हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 19 दिसम्बर, 2018
संख्या लैज. 33/2018.- दि हरियाणा म्यूनिसिपॅल कॉःपॅरेशन (सेकण्ड अॅमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2018 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 10 दिसम्बर, 2018 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 28
हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2018
हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994,
को आगे संषोधित
करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. यह अधिनियम हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम । 2. हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 4 में,-
(i) उप-धारा (2) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 4 का संषोधन । ''(2). उप-धारा (3) में यथा उपबन्धित के सिवाय, नगर निगम में महापौर सहित सभी स्थान नगर क्षेेत्र में प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा निर्वाचित व्यक्तियों से भरे जाएंगे और इस प्रयोजन के लिए नगर क्षेत्र इस निमित्त जारी की गई अधिसूचना द्वारा वार्डों के रूप में ज्ञात प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा।'';
(ii) उप-धारा (3) के द्वितीय परन्तुक में, दो बार आने वाले ''महापौर,'' शब्द तथा चिह्न का
लोप कर दिया जाएगा; तथा
(iii) उप-धारा (4) के परन्तुक में, ''तीन वर्ष तथा तीन मास'' शब्दों के स्थान पर, ''चार वर्ष'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे तथा 10 अक्तूबर, 2008 से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे।
3. मूल अधिनियम की धारा 7 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
''7. महापौर तथा सदस्यों की योग्यताएं.- कोई भी व्यक्ति महापौर या सदस्य के रूप में
तब तक चुने जाने के योग्य नहीं होगा, जब तक,-
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 7 का प्रतिस्थापन। (क) उसने इक्कीस वर्ष की आयु पूरी न कर ली हो; तथा
(ख) नगर क्षेत्र में उसका नाम वार्ड की मतदाता सूची में मतदाता के रूप में पंजीकृत न
हो।''।
4. मूल अधिनियम की धारा 8 में,-
(i) विद्यमान उपांतिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपान्तिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया
जाएगा, अर्थात्ः-
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 8 का संषोधन। ''महापौर तथा सदस्यों की अयोग्यताएं।'';
(ii) उप-धारा (1) में, ''सदस्य के रूप में'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर या सदस्य के रूप
में'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
332 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2018 (AGHN. 28, 1940 SAKA)(iii) उप-धारा (2) में,-
(क) ''सदस्य के रूप में'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर या सदस्य के रूप में'' शब्द
प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ख) खण्ड (द) के द्वितीय परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित
किया जाएगा, अर्थात्ः-
''परन्तु यह और कि अनुसूचित जाति से संबंधित महिला उम्मीदवार की
दषा में, महापौर को छोड़कर सदस्यों की न्यूनतम योग्यता पांचवी पास होगी।'';
(iv) उप-धारा (4) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
''(4) यदि कोई व्यक्ति निगम के महापौर या सदस्य के रूप में प्रतिनिधि या मतदाता है, जहां वह अर्हित नहीं है या महापौर के पद अथवा सदस्यता के लिए निरर्हित है, तो वह इस अधिनियम के अधीन कर के बकाया के रूप में वसूल की जाने वाली पांच सौ रूपये की शास्ति के लिए प्रत्येक दिन, जिसको वह इस प्रकार प्रतिनिधि या मतदाता बना है, के सम्बन्ध में दायी होगा।'';
(v) उप-धारा (5) में, ''कोई सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर या कोई सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
5. मूल अधिनियम की धारा 8क के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- ''8क. समसामयिक अथवा दोहरी सदस्यता पर निर्बन्धन.- (1) कोई भी व्यक्ति राज्य विधान सभा सदस्य अथवा संसद सदस्य के साथ-साथ निगम का महापौर या सदस्य नहीं होगा। 1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 8क का प्रतिस्थापन।
