Servants of Knowledge
Haryana Gazette · Government of Haryana

THE HARYANA POND AND WASTE WATER MANAGEMENT AUTHORITY ACT, 2018 (HARYANA ACT NO.33 OF 2018).

Published 06 February 2019

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
24-2019/Ext
Notification no.
Leg.38/2018
Identifier
in.gazette.haryana.2019-02-06.Extra-Ordinary_Leg-38-2018
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗
53 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA)

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 6 फरवरी, 2019

संख्या लैज. 38/2018.- दि हरियाणा पोन्ड ऐन्ड वेस्ट वाटर मैनेजमेन्ट अथॉरिटि ऐक्ट, 2018 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 30 जनवरी, 2019 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2018 का हरियाणा अधिनियम संख्या 33

हरियाणा तालाब तथा अपजल प्रबन्धन प्राधिकरण अधिनियम, 2018 राज्य में तालाबों के विकास, रक्षण, पुनरूज्जीवन, संरक्षण, सन्निर्माण तथा प्रबन्धन, तालाब जल के उपयोग तथा उसके शोधन के लिए तथा भू-जल के अति उपयोग के दबाव को कम करने हेतु सिंचाई के प्रयोजन के लिए मलजल बहिःस्राव शोधन संयंत्र के शोधित बहिःस्राव के प्रबन्धन तथा उपयोग के लिए तथा उससे सबंधित या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए प्राधिकरण स्थापित करने हेतु अधिनियम

भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रुप में यह

अधिनियमित हो :-

संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ तथा लागूकरण। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा तालाब तथा अपजल प्रबन्धन प्राधिकरण अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है। (2) यह ऐसी तिथि से लागू होगा, जो सरकार, अधिसूचना द्वारा, नियत करे तथा इस अधिनियम के भिन्न-भिन्न उपबन्धों के लिए भिन्न-भिन्न तिथियां नियत की जा सकती हैं। (3) यह राज्य में सभी तालाबों पर लागू होगा, किन्तु निम्नलिखित तालाबों पर लागू नहीं होगा-

(i) जिनका क्षेत्र 0.5 एकड़ से कम है; (ii) वन के रूप में अधिसूचित क्षेत्र में अवस्थित हैं; तथा (iii) निजी भूमि पर अवस्थित हैं।

परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) ''प्राधिकरण'' से अभिप्राय है, धारा 3 के अधीन गठित हरियाणा तालाब तथा अपजल

प्रबन्धन प्राधिकरण ;

(ख) ''अध्यक्ष'' से अभिप्राय है, प्राधिकरण का अध्यक्ष; (ग) ''जिला स्तरीय समिति'' से अभिप्राय है, धारा 12 के अधीन गठित जिला परामर्श तथा

निगरानी समिति;

(घ) ''जिला तालाब प्रबन्धन अधिकारी'' से अभिप्राय है, सरकार द्वारा नामनिर्दिष्ट किया जाने

वाला जिला स्तर पर ग्रुप क सेवा का कोई अधिकारी;

(ड.) ''कार्यकारी उपाध्यक्ष'' से अभिप्राय है, प्राधिकरण का कार्यकारी उपाध्यक्ष; (च) ''सरकार'' से अभिप्राय है, प्रशासकीय विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार; (छ) ''ग्राम पंचायत'' से अभिप्राय है, हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 (1994 का 11)

के अधीन ग्राम स्तर पर गठित पंचायत;

(ज) ''सदस्य'' से अभिप्राय है, प्राधिकरण का सदस्य तथा इसमें शामिल हैं अध्यक्ष, वरिष्ठ

उपाध्यक्ष तथा कार्यकारी उपाध्यक्ष;

(झ) ''सदस्य सचिव'' से अभिप्राय है, प्राधिकरण का सदस्य सचिव;

(ञ) ''नगरपालिका'' से अभिप्राय है, स्वायत्त शासन की कोई संस्था जो नगरपालिका समिति

या नगर परिषद्‌ या नगर निगम हो सकता है;

54 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA)

(ट) ''तालाब'' से अभिप्राय है, सरोवर (टैंक) या झील या 0.5 एकड़ या अधिक के क्षेत्र वाला कोई अन्य अंतर्देशीय जल निकाय चाहे इसमें जल हो या नहीं, और राजस्व अभिलेखों में तालाब, जोहड़, सरोवर या किसी अन्य नाम से वर्णित हो तथा इसमें हरित पट्‌टी और परिधीय जलग्रहण क्षेत्र, मुख्य फीडर अन्तर्गम तथा अन्य अन्तर्गम, बांध, मेढें, जल मार्ग इत्यादि किन्तु इसमें सरकार द्वारा, समय-समय पर, यथा अधिसूचित दलदली भूमि शामिल नहीं है;

(ठ) ''विहित'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित ;

(ड) ''रक्षित क्षेत्र'' से अभिप्राय है, धारा 16 के अधीन ऐसे रूप में घोषित क्षेत्र;

(ढ) ''राज्य'' से अभिप्राय है, हरियाणा राज्य;

(ण) ''ग्राम स्तरीय समिति'' से अभिप्राय है, धारा 19 के अधीन गठित ग्राम तालाब तथा अपजल प्रबन्धन समिति।

