Servants of Knowledge
Haryana Gazette · Government of Haryana

THE HARYANA AGRICULTURAL PRODUCE MARKETS (AMENDMENT) ACT, 2020 (HARYANA ACT NO.5 OF 2020).

Published 08 June 2020

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
78-2020/Ext
Notification no.
Leg. No.5/2020
Identifier
in.gazette.haryana.2020-06-08.Extra-Ordinary_Leg-No-5-2020
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗
HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) 107

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 08 जून, 2020 संख्या लैज.5/2020.- दि हरियाणा ऐग्रिकॅल्‌चॅरल प्रॉड्‌यूस माक्‌इटस (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2020, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 26 मई, 2020 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 5

हरियाणा कृषि उपज मण्डी (संशोधन) अधिनियम, 2020 हरियाणा कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1961,

को आगे संशोधित करने के लिए

अधिनियम

भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः-

1. यह अधिनियम हरियाणा कृषि उपज मण्डी (संशोधन) अधिनियम, 2020, कहा जा सकता है । संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा कृषि उपज मण्डी अधिनियम, 1961 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 2 में,-

(i) खण्ड (क) से पूर्व, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ः-

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 2 का संशोधन। (i-क) ''तदर्थ क्रेता'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के अधीन पंजीकृत कोई क्रेता ;';

(़ii) खण्ड (क) में, ''वन उपज'' शब्दों के बाद, '',पशुधन, मत्स्य क्षेत्र'' चिह्‌न तथा शब्द जोड़े

जाएंगे ;

(़iii) खण्ड (कक) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :-

(कक) ''जांच प्रयोगशाला" से अभिप्राय है, कृषि उपज की गुणवत्ता के परीक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा यथा विहित ऐसे मापदण्डों पर स्थापित कोई प्रयोगशाला ;'';

(़iv) खण्ड (छक) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्‌ :-

'(छक) ''ई-व्यापार'' से अभिप्राय है, कृषि उपज का व्यापार जिसमें पंजीकरण, नीलामी, बिलिंग, बुकिंग, संविदा, निविदा, सूचना आदान-प्रदान, अभिलेखन तथा अन्य संबंधित क्रियाकलाप जो कम्पयूटर नैटवर्क/ इंटरनेट पर इलेक्ट्रानिक रूप से किए जाते हैं ;';

(छख) ''ई-व्यापार प्लेटफार्म'' से अभिप्राय है, इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से या संचार के किसी अन्य साधन, जिसमें पंजीकरण, क्रय तथा विक्रय बिलिंग, बुकिंग, संविदा, नीलामी, निविदा, इत्यादि कम्पयूटर नैटवर्क/ इंटरनेट या किसी अन्य इलेक्ट्रानिक यन्त्र, जहां भौतिक संव्यवहार होता है, के माध्यम से ऑन-लाईन की जाती है, के द्वारा कृषि उत्पाद के विक्रय या क्रय के संचालन के लिए या तो राज्य सरकार या इसके अभिकरणों या इस अधिनियम के अधीन किसी व्यक्ति द्वारा स्थापित इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म ;';

(़v) खण्ड (ण) की विद्यमान व्याख्या के स्थान पर, निम्नलिखित व्याख्या प्रतिस्थापित की

जाएगी, अर्थात्‌ :- 'व्याख्या.- ''उत्पादक'' शब्द में किराएदार, कृषक, तत्समय लागू किसी विधि के अधीन,

किसी भी नाम से ज्ञात, कृषकों का संगम शामिल होगा ;';

(़vi) खण्ड (दग) का लोप कर दिया जाएगा; (़vii) खण्ड (न) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखे जाएंगे, अर्थात्‌ :-

'(प) ''उपयोक्ता प्रभार'' से अभिप्राय है, बोर्ड या समिति या इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य संस्था द्वारा अवसंरचना के उपयोग हेतु या दी गई सेवाओं के लिए उद्‌गृहीत प्रभार ; तथा