(2) यदि निगम का कोई महापौर या सदस्य, विधान सभा अथवा संसद के लिए निर्वाचित किया जाता है, तो वह तिथि जिसको वह विधान सभा या संसद, जैसी भी स्थिति हो, के लिए निर्वाचित घोषित किया जाता है, से निगम के महापौर या सदस्य के रूप में नहीं बना रहेगा।''। 6. मूल अधिनियम की धारा 14 की उप-धारा (1) में, ''निर्वाचित सदस्यों के नाम'' शब्दों के स्थान पर, ''निर्वाचित महापौर और सदस्यों के नाम'' षब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 14 का संषोधन।
7. मूल अधिनियम की धारा 15 की उप-धारा (1) में, ''किसी सदस्य का चुनाव'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर या किसी सदस्य का चुनाव'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 15 का संषोधन।
8. मूल अधिनियम की धारा 17 की उप-धारा (1) के खण्ड (क) में, ''सदस्य के रूप में'' शब्दों के स्थान पर, 'महापौर या सदस्य के रूप में'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे । श्
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 17 का संषोधन।
9. मूल अधिनियम की धारा 21 की उप-धारा (2) में, ''किसी सदस्य का चुनाव'' शब्दों के स्थान पर, '' महापौर या किसी सदस्य का चुनाव'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ।
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 21 का संषोधन।
10. मूल अधिनियम की धारा 32 में,-
(i) विद्यमान उपांतिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपांतिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 32 का संषोधन।
''महापौर तथा सदस्यों के चुनाव को विनियमित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति ।''; तथा
(ii) उप-धारा (1) में, ''सदस्यों के चुनाव कराने'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर तथा सदस्यों के चुनाव कराने'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ।
11. मूल अधिनियम की धारा 33 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 33 का प्रतिस्थापन।
''33. महापौर या सदस्य द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान.- (1) प्रत्येक निर्वाचित महापौर या सदस्य, अपना स्थान लेने से पूर्व, निगम के अधिवेषन में निम्नलिखित प्ररूप में शपथ या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा, अर्थात्ः-HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2018 (AGHN. 28, 1940 SAKA) 333 ''मैं ----------------------------नगर निगम के महापौर या सदस्य के रूप में निर्वाचित हुआ/हुई/हूं ईष्वर के नाम पर शपथ लेता/लेती हूं कि मैं विधि द्वारा यथा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा/रखूंगी और जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला/वाली हूं उसके कत्र्तव्य का निष्ठापूर्वक निर्वहन करूंगा/करूंगी ।
(2) यदि कोई व्यक्ति उपधारा (1) की अपेक्षाओं को पूरा करने से पूर्व वह महापौर या सदस्य के रूप में बैठता है अथवा मत डालता है, तो वह ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसको वह इस प्रकार बैठता है अथवा मत डालता है, के सम्बन्ध में, इस अधिनियम के अधीन कर के बकाया के रूप में वसूल की जाने वाली पांच सौ रूपये की शास्ति का दायी होगा और इसका मत अविधिमान्य समझा जाएगा ।
12. मूल अधिनियम की धारा 34 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
''34. महापौर या सदस्य का हटाया जाना तथा उस द्वारा त्याग पत्र.- (1) सरकार
अधिसूचना द्वारा महापौर या किसी भी सदस्य को हटा सकती है, यदि उसकी राय मेंः-
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 34 का प्रतिस्थापन। (क) वह धारा 8 में वर्णित अयोग्यताओं में से किसी से ग्रस्त हो जाता है; अथवा (ख) उसने महापौर या सदस्य के रूप में अपनी हैसियत का घोर दुरूपयोग किया है अथवा उपेक्षा अथवा कदाचार द्वारा निगम के किसी धन अथवा सम्पति की हानि अथवा दुरूपयोग के लिए उत्तरदायी रहता है; अथवा
(ग) वह महापौर या सदस्य के रूप में अपने कत्र्तव्यों का पालन करने के लिए
शारीरिक अथवा मानसिक रूप से अक्षम हो जाता है; अथवा
(घ) वह निगम के अधिवेषन से लगातार तीन मास के दौरान स्वयं अनुपस्थित रहता है;
अथवा
(ड.) वह धारा 60 के उपबन्धों के उल्लंघन में कार्य करता है; अथवा (च) वह अपने निर्वाचन या नामनिर्देषन के पष्चात्, किसी ऐसी निहर्रता के अधीन हो गया है जो, यदि उसके निर्वाचन या नामनिर्देषन के समय विद्यमान रही हो, तो उसको निर्वाचन या नामनिर्देषन के लिए उम्मीदवारों की अर्हताओं को विनियमित करने वाली तत्समय लागू किसी विधि के अधीन अपात्र बना देतीः