प्राधिकरण का गठन।

3. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा तथा ऐसी तिथि, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाए, से इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, हरियाणा तालाब तथा अपजल प्रबन्धन प्राधिकरण के नाम से प्राधिकरण का गठन करेगी, जिसका मुख्यालय ऐसे स्थान पर होगा, जो सरकार विनिर्दिष्ट करे। (2) प्राधिकरण चल और अचल दोनों सम्पत्ति अर्जित करने, धारण करने तथा निपटान करने और संविदा करने की शक्ति सहित शाश्वत उत्तराधिकार और सामान्य मुद्रा रखने वाला, उक्त नाम से निगमित निकाय होगा और वह उक्त नाम से वाद चला सकेगा या उस पर, उक्त नाम से वाद चलाया जा सकेगा। (3) प्राधिकरण निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनेगा, अर्थात्‌ :-

(i) मुख्यमंत्री, हरियाणा अध्यक्ष (ii) कार्यभारी मंत्री, सिंचाई तथा जल संसाधन विभाग वरिष्ठ उपाध्यक्ष (iii) कार्यभारी मंत्री, विकास तथा पंचायत विभाग वरिष्ठ उपाध्यक्ष (iv) सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाला व्यक्ति कार्यकारी उपाध्यक्ष जिसने सिद्ध ट्रैक रिकार्ड सहित जल संसाधन प्रबन्धन के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त की हो और स्नातक की

न्यूनतम योग्यता रखता हो

(v) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य वित्त विभाग (vi) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य सिंचाई तथा जल संसाधन विभाग

(vii) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य विकास तथा पंचायत विभाग (viii) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य ग्रामीण विकास विभाग (ix) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य शहरी स्थानीय निकाय विभाग

(x) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य कृषि तथा किसान कल्याण विभाग

(xi) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग

(xii) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, सदस्य पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन विभाग

(xiii) कुलपति, दीनबन्धु छोटू राम विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी सदस्य विश्वविद्यालय, मुरथल (सोनीपत)55 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA) (xiv) निदेशक, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कुरूक्षेत्र सदस्य

(xv) सरकार द्वारा तकनीकी सलाहकार के रूप में नियुक्त सदस्य किए जाने वाला कोई अधिकारी, जो राज्य या केन्द्रीय

सरकार के सिंचाई तथा जल संसाधन विभाग या जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ऐसे पद या समकक्ष

पद, जो प्रमुख अभियन्ता की पदवी से नीचे का न हो, पर कार्यरत है या कार्य किया हो

(xvi) सरकार द्वारा पर्यावरण, पारिस्थितिकी या तालाब गैर-सरकारी

विकास तथा संरक्षण के क्षेत्र से विशेषज्ञ/सामाजिक सदस्य

कार्यकर्ताओं में से नियुक्त किए जाने वाले दो व्यक्ति

(xvii) कोई अधिकारी, जो राज्य या केन्द्रीय सरकार के सिंचाई सदस्य सचिव तथा जल संसाधन विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी

विभाग या विकास तथा पंचायत विभाग में ऐसे पद या

समकक्ष पद, जो मुख्य अभियन्ता की पदवी से नीचे का

न हो, पर कार्यरत है या कार्य किया हो।

वेतन, भत्ते तथा सेवा की शर्तें। 4. (1) कार्यकारी उपाध्यक्ष, तकनीकी सलाहकार तथा सदस्य सचिव का वेतन, भत्ते तथा सेवा की अन्य शर्तें ऐसी होंगी, जो विहित की जाएं तथा तीन वर्ष की अवधि के लिए या पैंसठ वर्ष की आयु का होने तक, जो भी पहले हो, पद धारण करेंगे।

(2) गैर-सरकारी सदस्यों की पदावधि दो वर्ष की अवधि के लिए होगी तथा दो अवधियों से अधिक के लिए पुनः नियुक्ति हेतु पात्र नहीं होंगे।

(3) पदेन सदस्य से भिन्न, कोई भी सदस्य, किसी भी समय, अध्यक्ष को सम्बोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकता है।

(4) गैर-सरकारी सदस्य, प्राधिकरण की बैठकों में उपस्थित होने के लिए ऐसे भत्ते, जो विहित किए जाएं, प्राप्त करेंगे।

प्राधिकरण की बैठक। 5. (1) प्राधिकरण ऐसे समय पर, ऐसे स्थान पर बैठक करेगा तथा बैठकों के संचालन और कारबार के संव्यवहार के लिए प्रक्रिया के ऐसे नियमों की अनुपालना करेगा, जो विहित किए जाएं।

(2) अध्यक्ष तथा उसकी अनुपस्थिति में, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्राधिकरण की बैठकों की अध्यक्षता करेगा।

(3) बैठक के लिए गणपूर्ति कुल सदस्यों की संख्या के एक तिहाई होगी।

6. प्राधिकरण निम्नलिखित कृत्य करेगा, अर्थात्‌ :-

प्राधिकरण के कृत्य। (i) तालाबों, इसकी सीमाओं तथा रक्षित क्षेत्र का सर्वेक्षण तथा अध्ययन करना;

(ii) सिंचाई तथा अन्य उपयोगों के लिए तालाब के जल की उपयुक्तता का पता लगाने के

लिए विश्लेषण करना;

(iii) तालाबों के विनियमन, नियन्त्रण, रक्षण, स्वच्छता, सौन्दर्यकरण, संरक्षण, सुधार, पुनरूद्धार,

नवीकरण तथा सन्निर्माण के लिए कदम उठाना;

(iv) तालाबों का पर्यावरण सम्बन्धी प्रभाव निर्धारण करना;

(v) तालाबों के विकास तथा अतिक्रमण हटाने के लिए एकीकृत योजना तैयार करना;

