Servants of Knowledge
Haryana Gazette · Government of Haryana

THE HARYANA MUNICIPAL ENTERTAINMENT DUTY ACT, 2019 (HARYANA ACT NO.30 OF 2019).

Published 14 November 2019

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
191-2019/Ext
Notification no.
Leg. No.31/2019
Identifier
in.gazette.haryana.2019-11-14.Extra-Ordinary_Leg-No-31-2019
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

click here for IIIF manifest

Haryana Government Gazette

EXTRAORDINARY

Published by Authority

© Govt. of Haryana

No. 191–2019/Ext.] चण्डीगढ़, वीरवार, दिनांक 14 नवम्बर, 2019

(23 कार्तिक, 1941 शक)

विधायी परिषिष्ट

क्रमांक विषय वस्तु

पृृष्ठ भाग I अधिनियम

1. हरियाणा नगर मनोरंजन शुल्क अधिनियम, 2019 (2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 30) 261—267 (केवल हिन्दी में)

भाग II अध्यादेष

कुछ नहीं।

भाग III प्रत्यायोजित विधान

- 821—822 1. अधिसूचना संख्या का०आ० 75/के०अ०2/1974/धा०7/2019, दिनांक 14 नवम्बर, 2019 पंजाब तथा हरियाणा उच्च न्यायालय के परामर्श से हरियाणा राज्य में सत्र मण्डलों की संख्या तथा सीमाओं को इक्कीस से बाईस में परिवर्तित करने बारे।

- 823—824 2. अधिसूचना संख्या का०आ० 76/के०अ०66/1984/धा०3/2019, दिनांक 14 नवम्बर, 2019 पंजाब तथा हरियाणा उच्च न्यायालय के परामर्श करने के बाद इसके द्वारा फतेहाबाद, झज्जर, कैथल, महेन्द्रगढ़, नूंह तथा पलवल में छहः कुटुम्ब न्यायालयों की स्थापना करने बारे।

3. अधिसूचना संख्या का०आ० 77/पं०अ०6/1918/धा०20/2019, दिनांक 14 नवम्बर, 2019 - 825—826 पंजाब तथा हरियाणा उच्च न्यायालय के परामर्श से तथा हरियाणा सरकार गृह (न्यायिक) विभाग अधिसूचना संख्या 1102-2 जे0जे0-73/4239, दिनांक 7 फरवरी, 1973 में आंशिक संशोधन करने बारे।

(प्राधिकृत अंग्रेजी अनुवाद सहित)

भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन

कुछ नहीं।

(xcvii)261 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 14, 2019 (KRTK. 23, 1941 SAKA) भाग-I हरियाणा सरकार विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 14 नवम्बर, 2019

संख्या लैज. 31/2019.— दि हरियाणा म्यूनिसिपल एन्टर्टेनमेन्ट डयूटी ऐक्ट, 2019 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 06 नवम्बर, 2019 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 30

हरियाणा नगर मनोरंजन शुल्क अधिनियम, 2019 सार्वजनिक मनोरंजनों में प्रवेश के बारे में मनोरंजन शुल्क उद्‌ग्रहण करने हेतु उपबन्ध करने के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित हो :-

1. (1) यह अधिनियम हरियाणा नगर मनोरंजन शुल्क अधिनियम, 2019, कहा जा सकता है। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण हरियाणा राज्य में है।

संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ। (3) यह प्रथम जुलाई, 2017 से लागू हुआ समझा जाएगा।

परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) ''मनोरंजन में प्रवेश'' से अभिप्राय है, किसी ऐसे स्थान में प्रवेश, जहां मनोरंजन आयोजित

किया जा रहा है या आयोजित किया जाना है ; (ख) ''आयुक्त'' से अभिप्राय है, नगर निगम आयुक्त ;

(ग) ''निदेशक'' से अभिप्राय है, निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा ; (घ) ''कार्यकारी अधिकारी'' से अभिप्राय है, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद्‌ ;

(ड.) ''मनोरंजन'' में शामिल हैं, कोई प्रदर्शनी, तमाशा, आमोद-प्रमोद, क्रीड़ा, खेल-कूद या दौड़,

जिसमें व्यक्तियों को साधारणतया भुगतान पर प्रवेश दिया जाता है ;