(फ) ''मूल्य परिवर्धन'' में शामिल है, साफ-सफाई, प्रसंस्करण, मानकीकरण, ग्रेडिंग,

पैकिंग और अन्य ऐसे क्रियाकलाप, जो कृषि उत्पाद का मूल्य बढ़ाते हैं।''।108 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) 3. मूल अधिनियम की धारा 3 में,-

(i) ''उप-धारा (1) के खण्ड (क) में, ''निदेशक'' शब्द के बाद, ''/बोर्ड का सचिव'' चिह्‌न तथा शब्द जोड़े जाएंगे ;

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 3 का संशोधन ।

(ii) उपधारा (10) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

''(10) राज्य सरकार या इस निमित्त इस द्वारा प्राधिकृत कोई अन्य अधिकारी, उपायुक्त, उपमण्डल अधिकारी (नागरिक), बोर्ड का अध्यक्ष, मुख्य प्रशासक या सचिव या बोर्ड द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत बोर्ड का कोई अन्य अधिकारी इस अधिनियम के अधीन सभी अनुज्ञप्तिधारियों सहित समिति या गोदाम-रक्षक या अन्य कृत्यकारियों से कृषि उपज के संबंध में कोई जानकारी या विवरण मांग सकता है और उस प्रयोजन के लिए उसे किसी समिति के अभिलेखों तथा लेखों के तथा किसी गोदाम-रक्षक या अन्य कृत्यकारियों के भण्डार तथा लेखों के निरीक्षण करने की शक्ति होगी।''।

4. मूल अधिनियम की धारा 7 के स्थान पर, निम्नलिखित धाराएं प्रतिस्थापित की जाएंगी, अर्थात्‌ :-

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 में धारा 7 का प्रतिस्थापन।

''7. मण्डी प्रांगणों की घोषणा.- (1) प्रत्येक अधिसूचित मण्डी क्षेत्र के लिए एक मुख्य मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उप-मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उपभोक्ता मण्डी, एक या अधिक विशेष वस्तु मण्डी, एक या अधिक ई-व्यापार प्लेटफार्म, एक या अधिक टर्मिनल मण्डी, एक या अधिक मौसमी मण्डी प्रांगण, एक या अधिक विशेष मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उत्पादक तथा उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उत्पादक मण्डी प्रांगण तथा एक या अधिक प्राइवेट मण्डी प्रांगण होंगे, जो भी आवश्यक हों।

(2) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, किसी अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में किसी घेरे, निर्माण या परिक्षेत्र को उस क्षेत्र के लिए मुख्य मण्डी प्रांगण तथा अन्य घेरों, निर्माणों या परिक्षेत्रों को उस क्षेत्र के लिए एक या अधिक उप-मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उपभोक्ता मण्डी, एक या अधिक विशेष वस्तु मण्डी, एक या अधिक ई-व्यापार प्लेटफार्म, एक या अधिक टर्मिनल मण्डी, एक या अधिक मौसमी मण्डी प्रांगण, एक या अधिक विशेष मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उत्पादक तथा उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, एक या अधिक उत्पादक मण्डी प्रांगण तथा एक या अधिक प्राइवेट मण्डी प्रांगण के रूप में घोषित कर सकती है। (3) राज्य सरकार उप-धारा (2) के अधीन स्थापित किसी मण्डी को, ऐसे कारणों, जो विहित किए जाएं, पर विचार करने के बाद राष्ट्रीय या अन्तरराष्ट्रीय महत्व की मण्डी के रूप में घोषित कर सकती है।

7क. मौसमी मण्डी प्रांगण की स्थापना.- (1) बोर्ड का मुख्य प्रशासक, विशेष फसल या फसलों के लिए, अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में किसी घेरे या निर्माण या परिक्षेत्र को मौसमी मण्डी प्रांगण के रूप में अधिसूचित कर सकता है जो मुख्यतः उस विशेष फसल या फसलों, जैसी भी स्थिति हो, की पैदावार के मौसम में सम्बद्ध मण्डी समिति द्वारा स्थापित, अनुरक्षित तथा संचालित की जाएगी।

