भाग -I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 13 नवम्बर, 2019
संख्या लैज 34/2019 ़- दि हरियाणा म्युनिसिपल (सेकन्ड अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2019 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 04 नवम्बर, 2019 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 33
हरियाणा नगरपालिका (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2019 हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियम होः-
1. यह अधिनियम हरियाणा नगरपालिका (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2019, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 9 में,-
(i) उपधारा (1) तथा (2) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधाराएं प्रतिस्थापित की जाएंगी,
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 9 का संषोधन। अर्थात्ः-
''(1) धारा 2क के अधीन गठित नगरपालिकाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा निर्वाचित
सदस्यों की ऐसी संख्या होगी, जो नियमों द्वारा यथा विहित कम से कम ग्यारह होगी।
(2) उपधारा (3) में यथा उपबन्धित के सिवाय, नगरपालिका में सभी स्थान, इसमें अध्यक्ष शामिल है, नगरपालिका क्षेत्र में प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों से प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने हुए व्यक्तियों से भरे जाएंगे और इस प्रयोजन के लिए, प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र को, इस निमित्त जारी की गई अधिसूचना द्वारा, वार्डों के रूप में ज्ञात प्रादेशिक निर्वाचन-क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा।'';
(ii) उपधारा (3) के खण्ड (iii) के प्रथम परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक
प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
''परन्तु उपरोक्त खण्ड (i) में निर्दिष्ट व्यक्तियों को नगरपालिकाओं की बैठकों में मतदान करने का कोई अधिकार नहीं होगा तथा उपरोक्त खण्ड (ii) तथा (iii) में निर्दिष्ट व्यक्तियों को अविश्वास प्रस्ताव में मतदान करने तथा उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ने या मतदान करने का कोई अधिकार नहीं होगा।''।
3. मूल अधिनियम की धारा 11 में,-
(i) विद्यमान उपान्तिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपान्तिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया
जाएगा, अर्थात् :-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 11 का संषोधन। ''अध्यक्ष तथा सदस्यों की पदावधि।''; (ii) उपधारा (1) में, ''निर्वाचित सदस्यों'' शब्दों के स्थान पर, ''निर्वाचित अध्यक्ष तथा सदस्य''
शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
(iii) उपधारा (4) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
''(4) जब अध्याय XIV के अधीन की गई किसी जांच के परिणामस्वरूप अध्यक्ष या किसी सदस्य का निर्वाचन शून्य घोषित करने वाला कोई आदेश कर दिया गया है, तब ऐसा अध्यक्ष या सदस्य उसी क्षण से समिति का अध्यक्ष या सदस्य नहीं रहेगा।''।254 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 13, 2019 (KRTK. 22, 1941 SAKA) 4. मूल अधिनियम की धारा 13 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 13 का संषोधन।
''13. समिति के अध्यक्ष या सदस्य का पदत्याग.- यदि समिति का अध्यक्ष या कोई सदस्य अपने पद का त्याग करना चाहता है, तो वह उपायुक्त को लिखित में आवेदन प्रस्तुत करेगा। यदि ऐसा त्यागपत्र स्वीकृत हो जाता है, तो यह उपायुक्त द्वारा उक्त आवेदन की प्राप्ति के बाद कम से कम पन्द्रह दिन तथा अधिक से अधिक साठ दिन के भीतर किसी तिथि को राज्य निर्वाचन आयोग, हरियाणा द्वारा राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा तत्पश्चात् यह समझा जाएगा कि अध्यक्ष या सदस्य ने अपना पद रिक्त कर दिया है :
परन्तु यदि अध्यक्ष या कोई सदस्य जिसने पदत्याग का आवेदन प्रस्तुत किया है, अपना त्यागपत्र वापिस लेना चाहता है, तो वह अपने पदत्याग के आवेदन की उपायुक्त द्वारा प्राप्ति के पन्द्रह दिन के भीतर उपायुक्त को आवेदन कर सकता है और तब यह समझा जाएगा कि पदत्याग का आवेदन वापिस ले लिया गया है।''।