(च) ''मनोरंजन कर अधिकारी'' से अभिप्राय है, नगर निगम का मण्डलीय कर अधिकारी, नगर परिषद्‌ का कर अधीक्षक या नगरपालिका समिति का सचिव, जैसी भी स्थिति हो, या सरकार द्वारा ऐसे रूप में नियुक्त कोई अन्य व्यक्ति ;

(छ) ''सरकार'' से अभिप्राय है, प्रशासकीय विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार ; (ज) ''नगरपालिका'' से अभिप्राय है, हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 (1973 का 24),

की धारा 2क के अधीन गठित स्वायत्त शासन की कोई संस्था ;

(झ) ''प्रवेश के लिए भुगतान'' में निम्नलिखित शामिल हैं-

(i) मनोरंजन के किसी स्थान के किसी भाग में प्रवेश दिए गए किसी व्यक्ति द्वारा किया गया कोई भुगतान तथा किसी मामले में जहां ऐसे व्यक्ति को उसके दूसरे भाग के लिए बाद में प्रवेश दिया गया है, जिसके लिए प्रवेश हेतु अतिरिक्त भुगतान अपेक्षित है, ऐसा अतिरिक्त भुगतान, चाहे वास्तव में किया गया है या नहीं ; (ii) निशुल्क, लुका-छिपा, अप्राधिकृत या रियायती प्रवेश की दशा में, चाहे मालिक की जानकारी या के बिना हो, भुगतान जो किया गया होता यदि सम्बद्ध व्यक्ति को ऐसे प्रवेश के लिए सामान्यतः प्रभार्य सभी प्रभारों के भुगतान पर प्रवेश दिया गया था; तथा

(iii) किसी प्रयोजन के लिए कोई भुगतान, जो किसी भी स्वरूप में मनोरंजन से सम्बन्धित है, जो किसी व्यक्ति द्वारा मनोरंजन में प्रवेश के लिए भुगतान, यदि कोई हो, के अतिरिक्त मनोरंजन में भाग लेने या निरन्तर भाग लेने की शर्त के रूप में किया जाना अपेक्षित है ;

262 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 14, 2019 (KRTK. 23, 1941 SAKA)

(ञ) ''विहित'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित ;

(ट) किसी मनोरंजन के संबंध में ''मालिक'' में शामिल हैं, उसके प्रबन्धन के लिए उत्तरदायी कोई स्वामी, भागीदार या कोई व्यक्ति ;

(ठ) ''विहित प्राधिकारी'' से अभिप्राय है, नगर निगम की दशा में आयुक्त, नगरपालिका परिषद्‌ की दशा में कार्यकारी अधिकारी तथा नगरपालिका समिति की दशा में सचिव द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी ;

(ड) ''सचिव'' से अभिप्राय है, नगरपालिका समिति का सचिव ;

(ढ़) ''टिकट'' से अभिप्राय है, मनोरंजन में प्रवेश सुनिश्चित करने के प्रयोजन के लिए पास या टोकन।

मनोरंजन में प्रवेश के लिए भुगतान पर शुल्क।

3. (1) मनोरंजन में प्रवेश करने वाला कोई व्यक्ति, ऐसी दर पर मनोरंजन शुल्क का भुगतान करने के लिए दायी होगा, जो प्रवेश के लिए भुगतान की राशि के एक सौ पच्चीस प्रतिशत (125%) से अधिक न हो, जो सरकार, इस निमित्त अधिसूचना द्वारा, विनिर्दिष्ट करे और उक्त शुल्क ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में मालिक द्वारा संगृहीत किया जाएगा और नगरपालिका को दिया जाएगा :

परन्तु सरकार उपरोक्त अधिकतम विनिर्दिष्ट के अध्यधीन प्रवेश के लिए किसी अन्य प्रकार के भुगतान पर अधिरोपित से भिन्न दर पर मानार्थ टिकटों पर मनोरंजन शुल्क अधिरोपित कर सकती है। (2) उप-धारा (1) में निर्दिष्ट मनोरंजन शुल्क की दर विनिर्दिष्ट करते हुए प्रस्तावित आदेश का प्रारूप सभी व्यक्तियों की जानकारी के लिए अधिसूचित किया जाएगा जिनके इससे प्रभावित होने की सम्भावना है और यह केवल ऐसे प्रकाशनों की तिथि से तीस दिन की अवधि के भीतर प्राप्त सभी आक्षेपों पर सरकार द्वारा विचार करने के बाद प्रभावी होगा और इसे उपान्तरण सहित या के बिना, दोबारा अधिसूचित किया जाएगा :

