भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 30 नवम्बर, 2018
संख्या लैज० 29/2018 ़- दि हरियाणा ग्रुप डी इम्प्लॉइज़ (रिक्रूट्मैन्ट एण्ड कॅन्डिशॅनज़ आफ़
सर्विस) अॅमेन्डमेन्ट ऐक्ट, 2018, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 18 नवम्बर, 2018 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 24
हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) संशोधन अधिनियम, 2018
हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018,
को आगे संषोधित करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) संशोधन अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है।
2. हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 1 में,-
2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की धारा 1 का संषोधन। (i) उपान्तिक शीर्ष में, ''संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ तथा लागूकरण।'' शब्दों तथा चिह्नों के स्थान
पर, ''संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ।'' शब्द तथा चिह्न प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
(ii) उप-धारा (3) का लोप कर दिया जाएगा।
3. मूल अधिनियम की धारा 6 मेंं,-
2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की धारा 6 का संषोधन। (i) प्रथम परन्तुक का लोप कर दिया जाएगा ; तथा (ii) द्वितीय परन्तुक में, ''यह और कि'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा।
4. मूल अधिनियम की धारा 7 के परन्तुक मेंं, ''अन्य'' शब्द का लोप कर दिया जाएगा।
2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की धारा 7 का संषोधन। 5. मूल अधिनियम की धारा 8 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :- 2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की धारा 8 का प्रतिस्थापन। ''8. करार द्वारा नियुक्ति.- जहां सरकार की राय में, किसी विशिष्ट विभाग या कार्यालय में सेवा में किसी विशिष्ट पद या पदों के संदर्भ में भर्ती, सेवा की शर्तें, वेतन, भत्ते, पेंशन, अनुशासन तथा आचरण के सम्बन्ध में विशेष उपबन्ध किए जाने अपेक्षित हैं, तो सरकार, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा, उपबन्ध कर सकती है कि ऐसे पदों पर भर्ती इस अधिनियम के अनुसार से अन्यथा की जाएगी तथा किन्हीं मामलों के लिए आदेश द्वारा या इस प्रकार नियुक्त व्यक्ति के साथ करार द्वारा उपबन्ध कर सकती है, जिनके सम्बन्ध में सरकार की राय में विशेष उपबन्ध किए जाने अपेक्षित हैं तथा उस सीमा तक जिनके लिए ऐसे उपबन्ध आदेश या करार में किए गए हैं। इस अधिनियम की कोई बात किसी मामले जिसके लिए उक्त आदेश या करार में उपबन्ध किया गया है, के सम्बन्ध में इस प्रकार नियुक्त किसी व्यक्ति को लागू नहीं होगी :
314 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 30, 2018 (AGHN. 9, 1940 SAKA)6. मूल अधिनियम की धारा 10 की उप-धारा (2) का लोप कर दिया जाएगा।
2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की धारा 10 का संषोधन।
7. मूल अधिनियम की धारा 23 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
''23. अध्यारोही प्रभाव.- तत्समय लागू किन्हीं सेवा नियमों में दी गई किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के उपबन्ध ग्रुप घ पदों पर नियुक्ति हेतु भर्तियों तथा सेवा की शर्तों को विनियमित करने के लिए प्रभावी होंगे।''।
2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की धारा 23 का प्रतिस्थापन।
8. मूल अधिनियम की धारा 24 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की धारा 24 का प्रतिस्थापन।
''24. कतिपय नियमों का लागूकरण.- यदि किसी सेवा में किन्हीं पदों के स्वरूप तथा कर्तव्यों के लिए कोई प्रशिक्षण या तकनीकी या व्यावसायिक ज्ञान अपेक्षित है, तो ऐसी सेवा में ऐसे पदों के लिए उम्मीदवारों के चयन और नियुक्ति के बाद सरकार/ नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा प्रशिक्षण का प्रबन्ध किया जाएगा और कोई ऐसा विहित प्रशिक्षण या कोर्स पास करना सेवा में पुष्टिकरण के साथ-साथ किसी उच्चतर पद पर पदोन्नति के लिए उन कर्मचारियों के कार्य और आचरण को अवधारित करते समय उनके कर्तव्यों का भागरूप होगा।''।
9. मूल अधिनियम की द्वितीय अनुसूची मेंं,-
(i) क्रम संख्या (1) के खण्ड (क) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
2018 का हरियाणा अधिनियम 5 की द्वितीय अनुसूची का संषोधन।
''(क) यदि आवेदक के पिता, माता, पति-पत्नी, भाइयों तथा बेटों में से कोई भी व्यक्ति हरियाणा सरकार या किसी अन्य राज्य सरकार या भारत सरकार के किसी विभाग/ बोर्ड/ निगम/ कम्पनी/ वैधानिक निकाय/ आयोग/ प्राधिकरण में नियमित कर्मचारी नहीं है, नहीं था या नहीं रहा है।'';
(ii) क्रम संख्या (2) के स्थान पर, निम्नलिखित क्रम संख्या प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
''(2) किसी भी आवेदक को किन्हीं भी परिस्थितियों में सामाजिक-आर्थिक मानदण्ड तथा अनुभव के लिए दस अंक से अधिक अंक नहीं दिए जाएंगे।''।
निरसन तथा व्यावृत्ति।
10. (1) हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) संशोधन अध्यादेश, 2018 (2018 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 5), इसके द्वारा, निरसित किया जाता है।
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित, मूल अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम द्वारा यथा संशोधित, मूल अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई समझी जाएगी।
कुलदीप जैन, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
8458—L.R.—H.G.P., Pkl.