(vi) जागरूकता कार्यक्रर्मों, कार्यशालाओं तथा सेमीनारों के आयोजनों द्वारा तालाब की स्वच्छता,

संरक्षण, पर्यटन तथा सौन्दर्यकरण में सामूहिक भागीदारी तथा जागरूकता को बढ़ावा देना;

(vii) तालाब जल की उपयोगिता तथा सिंचाई के प्रयोजन के लिए मलजल शोधन संयंत्र के बहिःस्राव के लिए अवसंरचना जैसे कि पम्पिंग मशीनरी, जलसरणियों (चैनल) तथा पाइप सिस्टम का विकास करना;

(viii) कोई अन्य कृत्य, जो सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जाए।56 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA) प्राधिकरण की शक्तियां।

7. इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण को अपने कृत्य करते समय निम्नलिखित शक्तियां होंगी, अर्थात्‌ :-

(i) अपने कृत्यों का पालन करने के लिए तालाब भूमि, हरित पट्‌टी तथा जलग्रहण क्षेत्र में प्रवेश करना;

(ii) अनुदान, चंदा, अंशदान तथा किराया प्राप्त करना;

(iii) फीस या प्रभारों का उद्‌ग्रहण करना;

(iv) निजी संगठनों से निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व निधियां प्राप्त करना;

(v) परियोजनाओं के निष्पादन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति देना;

(vi) जिला स्तरीय समिति की सिफारिश पर ग्राम स्तरीय समिति को निधि जारी करना;

(vii) कोई अन्य शक्ति, जो सरकार द्वारा निर्दिष्ट की जाए।

8. (1) कार्यकारी उपाध्यक्ष प्राधिकरण की सहमति के अध्यधीन सभी परियोजना अनुमानों का प्रशासनिक अनुमोदन देगा तथा निविदाएं स्वीकार करेगा :

परन्तु ऐसी कोई भी सहमति ऐसी धनराशि, जो विहित की जाए, तक अनिवार्य नहीं होगी। कार्यकारी उपाध्यक्ष की शक्तियां तथा कर्तव्य।

(2) कार्यकारी उपाध्यक्ष ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करेगा, जो विहित किए जाएं।

9. तकनीकी सलाहकार निम्नलिखित शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा निम्नलिखित कृत्यों का पालन करेगा, अर्थात्‌ :-

(i) तालाबों के विकास के लिए प्रस्तावों तथा परियोजना अनुमानों को तैयार करना;

तकनीकी सलाहकार की शक्तियां तथा कर्तव्य।

(ii) तालाबों तथा मलजल/बहिःस्राव शोधन संयंत्र तथा उससे सम्बन्धित अन्य कार्यों के लिए सिंचाई स्कीमें तैयार करना;

(iii) परियोजना की प्रशासनिक अनुमति के बाद अनुमानों की तकनीकी स्वीकृति प्रदान करना;

(iv) प्राधिकरण को तकनीकी सलाह देना;

(v) प्राधिकरण की स्कीमों तथा कार्यों के कार्यान्वन की निगरानी करना;

(vi) प्राधिकरण की ऐसी तकनीकी अनुमतियों, आदेशों, नोटिसों तथा अन्य दस्तावेजों, जो विहित किए जाएं, को अधिप्रमाणित करना ;

(vii) प्राधिकरण के ऐसे अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर नियंत्रण रखना, जो विहित किए जाएं। 10. सदस्य सचिव निम्नलिखित शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा निम्नलिखित कर्तव्यों का पालन करेगा, अर्थात्‌ :-

सदस्य सचिव की शक्तियां तथा कर्तव्य।

(i) प्राधिकरण के संकल्पों को कार्यान्वित करना;

(ii) प्राधिकरण के कार्यकलापों का संचालन करना;

(iii) प्राधिकरण की निधि, जो उसे प्रत्यायोजित की गई हो, में से धनराशि का आहरण तथा संवितरण करना ;

(iv) ऐसी अनुमतियों, आदेशों, विनिश्चयों, नोटिसों तथा अन्य दस्तावेजों, जो विहित किए जाएं, को अधिप्रमाणित करना ;

(v) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना, ऐसे अन्य कृत्यों का निर्वहन तथा ऐसे अन्य कर्तव्यों का पालन करना, जो विहित किए जाएं।

11. (1) प्राधिकरण के संगठन में स्थापना, अभियांत्रिकी, लेखा तथा विधिक अनुभाग होंगे। प्राधिकरण का संगठनात्मक ढांचा।

(2) सरकार के पूर्व अनुमोदन से प्राधिकरण ऐसे अधिकारियों तथा कर्मचारिवृन्द को ऐसी रीति में तथा ऐसी योग्यताओं तथा सेवा शर्तों सहित, जो विहित की जाएं, नियुक्त कर सकता है।

(3) प्राधिकरण, इसके कृत्यों के निर्वहन के लिए, ऐसे अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर या संविदात्मक नियोजन के माध्यम से भर्ती या नियोजित कर सकता है, जो यह आवश्यक समझे।

(4) प्राधिकरण राज्य के किसी अन्य विभाग या संगठन से डिपाजिट कार्य के रूप में अपने कार्यों का कार्यान्वयन करवा सकता है।57 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA) जिला परामर्श तथा निगरानी समिति। 12. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, प्रत्येक जिला स्तर पर निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनने वाली जिला परामर्श तथा निगरानी समिति,........................(जिले का नाम) के रूप में पुकारी जाने वाली समिति का गठन करेगी, अर्थात्‌ :-