5. मूल अधिनियम की धारा 13क में,-
(i) विद्यमान उपान्तिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपान्तिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 में धारा 13क का संषोधन।
''अध्यक्ष तथा सदस्यों के लिए निरहर्ताएं।'';
(ii) उपधारा (1) में, ''सदस्य होने के लिए'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या सदस्य होने के लिए''शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
(iii) उपधारा (1) के खण्ड (ज) के द्वितीय परन्तुक में, ''योग्यता पांचवी पास होगी'' शब्दों के स्थान पर, ''सदस्यों के लिए योग्यता अध्यक्ष को छोड़कर, पांचवी पास होगी'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(iv) उपधारा (2) में, ''कोई सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या कोई सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
6. मूल अधिनियम की धारा 13ख में,-
(i) उपधारा (1) में, ''निर्वाचित सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, ''निर्वाचित अध्यक्ष या सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 13ख का संषोधन।
(ii) उपधारा (2) में, ''दो बार आने वाले निर्वाचित सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, क्रमशः ''निर्वाचित अध्यक्ष या सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
7. मूल अधिनियम की धारा 13झ के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 13झ का संषोधन।
''13झ. निर्वाचन के समय कोई निरर्हता रखने वाले निर्वाचित अध्यक्ष तथा सदस्य को हटाया जाना.- राज्य निर्वाचन आयोग, ऐसी जांच के बाद, जैसा वह उचित समझे और सुनवाई का अवसर देने के बाद, आदेश द्वारा, अध्यक्ष या किसी सदस्य को हटा सकता है, यदि वह अपनेे निर्वाचन के समय धारा 13क या इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों में वर्णित कोई निरर्हता रखता था। इस प्रकार निरर्हक अध्यक्ष या सदस्य का पद तुरन्त रिक्त हो जाएगा।''। 8. मूल अधिनियम की धारा 13ञ के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 13ञ का संषोधन।
''13ञ. निर्वाचन खर्च विवरण दर्ज करवाने में असफल रहने वाले निर्वाचित अध्यक्ष तथा सदस्य को हटाया जाना.- यदि कोई निर्वाचित अध्यक्ष या सदस्य धारा 13च या 13ज के उपबन्धों की अनुपालना करने में असफल रहता है, तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उसे सुनवाई का अवसर देने के बाद हटाया जाएगा। इस प्रकार निरर्हक अध्यक्ष या सदस्य का पद तुरन्त रिक्त हो जाएगा।''।
9. मूल अधिनियम की धारा 13ट में, ''सदस्य'' शब्द के स्थान पर, ''अध्यक्ष या सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 13ट का संषोधन।
10. मूल अधिनियम की धारा 14 में,-
(i) विद्यमान उपान्तिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपान्तिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 14 का संषोधन।
''अध्यक्ष तथा सदस्यों को हटाये जाने की राज्य सरकार की शक्तियां।'';
255 HARYANA GOVT. GAZ. , (EXTRA) NOV. 13, 2019 (KRTK. 22, 1941 SAKA)(ii) उपधारा (1) में,-
(क) ''किसी सदस्य को हटाना'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या किसी सदस्य को
हटाना''शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
(ख) खण्ड (ख) में, ''सदस्य होने'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या सदस्य होने'' शब्द
प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ग) खण्ड (ड़) में, ''सदस्य के रूप में'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या सदस्य के
रूप में'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(घ) विद्यमान परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाएगा,
अर्थात् :- ''परन्तु अध्यक्ष या किसी सदस्य का हटाया जाना तब तक अधिसूचित नहीं किया जाएगा, जब तक राज्य सरकार द्वारा नियुक्त ऐसे अधिकारी, जो अतिरिक्त सहायक आयुक्त की पदवी से नीचे का न हो, द्वारा मामले की जांच न कर ली गई हो, और संबंधित अध्यक्ष या सदस्य को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर न दे दिया गया हो या सक्षम न्यायालय द्वारा इस संबंध में कोई निर्णय न दे दिया गया हो।''।