परन्तु इस धारा के अधीन आदेष करने से पूर्व, महापौर या सदस्य, जैसी भी स्थिति हो, को सुनवाई तथा ऐसे किसी आदेष के विरूद्ध कारण बताने का युक्तियुक्त अवसर दिया जाएगा ।
(2) यदि कोई महापौर या सदस्य अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा आयुक्त को सम्बोधित करते हुए अपने पद का त्याग करता है, तो उसके त्यागपत्र की स्वीकृति की तिथि से वह महापौर या सदस्य नहीं रहेगा और तत्पष्चात् उसका पद रिक्त हो जाएगा । 13. मूल अधिनियम की धारा 34क में,-
(i) विद्यमान उपान्तिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपान्तिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 34क का संषोधन। जाएगा, अर्थात् :- ''महापौर या सदस्य का निलम्बन।'';
(ii) उप-धारा (1) में, ''किसी सदस्य को निलम्बित'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर या किसी
सदस्य को निलम्बित'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(iii) उप-धारा (2) में,-
(क) ''कोई सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर या कोई सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित
किए जाएंगे;
(ख) विद्यमान परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किए जाएंगे,
अर्थात्ः-
परन्तु किसी महापौर या सदस्य की निलम्बन अवधि, नैतिक अधमता वाले आपराधिक मामलों को छोड़कर, निलम्बन आदेष जारी करने की तिथि से छह मास के अधिक नहीं होगीः
परन्तु यह और कि यदि महापौर को इस अधिनियम के अधीन निलम्बित किया जाता है या हटाया जाता है या वह पद से त्यागपत्र देता है, तो महापौर के पद का स्थानापन्न प्रभार, जब तक महापौर का उत्तराधिकारी निर्वाचित नहीं किया जाता है या वर्तमान महापौर बहाल नहीं किया जाता है, उसी प्रवर्ग के निर्वाचित सदस्य को दिया जाएगा, जिसके पक्ष में अधिकतम सदस्य हैंः334 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2018 (AGHN. 28, 1940 SAKA) परन्तु यह और कि यदि वहां उस प्रवर्ग जिसके लिए महापौर का पद आरक्षित है, से केवल एक सदस्य है, तो उसके पक्ष में अधिकतम सदस्यों की संख्या का प्रष्न उत्पन्न नहीं होगाः
परन्तु यह और कि जब महापौर बीमारी के कारण या अन्य कारण से ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है, तो वरिष्ठ उप महापौर, और उसकी अनुपस्थिति में उप महापौर, महापौर के रूप में कार्य करेगा ।''। श्
14. मूल अधिनियम की धारा 34ख के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 34 ख का प्रतिस्थापन।
''34ख. निर्वाचन के समय पर कोई निरर्हता रखने वाले महापौर या सदस्य का हटाया जाना.- राज्य निर्वाचन आयोग, ऐसी जांच करने के बाद, जो वह उचित समझे या सुनवाई का अवसर देने के बाद, आदेष द्वारा, किसी महापौर या सदस्य को हटा सकता है, यदि वह अपने निर्वाचन के समय पर धारा 8 में वर्णित कोई निरर्हता रखता था । इस प्रकार निरर्हक महापौर या सदस्य का पद तुरन्त रिक्त हो जाएगा ।''।
15. मूल अधिनियम की धारा 34ग के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 34ग का प्रतिस्थापन।
''34ग. निर्वाचित महापौर या सदस्य का हटाया जाना जो चुनाव खर्च विवरणी जमा करवाने में असफल रहता है.- यदि धारा 8ड. या च के उपबंधों की अनुपालना करने में कोई निर्वाचित महापौर या सदस्य असफल रहता है, तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उसे सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद हटाया जाएगा। इस प्रकार हटाए गए महापौर या सदस्य का पद तुरन्त रिक्त हो जाएगा ।''।
16. मूल अधिनियम की धारा 34-घ में, ''कोई सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, ''महापौर या कोई सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ।
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 34-घ का संषोधन।
17. मूल अधिनियम की धारा 36 में,-
(i) विद्यमान उपान्तिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपान्तिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया 1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 36 का संषोधन।
जाएगा, अर्थात्ः-
''वरिष्ठ उप महापौर, उप महापौर का चुनाव और उनकी पदावधि।''; तथा (ii) उप-धारा (1), (3) तथा (4) का लोप कर दिया जाएगा ।