(2) अधिसूचित मण्डी प्रांगण में सम्बद्ध मण्डी समिति का उसमें कोई मण्डी स्थापित करना और कृषि उपज के विपणन हेतु और कृषि उपज के क्रय, विक्रय, भण्डारण, तोल और प्रसंस्करण के सम्बन्ध में आने वाले व्यक्तियों के लिए ऐसी सुविधाएं उपलब्ध करवाना, जैसी बोर्ड के मुख्य प्रशासक द्वारा समय-समय पर निर्देशित की जाएं।

7ख. विशेष मण्डी प्रांगण की स्थापना.- (1) धारा 7 के अधीन किसी विशेष मण्डी प्रांगण को अधिसूचित करने के क्रम में, राज्य सरकार अन्य वस्तुओं के अतिरिक्त ऐसे पहलुओं जैसे आवर्त, सेवारत क्षेत्र और उसमें विपणन की जाने वाली विशिष्ट वस्तुओं की विशेष अवसंरचना अपेक्षाओं जो विहित की जाएं, पर भी विचार कर सकती है।

(2) ऐसे विशेष मण्डी प्रांगण या तो प्रत्यक्ष रूप से बोर्ड द्वारा या सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से या सहकारी या निगमित निकाय या विशेष प्रयोजन वाहन या व्यक्तियों, जो समय-समय पर अधिसूचित किए जाएं, के माध्यम से संचालित किए जा सकते हैं और सम्बद्ध मण्डी समिति के नियन्त्रणाधीन नहीं होंगे।

7ग. अवसंरचना का विकास.- (1) बोर्ड की अनुमति से बोर्ड या कोई मण्डी समिति अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में कृषि उपज के विपणन को सुकर बनाने के लिए सामान्यतः अपने आप अवसंरचना का सृजन तथा विकास करेगी।