11. मूल अधिनियम की धारा 14क में,-
(i) विद्यमान उपान्तिक शीर्ष के स्थान पर, निम्नलिखित उपान्तिक शीर्ष प्रतिस्थापित किया
जाएगा, अर्थात् :-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 14क का संषोधन। ''अध्यक्ष तथा सदस्यों का निलम्बन।''; (ii) उपधारा (1) में, ''किसी सदस्य की निलम्बित'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या किसी
सदस्य को निलम्बित'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
(iii) उपधारा (2) में, ''कोई सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या कोई सदस्य'' शब्द
प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(iv) उपधारा (2) के खण्ड (ii) के परन्तुक में, ''किसी सदस्य'' शब्दों के स्थान पर, ''अध्यक्ष या
किसी सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
12. मूल अधिनियम की धारा 15 की उपधारा (1) में, ''किसी सदस्य'' शब्द के स्थान पर, ''अध्यक्ष या किसी सदस्य'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 15 का संषोधन। 13. मूल अधिनियम की धारा 18 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
''18. उपाध्यक्ष का निर्वाचन.- (1) प्रत्येक नगरपालिका समिति या नगरपालिका परिषद्,
समय-समय पर, इसके निर्वाचित सदस्यों में से एक उपाध्यक्ष चुनेगीः
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 18 का संषोधन। परन्तु, यदि उपाध्यक्ष का पद मृत्यु, त्यागपत्र या अविश्वास प्रस्ताव के कारण, उसकी
पदावधि के दौरान रिक्त हो जाता है, तो शेष अवधि के लिए नया निर्वाचन करवाया जाएगा।''।
(2) उपाध्यक्ष की पदावधि पांच वर्ष की अवधि के लिए या सदस्य के रूप में उसकी
पदावधि की शेष अवधि, जो भी कम हो, के लिए होगी।''।
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 18क का संषोधन। 14. मूल अधिनियम की धारा 18क के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :- ''18क. उपाध्यक्ष के राजनिष्ठा की शपथ तथा निर्वाचन के लिए समय सीमा.- (1) जब तक राज्य सरकार अन्यथा निदेश नहीं करती, उपायुक्त या इस निमित्त उस द्वारा नियुक्त कोई राजपत्रित अधिकारी, समिति के लिए निर्वाचित अध्यक्ष तथा सदस्यों के नामों की अधिसूचना के प्रकाशन के तीस दिन के भीतर, धारा 24 के अधीन राजनिष्ठा की शपथ दिलाने हेतु उनके सामान्य निवास स्थान पर परिदत्त किए जाने वाले अड़तालीस घंटे के नोटिस पर नव गठित समिति की प्रथम बैठक बुलाएगा। नोटिस में स्पष्टतया कथित होगा कि राज्यनिष्ठा की शपथ उपस्थित अध्यक्ष तथा सदस्यों को दिलाई जाएगी।
(2) उपायुक्त या इस निमित्त उस द्वारा नियुक्त कोई राजपत्रित अधिकारी, उप-धारा (1) में निर्दिष्ट बैठकों के तीस दिन की अवधि के भीतर, उनके सामान्य निवास स्थान पर परिदत्त किए जाने वाले अड़तालीस घंटे के नोटिस पर अध्यक्ष तथा सदस्यों की बैठक बुलाएगा। नोटिस में स्पष्टतया कथित होगा कि शेष रह गए सदस्यों को राज्यनिष्ठा की शपथ दिलाई जाएगी तथा उपाध्यक्ष का निर्वाचन बैठक में किया जाएगा। संयोजक प्रथमतः शेष रह गए सदस्यों को राजनिष्ठा की शपथ दिलाएगा तथा उसके बाद उपाध्यक्ष के निर्वाचन की बैठक की अध्यक्षता करेगा।256 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 13, 2019 (KRTK. 22, 1941 SAKA) (3) यदि अध्यक्ष तथा सदस्य उप-धारा (2) के अधीन बुलाई गई बैठक में उपाध्यक्ष का निर्वाचन करने में असफल रहते हैं, तो उपायुक्त या इस निमित्त उस द्वारा नियुक्त कोई राजपत्रित अधिकारी, उप-धारा (2) में निर्दिष्ट बैठक की तीस दिन की अवधि के भीतर, जब तक उपाध्यक्ष निर्वाचित नहीं किया जाता है उपरोक्त वर्णित प्रक्रिया के अनुसार उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए अध्यक्ष तथा सदस्यों की बैठक बुलाएगा।
(4) यदि अध्यक्ष तथा सदस्य, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचित अध्यक्ष तथा सदस्यों की अधिसूचना की तिथि से पांच मास की समाप्ति तक उप-धारा (2) या (3) के अधीन बुलाई गई बैठकों में उपाध्यक्ष का निर्वाचन करने में असफल रहते हैं, तो उपायुक्त या इस निमित्त उस द्वारा नियुक्त कोई राजपत्रित अधिकारी, उनके सामान्य निवास स्थान पर परिदत्त किए जाने वाले अड़तालीस घंटे के नोटिस पर उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए अध्यक्ष तथा सदस्यों की बैठक बुलाएगा। नोटिस में स्पष्टतया कथित होगा कि यदि सदस्य बैठक में उपाध्यक्ष का निर्वाचन करने में असफल रहते हैं, तो समिति किसी और नोटिस या आदेश के बिना विघटित की गई समझी जाएगी।