परन्तु यदि सरकार विचार करती है कि ऐसे आदेश को तुरन्त लागू किया जाना चाहिए, तो अन्तिम अधिसूचना पूर्व प्रकाशन के बिना जारी की जा सकती है।

(3) जब तक उप-धारा (1) तथा (2) में यथा निर्दिष्ट शुल्क अन्तिम रूप से अधिसूचित नहीं किया गया है, तब तक मनोरंजन शुल्क इस अधिनियम के प्रारम्भ से तुरन्त पूर्व इस निमित्त लागू दरों पर उद्‌गृहीत किया जाएगा। (4) शुल्क की राशि एक रूपए के निकटतम गुणज पर संगणित की जाएगी।

वीडियो प्रदर्शन

पर शुल्क।

4. (1) इस अधिनियम में दी गई किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, एक सौ व्यक्तियों से कम सीटिंग क्षमता रखने वाले तमाशे को भुगतान पर प्रदर्शित करने वाला वीडियो सेट का मालिक ऐसी दर, जो प्रतिवर्ष दो लाख रूपए से अधिक न हो या जो सरकार द्वारा, समय-समय पर, अधिसूचित की जाए, पर मनोरंजन शुल्क का भुगतान करने के लिए दायी होगा। शुल्क ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में अग्रिम में भुगतानयोग्य होगा।

(2) उपधारा (1) के अधीन नहीं आने वाला, एक सौ या अधिक व्यक्तियों की सीटिंग क्षमता रखने वाले तमाशे को भुगतान पर प्रदर्शित करने वाला वीडियो सेट का मालिक धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन विहित दर पर तथा रीति में मनोरंजन कर का भुगतान करने के लिए दायी होगा।

समेकित धन-राशि के रूप में भुगतान किया जाना।

5. जहां मनोरंजन में प्रवेश के लिए भुगतान, अतिरिक्त भुगतान, या प्रभार में कमी के बिना किसी विनिर्दिष्ट अवधि या किसी विशेषाधिकार, अधिकार या प्रवेश के अधिकार से संयुक्त सुविधा के दौरान मनोरंजन या मनोरंजन की श्रृंखला के लिए किसी सोसाइटी या किसी सत्र टिकट, या प्रवेश के अधिकार के लिए अभिदान या अंशदान के रूप में समेकित धन-राशि में किया गया है, तो मनोरंजन शुल्क समेकित धन-राशि की राशि पर भुगतान किया जाएगा, किन्तु जहां मनोरंजन कर अधिकारी की राय है कि किसी अवधि, जब शुल्क परिचालन में नहीं है, के दौरान मनोरंजन में प्रवेश के अतिरिक्त अन्य विशेषाधिकारों, अधिकारों या सुविधाओं के लिए, या मनोरंजन में प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए भुगतान किया जाना आशयित है, तो शुल्क ऐसी राशि पर प्रभारित किया जाएगा, जो मनोरंजन, जिसके लिए कोई शुल्क भुगतानयोग्य है, में प्रवेश करने के अधिकार के रूप में मनोरंजन कर अधिकारी को प्रतीत हो। मालिक द्वारा प्रतिभूति का निक्षेप।

6. विहित प्राधिकारी, ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, इस अधिनियम के अधीन मनोरंजन शुल्क के भुगतान के लिए प्रतिभूति के रूप में ऐसी राशि, जो सीटिंग क्षमता के आधार पर तीन मास की किसी अवधि के लिए मनोरंजन कर के रूप में नियत किए जाने वाले अनुमानित भुगतान से अधिक न हो, नगरपालिका की निधियों में निक्षेप करने के लिए मालिक से अपेक्षा कर सकता है।263 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 14, 2019 (KRTK. 23, 1941 SAKA) 7. मालिक, ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में मनोरंजन के स्थान पर प्रवेश के लिए भुगतानों की दर तथा ऐसी दरों पर भुगतानयोग्य शुल्क की राशि प्रदर्शित करेगा।

