हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 8 जून, 2020 संख्या लैज. 15/2020.- दि हरियाणा शेडयूल्ड कास्ट (रिजर्वेशन इन एडमिशन इन गवर्नमेन्ट एजुकेशनल इन्स्टिट्यूशनज) ऐक्ट, 2020, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक प्रथम जून, 2020 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 14
हरियाणा अनुसूचित जाति (सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले में आरक्षण) अधिनियम, 2020
हरियाणा राज्य में वंचित अनुसूचित जातियों के लिए विशेष अध्युपयाओं सहित
अनुसूचित जातियों से सम्बन्धित व्यक्तियों को सरकारी शैक्षणिक
संस्थाओं में दाखिले में आरक्षण के लिए तथा इससे संबंधित अथवा इससे आनुषंगिक मामलों के लिए
उपबन्ध करने हेतु अधिनियम भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा अनुसूचित जाति (सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले में आरक्षण) अधिनियम, 2020, कहा जा सकता है।
परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) ''अनुलग्नक'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम से संलग्न अनुलग्नक;
(ख) ''सक्षम प्राधिकारी'' से अभिप्राय है, धारा 5 के अधीन नियुक्त कोई अधिकारी; (ग) ''वंचित अनुसूचित जातियों'' से अभिप्राय है, अनुलग्नक में यथा विनिर्दिष्ट ऐसी अनुसूचित
जातियां;
(घ) ''सरकारी शैक्षणिक संस्था'' से अभिप्राय है, सरकार द्वारा स्थापित तथा अनुरक्षित या राज्य निधि से सहायता प्राप्त करने वाली तथा स्नातकोत्तर डिग्री सहित डिग्री देने के लिए शिक्षा प्रदान करने वाली कोई उच्चतर शैक्षणिक संस्था तथा इसमें सरकारी सहायताप्राप्त तकनीकी तथा व्यवसायिक संस्थाएं भी शामिल होंगी;
(ङ) ''सरकार'' से अभिप्राय है, प्रशासकीय विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार; (च) ''विहित'' से अभिप्राय है, नियमों द्वारा विहित;
(छ) ''अनुसूचित जातियों'' से अभिप्राय है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 के अधीन
अधिसूचित अनुसूचित जातियां।
आरक्षण। 3. (1) सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिला करते समय बीस प्रतिशत सीटें अनुसूचित जातियों के सदस्यों के लिए आरक्षित की जाएंगी।
(2) किसी सरकारी शैक्षणिक संस्था में दाखिले के लिए अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित बीस प्रतिशत सीटों का पचास प्रतिशत अनुलग्नक में यथा वर्णित वंचित अनुसूचित जातियों से संबंधित उम्मीदवारों को दिया जाएगा।
सीटों का अगले वर्ष हेतु अग्रेषित न किया जाना। 4. जहां सरकारी शैक्षणिक संस्थाओं में दाखिले के लिए वंचित अनुसूचित जातियों को दी गई कोई सीट, अपेक्षित योग्यताएं रखने वाले वंचित अनुसूचित जातियों के उम्मीदवारों की अनुपलब्धता के कारण किसी शैक्षणिक वर्ष में भरी नहीं जाती है, तो वह अनुसूचित जातियों के उम्मीदवार को उपलब्ध करवायी जाएगी।
5. (1) सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के उपबन्धों को कार्यान्वित करने के प्रयोजनों के लिए सक्षम प्राधिकारी के रूप में किसी अधिकारी को नियुक्त कर सकती है।
प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु सक्षम प्राधिकारी।104 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) (2) धारा 3 के प्रयोजन के लिए सक्षम प्राधिकारी ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में अनुसूचित जाति का नाम विनिर्दिष्ट करते हुए जाति पहचान प्रमाण-पत्र जारी करेगा।
(3) सक्षम प्राधिकारी, इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए ऐसी शक्तियों का प्रयोग तथा ऐसे कृत्यों का पालन करेगा, जो विहित किए जाएं।
(4) सक्षम प्राधिकारी भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का केन्द्रीय अधिनियम 45) की धारा 21 के अर्थ के भीतर लोक सेवक के रूप में समझा जाएगा।
पहचान प्रमाण-पत्र।
6. वंचित अनुसूचित जातियों से संबंधित कोई व्यक्ति, धारा 3 के प्रयोजनों के लिए, धारा 5 की उप-धारा (2) के अधीन सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी अपनी जाति के नाम वाले जाति पहचान प्रमाण-पत्र द्वारा अपनी उम्मीदवारी समर्थित करेगा।
सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण।
7. इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम या किए गए किसी आदेश के अधीन कोई बात, जो सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित है, के लिए सरकार के सक्षम प्राधिकारी, अधिकारियों के विरूद्ध कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाहियां नहीं हो सकेंगी । कठिनाइयां दूर करने की शक्ति।
8. यदि इस अधिनियम के उपबन्धों को प्रभावी रूप देने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार, राजपत्र में प्रकाशित, आदेश द्वारा, इस अधिनियम के उपबन्धों से अन्असंगत ऐसे उपबन्ध कर सकती है, जो कठिनाई दूर करने के लिए आवश्यक प्रतीत हों :
परन्तु ऐसा कोई भी आदेश इस धारा के अधीन इस अधिनियम के प्रारम्भ से तीन वर्ष की समाप्ति के बाद नहीं किया जाएगा।
नियम बनाने की शक्ति।
9. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकती है।
(2) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, इसके बनाए जाने के बाद, यथा सम्भव शीघ्र, राज्य विधानमण्डल के समक्ष रखा जाएगा।
अनुलग्नक का पुनरीक्षण।
10. सरकार ऐसे मानदण्ड, जो विहित किए जाएं, के आधार पर तथा इस अधिनियम के लागू होने से दस वर्ष की समाप्ति पर तथा तत्पश्चात् पांच वर्ष की प्रत्येक उत्तरवर्ती अवधि पर, अनुलग्नक में शामिल अनुसूचित जातियों का पुनरीक्षण कर सकती है।HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) 105 अनुलग्नक
(देखिए धारा 3)
वंचित अनुसूचित जातियों की सूची
1 अद धर्मी 2 बाल्मीकि 3 बंगाली 4 बरार, बुरार बेरार 5 बटवाल, बरवाला 6 बोरिया, बावरिया 7 बाजीगर 8 बंजारा 9 चनल 10 दागी 11 दरेन 12 देहा, धाया, धेइया 13 धानक 14 धोगरी, धांगरी, सिग्गी 15 डुमना, महाशा, डूम 16 गगरा 17 ग्ांधीला, गंदील गंदोला 18 कबीरपंथी, जुलाहा 19 खटीक 20 कोरी, कोली 21 मरीजा, मरेचा 22 मजहबी, मजहबी सिक्ख 23 मेघ, मेघवाल 24 नट, बदी 25 ओड 26 पासी 27 पेरना 28 फरेरा 29 संहाई 30 संहाल 31 सांसी, भेदकुट, मनेश 32 संसोई 33 सपेला, सपेरा 34 सरेरा 35 सिक्लीगर, बरीया 36 सिरकीबंद
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बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
8798—L.R.—H.G.P., Pkl.