(i) कार्यभारी मन्त्री, जिला शिकायत समिति अध्यक्ष

(ii) अध्यक्ष, जिला परिषद्‌ सदस्य

(iii) सम्बन्धित नगरपालिकाओं के महापौर/प्रधान सदस्य

(iv) उपायुक्त सदस्य

(v) अपर उपायुक्त एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सदस्य

(जिला ग्रामीण विकास प्राधिकरण)

(vi) अधीक्षण अभियन्ता, सिंचाई तथा जल संसाधन विभाग सदस्य

(vii) अधीक्षण अभियन्ता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग सदस्य

(viii) जिला विकास तथा पंचायत अधिकारी सदस्य

(ix) उप निदेशक, कृषि तथा किसान कल्याण विभाग सदस्य

(x) जिला उद्यान अधिकारी सदस्य

(xi) जिला वन अधिकारी सदस्य

(xii) जिला मत्स्यपालन अधिकारी सदस्य

(xiii) सरकार द्वारा नियुक्त किए जाने वाले पर्यावरण, गैर-सरकारी सदस्य

पारिस्थितिकी या तालाब विकास तथा संरक्षण

के क्षेत्र से विशेषज्ञों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं में

से दो व्यक्ति ।

(xiv) जिला तालाब प्रबन्धन अधिकारी सदस्य सचिव

(2) गैर-सरकारी सदस्य जिला स्तरीय समिति की बैठकों में उपस्थित होने के लिए ऐसे भत्ते प्राप्त करेंगे, जो विहित किए जाएं।

(3) गैर-सरकारी सदस्यों की पदावधि दो वर्ष की अवधि के लिए होगी तथा दो अवधियों से अधिक के लिए पुनः नियुक्ति हेतु पात्र नहीं होंगे।

13. जिला तालाब प्रबन्धन अधिकारी निम्नलिखित शक्तियों का प्रयोग करेगा तथा निम्नलिखित कर्तव्यों का पालन करेगा, अर्थात्‌ :-

(i) जिला स्तरीय समिति के संकल्पों को कार्यान्वित करना;

जिला तालाब प्रबन्धन अधिकारी के कृत्य तथा कर्तव्य। (ii) जिला स्तरीय समिति के कार्यकलापों का संचालन करना;

(iii) जिला स्तरीय समिति की स्कीमों तथा कार्यों के निष्पादन की निगरानी करना;

(iv) जिला स्तरीय समिति के अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर नियंत्रण रखना;

(v) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करना तथा ऐसे अन्य कृत्यों का निर्वहन करना तथा ऐसे

अन्य कर्तव्यों का पालन करना, जो विहित किए जाएं।

14. कोई भी व्यक्ति,-

तलाबों में प्रतिषिद्ध कार्य। (i) प्राधिकरण की अनुमति के बिना तालाब भूमि, हरित पट्‌टी तथा जलग्रहण क्षेत्र में किसी संरचना का निर्माण नहीं करेगा, किसी तालाब भूमि या उसके भाग का अधिभोग नहीं करेगा अथवा ऊपर की ओर प्रवाह अथवा नीचे की ओर प्रवाह पर तालाबों में या से जल के अंतर्वाह तथा बहिर्वाह के प्राकृतिक या सामान्य अनुक्रम में कोई बाधा नहीं डालेगा;

(ii) तालाब, हरित पट्‌टी या जलग्रहण क्षेत्रों में तथा इसके इर्द-गिर्द मलबा, नगरपालिका या

औद्योगिक अपशिष्ट, कीचड़ या भू-मिट्‌टी का ढेर नहीं लगाएगा;

(iii) प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से तालाब में अशोधित नगरपालिका अपशिष्ट या

औद्योगिक बहिःस्राव नहीं गिराएगा;

(iv) प्राधिकरण की अनुमति के बिना तालाब क्षेत्र, जिसमें तालाब मेंढे भी शामिल हैं, में सड़कों,

पुलों या अन्य संरचनाओं का सन्निर्माण नहीं करेगा;

58 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA)

(v) प्राधिकरण द्वारा निर्मित पक्की ढाल की वास्तविक ऊंचाई से पक्की ढाल की ऊंचाई को घटाने या बढ़ाने सहित बांध, पक्की ढाल का अतिक्रमण नहीं करेगा अथवा बाड़, परिसीमा पत्थर या किसी होर्डिंग या किसी संकेत पट्‌टी को नहीं हटाएगा;

(vi) कोई अन्य कार्य नहीं करेगा, जो तालाब के लिए प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से हानिकारक हो :

परन्तु इस अधिनियम की कोई भी बात, प्राधिकरण को, समय-समय पर, तालाब के जल के उपयोग या शोधित मलजल शोधन संयंत्र या बहिःस्राव शोधन संयंत्र के बहिःस्राव को पुनः परिभाषित करने से प्रतिषिद्ध नहीं करेगी :

परन्तु यह और कि प्राधिकरण, सरकार की पूर्व सहमति से लोकहित में, उपरोक्त किन्हीं प्रतिषिद्ध उपयोगों के लिए अनुमति दे सकता है।

15. (1) किसी राज्य विधि, लिखत या आदेश में दी गई किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के प्रारम्भ होने से तालाब का सन्निर्माण तथा विकास प्राधिकरण में निहित होगा। कोई भी व्यक्ति प्राधिकरण द्वारा दी गई अनुमति के अनुसार से अन्यथा किसी तालाब की परिसीमा के भीतर कोई भी गतिविधि, किसी भी स्वरूप की हो, नहीं करेगा :

