहीं है, तो अन्य फीडर प्रवर्गों में अवरोही क्रम में आगामी उच्चतर वेतनमान या वेतन बैंड या वेतन मैट्रिक्स वाले पद को धारण करने वाले व्यक्ति को विचारा जाएगा।
स्थानान्तरण आधार पर भर्ती द्वारा नियुक्ति। 16. किसी अधीनस्थ सेवा में पदों के धारकों में से सेवा में स्थानान्तरण आधार पर भर्ती द्वारा नियुक्ति मेरिट तथा योग्यता के आधार पर की जाएगी जहां मेरिट और योग्यता लगभग समान हैं, तो केवल ज्येष्ठता पर विचार किया जाएगा।
17. सेवा के किसी भी सदस्य, जो अधिवर्षिता के बाद सेवा विस्तार पर है, को सेवा विस्तार की अवधि के दौरान किसी उच्चतर प्रवर्ग पर स्थानांतरण द्वारा न तो पदोन्नति या न ही भर्ती के लिए नियुक्ति के लिए विचारा जाएगा ।
सेवा विस्तार के दौरान स्थानांतरण द्वारा पदोन्नति या नियुक्ति ।
त्यागपत्र के परिणाम । 18. सेवा का सदस्य, यदि वह अपनी नियुक्ति से त्यागपत्र देता है, तो त्यागपत्र के समय पर उसके द्वारा धारित विशिष्ट पद पर उस द्वारा दी गई सेवा और सरकार के अधीन उसकी पूर्व की सभी सेवाएं भी समपहृत हो जाएंगी । किसी सेवा में ऐसे व्यक्ति की पुनर्नियुक्ति सीधी भर्ती द्वारा ऐसी सेवा के लिए प्रथम नियुक्ति के रूप में समझी जाएगी और ऐसी नियुक्ति को शासित करने वाले सभी उपबंध लागू होंगे तथा ऐसी पुनर्नियुक्ति पर, वह इस अधिनियम के अधीन किसी लाभ या अनुज्ञेय छूट के लिए अपनी पूर्व सेवा के किसी भाग को शामिल करवाने के लिए हकदार नहीं होगाः परन्तु सेवा का कोई सदस्य, जिसने त्यागपत्र के बाद या तो किसी पार्टी उम्मीदवार के रूप में या किसी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में संसद या राज्य विधानमण्डल या स्थानीय निकायों के निर्वाचनों में आम चुनाव लड़ा है, तो किसी सेवा मेें पुनः नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा ।192 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA) त्यागपत्र की स्वीकृति ।
19. (1) सेवा का कोई सदस्य अपने ठीक वरिष्ठ अधिकारी को मार्कड प्रति सहित नियुक्ति प्राधिकारी को सीधे लिखित में कम से कम तीन मास का नोटिस देते हुए अपनी नियुक्ति से त्यागपत्र दे सकता है। तीन मास के नोटिस की अवधि नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा ऐसे नोटिस की प्राप्ति की तिथि से गिनी जाएगी । (2) सेवा का सदस्य अपने त्यागपत्र का नोटिस इसकी स्वीकृति से पूर्व वापस ले सकता है और त्यागपत्र की वापसी नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा इसकी स्वीकृति के बाद अनुमत नहीं की जाएगी। (3) नियुक्ति प्राधिकारी नोटिस की समाप्ति की तिथि से पूर्व त्यागपत्र के नोटिस पर या तो ऐसी तिथि, जो नोटिस की समाप्ति की तिथि से बाद की न हो, से त्यागपत्र स्वीकार करने या उसे उसके रद्दकरण के कारण देते हुए आदेष जारी करेगा। यदि कोई भी ऐसा आदेष पारित नहीं किया जाता है, तो त्यागपत्र नोटिस की अवधि की समाप्ति पर स्वीकार किया समझा जाएगा। (4) सेवा के सदस्य द्वारा दिये गये त्यागपत्र का नोटिस नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा, निम्नलिखित षर्तों के अध्यधीन स्वीकार किया जाएगाः-
(i) कि हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड तथा अपील) नियम, 2016 के नियम 7 के अधीन सम्बद्ध सदस्य के विरूद्ध कोई भी अनुषासनिक कार्यवाही अपेक्षित या लम्बित नहीं है;
(ii) कि सतर्कता और भ्रष्टाचार-निरोध के निदेषक से इस आष्य की रिपोर्ट ले ली गई है कि सेवा के सदस्य के विरूद्ध कोई भी जांच अपेक्षित या लम्बित नहीं है; (iii) कि सरकार द्वारा सेवा के सदस्य से कोई भी देय वसूल किए जाने लम्बित नहीं हैं;
तथा
(iv) कि ऐसी अवधि, जिसमें सेवा का सदस्य त्यागपत्र देने का इच्छुक है, के दौरान सरकार की सेवा करने के लिए संविदात्मक बाध्यता सहित किसी प्रकार की कोई भी संविदात्मक बाध्यता नहीं है ।