(2) बोर्ड की अनुमति से बोर्ड या कोई मण्डी समिति या मण्डी समितियों का कोई समूह, सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में शीतागारों, पूर्व शीतलन सुविधाओं, पैक हाऊसों सहित किसी मण्डी प्रांगण के लिए या मूल्य परिवर्धन जैसे साफ-सफाई मानकीकरण, ग्रेडिंग और कृषि उपज के अवशेषों के निपटान के लिए अवसंरचना का सृजन, उन्नयन, प्रबन्धन तथा रख-रखाव कर सकता है।''।HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) 109 1961 का हरियाणा अधिनियम 23 में धारा 8ग का प्रतिस्थापन। 5. मूल अधिनियम की धारा 8ग के स्थान पर, निम्नलिखित धाराएं प्रतिस्थापित की जाएंगी, अर्थात्‌ :- ''8ग. ई-व्यापार प्लेटफार्म की स्थापना.- (1) कोई व्यक्ति जो धारा 7 के अधीन किसी अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में किसी प्राइवेट मण्डी प्रांगण की स्थापना करने का इच्छुक है, तो वह अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए अपेक्षित फीस सहित राज्य सरकार या इसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी को आवेदन करेगा और ऐसा प्राधिकारी ऐसी अवधि के लिए, ऐसे प्ररूप में, ऐसे निर्बन्धनों और शर्तों, जो विहित की जाएं, पर अनुज्ञप्ति प्रदान करेगा। (2) इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों के अध्यधीन, राज्य सरकार या इस निमित्त इसके द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी ऐसे निबन्धनों तथा शर्तों को पूरा करने पर और ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में राज्य में अधिसूचित कृषि उपज के विपणन के लिए ई-व्यापार प्लेटफार्म स्थापित करने हेतु किसी व्यक्ति को अनुमति प्रदान कर सकता है : परन्तु ई-व्यापार प्लेटफार्म का स्वामी या सेवा प्रदान करने वाला ई-व्यापार प्लेटफार्म में न तो कृषि उपज के विक्रय के लिए अथवा न ही क्रय के लिए अनुमत होगा। (3) उप-धारा (1) तथा (2) में यथा उपबंधित के सिवाय, राज्य सरकार या इसके अभिकरण अधिसूचित कृषि उपज में पशुधन सहित, ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में राज्य में व्यापार के लिए ई-व्यापार प्लेटफार्म की स्थापना कर सकते हैं और चला सकते हैं। 8घ. प्राईवेट मण्डी प्रांगण की स्थापना.- (1) ऐसे निबन्धनों तथा शर्तों के अध्यधीन तथा ऐसी फीस, जो विहित की जाए, राज्य सरकार या इस निमित्त इसके द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी, किसी व्यक्ति को ऐसी अवधि के लिए किसी या सभी अधिसूचित कृषि उपज के व्यापार के लिए कोई प्राइवेट मण्डी प्रांगण स्थापित करने के लिए अनुज्ञप्ति प्रदान कर सकता है। (2) उप-धारा (1) में निर्दिष्ट प्राइवेट मण्डी प्रांगण का स्वामी उस द्वारा इस प्रकार विकसित और संचालित प्राइवेट मण्डी प्रांगण में कृषि उपज विक्रय या क्रय के लिए न तो स्वयं को अनुमत करेगा और न ही उसकी ओर से ऐसा करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति, जैसी भी स्थिति हो, को अनुमत होगी। (3) इस अधिनियम में अन्यथा यथा उपबन्धित के सिवाय, उप-धारा (1) में निर्दिष्ट प्राइवेट मण्डी प्रांगण का स्वामी या इसकी प्रबन्धन समिति किसी भी नाम से ज्ञात हो, राज्य सरकार या इस निमित्त या इसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी के सम्पूर्ण पर्यवेक्षणाधीन मण्डी समिति के ऐसे कृत्यों तथा ऐसे कर्तव्यों का पालन करेगी, जो विहित किए जाएं। (4) प्राइवेट मण्डी प्रांगण अनुज्ञप्तिधारी अनुज्ञप्त प्राईवेट मण्डी प्रांगण में संचालन के लिए कमीशन एजेंट या अन्य मण्डी कृत्यकारियों को पंजीकृत कर सकता है। (5) प्राइवेट प्रांगणों से संबंधित कोई विवाद राज्य सरकार या इस निमित्त इसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी को निर्दिष्ट किया जाएगा और उसका विनिश्चय अंतिम होगा। 8ङ. प्रत्यक्ष विपणन.- इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों के अध्यधीन, राज्य सरकार मुख्य मण्डी प्रांगण या उप मण्डी प्रांगण के बाहर या भीतर या अधिसूचित मण्डी प्रांगण विनिर्दिष्ट किसी स्थान पर उत्पादकों से सीधे रूप से यथा अधिसूचित कृषि उपज ऐसे निबन्धनों तथा शर्तों को पूरा करने पर और ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में ऐसे फलों और सब्जियों के क्रय के लिए किसी व्यक्ति को अनुमति प्रदान कर सकती है। 8च. उत्पादक-उपभोक्ता मण्डी प्रांगण की स्थापना.- (1) कोई उत्पादक और उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, इस अधिनियम और नियमों के अधीन बनाए गए उपबन्धों के अनुसार ऐसे निबन्धनों तथा शर्तों को पूरा करने पर और ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में खुदरा विक्रय के लिए किसी अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में किसी व्यक्ति या उत्पादकों या मण्डी समिति के किसी समूह, जैसी भी स्थिति हो, द्वारा उपयुक्त अवसंरचना सहित स्थापित किया जा सकता है। (2) मण्डी समिति और बोर्ड से भिन्न कोई व्यक्ति, जो धारा 7 के अधीन किसी अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में प्राइवेट उत्पादक और उपभोक्ता मण्डी प्रांगण स्थापित करना चाहता है, तो वह अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए अपेक्षित फीस सहित राज्य सरकार या इस निमित्त इसके द्वारा किसी प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन करेगा तथा ऐसा प्राधिकारी ऐसी अवधि के लिए, ऐसे प्ररूप में, ऐसे निर्बन्धनों और शर्तों, जो विहित की जाए, पर अनुज्ञप्ति प्रदान करेगा। 8छ. उत्पादक मण्डी प्रांगण (किसान मण्डी) की स्थापना.- (1) उत्पादक मण्डी प्रांगण (किसान मण्डी) अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में मुख्य मण्डी प्रांगण या उप-मण्डी प्रांगण के बाहर स्थापित कर सकता है। ऐसा मण्डी प्रांगण इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबन्धों के अध्यधीन थोक विक्रेताओं या संस्थागत क्रेता या कोई अन्य क्रेता, जो विहित किए जाएं, को बिक्री के लिए किसी अधिसूचित मण्डी क्षेत्र उत्पादकों के किसी समूह द्वारा उपयुक्त अवसंरचना सहित स्थापित कर सकता है110 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) (2) मण्डी समिति और बोर्ड से भिन्न कोई व्यक्ति, जो धारा 7 के अधीन किसी अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में कोई प्राइवेट उत्पादक मण्डी प्रांगण (किसान मण्डी) स्थापित करना चाहता है, तो वह अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए अपेक्षित फीस सहित राज्य सरकार या इस निमित्त इसके द्वारा किसी प्राधिकृत अधिकारी को आवेदन करेगा तथा ऐसा प्राधिकारी ऐसी अवधि के लिए, ऐसे प्ररूप में, ऐसे निर्बन्धनों और शर्तों, जो विहित की जाए, पर अनुज्ञप्ति प्रदान करेगा। 8ज. भांडागार/भूमिगत कक्ष/शीतागार या मण्डी उप प्रांगण के रूप में ऐसी अन्य संरचना या स्थल की घोषणा करना.- (1) इस अधिनियम में यथा उपबन्धित के सिवाय, राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आधारित विनश्वर कृषि उपज के विक्रय तथा क्रय और सरकारी अभिकरणों द्वारा क्रय किए गए कृषि उत्पाद हेतु मण्डी उप प्रांगण के रूप में कार्य करने के लिए भांडागार/ भूमिगत कक्ष/ शीतागार या ऐसी अवसंरचना और सुविधाओं सहित, जो विहित की जाएं, अन्य ऐसी संरचना या स्थल घोषित कर सकती है। व्याख्या.- इस उपधारा के अधीन 'स्थल' शब्द में पैक हाऊस/ साफ-सफाई ग्रेडिंग यूनिट इत्यादि सहित कोई संरचना, घेरा, खुला स्थान, परिक्षेत्र, गली शामिल होगी, किन्तु इसमें ऐसे भांडागार/ भूमिगत कक्ष/ शीतागार इत्यादि की सुविधा रखने वाली कोई प्रसंस्करण यूनिट/ कारखाना शामिल नहीं होगा।