सहजदृश्य स्थानों पर प्रवेश के लिए भुगतान की दरों की सारणी चिपकाना।

शुल्क का भुगतान नहीं करने के लिए शास्ति। 8. (1) इस अधिनियम में अन्यथा उपबन्धित के सिवाय, कोई भी व्यक्ति मनोरंजन में तब तक प्रवेश नहीं करेगा, जब तक वह अपने अधिकार की टिकट या मानार्थ टिकट या इस अधिनियम के अधीन किसी कर्मचारी द्वारा जारी बैज नहीं रखता हो और मनोरंजन शुल्क के भुगतान के लिए दायी ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, भुगतानयोग्य ऐसे शुल्क का भुगतान किए बिना प्रवेश नहीं करेगा। (2) ऐसा व्यक्ति, जो इस अधिनियम के अधीन भुगतानयोग्य शुल्क के अपवंचन के आशय से अनुज्ञा के बिना या लुका-छिपा से मनोरंजन में प्रवेश करता है, तो वह, किसी मजिस्ट्रेट द्वारा दोषसिद्ध पर, ऐसे जुर्माने, जो ₹ 500/- (पांच सौ रूपए) तक बढ़ाया जा सकता है, से दण्डनीय होगा तथा इसके अतिरिक्त ऐसे शुल्क का भुगतान करने के लिए दायी होगा।

9. इस अधिनियम की कोई भी बात मालिक के वास्तविक कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी, जो मनोरंजन या मालिक के संबंध में ड्‌यूटी पर हों।

भुगतान के बिना व्यक्तियों का प्रवेश।

उद्‌ग्रहण का ढंग। 10. (1) इस अधिनियम द्वारा अन्यथा उपबन्धित के सिवाय, किसी भी व्यक्ति का किसी भी मनोरंजन में भुगतान पर प्रवेश नहीं करवाया जाएगा जहां प्रवेश के लिए भुगतान राजस्व प्रयोजनों के लिए सरकार द्वारा छापित, समुद्‌भृत, उत्कीर्ण या चिपकने वाला स्टाम्प (जो पहले उपयोग नहीं की गई हो) से स्टांपित जारी टिकट मनोरंजन शुल्क के अध्यधीन नहीं हो और निर्दिष्ट करेगा कि उचित मनोरंजन शुल्क का भुगतान कर दिया गया है।

(2) सरकार, मालिक के आवेदन पर, ऐसे मालिक को, ऐसी शर्तों पर, जो यह विनिर्दिष्ट करे,- (क) प्रतिशतता, जो सम्बद्ध अवधि के दौरान लागू दर पर मनोरंजन में प्रवेश के लिए सकल भुगतान का पचास प्रतिशत से अधिक न हो, के समेकित भुगतान द्वारा ; या

(ख) मनोरंजन में प्रवेश के लिए भुगतानों की विवरणी के अनुसार ; या

(ग) किसी यान्त्रिक युक्ति, जो प्रवेशित व्यक्तियों की संख्या को अपने आप रजिस्टर

करती है, द्वारा रिकार्डिड परिणामों के अनुसार,

मनोरंजन शुल्क के भुगतान के लिए अनुज्ञात कर सकती है। (3) यदि विहित प्राधिकारी की संतुष्टि हो जाती है कि मनोरंजन शुल्क उचित रूप से उद्‌गृहीत, संगृहीत या भुगतान नहीं किया गया है, तो वह, मनोरंजन शुल्क देय होने की तिथि से पांच वर्ष की अवधि के भीतर, मालिक को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के बाद, देय मनोरंजन शुल्क की राशि उद्‌ग्रहण करने के लिए कार्यवाही कर सकता है और उसकी वसूली कर सकता है।

11. मालिक, ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, लेखों का रख-रखाव करेगा और विवरणियां प्रस्तुत करेगा।

लेखों का रख-रखाव, विवरणी इत्यादि, प्रस्तुत करना।

शुल्क के भुगतान से मनोरंजन छूट। 12. (1) कोई भी मनोरंजन शुल्क, किसी मनोरंजन में प्रवेश के लिए भुगतान पर उद्‌गृहीत नहीं किया जाएगा, जहां निदेशक की ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में इस निमित्त किए गए आवेदन पर संतुष्टि हो जाती है कि मनोरंजन के सम्पूर्ण शुद्ध आगम लोकोपकारी, धर्मार्थ, शिक्षा-सम्बन्धी या वैज्ञानिक प्रयोजनों, जो ऐसे रूप में सरकार द्वारा अनुमोदित किए गए हैं, को अर्पित किए जाएंगे।