(5) इस अधिनियम में दी गई किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, यदि उपाध्यक्ष तथा सदस्य, निर्वाचित अध्यक्ष तथा सदस्यों की अधिसूचना की तिथि से छह मास की समाप्ति तक उपरोक्त उपबन्धों के अधीन उपबंधित प्रक्रिया का अनुसरण करने के बाद, बुलाई गई बैठकों में उपाध्यक्ष का निर्वाचन करने में असफल रहते हैं, तो समिति अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन उपबंधित किसी प्रक्रिया का अनुसरण किए बिना तुरन्त प्रभाव से विघटित की गई समझी जाएगी :
परन्तु ऐसी बैठकें समिति की वैध रूप में बुलाई गई बैठकें समझी जाएंगी।
(6) धारा 31 के अधीन बनाई गई किन्हीं उपविधियों में दी गई किसी बात के होते हुए भी, राज्यनिष्ठा की शपथ दिलाना तथा उपाध्यक्ष का निर्वाचन बैठकों के कार्यवृत्तों में कार्यवाहियों के भाग के रूप में अभिलिखित किए जाएंगे।''।
15. मूल अधिनियम की धारा 20 में,-
(i) उपान्तिक शीर्ष में, ''अध्यक्ष या'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा ; (ii) उपधारा (1) में, ''अध्यक्ष या'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा ।
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 20 का संषोधन।
16. मूल अधिनियम की धारा 21 में,-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 21 का संषोधन।
(i) उपान्तिक शीर्ष में, ''अध्यक्ष या'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा ; (ii) उपधारा (1) में, ''अध्यक्ष या'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा; (iii) उपधारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
''(3) यदि प्रस्ताव समिति के कम से कम दो तिहाई निर्वाचित सदस्यों के समर्थन से स्वीकृत हो जाता है, तो यह समझा जाएगा कि उपाध्यक्ष ने अपना पद रिक्त कर दिया है।'';
(iv) उपधारा (4) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
''(4) यदि उपाध्यक्ष के विरूद्ध कोई भी अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो उसी समय से उपाध्यक्ष निर्वाचित हो जाने तक उपाध्यक्ष की शक्तियों का प्रयोग तथा उसके कृत्यों का निर्वहन, उस क्षेत्र, जिसमें नगरपालिका स्थित है, का उपमण्डल अधिकारी (सिविल) अथवा उपायुक्त द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी जो अतिरिक्त सहायक आयुक्त की पदवी से नीचे का न हो, करेगा।''।
17. मूल अधिनियम की धारा 22 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 22 का संषोधन।
''22. उपाध्यक्ष का हटाया जाना.- राज्य सरकार, किसी भी समय, अधिसूचना द्वारा, उपाध्यक्ष को इसकी शक्तियों के दुरूपयोग के अथवा उसके कर्तव्यों के पालन में प्रायिक असफलता के आधार पर उसके पद से हटा सकती है :
परन्तु उपाध्यक्ष का हटाया जाना तब तक अधिसूचित नहीं किया जाएगा, जब तक राज्य सरकार द्वारा नियुक्त किसी ऐसे अधिकारी, जो अतिरिक्त सहायक आयुक्त की पदवी से नीचे का न हो, द्वारा मामले की जांच न कर ली गई हो और उपाध्यक्ष को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर न दे दिया गया हो या सक्षम न्यायालय द्वारा इस सम्बन्ध में कोई निर्णय न दिया गया हो।''।257 HARYANA GOVT. GAZ. , (EXTRA) NOV. 13, 2019 (KRTK. 22, 1941 SAKA) 18. मूल अधिनियम की धारा 22क के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
''22क. उपाध्यक्ष का निलम्बन.- (1) निदेशक, समिति/परिषद् के उपाध्यक्ष को निलम्बित
कर सकता है, जहां.-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 22क का संषोधन। (क) किसी दाण्डिक अपराध के संबंध में उसके विरूद्ध कोई मामला अन्वेषण, जांच या विचारण के अधीन है, यदि निदेशक की राय में, उसके विरूद्ध लगाए गए आरोप या की गई कार्यवाहियों से उसके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न होने की सम्भावना है या नैतिक अधमता या किसी आचरण दोष में अन्तर्विलित करता है ;
