Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 28–2020/Ext.] चण्डीगढ़, सोमवार, दिनांक 24 फरवरी, 2020
(5 फाल्गुन, 1941 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
15—16 हरियाणा गोवंष संरक्षण तथा गोसंवर्धन (संषोधन) अधिनियम, 2019 (2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 36)।
(केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष
कुछ नहीं।
भाग III प्रत्यायोजित विधान
1. अधिसूचना संख्या का०आ० 14/ह०अ० 11/1994/धारा 209/2020, दिनांक 24 फरवरी, 2020 33—34 -हरियाणा पंचायती राज (संचार टावर विनियमन) संषोधन नियम, 2020.
(प्राधिकृत अंग्रेजी अनुवाद सहित)
भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं।
(xii)15 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 24, 2020 (PHGN. 5, 1941 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 24 फरवरी, 2020
संख्या लैज. 38/2019.- दि हरियाणा गोवंश संरक्षण ऐण्ड गोसंवर्धन (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2019, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 13 फरवरी, 2020 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2019 का हरियाणा अधिनियम संख्या 36
हरियाणा गोवंश संरक्षण तथा गोसंवर्धन (संशोधन) अधिनियम, 2019 हरियाणा गोवंश संरक्षण तथा गोसंवर्धन अधिनियम, 2015, को आगे संशोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के सत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा गोवंश संरक्षण तथा गोसंवर्धन (संशोधन) अधिनियम, 2019, कहा जा सकता है। 2. हरियाणा गोवंश संरक्षण तथा गोसंवर्धन अधिनियम, 2015 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 में,-
(i) खण्ड (क) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
2015 का हरियाणा अधिनियम 20 की धारा 2 का संषोधन। '(क) ''गोमांस'' से अभिप्राय है, किसी भी रूप में गाय का मांस और इसमें मुहरबन्द
डिब्बा में रखा गया गोमांस भी शामिल है ;';
(ii) खण्ड (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
'(ग) ''गाय'' से अभिप्राय है, गाय तथा इसकी संतान (किसी तरह लाभकर या अलाभकर हो) और इसमें शामिल हैं सांड, बैल, वृृषभ, बछिया या बछड़ा चाहे निःशक्त, बीमार अथवा बांझ हो ;';
(iii) खण्ड (ङ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :- '(ङ) ''विभाग'' से अभिप्राय है, पशुपालन तथा डेयरिंग विभाग, हरियाणा;';
(iv) खण्ड (ढ) में,-
(क) अन्त में, विद्यमान चिह्न ''।'' के स्थान पर, '';'' चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा ;
तथा
(ख) खण्ड (ढ) के बाद, निम्नलिखित खण्ड जोड़ा जाएगा, अर्थात्् :-
'(ण) ''वाहन'' से अभिप्राय है, विशेष रूप से भूमि पर जनसाधारण, पशुधन या माल के परिवहन के लिए प्रयुक्त कोई वाहन, जैसे दो पहिया, कार, ट्रैक्टर, ट्राली, लॉरी, कोई कैरियर या ठेला।'।
3. मूल अधिनियम की धारा 16 की उपधारा (1) में,-
(i) खण्ड (क) में, ''गऊओं'' शब्द के स्थान पर, ''गाय या गोमांस'' शब्द प्रतिस्थापित किए
जाएंगे;
2015 का हरियाणा अधिनियम 20 की धारा 16 का संषोधन। (ii) खण्ड (ख) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
''(ख) ऐसी गाय या गोमांस का, जिसके संबंध में उसे शंका है कि इस अधिनियम के किसी उपबन्ध का उल्लंघन किया गया है, किया जा रहा है अथवा किया जाने वाला है, ऐसे वाहन सहित जिसमें ऐसी गाय या गोमांस पाया जाता है, अभिग्रहण कर सकता है, और उसके बाद इस प्रकार अभिग्रहण की गई गाय या गोमांस को न्यायालय में पेश करने को सुनिश्चित करने के लिए तथा ऐसी पेशी के समय सुरक्षित अभिरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा सकता है;'';
16 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 24, 2020 (PHGN. 5, 1941 SAKA)(iii) खण्ड (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
''(ग) गाय के वध के लिए प्रयोग किए जाने वाले या प्रयोग किए जाने के लिए आशयित किन्हीं परिसरों में प्रवेश कर सकता है और छानबीन कर सकता है तथा गाय या गोमांस अभिग्रहण कर सकता है और गाय का वध करने तथा गाय या गोमांस का निर्यात करने से सम्बन्धित क्रियाकलापों के संबंध में प्रयोग किए जाने वाले या प्रयोग किए जाने के लिए आशयित उपकरणों तथा दस्तावेजों सहित मौके से साक्ष्य संग्रहण कर सकता है।''। 4. मूल अधिनियम की धारा 17 में,-
(i) उप-धारा (1) में, ''जब्त'' शब्द के स्थान पर, ''अभिग्रहण'' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा; (ii) उप-धारा (2) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात् :-
2015 का हरियाणा अधिनियम 20 की धारा 17 का संषोधन।
''(2) जहां इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध को करने के सम्बन्ध में उप-धारा (1) में निर्दिष्ट कोई वाहन अभिगृहीत किया जाता है, तो उसके सम्बन्ध में रिपोर्ट, इसे अभिग्रहण करने वाले व्यक्ति द्वारा अनुचित देरी किए बिना सक्षम प्राधिकारी को की जाएगी और चाहे ऐसे अपराध को करने के लिए अभियोजन संस्थित किया गया है अथवा नहीं, क्षेत्र, जहां उक्त वाहन अभिगृहीत किया गया था, की अधिकारिता रखने वाला सक्षम प्राधिकारी, यदि सन्तुष्ट हो जाता है कि इस अधिनियम के अधीन अपराध करने के लिए उक्त वाहन प्रयोग किया गया था, तो वह उक्त वाहन को जब्त करने के आदेश कर सकता है :
परन्तु उक्त वाहन को जब्त करने का आदेश करने से पूर्व, उक्त वाहन के स्वामी को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर प्रदान किया जाएगा।''।
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बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
8698—L.R.—H.G.P., Pkl.