(5) उप-धारा (4) के खण्ड (i) तथा (ii) में दी गई किसी बात के होते हुए भी, जहां सेवा का कोई सदस्य, जो निलम्बनाधीन है या जिसके विरूद्ध अनुषासनिक या दाण्डिक कार्रवाई या सतर्कता जांच लम्बित है, त्यागपत्र देने का इच्छुक है, तो नियुक्ति प्राधिकारी मामले के स्वरूप और गम्भीरता की जांच करेगा और यदि मामला ऐसा नहीं है जो त्यागपत्र के नोटिस के रद्दकरण के समर्थन में हो, तो त्यागपत्र स्वीकार कर सकता है।
अपील या पुनर्विलोकन ।
20. (1) जहां षिकायतों को दूर करने के लिए अधिनियम के अधीन या सेवा नियमों में किसी आदेष के विरूद्ध अपील या पुनर्विलोकन के लिए कोई भी विनिर्दिष्ट उपबन्ध उपबन्धित नहीं है, तो वहां अपील या पुनर्विलोकन, जैसी भी स्थिति हो, ऐसे प्राधिकारी को किया जाएगा जिसको पदच्युति आदेष के विरूद्ध अपील या पुनर्विलोकन याचिका की जा सकेगी। (2) उप-धारा (1) के अधीन कोई अपील या पुनर्विलोकन अपीलकर्ता या पुनर्विलोकन याचिकाकर्ता, जैसी भी स्थिति हो, द्वारा आदेषों की प्राप्ति की तिथि से दो मास के भीतर की जाएगी/किया जाएगा ।
(3) उप-धारा (1) के अधीन प्रत्येक अपील या पुनर्विलोकन, अपील का पुनर्विलोकन याचिका की प्राप्ति की तिथि से चार मास की अवधि के भीतर निपटान किया जाएगा । (4) अपीलीय या पुनर्विलोकन प्राधिकारी अपीलकर्ता या पुनर्विलोकन याचिकाकर्ता को किसी अपूर्णीय नुकसान से बचने के लिए या प्रषासनिक असुविधा से बचने के लिए लम्बित मामले में अन्तिम निर्णय तक ऐसे अंतरिम निदेष जारी कर सकता है, जो वह ठीक समझे ।श्
विषेष उपबंध ।
21. इस अधिनियम में दी गई किसी बात के होते हुए भी, नियुक्ति प्राधिकारी नियुक्ति आदेष में विषेष निबंधन और शर्तें अधिरोपित कर सकता है यदि ऐसा करने के लिए समीचीन समझा जाता है । आरक्षण । 22. इस अधिनियम में दी गई कोई भी बात, सरकार द्वारा, इस संबंध में समय-समय पर, जारी किए गए आदेषों के अनुसार अनुसचित जातियों, पिछड़े वर्गों, भूतपूर्व सैनिकों, शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों या व्यक्तियों के किसी अन्य वर्ग या प्रवर्ग के लिए उपबंध करने हेतु अपेक्षित आरक्षणों और अन्य रियायतों को प्रभावित नहीं करेगी ।
23. यदि इस अधिनियम का कोई उपबंध किसी विषेष सेवा के लिए लागू सेवा नियमों के किसी उपबंध से असंगत है, तो सेवा नियम, उस सेवा के संबंध में, इस अधिनियम के उपबंधों पर अभिभावी होंगे । विशेष नियमों का अध्यारोही प्रभाव ।193 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA) कतिपय नियमों का लागूकरण । 24. किसी सेवा या उसके प्रवर्ग के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 313 या अनुच्छेद 309 के परन्तु के अधीन बनाया गया कोई नियम उस सेवा या प्रवर्ग के सदस्यों द्वारा धारित किए जाने वाले आषयित पदों को धारण करने वाले सभी व्यक्तियों को ऐसी तिथि जिसको ऐसा नियम लागू था, को लागू होगा :
परन्तु किसी ऐसे नियम की कोई भी बात जब तक उसमें स्पष्ट रूप से प्रतिकूल आषय नहीं दर्षाया गया है, तब तक किसी ऐसे व्यक्ति के किसी अधिकार या विषेषाधिकार, जिसके लिए वह ऐसे नियम बनाने से पूर्व उसको लागू किसी नियम द्वारा या के अधीन हकदार हैं, से किसी ऐसे व्यक्ति को वंचित करने के लिए लागू नहीं होगा :
परन्तु यह और कि ऐसा कोई भी नियम उन उम्मीदवारों को लागू नहीं होगा जिनको ऐसा नियम बनने से पूर्व उस निमित्त आयोग द्वारा या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा किसी ऐसी सेवा या प्रवर्ग में नियुक्ति हेतु अनुमोदित किया गया था या जिन्होंने ऐसा नियम बनने से पूर्व उस निमित्त सक्षम प्राधिकारी द्वारा आवेदन आमंत्रित करने वाले किसी प्रकाषित विज्ञापन के उत्तर में ऐसे अनुमोदन के लिए आवेदन किये थे ।
कठिनाईयां दूर करने की षक्ति। 25. (1) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी रूप देने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार, राजपत्र में प्रकाशित आदेष द्वारा, ऐसे उपबंध कर सकती है, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हाें तथा जो कठिनाई दूर करने के लिए आवष्यक या समीचीन प्रतीत हो :