(2) तथापि, निदेशक, इस निमित्त किए गए आवेदन की प्राप्ति पर स्वयं की संतुष्टि करेगा कि मनोरंजन के सम्पूर्ण शुद्ध आगम अनुमोदित प्रयोजन, जिसके लिए छूट मांगी गई है, को अर्पित किए जाने हैं।

(3) इस अधिनियम की कोई भी बात, शैक्षणिक संस्था के अमले या छात्रों या दोनों के द्वारा उपलब्ध करवाए गए किसी मनोरंजन पर लागू नहीं होगी जब आगम शैक्षणिक या धर्मार्थ प्रयोजनों के लिए आशयित हैं।

(4) सरकार, सामान्य या विशेष आदेश द्वारा शान्ति और अन्तर्राष्ट्रीय मित्रभाव की प्रोन्नति या कला और शिल्प, क्रीड़ा या अन्य लोक हित को बढ़ावा देने हेतु, इस अधिनियम के अधीन शुल्क भुगतान के दायित्व से किसी मनोरंजन या मनोरंजन के वर्ग को छूट दे सकती है।264 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 14, 2019 (KRTK. 23, 1941 SAKA) (5) निम्नलिखित आयोजनों और संगठनों पर कोई भी मनोरंजन शुल्क उद्‌गृहीत नहीं किया जाएगा, अर्थात्‌ः-

(i) कल्याण दलों ; (ii) जिला राहत निधि ; (iii) झण्डा दिवस निधि ; (iv) रेडक्रास निधि ; (v) जिला भारत स्काउटस तथा गाइड संघ ; (vi) विद्यालय के गरीब छात्रों के कल्याण और इनका पुस्तकालय; (vii) प्रधान मन्त्री राहत निधि ; (viii) हरियाणा रक्षा तथा सुरक्षा राहत निधि ; (ix) मुख्य मन्त्री राहत निधि ; (x) हिन्द कुष्ठ निवारण संघ निधि ; (xi) बाल कल्याण निधि ; (xii) स्टेडियम, एडीटोरियम या खेल मैदानों के निर्माण हेतु निधि; (xiii) अनुसूचित जातियां/अनुसूचित जनजातियों तथा पिछड़े वर्गों के कल्याण ; (xiv) अस्पताल कल्याण सोसाइटी ; (xv) बहरों, गूंगों या नेत्रहीन व्यक्तियों की देख-रेख ; (xvi) निम्नलिखित के संबंध में लोक सम्पर्क विभाग, हरियाणा द्वारा प्रकाशित (रिलीज्ड)

और आयोजित नई रीलों के प्रदर्शन हेतु शो, वृत्तचित्र फिल्में और अन्य फिल्में,- (क) शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिकाओं पर छात्रों हेतु ;

(ख) लोक हित के प्रोत्साहन हेतु जैसे निषेध, सामुदायिक समन्वय को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य, नागरिक विधियों तथा समान प्रकृति के उद्‌देश्यों के बारे में सही ज्ञान का प्रसार ;

(xvii) सैन्य प्राधिकरणों द्वारा दलों और उनके परिवारों के लाभ के लिए आयोजित सभी

मनोरंजन ;

(xviii) जिले के उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक या उपमण्डल के प्रभारी उपमण्डल अधिकारी द्वारा आयोजित सभी मनोरंजन, जहां उनके शुद्ध आगम निम्नलिखित के लिए उपयोग किए जाने आशयित हैं - (क) जिला राहत निधि ;

(ख) मुख्य मन्त्री, हरियाणा राहत निधि ;

(ग) प्रधान मन्त्री राहत निधि ;

(घ) रेड क्रास निधि ; (ङ) राष्ट्रीय रक्षा निधि ;

(xix) सम्पूर्ण राज्य में अखिल भारतीय संगठनों से अनुरूप सम्बद्ध संगठनों द्वारा आयोजित