(2) ऐसे भांडागार/ शीतागार, या अन्य ऐसी संरचना या स्थल, जैसी भी स्थिति हो, का स्वामी उपधारा (1) के अधीन ऐसे स्थल की घोषणा उप प्रांगण के रूप में करने का इच्छुक है, तो राज्य सरकार या इस द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी को ऐसी फीस सहित ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति में तथा ऐसी अवधि, जो तीन वर्ष से कम नहीं हो, के लिए आवेदन करेगा, जो विहित की जाएं। (3) ऐसे भांडागार/भूमिगत कक्ष/शीतागार या अन्य ऐसी संरचना या स्थान का अनुज्ञप्तिधारी, मण्डी समिति की ओर से राज्य सरकार द्वारा यथा अधिसूचित दर पर घोषित मंडी उप-प्रांगण पर संव्यवहारित अधिसूचित कृषि उपज पर फीस संगृहीत करेगा और ऐसे अनुज्ञप्तिधारी उसे बोर्ड द्वारा अनुरक्षित ''मंडी विकास निधि'' में जमा करवाया जाएगा। (4) भांडागार (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2007 (2007 का केन्द्रीय अधिनियम 37) के उपबन्धों के अधीन भाण्डागार विकास और विनियामक प्राधिकरण से पंजीकृत किसी भाण्डागार/ भूमिगत कक्ष/ शीतागार को इस धारा के प्रयोजन के लिए मण्डी उप-प्रांगण समझा जाएगा और ऐसे भाण्डागार/ भूमिगत कक्ष/ शीतागार का संचालक इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए अनुज्ञप्तिधारी समझा जाएगा।''।