तालाब के सन्निर्माण तथा विकास का प्राधिकरण में निहित होना।

परन्तु प्राधिकरण तब तक कोई अनुमति प्रदान नहीं करेगा, जब तक इसकी संतुष्टि नहीं हो जाती है कि ऐसी अनुमति से तालाब के सन्निर्माण तथा विकास पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं होगाः

परन्तु यह और कि सरकार, लिखित आदेश द्वारा, तालाब के जल की ऐसी निकासी की सीमा तक, जो इसके संरक्षण तथा विकास पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती है, उस प्रयोजन के लिए तालाब के जल की निकासी तथा उपयोग को अनुमत कर सकती है, जिसके लिए इस अधिनियम के प्रारम्भ से तुरन्त पूर्व जल की निकासी की गई थी और को उपयोग किया गया था।

(2) किसी अन्य राज्य विधि में दी गई किसी बात के होते हुए भी, प्राधिकरण ग्राम पंचायत या नगरपालिका को रक्षित क्षेत्र तथा तालाब भूमि में बाधा पहुंचाने वाले किसी निर्माण, संरचना या किसी अन्य वस्तु को हटाने का निदेश कर सकता है :

परन्तु बाधा पहुंचाने वाले कोई निर्माण, संरचना या कोई अन्य वस्तु, ऐसी प्रक्रिया, जो विहित की जाए, का पालन किए बिना हटाई नहीं जाएगी।

रक्षित क्षेत्र की घोषणा।

16. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, या तो स्वप्रेरणा से या प्राधिकरण की सिफारिश पर, तालाब के इर्द-गिर्द भौगोलिक क्षेत्र, हरित पट्‌टी या जलग्रहण क्षेत्र को रक्षित क्षेत्र के रूप में घोषित कर सकती है।

(2) उप-धारा (1) के अधीन जारी की गई अधिसूचना से व्यथित कोई व्यक्ति, राजपत्र में ऐसी अधिसूचना के प्रकाशन की तिथि से दो मास के भीतर, सरकार के सम्मुख, ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में अपने आक्षेप या सुझाव दायर कर सकता है।

(3) उप-धारा (2) में विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति पर, सरकार, उप-धारा (2) के अधीन इसके द्वारा प्राप्त आक्षेपों तथा सुझावों पर विचार करने के बाद, उप-धारा (1) के अधीन जारी की गई अधिसूचना को या तो वापिस ले सकती है या उपान्तरित कर सकती है या आक्षेपों या सुझावों, जैसी भी स्थिति हो, को रद्‌द कर सकती है। सरकार का निर्णय अन्तिम होगा।

रक्षित क्षेत्र में गतिविधियों का विनियमन।

17. (1) प्राधिकरण से, तालाब वाले किसी क्षेत्र या रक्षित क्षेत्र की स्थानिक या विकास योजना तैयार करते समय, परामर्श किया जाएगा तथा प्राधिकरण के पूर्व अनुमोदन के बिना, ऐसे क्षेत्र के सम्बन्ध में कोई भी स्थानिक या विकास योजना अनुमोदित या लागू नहीं की जाएगी।

(2) प्राधिकरण की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना, रक्षित क्षेत्र में कोई भी सन्निर्माण नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में अनुमति प्रदान कर सकता है।

(3) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, या तो इसके पास उपलब्ध सूचना के आधार पर स्वप्रेरणा से या प्राधिकरण की सिफारिश पर, रक्षित क्षेत्र में ऐसी अन्य गतिविधियों को विनिर्दिष्ट कर सकती है, जो तालाब के सन्निर्माण तथा विकास के लिए समीचीन समझी जाएं, जिन्हें प्राधिकरण की पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद, प्रतिषिद्ध किया जाएगा या किया जाए।

(4) प्राधिकरण उप-धारा (2) या (3) के अधीन कोई अनुमति प्रदान नहीं करेगा यदि इसकी संतुष्टि हो जाती है कि ऐसी अनुमति से तालाब के सन्निर्माण तथा विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना सम्भाव्य है।59 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA) जब्ती की शक्ति। 18. (1) जब धारा 14, 15 या 17 के अधीन कोई अपराध किया गया हो, तो ऐसे किसी अपराध को करने में उपयोग किए गए किसी उपकरण, औजार, मशीनरी, यंत्र, हथियार, किश्ती, वाहन या कोई अन्य सामग्री या वस्तु ग्राम पंचायत या नगरपालिका द्वारा जब्त की जाएगी।

(2) ग्राम पंचायत या नगरपालिका उप-धारा (1) के अधीन जब्त किसी सम्पत्ति, वाहन, सामग्री या वस्तु पर यह दर्शाते हुए कि वे इस प्रकार जब्त की गई हैं, उन पर एक निशान लगाएगी और यथाशीघ्र ऐसी जब्ती की रिपोर्ट ऐसे पुलिस थाना को भेजेगी, जो अपराध के विचारण की अधिकारिता रखता हो, जिसके आधार पर जब्ती की गई है।

ग्राम तालाब तथा अपजल प्रबन्धन समिति। 19. (1) सरकार, यदि आवश्यक समझे, इस अधिनियम के उद्‌देश्यों को कार्यान्वित करने हेतु,........................(ग्राम का नाम) तालाब तथा अपजल प्रबन्धन समिति के रूप में पुकारी जाने वाली ग्राम स्तरीय समिति गठित कर सकती है। समिति की अध्यक्षता सरपंच द्वारा की जाएगी तथा ग्राम स्तरीय कर्मकारों, अर्थात्‌ ग्राम जल तथा स्वच्छता समिति (वी0डब्ल्यू0एस0सी0) के सदस्यों, आशा कर्मकार, स्वयं सहायता ग्रुप के सदस्य, स्वच्छता दूत, लाभान्वित किए जाने वाले किसानों के प्रतिनिधि तथा ग्राम के अन्य स्वयंसेवक सामाजिक कार्यकर्ता, जैसा उचित समझे, से मिलकर बनेगी।

