Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 190-2019/Ext.] चण्डीगढ़, बुधवार, दिनांक 13 नवम्बर, 2019
(22 कार्तिक, 1941 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
253-258
259 1. हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियम (संषोधन) अधिनियम, 2019 251-252 (2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 32) 2. हरियाणा नगरपालिका (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2019 (2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 33) 3. हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2019 (2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 34) (केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष
कुछ नहीं
भाग III प्रत्यायोजित विधान
कुछ नहीं
भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
Corrigendum dated 30th September, 2019 in notification No. Leg. 37/2019. 11 The Punjab Electricity (Emergency Powers) Haryana Repeal Act, 2019
(Haryana Act No. 35 of 2019).
(Only in English)
(xcvi)251 HARYANA GOVT. GAZ. , (EXTRA) NOV. 13, 2019 (KRTK. 22, 1941 SAKA)
भाग -I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 13 नवम्बर, 2019
संख्या लैज 33/2019 ़- दि हरियाणा डिवेलपमेन्ट ऐन्ड रेगुलेषन आफ अर्बन एरियाज (अमेन्डमेन्ट)
ऐक्ट, 2019, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 04 नवम्बर, 2019, की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 32
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2019
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975,
को आगे संषाधित करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियम होः-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2019, कहा जा सकता है।
2. हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 2 के खण्ड (जजक) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
1975 का हरियाणा अधिनियम 8 की धारा 2 का संषोधन। '(जजक) "राज्य अवसंरचना विकास प्रभारों" में शामिल हैं मुख्य अवसंरचना परियोजनाओं के विकास की लागत;'।
3. मूल अधिनियम में, "अवसंरचना विकास प्रभार" शब्द जहां कहीं भी आएं, के स्थान पर, "राज्य अवसंरचना विकास प्रभार" शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
1975 का हरियाणा अधिनियम 8 में कतिपय वाक्यों का प्रतिस्थापन। 4. मूल अधिनियम की धारा 3 में, उप-धारा (1) में, प्रथम परन्तुक के बाद, निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात्ः-
1975 का हरियाणा अधिनियम 8 की धारा 3 का संषोधन। "परन्तु यह और कि विभिन्न अनुज्ञप्ति उपनिवेषों के लिए, फीस तथा प्रभारों के भुगतान की अनुसूची ऐसी हागी, जो इस अधिनियम की धारा 9क के अधीन, सरकार द्वारा, समय-समय पर, जारी किए गए निर्देषों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए।"।
5. मूल अधिनियम की धारा 8क के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
1975 का हरियाणा अधिनियम 8 में धारा 8ख का रखा जाना। "8ख. अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण.- (1) किसी अनुज्ञप्ति या अनुज्ञप्ति के भाग के अभ्यर्पण का आषय रखने वाला उपनिवेषक ऐसे दस्तावेजों, जो विहित किए जाएं, सहित अनुज्ञप्ति के अभ्यर्पण के लिए आवेदन कर सकता है।
(2) उप-धारा (1) के अधीन किसी आवेदन की प्राप्ति पर, निदेषक ऐसे आवेदन की संवीक्षा यह सुनिष्चित करने के लिए कि अनुज्ञप्त क्षेत्र, या इसके भाग के बाहर, जिसके लिए अनुज्ञप्ति अभ्यर्पण की जानी प्रस्तावित है, करेगा,-
(क) कोई तृतीय पक्ष अधिकार विद्यमान नहीं है;
(ख) स्थल पर कोई भी आन्तरिक विकास संकर्म नहीं है और स्थल को उसकी मूल
स्थिति में प्रत्यावर्तित कर दिया है, जैसी यह अनुज्ञप्ति के प्रदान करने से पर्व थी।
(ग) रखे जा रहे अनुज्ञप्त क्षेत्र के भाग के लिए क्षेत्र मानदण्ड, यदि कोई हों, ऐसी अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए लागू क्षेत्र मानदण्डों को पूरा करते हैं; तथा252 HARYANA GOVT. GAZ. , (EXTRA) NOV. 13, 2019 (KRTK. 22, 1941 SAKA) (घ) कोई अन्य शर्त, जो विहित की जाए।
(3) आवेदन की संवीक्षा के बाद, निदेषक, लिखित में आदेष द्वारा, या तो ऐसी फीस तथा प्रभारों के समपहरण सहित ऐसे निबन्धन तथा शर्त, जो विहिप की जाएं, पर अनुज्ञप्ति का अभ्यर्पण अनुज्ञात कर सकता है या इसके कारण उल्लेख करते हुए, इसे रद्द कर सकता है।"।
मीनाक्षी आई० मेहता, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
57475—L.R.—H.G.P., Chd.