6. मूल अधिनियम की धारा 9 में, ''मुख्य प्रषासक'' शब्दों से पूर्व '' इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबन्धों में विषेष रूप से अन्यथा यथा उपबंधित के सिवाय'' शब्द रखे जाएंगे । श्श्

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 9 का संषोधन ।

7. मूल अधिनियम की धारा 9 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 9क का रखा जाना ।

''9क. तदर्थ क्रेता का पंजीकरण.- धारा 8 के अधीन प्रदान की गई वैद्य अनुज्ञप्ति के बिना अपने उपभोग के लिए दिन-प्रतिदिन के आधार पर, अधिूसूचित मण्डी क्षेत्र में किसी स्थान से थोक क्रय का इच्छुक कोई व्यक्ति, संबंधित मण्डी समिति में ऐसे प्ररूप में तथा ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, पंजीकृत करवा सकता हैः परन्तु- (क) ऐसा क्रेता पंजीकरण करवाते समय या उसके बाद ऐसी खरीद से पहले स्थान तथा खरीद का दिन विनिर्दिष्ट करेगा;

(ख) ऐसा क्रेता दर, जो विहित की जाए पर फीस का भुगतान करने के लिए दायी होगाः परन्तु यह और कि ऐसी थोक खरीददारी एक मास में तीन बार से अधिक सम्पूर्ण हरियाणा राज्य में की जाएगी ।''।

8. मूल अधिनियम की धारा 23 में,-

(i) विद्यमान धारा को उपधारा (1) के रूप में संख्यांकित किया जाएगा; (ii) इस प्रकार पुनः संख्यांकित, उपधारा (1) के बाद, निम्नलिखित उपधारा जोड़ी जाएगी, 1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 23 का संषोधन ।

अर्थात्‌ :- ''(2) ऐसे अपेक्षित दस्तावेज, जो विहित किए जाएं, के प्रस्तुतीकरण के अध्यधीन, हरियाणा राज्य के भीतर उसी या किसी अन्य अधिसूचित मण्डी क्षेत्र में खरीदी गई या बेची गई किसी कृषि उपज जिसके संबंध में ऐसी फीस का भुगतान पहले ही कर दिया गया है पर कोई भी फीस उद्‌गृहीत नहीं की जाएगी ।HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) 111 (3) राज्य, पूर्णतः या भागतः किन्तु एक से अधिक अधिसूचित मण्डी क्षेत्र के लिए

धारा 10 के अधीन अनुज्ञप्ति प्राप्त करने वाला कोई अनुज्ञप्तिधारी विभिन्न अधिसूचित मण्डी क्षेत्रों में किए गए संव्यवहारों को ध्यान में रखे बिना संव्यवहार के सात दिन के भीतर बोर्ड को फीस और अतिरिक्त फीस, यदि कोई हो, जमा करवा सकता है ।