(2) जिला स्तरीय समिति, ग्राम स्तरीय समिति की उपलब्धियों का पुनर्विलोकन करेगी।

उल्लंघन के लिए दण्ड। 20. जो कोई भी धारा 14, 15 अथवा 17 के उपबन्धों की उल्लंघना करता है, तो पच्चीस हजार रूपये से अनधिक जुर्माने या तीन मास से अनधिक के कारावास या दोनों से दण्डनीय होगा।

21. जो कोई भी,-

बाधा डालने के लिए दण्ड। (i) प्राधिकरण के आदेशों या निर्देशों के अधीन कार्य कर रही ग्राम पंचायत, नगरपालिका, जिला तालाब प्रबन्धन अधिकारी या किसी व्यक्ति को, इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन शक्तियों का प्रयोग करने, कृत्यों का निर्वहन करने या कर्तव्यों का पालन करने में बाधा डालता है; या

(ii) प्राधिकरण के किसी कार्य या सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाता है; या

(iii) प्राधिकरण के निर्देशों द्वारा या के अधीन जमीन में गड़े किसी स्तंभ, पोस्ट या हिस्से या प्रदर्शित, अंकित या लगाए गए किसी नोटिस या अन्य सामग्री को नष्ट करता है, गिराता है, हटाता है, क्षति पहुंचाता है या विकृत करता है, तो दोषसिद्धि पर दस हजार रूपये से अनधिक जुर्माने या एक मास से अनधिक के कारावास या दोनों से दण्डनीय होगा।

पश्चात्‌वर्ती अपराध के लिए वर्धित दण्ड। 22. यदि कोई व्यक्ति, जो धारा 20 के अधीन किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध किया गया है, उसी उपबन्ध की उल्लंघना में अंतर्विष्ट किसी अपराध के लिए दोबारा दोषी पाया जाता है, तो द्वितीय और प्रत्येक पश्चात्‌वर्ती दोषसिद्धि पर पचास हजार रूपये से अनधिक जुर्माने या छह मास से अनधिक के कारावास या दोनों से दण्डनीय होगा।

कम्पनी द्वारा किए गए अपराध। 23. जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कम्पनी या आवासीय संगठन द्वारा किया गया है, तो प्रत्येक व्यक्ति, जो अपराध किए जाने के समय पर कम्पनी या आवासीय संगठन का कार्यभारी था, और उसके कारबार के संचालन के लिए उत्तरदायी था, अपराध के दोषी के रूप में समझा जाएगा और अपने विरूद्ध कार्यवाही किए जाने के लिए दायी होगा और तदनुसार दण्डित किया जाएगाः परन्तु इस धारा में दी गई कोई भी बात, इस अधिनियम में उपबन्धित किसी दंड के लिए किसी ऐसे व्यक्ति को दायी नहीं बनाएगी यदि वह साबित कर देता है कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था।

व्याख्या.- इस धारा के प्रयोजनों हेतु ''कम्पनी'' से अभिप्राय है, कोई निगमित निकाय और इसमें

कोई फर्म या अन्य व्यष्टि संगम भी शामिल हैं।

प्राधिकरण की निधि। 24. (1) प्राधिकरण की निधि सरकार द्वारा इसे भुगतान किए जाने वाली राशि होगी तथा उपहार, अनुदान, दण्डों, फीसों, उपयोग प्रभार या अन्यथा के माध्यम से सभी अन्य प्राप्तियों से मिलकर बनेगी तथा इस अधिनियम के अधीन भुगतान करने के लिए और इसके कर्तव्यों का पालन करने और इसके कृत्यों का निर्वहन करने के लिए उपयोग की जाएगी।

(2) प्राधिकरण निजी संगठनों से निगमित सामाजिक भागीदारी निधियां प्राप्त कर सकता है। प्राधिकरण, ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में डिपोजिट वर्क के रूप में स्कीम या कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए राज्य के किसी अन्य विभाग या किसी संगठन को निधियां जारी या से निधियां प्राप्त कर सकता है।60 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA) (3) प्राधिकरण, इसकी निधि में से ऐसी धनराशि, जो यह अवधारित करे, किसी अनुसूचित बैंक या इस निमित्त सरकार द्वारा अनुमोदित किसी सहकारी या अन्य बैंक में बचत या जमा लेखा में रख सकता है और उक्त धनराशि के अतिरिक्त कोई राशि ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में निवेश की जाएगी। (4) लेखे ऐसी रीति में तथा ऐसे अधिकारी, जो विहित किया जाए, द्वारा संचालित किए जाएंगे। लेखे और संपरीक्षा।

25. (1) प्राधिकरण ऐसे प्ररूप तथा रीति, जो विहित किए जाएं, में उचित लेखे और अन्य सुसंगत रिकार्ड बनाए रखेगा और तुलन-पत्र सहित लेखों की वार्षिक विवरणी तैयार करेगा।

(2) प्राधिकरण के लेखे, महालेखाकार, हरियाणा से प्रतिवर्ष संपरीक्षा के अध्यधीन होंगे और ऐसी संपरीक्षा के सम्बन्ध में उपगत कोई खर्च प्राधिकरण द्वारा भुगतानयोग्य होगा।