किए जाने वाले सभी क्रीड़ा आयोजन;

(xx) एक वर्ष की अवधि के लिए इस अधिनियम के प्रारम्भ के बाद बालकों के लिए शैक्षणिक तथा मनोरंजनात्मक आमोद-प्रमोद उपलब्ध करवाने के लिए स्थाई आधार पर स्थापित आमोद-प्रमोद पार्क ;

(xxi) सभी सर्कस प्रदर्शन ; (xxii) भारतीय बाल फिल्म सोसाइटी द्वारा केवल बालकों के लिए बनाई गई फिल्में।265 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 14, 2019 (KRTK. 23, 1941 SAKA) अपील। 13. (1) विहित प्राधिकारी द्वारा किए गए किसी आदेश से व्यथित कोई व्यक्ति, ऐसे आदेश की तिथि से तीस दिन की अवधि के भीतर, ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, निदेशक या निदेशक द्वारा इस निमित्त पदाभिहित किसी अन्य अधिकारी, जो उप निदेशक की पदवी से नीचे का न हो, को अपील कर सकता हैः परन्तु कोई भी अपील, ऐसे अपील प्राधिकारी द्वारा तब तक ग्रहण नहीं की जाएगी, जब तक उसकी संतुष्टि नहीं हो जाती है कि उस व्यक्ति की तरफ देय शुल्क तथा अधिरोपित शास्ति, यदि कोई हो, की राशि का भुगतान कर दिया गया है :

परन्तु यह और कि यदि अपील प्राधिकारी संतुष्ट हो जाता है कि वह व्यक्ति उसकी तरफ देय शुल्क या अधिरोपित शास्ति, यदि कोई हो, या दोनों का भुगतान करने के लिए असमर्थ है, तो वह ऐसे कारणों से, जो अभिलिखित किए जाएंगे भुगतान किए जाने वाले शुल्क या शास्ति या दोनों के बिना अपील ग्रहण कर सकता है। (2) ऐसी प्रक्रिया के अध्यधीन, जो विहित की जाए, अपील प्राधिकारी, अपील पर ऐसे आदेश पारित कर सकता है, जो वह उचित समझे।

पुनरीक्षण की शक्ति। 14. अपर मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार या प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, जैसी भी स्थिति हो, या ऐसा अन्य अधिकारी, जिसे सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस निमित्त नियुक्त करे, स्वप्रेरणा से या ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, आदेश की तिथि से साठ दिन की अवधि के भीतर किए गए आवेदन पर, उसके अधीनस्थ किसी प्राधिकारी की किन्हीं कार्यवाहियों या आदेश, ऐसी कार्यवाहियों या आदेश की वैधता या उपयुक्तता के बारे में स्वयं को संतुष्ट करने के प्रयोजन के लिए, के अभिलेख मांग सकता है, और उनके प्रतिनिर्देश से ऐसे आदेश पारित कर सकता है, जैसा वह उचित समझे :

परन्तु ऐसा अधिकारी, ऐसे आवेदन पर निर्णय लेने से पूर्व, आवेदक को इस अधिनियम के अधीन देय शुल्क तथा अधिरोपित शास्ति, यदि कोई हो, की राशि पूर्णतः या अंशतः जमा करवाने के निर्देश कर सकता है।

लेखों तथा दस्तावेजों के प्रस्तुतिकरण तथा निरीक्षण। 15. (1) किसी मनोरंजन का मालिक, इस निमित्त, नगर निगम की दशा में आयुक्त, नगर परिषद्‌ की दशा में कार्यकारी अधिकारी तथा नगरपालिका समिति की दशा में सचिव द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी या निदेशक, शहरी स्थानीय निकाय, हरियाणा द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य अधिकारी द्वारा ऐसा करने की अपेक्षा किए जाने पर, टिकटों की बिक्री तथा मनोरंजन शुल्क की वसूली से सम्बन्धित किन्हीं लेखों या दस्तावेजों को निरीक्षण के लिए प्रस्तुत करेगा, जो इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए आवश्यक हों।