(4) विषेष मण्डी प्रांगण, प्राईवेट मण्डी प्रांगण, उत्पादक तथा उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, प्राईवेट ई-व्यापार प्लेटफार्म और उत्पादक मण्डी प्रांगण (किसान मण्डी) में मण्डी फीस के बदले में उपयोक्ता प्रभार उद्‌गृहीत किए जाएंगे, तथापि उत्पादक विक्रेता उपयोक्ता प्रभारों से छूट प्राप्त होगाः

परन्तु राज्य सरकार, लोकहित में, समय-समय पर, अधिसूचना द्वारा

उपयोक्ता प्रभारों के संग्रहण की दर पर अधिकतम सीमा लगा सकती है। (5) विषेष मण्डी प्रांगण, प्राईवेट मण्डी प्रांगण, उत्पादक तथा उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, ई-व्यापार प्लेटफार्म तथा उत्पादक मण्डी प्रांगण (किसान मण्डी) का स्वामी/ प्रबन्धक, जैसी भी स्थिति हो, विपणण विकास निधि में राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर, उद्‌गृहीत किसी अतिरिक्त फीस का संग्रहण करने तथा जमा करवाने के लिए उत्तरदायी होगा ।''।

9. मूल अधिनियम की धारा 26 में,-

(क) खण्ड (xvii) में, अन्त में विद्यमान ''ः'' चिह्‌न के स्थान पर, '';'' चिह्‌न प्रतिस्थापित किया

जाएगा;

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 26 का संषोधन । (ख) खण्ड (xvii) के बाद, निम्नलिखित खण्ड जोड़े जाएंगे, अर्थात्‌ः-

''(xviii) विनियामक प्रणाली की स्थापना तथा ई-व्यापार प्लेटफार्म, ई-विपणण, प्रत्यक्ष विपणण, ई-व्यापार उत्पादक तथा उपभोक्ता विपणण तथा उत्पादक विपणण के लिए अवसरंचना सृजित करना ;

(xix) कृषि उपज की ग्रेडिंग, मानकीकरण पैकेजिंग के लिए अवसरंचना उपलब्ध

करवाना;

(xx) अधिसूचित मण्डी क्षेत्र के मण्डी प्रांगण और मूल्य परिवर्धन जैसे साफ सफाई, पकवन, मानकीकरण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और कृषि उत्पाद के अवषेषों के निपटान के लिए अपने आप या सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से कोई अवसंरचना का सृजन करना और बढ़ावा देना ;

(xxi) सम्पर्क सड़कों तथा मण्डी प्रांगण के लिए रास्तों का निर्माण, मरम्मत तथा

रख-रखाव ।''। (ग) विद्यमान परन्तुक का लोप कर दिया जाएगा ।

10. मूल अधिनियम की धारा 27 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 में धारा 27 क का रखा जाना । ''27क बोर्ड को अंषदान.- विषेष मण्डी प्रांगण, प्राईवेट मण्डी प्रांगण, उत्पादक तथा उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, प्राईवेट ई-व्यापार प्लेटफार्म तथा उत्पादक मण्डी प्रांगण (किसान मण्डी) अनुज्ञप्तिधारी/संचालक विपणण विकास निधि में विहित दर पर उपयोक्ता प्रभारों के किसी भाग का अंषदान करेंगे ।''।

11. मूल अधिनियम की धारा 28 में,-

(i) खण्ड (xvii) में, अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्‌न के स्थान पर, '';'' चिह्‌न प्रतिस्थापित किया

जाएगा; तथा

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 28 का संषोधन । (ii) खण्ड (xvii) के बाद, निम्नलिखित खण्ड जोड़े जाएंगे, अर्थात्‌ः-

"(xviii) ई-व्यापार प्लेटफार्म, ई-विपणण, प्रत्यक्ष विपणण, ई-व्यापार उत्पादक तथा उपभोक्ता विपणण तथा उत्पादक विपणण के लिए विनियामक प्रणाली स्थापित करना और अवसंरचना सृजित करना;