(3) महालेखाकार, हरियाणा और प्राधिकरण के लेखों की संपरीक्षा के संबंध में उस द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति को ऐसी संपरीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विशेषाधिकार और प्राधिकार होंगे जो महालेखाकार, हरियाणा को सरकारी लेखों की संपरीक्षा के संबंध में हैं और विशिष्टतया, पुस्तकों, लेखों, सम्बन्धित वॉउचरों और अन्य दस्तावेजों और पेपरों को प्रस्तुत करने की मांग और प्राधिकरण के कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा।

(4) महालेखाकार, हरियाणा या इस निमित्त उस द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा यथा प्रमाणित प्राधिकरण के लेखों के साथ-साथ उस पर संपरीक्षा रिपोर्ट और इस प्रकार की गई या किए जाने के लिए प्रस्तावित कार्रवाई पर व्याख्यात्मक ज्ञापन सरकार को प्रति वर्ष भेजा जाएगा और सरकार उसकी प्रति राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखवाएगी।

(5) सदस्य सचिव, उपधारा (4) के अधीन राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रिपोर्ट रखने के बाद, प्राधिकरण के लेखों के साथ-साथ संपरीक्षा रिपोर्ट और व्याख्यात्मक ज्ञापन प्राधिकरण की वैबसाइट पर डलवाएगा।

वार्षिक रिपोर्ट। 26. (1) सदस्य सचिव, प्रत्येक वर्ष के लिए उस वर्ष के दौरान की गई गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करेगा और सरकार को वार्षिक रिपोर्ट ऐसे प्ररूप में और ऐसी तिथि, जो विहित की जाए, को या से पूर्व प्रस्तुत करेगा और सरकार, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रिपोर्ट रखवाएगी।

(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट रिपोर्ट में राहत उपायों, कार्यान्वित की गई योजनाओं पर कार्रवाई की वार्षिक प्लान के कार्यान्वयन और कार्यान्वयन में अन्तरालों तथा कमियों, यदि कोई हों, और ऐसी कमी के लिए कारणों की वस्तु-स्थिति पर व्याख्यात्मक ज्ञापन शामिल होगा।

(3) सदस्य सचिव, उपधारा (1) के अधीन राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रिपोर्ट रखने के बाद, प्राधिकरण की वैबसाइट पर रिपोर्ट के साथ-साथ व्याख्यात्मक ज्ञापन डलवाएगा।

बजट। 27. (1) सदस्य सचिव, प्रत्येक वर्ष ऐसे प्ररूप और रीति में और ऐसे समय पर, जो विहित किया जाए, प्राधिकरण की अनुमानित प्राप्तियों और अदायगियों को दर्शाते हुए आगामी अनुवर्ती वित्त वर्ष के संबंध में बजट प्रस्तुत करेगा।

(2) प्राधिकरण उप-धारा (1) के अधीन प्रस्तुत बजट, ऐसे उपान्तरणों और पुनरीक्षणों के अध्यधीन, जैसा यह विनिश्चय करे, का अनुमोदन करेगा।

(3) प्राधिकरण द्वारा यथा उपान्तरित और पुनरीक्षित बजट अधिप्रमाणित प्रतियों की ऐसी संख्या, जो सरकार द्वारा अपेक्षित हाें, सहित सरकार को अग्रेषित किया जाएगा और सरकार, रिपोर्ट को राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखवाएगी।

(4) सदस्य सचिव, उप-धारा (3) के अधीन राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रिपोर्ट रखने के बाद, प्राधिकरण द्वारा यथा उपान्तरित अथवा पुनरीक्षित बजट प्राधिकरण की वैबसाइट पर डलवाएगा। अधिकारियों का लोक सेवक होना।

28. प्राधिकरण का अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कार्यकारी उपाध्यक्ष, तकनीकी सलाहकार, सदस्य सचिव, सदस्य, अधिकारी तथा अन्य कर्मचारी तथा इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों द्वारा प्रदत्त किन्हीं शक्तियों का प्रयोग करने वाला प्रत्येक अन्य अधिकारी भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का केन्द्रीय अधिनियम 45) की धारा 21 के अर्थ के भीतर लोक सेवक के रूप में समझा जाएगा। सद्‌भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण।

29. इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम के अधीन सद्‌भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित किसी बात के लिए किसी व्यक्ति के विरूद्ध कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं हो सकेगी।61 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA) अन्य विधियों का प्रभाव। 30. (1) इस अधिनियम के उपबन्ध तत्समय लागू किसी अन्य राज्य विधि में दी गई किसी बात से असंगत होते हुए भी, प्रभावी होंगे। (2) इस अधिनियम के उपबन्ध तत्समय लागू किसी अन्य विधि के उपबन्धों के अतिरिक्त होंगे तथा अल्पीकरण में नहीं होंगे।

कठिनाईयां दूर करने की शक्ति। 31. (1) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभाव रूप देने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, इस अधिनियम के उपबन्धों से असंगत ऐसे उपबंध कर सकती है, जो इसे कठिनाई दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत होः

परंतु इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तिथि से दो वर्ष की समाप्ति के बाद इस धारा के अधीन कोई भी आदेश नहीं किया जाएगा।

(2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, इसके किये जाने केे पश्चात्‌, यथाशीघ्र, राज्य विधानमंडल के सम्मुख रखा जाएगा ।