(2) यदि उपधारा (1) में वर्णित किसी अधिकारी के पास संदेह करने का कारण है कि किसी मनोरंजन का मालिक, इस अधिनियम के अधीन देय किसी मनोरंजन शुल्क के भुगतान का अपवंचन करने का प्रयास कर रहा है, तो वह ऐसे कारणों से, जो अभिलिखित किए जाएंगे ऐसे लेखों, रजिस्टरों या दस्तावेजों, जो आवश्यक हों, को जब्त कर सकता है तथा उनके लिए रसीद देगा तथा उन्हें ऐसी समय अवधि के लिए रखेगा जो उनके परीक्षण के लिए आवश्यक हो।

मनोरंजन स्थलों में प्रवेश करना और उनका निरीक्षण करना। 16. (1) विहित प्राधिकारी द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी, यह सुनिश्चित करने के प्रयोजन हेतु कि इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम, जारी किए गए किसी आदेश या दिए गए निर्देश के उपबन्धों की अनुपालना की जा रही है, किसी युक्तियुक्त समय पर चलने वाले मनोरंजन के दौरान सम्बद्ध नगरपालिका की नगरपालिका सीमा में मनोरंजन के किसी स्थान में प्रवेश कर सकता है, उसका निरीक्षण कर सकता है तथा तलाशी ले सकता है और ऐसा करते समय, ऐसा अधिकारी को मनोरंजन में प्रवेशित किसी व्यक्ति के रूप में नहीं समझा जाएगा। (2) प्रत्येक मनोरंजन के मालिक द्वारा उपरोक्त अधिकारी को उप-धारा (1) के अधीन उसके कर्तव्यों की अनुपालना करने में प्रत्येक युक्तियुक्त सहायता दी जाएगी।266 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 14, 2019 (KRTK. 23, 1941 SAKA) 17. (1) यदि मनोरंजन का मालिक -

अपराध तथा शास्तियां।

(क) इस अधिनियम के अधीन किसी देय शुल्क का भुगतान करने में कपटपूर्वक अपवंचन

करता है ; या

(ख) इस अधिनियम के अधीन किसी निरीक्षण, तलाशी या जब्ती करने वाले किसी

अधिकारी को रोकता है ; या

(ग) इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम, जारी किए गए किसी आदेश या दिए गए किसी निर्देश के किन्हीं उपबन्धों की उल्लंघना में कार्य करता है या अनुपालना करने में असफल रहता है,

तो वह ऐसी शास्ति के अधिरोपण के लिए दायी होगा जो देय शुल्क, यदि कोई हो, के अतिरिक्त दो हजार रूपए से अधिक नहीं होगी :

परन्तु निशुल्क, लुका-छिपा, अप्राधिकृत या रियायती प्रवेश की दशा में, चाहे मालिक की जानकारी या के बिना हो, तो मालिक, शुल्क की राशि के अतिरिक्त, ऐसे प्रवेश के परिणामस्वरूप देय पाई जाने वाली शुल्क की राशि के दस गुणा की शास्ति के अधिरोपण के लिए दायी होगा और मालिक पर अधिरोपित शास्ति की राशि की गणना मनोरंजन शुल्क शास्ति के रूप में की जाएगी : परन्तु यह और कि शास्ति अधिरोपित करने से पूर्व, विहित प्राधिकारी मालिक को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करेगा। (2) कोई भी न्यायालय, विहित प्राधिकारी द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा की गई किसी शिकायत के सिवाय इस अधिनियम या इसके अधीन बनाये गये नियमों के अधीन किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगा।

वसूलियां। 18. इस अधिनियम के अधीन देय कोई धन-राशि भू-राजस्व के बकायों के रूप में वसूलीयोग्य होगी। शक्तियों का प्रत्यायोजन।

19. (1) सरकार धारा 1 की उप-धारा (2), धारा 22 तथा इस धारा द्वारा इसे प्रदत्त शक्तियों के सिवाय किसी व्यक्ति या इसके अधीनस्थ प्राधिकारी को, इस अधिनियम के अधीन इसकी सभी या किन्हीं शक्तियों का प्रत्यायोजन कर सकती है।

(2) उप-धारा (1) के अधीन प्रत्यायोजित किसी शक्ति का प्रयोग ऐसे निर्बन्धन, सीमाओं या शर्तों, यदि कोई हों, के अध्यधीन होगा, जो सरकार द्वारा अधिकथित की जाएं और इसके नियन्त्रण और पुनरीक्षण के अध्यधीन भी होगा।