18. मूल अधिनियम की धारा 36 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात् :-
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 36-क का रखा जाना।
''36-क. महापौर की सुविधाएं तथा शक्तियां.- (1) महापौर ऐसे मानदेय के भुगतान के लिए हकदार होगा और उसे आवासीय निवास, दूरभाष, वाहन के सम्बन्ध में तथा उसी प्रकार की ऐसी सुविधाएं, जो विहित की जाएं, दी जाएंगी।
(2) महापौर की निगम के अभिलेख तक पहुंच होगी तथा निगम के निर्णय के उचित लागूकरण को सुनिश्चित करने की दृष्टि से आयुक्त को निर्देश जारी कर सकता है और उससे रिपोर्ट मांग सकता है।''।
19. मूल अधिनियम की धारा 37 में, ''महापौर,'' तथा ''महापौर अथवा'' शब्द तथा चिह्न, जहां कहीं भी आएं, का लोप कर दिया जाएगा।
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 37 का संशोधन।
20. मूल अधिनियम की धारा 37क में,-
(i) उपान्तिक शीर्ष में, ''महापौर,'' शब्द तथा चिह्न का लोप कर दिया जाएगा;
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 37क का संशोधन।
(ii) उप-धारा (1) में, ''महापौर,'' शब्द तथा चिह्न का लोप कर दिया जाएगा;
(iii) उप-धारा (2) में,-
(क) ''महापौर,'' शब्द तथा चिह्न का लोप कर दिया जाएगा;
(ख) खण्ड (i) का लोप कर दिया जाएगा;
(ग) खण्ड (iii) में, ''महापौर,'' शब्द तथा चिह्न का लोप कर दिया जाएगा;
(iv) परन्तुक में, ''महापौर,'' शब्द तथा चिह्न का लोप कर दिया जाएगा।HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2018 (AGHN. 28, 1940 SAKA) 335 21. मूल अधिनियम की धारा 38 का लोप कर दिया जाएगा।
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 38 का लोप। 22. मूल अधिनियम की धारा 39 में,-
(i) उपान्तिक शीर्ष में, ''महापौर तथा'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा; तथा
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 39 का संशोधन। (ii) उप-धारा (1) का लोप कर दिया जाएगा।
23. मूल अधिनियम की धारा 346 की उप-धारा (1) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
''(1) पंजाब अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 346 का संषोधन। अधिनियम, 1963 (1963 का पंजाब अधिनियम 41) तथा पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियन्त्रण अधिनियम, 1952 (1953 का पंजाब अधिनियम 1) में दी गई किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, निदेषक, सरकार के पूर्व अनुमोदन से, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नगरपालिका क्षेत्र के भीतर किसी क्षेत्र को नियन्त्रित क्षेत्र के रूप में घोषित कर सकता है। यदि नगरपालिका क्षेत्र के भीतर कोई क्षेत्र उपरोक्त अधिनियमों के अधीन पहले से ही नियन्त्रित क्षेत्र के रूप में घोषित किया गया है, तो इसे इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए नियन्त्रित क्षेत्र के रूप में समझा जाएगा, तथा यदि कोई योजना पूर्वोक्त अधिनियमों के अधीन ऐसे नियन्त्रित क्षेत्र के लिए पहले से ही अधिसूचित की गई है, तो यह इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए योजना के रूप में समझी जाएगीः
परन्तु उक्त अधिनियम के कार्यक्षेत्र से पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियन्त्रण
अधिनियम, 1952 (1953 का पंजाब अधिनियम 1) की धारा 15 के अधीन छूट-प्राप्त स्थानीय क्षेत्र की सीमाएं, जो पूर्व में नियन्त्रित क्षेत्र के रूप में अधिसूचित की गई थी तथा विकास योजना तैयार की गई थी, इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए नियन्त्रित क्षेत्र तथा योजना के रूप में समझी जाएंगी।''।
24. मूल अधिनियम की धारा 350घ के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
1994 का हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 350घ का प्रतिस्थापन। ''350घ. अन्य विधियों का प्रभाव.- पंजाब अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन अधिनियम, 1963 (1963 का पंजाब अधिनियम 41) तथा पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियंत्रण अधिनियम, 1952 (1953 का पंजाब अधिनियम 1) के उपबन्धों के अधीन नगरपालिका क्षेत्र के भीतर पहले से किये गये कार्य इस अधिनियम के अधीन विधिमान्य किये गये समझे जाएंगे।''।
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मीनाक्षी आई० मेहता, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
8482—L.R.—H.G.P., Pkl.