(ख) धारा 22 के अधीन वर्णित आधारों पर हटाने के संबंध में उसके विरूद्ध कोई मामला, उसको युक्तियुक्त सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद, जांच के अधीन है।
(2) उपधारा (1) के अधीन निलम्बित उपाध्यक्ष उसकी निलम्बन अवधि के दौरान समिति के किसी कार्य या कार्यवाही में भाग नहीं लेगा, तथा उसके कब्जे में या उसके नियन्त्रणाधीन समिति/ परिषद के अभिलेख, धन या किसी अन्य सम्पत्ति को अध्यक्ष को या यदि अध्यक्ष भी निलम्बित हो, तो ऐसे व्यक्ति को सुपुर्द करेगा, जिसे निदेशक इस निमित्त नियुक्त करे :
परन्तु उपाध्यक्ष की निलम्बन अवधि, नैतिक अधमता वाले दाण्डिक मामलों के सिवाय
निलम्बन आदेश के जारी होने की तिथि से छह मास से अधिक नहीं होगी।
(3) उपाध्यक्ष, उपधारा (1) के अधीन पारित आदेश की संसूचना से तीस दिन की अवधि के
भीतर राज्य सरकार को अपील कर सकता है।
19. मूल अधिनियम की धारा 24 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 24 का संषोधन। ''24. निर्वाचनों और नामनिर्देशनों की अधिसूचना.- (1) किसी नगरपालिका समिति अथवा नगरपालिका परिषद् के किसी सदस्य का प्रत्येक निर्वाचन या नामनिर्देशन तथा उपाध्यक्ष का निर्वाचन राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा और न ही अध्यक्ष और न ही कोई सदस्य अपना कार्यभार तब तक नहीं सम्भालेगा, जब तक उसका निर्वाचन या नामनिर्देशन इस प्रकार अधिसूचित नहीं कर दिया गया हो, और शपथ अधिनियम, 1969 में दी गई किसी बात के होते हुए भी, जब तक निर्वाचित अध्यक्ष या सदस्य नगरपालिका समिति या नगरपालिका परिषद् के अधिवेशन में निम्नलिखित प्ररूप में भारत और भारत के संविधान के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ नहीं लेता या उसका प्रतिज्ञान नहीं करता, अर्थात् :-
''मैं................................................... नगरपालिका समिति अथवा नगरपालिका परिषद्.................... के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में निर्वाचित होने पर ईश्वर के नाम से सत्यनिष्ठा की शपथ लेता हूं कि विधि द्वारा यथा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखूंगा तथा कि मैं उन कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूंगा, जो मुझे सौंपे जाएं।''।
(2) अध्यक्ष या किसी सदस्य का प्रत्येक निर्वाचन राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा विद्यमान नगरपालिका की अवधि की समाप्ति से पूर्व एक सप्ताह के अपश्चात् राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा :
परन्तु उप निर्वाचन परिणामों के संबंध में अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तुरन्त
राजपत्र में प्रकाशित की जाएगी।
(3) यदि कोई ऐसा व्यक्ति अपने निर्वाचन की अधिसूचना की तिथि से तीन मास के भीतर उपधारा (1) द्वारा यथा अपेक्षित शपथ या प्रतिज्ञान नहीं करता है या इन्कार करता है, तो जब तक, राज्य सरकार, उसकी अवधि, जिसमें ऐसी शपथ ली जा सकती है या प्रतिज्ञान किया जा सकता है, नहीं बढ़ाती, तो उसका निर्वाचन ऐसे कारणों के लिए, जिन्हें वह पर्याप्त समझे, अविधिमान्य समझा जाएगा।
(4) यदि उपधारा (3) के उपबन्धों के अधीन कोई निर्वाचन अविधिमान्य समझा जाता है, तो
नया निर्वाचन करवाया जाएगा।258 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 13, 2019 (KRTK. 22, 1941 SAKA) 20. मूल अधिनियम की धारा 25 की उपधारा (1) में,-
(i) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर, ''ः'' चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा; तथा (ii) निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात् :-
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 25 का संषोधन।
''परन्तु उपरोक्त बैठक के अतिरिक्त, प्रत्येक समिति, कम से कम तीन दिन की अवधि के लिए प्रत्येक छह मास में कम से कम एक बैठक आयोजित करेगी।''।
21. मूल अधिनियम की धारा 257 की उपधारा (6) के बाद, निम्नलिखित उपधारा जोड़ी जाएगी, अर्थात्ः-
''(7). राज्य सरकार, इस अधिनियम के अधीन, राज्य निर्वाचन आयुक्त के परामर्श से, निर्वाचनों के मामलों से संबंधित नियम बनाएगी।''।
1973 का हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 257 का संषोधन।
मीनाक्षी आई० मेहता, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
57475—L.R.—H.G.P., Chd.