अधिकारिता का वर्जन।

20. शुल्क या शास्ति के भुगतान के लिए व्यक्ति का दायित्व इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों में उपबन्धित से अन्यथा किसी रीति में अवधारित नहीं किया जाएगा या किसी अन्य प्राधिकारी द्वारा प्रश्नगत नहीं किया जाएगा।

सद्‌भावपूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण।

21. इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन सद्‌भावपूर्वक किए गए या किए जाने के लिए तात्पर्यित किसी कार्य के लिए सरकार या इसके किन्हीं अधिकारियों या सेवकों के विरूद्ध कोई अभियोजन, वाद या अन्य कार्यवाहियां नहीं लाई जाएंगी।

नियम बनाने की शक्ति।

22. (1) सरकार सामान्यतया इस अधिनियम के उपबन्धों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकती है।

(2) विशिष्टतया तथा पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, नियमों में निम्नलिखित सभी या किन्हीं मामलों के लिए उपबन्ध किया जा सकता है, अर्थात्‌ :-

(क) स्टाम्पों या स्टाम्पित टिकटों की सप्लाई और उपयोग, यदि मनोरंजन शुल्क के उद्‌ग्रहण के संबंध में या स्टाम्पित की जाने वाली टिकटों को स्टाम्पिंग के लिए भेजने हेतु और स्टाम्पों, जब उपयोग की जाएं, का विरूपण सुनिश्चित करने हेतु अपेक्षित हो ;

(ख) एक व्यक्ति से अधिक के प्रवेश को ध्यान में रखते हुए टिकटों का उपयोग और मनोरंजन के किसी स्थान के एक भाग से दूसरे भाग में अन्तरण पर शुल्क के भुगतान के लिए उस पर शुल्क की संगणना ;

(ग) यान्त्रिक युक्ति (इसमें किसी भिन्न राशि के भुगतानों के लिए उन्हीं यान्त्रिक युक्तियों का उपयोग का निवारण भी शामिल है) के उपयोग का नियन्त्रण करने तथा यान्त्रिक युक्तियों के द्वारा प्रवेश के उचित रिकार्ड सुनिश्चित करने ;

267 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 14, 2019 (KRTK. 23, 1941 SAKA)

(घ) प्रवेश की जांच करने, मालिकों द्वारा लेखों को बनाए रखने और विवरणियां प्रस्तुत करने, जिनके संबंध में मनोरंजन शुल्क इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार भुगतानयोग्य है ;

(ङ) विकृत या खराब स्टाम्पों का नवीकरण करने और प्रतिदाय के लिए आवेदनों पर

अपनाई जाने वाली प्रक्रिया ;

(च) इस अधिनियम के अधीन उपयोग की गई सभी स्टाम्पों के लेखों को बनाए रखने ; (छ) मनोरंजन में प्रवेश को प्राधिकृत करने वाली टिकट, पास या टोकन का प्ररूप ;

(ज) मनोरंजन शुल्क के भुगतान से छूट देने के लिए या उसके प्रतिदाय के लिए

आवेदनों का प्रस्तुतिकरण और निपटान ;

(झ) वर्दीधारी सैन्य क्रामिकों को मनोरंजन शुल्क से छूट देने ;

(ञ) मनोरंजन शुल्क का संग्रहण करने तथा उस निमित्त सरकार के अधिकारियों द्वारा

प्रयोग की जाने वाली शक्तियां ;

(ट) अपीलों, आवेदनों तथा उससे आनुषंगिक सभी अन्य मामलों की सुनवाई तथा

निपटान के लिए प्रक्रिया अधिकथित करने।

(3) इस अधिनियम के अधीन बनाए गए सभी नियमों को उनके प्रकाशन के बाद राज्य विधान मण्डल के सदन के सम्मुख इसके आगामी सत्र के दौरान रखवाया जाएगा और इसके द्वारा पुष्ट, संशोधित या निरस्त किए जा सकते हैं।

......

मीनाक्षी आई० मेहता, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

57478—L.R.—H.G.P., Chd.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 14 November 2019. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2019-11-14.Extra-Ordinary_Leg-No-31-2019/. Archive identifier in.gazette.haryana.2019-11-14.Extra-Ordinary_Leg-No-31-2019.