धार्मिक अधिकारों की व्यावृत्ति। 32. इस अधिनियम की कोई भी बात, धार्मिक महत्व वाले किसी तालाब के सम्बन्ध में समाज के किसी वर्ग के किन्हीं धार्मिक अधिकारों को प्रतिबन्ध नहीं करेगी या पर प्रतिबन्ध के रूप में अर्थ नहीं लगाया जाएगा।

अस्थायी उपबन्ध। 33. सरकार, जब तक नियम नहीं बनाए जाते हैं तब तक इस अधिनियम के उद्‌देश्यों को कार्यान्वित करने हेतु इस अधिनियम के उपबन्धों से अन्‌असंगत प्रशासनिक आदेश तथा मार्गदर्शक सिद्धान्त जारी कर सकती है।

नियम बनाने की शक्ति। 34. (1) सरकार, पूर्व प्रकाशन के बाद अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के किन्हीं या सभी प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकती है।

(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, ऐसे नियमों में निम्नलिखित सभी या किन्हीं मामलों के लिए उपबन्ध किए जा सकते हैं, अर्थात्‌ :-

(i) प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष के वेतन, भत्तों तथा सेवा की अन्य शर्तों;

(ii) तकनीकी सलाहकार के वेतन, भत्तों तथा सेवा की अन्य शर्तों; (iii) सदस्य सचिव के वेतन, भत्तों तथा सेवा की अन्य शर्तों; (iv) बैठक में उपस्थित होने के लिए गैर-सरकारी सदस्यों को भुगतान किए जाने वाले

भत्तों;

(v) प्राधिकरण की बैठक के कारबार के संचालन के लिए प्रक्रिया; (vi) राशि, जिस तक कार्यकारी उपाध्यक्ष को प्राधिकरण की सहमति के बिना परियोजना अनुमानों का प्रशासनिक अनुमोदन देने तथा निविदाएं स्वीकार करने की शक्ति होगी;

(vii) ऐसी अन्य शक्तियां, जो कार्यकारी उपाध्यक्ष द्वारा प्रयोग की जाएं;

(viii) प्राधिकरण के अधिकारियों तथा कर्मचारियों पर नियंत्रण रखने के लिए तकनीकी

सलाहकार की शक्तियों;

(ix) प्राधिकरण की सभी तकनीकी अनुमतियों, आदेशों, नोटिसों तथा अन्य दस्तावेजों को तकनीकी सलाहकार के हस्ताक्षर द्वारा अधिप्रमाणित करने के लिए उसकी शक्तियों; (x) प्राधिकरण की सभी अनुमतियों, आदेशों, विनिश्चयों, नोटिसों तथा अन्य दस्तावेजों

को सदस्य सचिव के हस्ताक्षर द्वारा अधिप्रमाणित करने के लिए उसकी शक्तियों;

(xi) प्राधिकरण की अन्य शक्तियों का प्रयोग करने तथा अन्य कृत्यों का निर्वहन करने

तथा अन्य कर्तव्यों का पालन करने के लिए सदस्य सचिव की शक्तियों;

(xii) प्राधिकरण के अधिकारियों तथा कर्मचारिवृन्द की सेवा की रीति, योग्यताएं तथा की

शर्तों;

(xiii) बैठकों में उपस्थित होने के लिए जिला स्तरीय समिति के गैर-सरकारी सदस्यों के

भत्तों;

(xiv) जिला तालाब प्रबन्धन अधिकारी की अन्य शक्तियों, कृत्यों तथा कर्तव्यों; (xv) बाधा के किसी निर्माण, संरचना या किसी अन्य वस्तु को हटाने के लिए अपनाई

जाने वाली प्रक्रिया;

62 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2019 (MAGH. 17, 1940 SAKA)

(xvi) तालाब की परिसीमाओं तथा रक्षित क्षेत्र घोषित करने के लिए आक्षेपों या सुझावों को

दायर करने की रीति;

(xvii) रक्षित क्षेत्र में संनिर्माण करने के लिए पूर्व अनुमति प्राप्त करने के लिए रीति;

(xviii) डिपाजिट कार्य के रूप में योजना या प्रोग्राम के कार्यान्वयन के लिए सरकार के किसी अन्य विभाग या किसी अन्य संगठन को निधियां जारी करने या से प्राप्त करने के लिए रीति;

(xix) प्राधिकरण की अतिरिक्त निधियों का निवेश करने के लिए रीति;

(xx) लेखों के संचालन के लिए रीति;

(xxi) प्राधिकरण के लेखों तथा अन्य अभिलेखों के उचित रखरखाव के लिए तथा लेखों की

वार्षिक विवरणी तैयार करने के लिए प्ररूप तथा रीति;

(xxii) प्राधिकरण की गतिविधियों के सम्पूर्ण लेखों की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए

प्ररूप तथा रीति;

(xxiii) वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए प्ररूप तथा तिथि;

(xxiv) बजट तैयार करने के लिए प्ररूप, रीति तथा समय; (xxv) कोई अन्य मामला, जो विहित किया जाना है या किया जा सकता है। (3) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, यथाशीघ्र सम्भव, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा।

निरसन तथा

व्यावृत्ति।

35. (1) हरियाणा तालाब तथा अपजल प्रबन्धन प्राधिकरण अध्यादेश, 2018 (2018 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 4), इसके द्वारा, निरसित किया जाता है।

(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेश के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई समझी जाएगी।

मीनाक्षी आई० मेहता, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

8550—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 06 February 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2019-02-06.Extra-Ordinary_Leg-38-2018/. Archive identifier in.gazette.haryana.2019-02-06.Extra-Ordinary_Leg-38-2018.