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Haryana Gazette · Government of Haryana

THE PUNJAB LAND IMPROVEMENT SCHEMES (HARYANA AMENDMENT) ACT, 2018 (HARYANA ACT NO.30).

Published 19 December 2018

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
211-2018/Ext
Notification no.
Leg.35/2018
Identifier
in.gazette.haryana.2018-12-19.Extra-Ordinary_Leg-35-2018
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗
HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2018 (AGHN. 28, 1940 SAKA) 337

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग,

अधिसूचना

दिनांक 19 दिसम्बर, 2018

संख्या लैज. 35/2018.- दि पंजाब लैन्ड इमप्रूमेन्ट स्कीमज़ (हरियाणा अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2018 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 10 दिसम्बर, 2018 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (ख) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 30

पंजाब भूमि सुधार स्कीम (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2018

पंजाब भूमि सुधार स्कीम अधिनियम, 1963

हरियाणा राज्यार्थ, को आगे संषोधित

करने के लिए

अधिनियम

भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित होः-

संक्षिप्त नाम । 1. यह अधिनियम पंजाब भूमि सुधार स्कीम (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है।

2. पंजाब भूमि सुधार स्कीम अधिनियम, 1963 की धारा 15 के बाद, निम्नलिखित धाराएं रखी जाएंगी, अर्थात्‌ः-

''15क. भूमिगत पाइपलाइन बिछायी जाना या विद्यमान भूमिगत पाइपलाइन की मरम्मत या

1963 का पंजाब अधिनियम 23 में धारा 15क तथा 15ख का रखा जाना। नवीकरण.- (1) जहां राज्य सरकार या किसान या किसानों का समूह अपनी, उसकी या उनकी जोत पर सिंचाई के प्रयोजन के लिए किसी अन्य भू-स्वामी की जोत के माध्यम से भूमिगत पाइनलाइन बिछाना चाहता है या विद्यमान भूमिगत पाइपलाइन की मरम्मत या नवीकरण करना चाहता है तथा पारस्परिक करार द्वारा मामले का निपटान नहीं किया गया है, तो जिला स्तरीय समिति, आदेश द्वारा, राज्य सरकार या किसान या किसानों के समूह, जैसी भी स्थिति हो, को भू-स्वामी की फसल या किसी संरचना को नुकसान से उत्पन्न होने वाले प्रतिकर के भुगतान पर सीमांकन रेखा के साथ भूमि की सतह से कम से कम तीन फुट नीचे पाइपलाइन बिछाने या विद्यमान पाइपलाइन की मरम्मत या नवीकरण करने के लिए अनुमत कर सकती हैै। भूमि धारक, जिसकी भूमि के बीच से पाइपलाइन बिछायी जानी है या की मरम्मत या का नवीकरण किया जाना है, को भुगतान किए जाने वाली प्रतिकर की राशि, जिला स्तरीय समिति द्वारा अवधारित नुकसान के निर्धारण के अनुसार होगी तथा इसका विनिश्चय सभी पक्षकारों पर बाध्य होगा। पाइपलाइन, सिंचाई के लिए उपयोग की जाएगी तथा गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए भूमि उपयोग के परिवर्तन की दशा में भू-स्वामियों के अधिकार से समझौता नहीं किया जाएगा।

(2) राज्य सरकार या किसान या किसानों का समूह, जैसी भी स्थिति हो, भूमि तथा इसके स्वामियों के ब्यौरे, जिसके बीच से पाइपलाइन बिछाई या मरम्मत या नवीकृत की जाएगी, वर्णित करते हुए जिला स्तरीय समिति को लिखित आवेदन प्रस्तुत करेगा तथा सीमांकित रेखा के रास्ते में फसल या किसी संरचना को हुए नुकसान सहित ऐसे कार्य के लिए रेखा सीमांकित की जाएगी।

(3) राज्य सरकार या किसान या किसानों का समूह, जैसी भी स्थिति हो, जिसे उप-धारा (1) में निर्दिष्ट किन्हीं सुविधाओं को उपभोग करने के लिए अनुमत उक्त सुविधा के फलस्वरूप, जोत में किसी अन्य अधिकार, जिसके माध्यम से ऐसी सुविधा प्रदान की गई है, का अर्जन नहीं करेगा।(4) राज्य सरकार या किसान या किसानों का समूह, जैसी भी स्थिति हो, जिसे ऐसी सुविधा प्रदान की गई है, भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, मरम्मत या नवीकरण करने के बाद भूमि धारक की संतुष्टि के अनुसार भूमि को प्रत्यावर्तित भी करेगा। 338 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2018 (AGHN. 28, 1940 SAKA) 15ख. जिला स्तरीय समिति का गठन.- (1) भू-स्वामी को प्रतिकर देने के लिए निम्नलिखित से मिलकर प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति के नाम से ज्ञात समिति का गठन किया जाएगा, अर्थात्‌ :-

अध्यक्ष

(i) उपायुक्त

(ii) मण्डल मृदा संरक्षण अधिकारी सदस्य-सचिव (iii) जिला राजस्व अधिकारी सदस्य

(iv) कार्यकारी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग सदस्य (भवन तथा सड़कें)

(v) वन मण्डल अधिकारी सदस्य (2) सदस्य-सचिव, भूमिगत पाइपलाइन बिछाने या विद्यमान पाइपलाइन की मरम्मत या नवीकरण के आवेदन की प्राप्ति पर जिला स्तरीय समिति की बैठक बुलाएगा।

(3) चार सदस्य, जिसमें अध्यक्ष तथा सदस्य-सचिव भी शामिल हैं, जिला स्तरीय समिति की बैठक के लिए गणपूर्ति करेंगे।

(4) जिला स्तरीय समिति के सम्मुख सभी प्रश्न, उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत की राय के अनुसार विनिश्चित किए जाएंगे। मतों की समानता की दशा में, अध्यक्ष का द्वितीय या निर्णायक मत होगा।''।

मीनाक्षी आई० मेहता, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

8482—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 19 December 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2018-12-19.Extra-Ordinary_Leg-35-2018/. Archive identifier in.gazette.haryana.2018-12-19.Extra-Ordinary_Leg-35-2018.