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Haryana Gazette · Government of Haryana

THE PUNJAB NEW CAPITAL (PERIPHERY) CONTROL (HARYANA AMENDMENT) ACT, 2018 (HARYANA ACT NO.8 OF 2019).

Published 05 September 2019

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
151-2019/Ext
Notification no.
Leg. No.8/2019
Identifier
in.gazette.haryana.2019-09-05.Extra-Ordinary_Leg-No-8-2019
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗
243 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 5, 2019 (BHDR. 14, 1941 SAKA)

भाग-I

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 5 सितम्बर, 2019

संख्या लैज. 8/2019.- दि पंजाब न्यू कैपिटल (पेरीफेरी) कन्ट्रोल (हरियाणा अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2018, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 29 अगस्त, 2019 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (ख) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 8

पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियंत्रण (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2018 पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियंत्रण अधिनियम, 1952, हरियाणा राज्यार्थ, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-

संक्षिप्त नाम । 1. यह अधिनियम पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियंत्रण (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है।

2. पंजाब नई राजधानी (परिधि) नियंत्रण अधिनियम, 1952 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 2 में,-

(i) खण्ड (7) में, अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्‌न के स्थान पर, '';'' चिह्‌न प्रतिस्थापित किया

1953 का पंजाब अधिनियम 1 की धारा 2 का संषोधन। जाएगा;

(ii) खण्ड (7) के बाद, निम्नलिखित खण्ड़ जोड़ा जाएगा, अर्थात्‌ः-

'(8) "लोकेशन प्रीमियम" से अभिप्राय है, विहित फीस तथा प्रभारों से अधिक कोई राशि जिसका आवेदक धारा 6 की उप-धारा (1क) के अधीन प्राप्त किए गए आवेदनों के लिए अनुज्ञा प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार को भुगतान करने का इच्छुक है, जो राज्य सरकार द्वारा, इस संबंध में, समय-समय पर, जारी की गई पॉलिसी के अनुसरण में बोली/ नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से अवधारित की जाए।'।

3. मूल अधिनियम की धारा 6 में,-

(i) उप-धारा (1) में,-

(क) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्‌न के स्थान पर, ''ः'' चिह्‌न प्रतिस्थापित किया जाएगा;

1953 का पंजाब अधिनियम 1 की धारा 6 का संशोधन। तथा

(ख) अन्त में, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्‌ :-

''परन्तु जहां राज्य सरकार की राय में, विभिन्न अधिसूचित विकास योजनाओं के ऐसे भूमि उपयोग क्षेत्रों में अवस्थित, ऐसे उपयोगों हेतु, जिनके लिए अनुज्ञाओं की सीमित संख्या विहित की गई है, राज्य सरकार द्वारा, इस सम्बन्ध में, समय-समय पर, बनाई गई पॉलिसी के अनुसरण में बोलियां आमन्त्रित करने या नीलामी प्रक्रिया अपनाने के बाद अनुज्ञाएं जारी की जानी हैं, तो ऐसा आवेदन केवल तभी मान्य समझा जाएगा यदि यह निदेशक के नोटिस के जवाब में दायर किया जाता है तथा विहित निबन्धनों तथा शर्तों को पूरा करता है।'';

(ii) उप-धारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ :-

''(1क) अनुज्ञाओं की नीलामी हेतु पॉलिसी के लिए निदेशक द्वारा जारी किए गए नोटिस के जवाब में प्राप्त किए गए सभी ऐसे आवेदन, जिनके लिए अनुज्ञाओं की सीमित संख्या विहित की गई हैं, जो निदेशक द्वारा सही माने गए हैं, विहित अपेक्षाओं के अतिरिक्त, लोकेशन प्रीमियम का भी भुगतान करने के अधीन होंगे, जो निदेशक द्वारा यथा 244 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 5, 2019 (BHDR. 14, 1941 SAKA)

सूचित ऐसी रीति में तथा ऐसी समय सीमा में बोली/ नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से अवधारित किया जाए। लोकेशन प्रीमियम के लिए प्राप्त की गई राशि, हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 में यथा उपबन्धित बाहरी विकास संकर्मों के प्रबन्ध, रख-रखाव तथा संवर्धन के लिए उपयोग की जाएगी और आवेदक से बाहरी विकास संकर्मों के लिए प्राप्त किए गए विकास प्रभारों की विहित दर के अतिरिक्त वसूल की जाएगी, यदि लागू हो।''। (iii) उप-धारा (6) में,-

(क) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्‌न के स्थान पर, ''ः'' चिह्‌न प्रतिस्थापित किया जाएगा ;

और

(ख) अन्त में, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्‌ :

''परन्तु यह और कि तीन मास की ऐसी समय सीमा लागू नहीं होगी, जिनमें अनुज्ञाओं की सीमित संख्या समय-समय पर जारी की गई अधिसूचनाओं में विनिर्दिष्ट की गई है।''।

4. मूल अधिनियम की धारा 6क के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ :-

''6ख. ऑनलाईन प्राप्ति तथा स्वीकृति.- (1) इस अधिनियम के अधीन किए गए सभी कृत्य इलेक्ट्रोनिक रूप में तथा इन्टरनेट के माध्यम से भी किए जा सकते हैं।

1953 का पंजाब अधिनियम 1 में धारा 6ख का रखा जाना।

(2) उप-धारा (1) की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, कृत्यों में निम्नलिखित सभी या कोई शामिल हो सकते हैं :-

(क) आवेदनों तथा भुगतानों की रसीद या पावती ; (ख) स्वीकृतियों, आदेशों या निर्देशों को जारी करना ; (ग) अनुज्ञा, इसका विस्तार प्रदान करने के लिए पत्राचार की संवीक्षा, जांच करना ; (घ) प्लानों की स्वीकृति, अधिभोग प्रमाणपत्र इत्यादि प्रदान करना ; (ङ) दस्तावेज दायर करना ; (च) वसूलियों इत्यादि के लिए नोटिस जारी करना ; (छ) रजिस्टरों तथा अभिलेखों का रखरखाव ; (ज) कोई अन्य कृत्य जो निदेशक लोक हित में उचित समझे।

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मीनाक्षी आई० मेहता, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

57344—L.R.—H.G.P., Chd.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 05 September 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2019-09-05.Extra-Ordinary_Leg-No-8-2019/. Archive identifier in.gazette.haryana.2019-09-05.Extra-Ordinary_Leg-No-8-2019.