(xix) कृषि उपज की साफ सफाई, ग्रेडिंग, मानकीकरण तथा पैकेजिंग के लिए

अवसंरचना उपलब्ध करवाना;

(xx) अधिसूचित मण्डी क्षेत्र के मण्डी प्रांगण और मूल्य परिवर्धन जैसे साफ सफाई, पकवन, मानकीकरण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और कृषि उत्पाद के अवषेषों के निपटान के लिए अपने आप या सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से कोई अवसंरचना का सृजन करना और बढ़ावा देना ।''।112 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JUNE 8, 2020 (JYST. 18, 1942 SAKA) 12. मूल अधिनियम की धारा 43 की उप-धारा (2) में,-

(i) खण्ड (xxxiv) में, अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्‌न के स्थान पर, '';'' चिह्‌न प्रतिस्थापित किया जाएगा; तथा

1961 का हरियाणा अधिनियम 23 की धारा 43 का संषोधन ।

(ii) खण्ड (xxxiv) के बाद, निम्नलिखित खण्ड जोड़े जाएंगे, अर्थात्‌ः-

"(xxxv) चल तथा अचल सम्पति को अर्जित करना, धारण करना, विक्रय करना, पट्‌टे पर

देना या अन्यथा अंतरण करना;

(xxxvi) किसी विषिष्ट मण्डी प्रांगण की मण्डी अवसरंचना, विनियामक, मैकेनिज्म तथा

विषिष्ट प्रबंधन के सृजन से संबंधित सभी अन्य क्रियाकलापों के लिए;

(xxxvii) किसी अन्य मामले के लिए जो इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए

नियमों के अधीन प्रयोजनों तथा उद्‌देष्यों को पूरा करने के लिए अपेक्षित है;

(xxxviii) विषेष मण्डी पं्रागण, प्राईवेट मण्डी प्रांगण, ई-व्यापार प्लेटफार्म, प्रत्यक्ष विपणन, उत्पादक तथा उपभोक्ता मण्डी प्रांगण, उत्पादक मण्डी प्रांगण (किसान मण्डी) को अनुज्ञप्ति प्रदान करने के लिए तथा विनियामक प्रणाली की स्थापना, अवसंरचना का सृजन, मण्डी फीस अथवा अतिरिक्त फीस, यदि कोई हा,े को बांटना तथा वसूल किए गए उपभोक्ता प्रभार तथा उससे संबंधित कोई अन्य क्रियाकलाप ।

(xxxix) कृषि उपज के बेहतर विपणन हेतु विनियामक प्रणाली स्थापित करने तथा अवसंरचना सृजित करने हेतु संबंधित अन्य क्रियाकलापों के लिए; (xl) ई-किसान मण्डी, ई-विपणण तथा ई-व्यापार के लिए विनियामक प्रणाली की

स्थापना तथा अवसंरचना के सृजन के लिए;

(xli) मण्डी विस्तार तथा प्रषिक्षण सैल हेतु स्थापना, कार्यप्रणाली तथा निधि के लिए

रीति हेतु ;

(xlii) कृषि उपज विपणण के लिए स्थापित किए जाने वाले ग्रेड तथा मानकों तथा

प्रमाणन, स्थापना, वित्तों तथा कार्यप्रणाली हेतु;

(xliii) विकास के लिए क्षेत्रों हेतु तथा सार्वजनिक निजी भागीदारी के लिए प्रक्रिया;

तथा

(xliv) ग्रामीण सम्पर्क सड़कों तथा रास्तों के निर्माण, मरम्मत, अनुरक्षण के लिए

पॉलिसी निर्धारित करने हेतु ।''।

...............

बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

8798—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 08 June 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2020-06-08.Extra-Ordinary_Leg-No-5-2020/. Archive identifier in.gazette.haryana.2020-06-08.Extra-Ordinary_Leg-No-5-2020.