परन्तु ऐसा कोई भी आदेष इस अधिनियम के प्रारम्भ से तीन वर्ष की समाप्ति के बाद नहीं किया जाएगा ।
(2) उप-धारा (1) के अधीन पारित कोई आदेष, इसके पारित होने के बाद, यथाषीघ्र, राज्य
विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा ।
26. (1) सरकार, अधिसूचना द्वारा, अनुसूची को संषोधित या रद्द कर सकती है ।
अनुसूची संषोधित करने की शक्ति । (2) उप नियम (1) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, इसके जारी होने के बाद, यथाषीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखी जाएगी ।194 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 14, 2018 (JYST. 24, 1940 SAKA)
प्रथम अनुसूची
{(देखिए धारा 9 (1)}
शैक्षणिक योग्यताएं
| क्रम संख्या | पदनाम | सीधी भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यताएं तथा अनुभव, यदि कोई हो । | सीधी भर्ती से अन्यथा नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यताएं तथा अनुभव, यदि कोई हो । |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | स्वीपर, चौकीदार और स्वीपर-एवं-चौकीदार के सिवाय गु्रप घ के सभी पद | (i) मान्यताप्राप्त बोर्ड से मैट्रिकुलेशन । (ii) मैट्रिकुलेशन तक एक विषय के रूप में हिन्दी/संस्कृत । | (i) मान्यताप्राप्त बोर्ड से मैट्रिकुलेशन । (ii) मैट्रिकुलेशन तक एक विषय के रूप में हिन्दी/संस्कृत । (iii) संबंधित पद पर दो वर्ष का अनुभव । |
| 2. | स्वीपर, चौकीदार और स्वीपर-एवं-चौकीदार | हिन्दी पढ़ने तथा लिखने में योग्य होना चाहिए । | (i) हिन्दी पढ़ने तथा लिखने में योग्य होना चाहिए । (ii) संबंधित पद पर दो वर्ष का अनुभव । |
द्वितीय अनुसूची
{(देखिए धारा 10 (1)}
चयन के लिए मानदण्ड
(1) सेवा में गु्रप घ पदों के चयन के संबंध में अंकों की स्कीम में कुल 100 अंक षामिल होंगे, जिसका विवरण नीचे दिया गया हैः-
(i) लिखित परीक्षा :
90 अंक (ii) सामाजिक-आर्थिक मानदण्ड तथा अनुभवः
10 अंक अनुभव तथा कुछ वस्तुनिष्ठ सामाजिक -आर्थिक मानदण्ड के लिए अंक निम्नानुसार आंबटित किए जाने हैं :-
(5 अंक) (ख) अनाथ/विधवा :-
(i) यदि आवेदक विधवा है; या
(ii) यदि आवेदक प्रथम या द्वितीय बालक है और उसके पिता की मृत्यु बयालीस वर्ष की आयु पूरी होने से पहले हो गई हो; या
(iii) यदि आवेदक प्रथम या द्वित्तीय बालक है और उसके पिता की मृत्यु आवेदक के पन्द्रह वर्ष की (5 अंक) आयु पूरी होने से पहले हो गई हो।
(ग) यदि आवेदक ऐसी अनअधिसूचित जनजाति (विमुक्त जाति और टापरीवास जाति) या हरियाणा की घुमंतू जनजाति से संबंधित है, जो न तो अनुसूचित जाति है और न हीे पिछड़ा वर्ग है। (5 अंक) (घ) अनुभवः हरियाणा सरकार के किसी विभाग/बोर्ड/निगम/कम्पनी/वैधानिक निकाय/आयोग/ प्राधिकरण में समान या उच्चतर पद पर अधिकतम 16 वर्षों में से अनुभव के प्रत्येक वर्ष या छह मास से अधिक के उसके भाग के लिए आधा (=0.5) अंक। छह मास से कम किसी अवधि के लिए कोई भी अंक (अधिकतम 8 अंक) नहीं दिया जाएगा।
(2) किसी भी आवेदक को किसी भी परिस्थिति में दस अंकों से अधिक अंक नहीं दिये जाएंगे ।
(3) न्यूनतम 2 उम्मीदवारों के अध्यधीन 25 रिक्तियों तक के लिए 25 प्रतिशत, 25 से 50 के बीच की रिक्तियों के लिए 15 प्रतिशत और 50 से अधिक रिक्तियों के लिए 10 प्रतिशत की प्रतीक्षा सूची चयन के दौरान तैयार की जाएगी । (4) मुख्य सूची के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची सिफारिश की तिथि से एक वर्ष के लिए मान्य होगी ।
(5) सिफारिशें करते समय भर्ती अभिकरण स्पष्ट रूप से मुख्य सूची और प्रतीक्षा सूची दर्शाएगा। मुख्य सूची में भर्ती अभिकरण को विभाग द्वारा की गई मांग संख्या के बराबर उम्मीदवारों की संख्या होगी ।
......
कुलदीप जैन, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
56333—L.R.—H.G.P., Chd.