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Haryana Gazette · Government of Haryana

THE FACTORIES (HARYANA AMENDMENT) ACT, 2018 (HARYANA ACT NO.16 OF 2020).

Published 24 August 2020

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
119-2020/Ext
Notification no.
Leg. No.17/2019
Identifier
in.gazette.haryana.2020-08-24.Extra-Ordinary_Leg-No-17-2019
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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EXTRAORDINARY

Published by Authority

© Govt. of Haryana

No. 119–2020/Ext.] चण्डीगढ़, सोमवार, दिनांक 24 अगस्त, 2020

(2 भाद्र, 1942 शक)

विधायी परिषिष्ट

क्रमांक विषय वस्तु

पृृष्ठ भाग I अधिनियम

कारखाना (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2018 (2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 16) 147—149 (केवल हिन्दी में)

भाग II अध्यादेष

1. हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अध्यादेष, 2020 (2020 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 4)। 25 2. हरियाणा अग्निषमन सेवा (संषोधन) अध्यादेष, 2020 (2020 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 5)। 27 3. हरियाणा नगरपालिका (संषोधन) अध्यादेष, 2020 (2020 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 6)। 29 (केवल हिन्दी में)

भाग III प्रत्यायोजित विधान

कुछ नहीं।

भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन

कुछ नहीं।

(l)147 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 24, 2020 (BHDR. 2, 1942 SAKA) भाग–I हरियाणा सरकार विधि तथा विधायी विभाग अधिसूचना दिनांक 24 अगस्त, 2020

संख्या लैज. 17/2020.- दि फैक्टरीज (हरियाणा vesUMesUV½ ऐक्ट, 2018, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 17 अगस्त, 2020 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 16

कारखाना (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2018 कारखाना अधिनियम, 1948, हरियाणा राज्यार्थ, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित हो :- 1. यह अधिनियम कारखाना (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2018, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम । 2. कारखाना अधिनियम, 1948 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 2 के खण्ड (ड) में,-

1948 का केन्द्रीय अधिनियम 63 की धारा 2 का संषोधन । (i) उप-खण्ड (i) में, ''दस'' शब्द के स्थान पर, ''बीस'' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा; तथा (ii) उप-खण्ड (ii) में, ''बीस'' शब्द के स्थान पर, ''चालीस'' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा।

3. मूल अधिनियम की धारा 65 की उप-धारा (3) के खण्ड (iv) में, ''पचहत्तर'' शब्द के स्थान पर, ''एक सौ पन्द्रह'' शब्द प्रतिस्थापित किये जाएंगे ।

1948 का केन्द्रीय अधिनियम 63 की धारा 65 का संषोधन । 1948 का केन्द्रीय अधिनियम 63 की धारा 66 का संषोधन । 4. मूल अधिनियम की धारा 66 की उप-धारा (1) के खण्ड (ख) में, विद्यमान परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ः- ''परन्तु राज्य सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, कोई कारखाना जो ऐसे पर्याप्त बचाव तथा सुरक्षा उपायों या रक्षापायों, जो विहित किए जाए,ं को उपलब्ध करवाता है, ऐसी छूट के लिए आवेदन करता है, के संबंध में सांय 7ः00 बजे से प्रातः 6ः00 बजे के बीच के घण्टों के लिए कारखानों में महिलाओं को कार्य करने के लिए अनुमत कर सकती है ।''। 5. मूल अधिनियम की धारा 85 की उप-धारा (1) के खण्ड (i) में, ''दस'' तथा ''बीस'' शब्दों के स्थान पर, क्रमषः ''बीस'' तथा ''चालीस'' शब्द प्रतिस्थापित किये जाएंगे ।

6. मूल अधिनियम की धारा 105 की उप-धारा (1) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ः-

''(1) कोई भी न्यायालय, मुख्य निरीक्षक की लिखित में पूर्व स्वीकृति से निरीक्षक द्वारा षिकायत

1948 का केन्द्रीय अधिनियम 63 की धारा 85 का संषोधन । 1948 का केन्द्रीय अधिनियम 63 की धारा 105 का संषोधन । के सिवाय इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगा।''।

7. मूल अधिनियम की धारा 106 क के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जायेगी, अर्थात्‌ः-

1948 का केन्द्रीय अधिनियम 63 में धारा 106 ख का रखा जाना । ''106 ख अपराधों का प्रषमन-(1) चतुर्थ अनुसूची में विनिर्दिष्ट अपराध, यदि प्रथम बार किए गए हों, ऐसे अधिकारी द्वारा तथा ऐसी राषि के लिए, जो राज्य सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित किया जाए/की जाए, अभियोजन के संस्थित करने से पूर्व प्रषमित किए जा सकते हैं। जुर्माने की राषि धारा 92 के अधीन विहित जुर्माने से अधिक नहीं होगी । (2) जहां उप-धारा (1) के अधीन किसी अपराध का प्रषमन किया गया है, ऐसे अपराध के संबंध में अधिष्ठाता के विरुद्ध आगे कोई भी कार्यवाही नहीं की जायेगी ।''।

148 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 24, 2020 (BHDR. 2, 1942 SAKA)

"चतुर्थ अनुसूची

(देखिए धारा 106 ख)

प्रशमनीय अपराधों की सूची

क्रम संख्या धारा तथा इसके अधीन बनाए नियम तथा इसके अधीन जारी किए गए आदेष अपराध का स्वरूप
1 2 3
1. धारा 11 - स्वच्छता उपबन्धो के अनुसार स्वच्छता न बनाए रखना । ं
2. धारा 18 - पेयजल उपबन्धो के अनुसार पेयजल के लिए व्यवस्थाओं को ं उपलब्ध तथा रखरखाव न करवाना ।
3. धारा 19 - षौचालय तथा मूत्रालय उपबन्धो के अनुसार शौचालय तथा मूत्रालय के लिए ं स्थान उपलब्ध न करवाना ।
4. धारा 20 - थूकदान (क) उपबन्धों के अनुसार थूकदान उपलब्ध नहीं करवाना। (ख) धारा 20 की उप-धारा (3) की उल्लंघना करते हुए थूकना ।
5. धारा 42 - धुलाई की सुविधाएं उपबन्धो के अनुसार धुलाई की सुविधाओं को उपलब्ध ं तथा रख-रखाव न करवाना ।
6. धारा 43 - कपड़ों के भण्डारण तथा सुखाने की सुविधाएं उपबन्धों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध न करवाना ।
7. धारा 44 - बैठने के लिए सुविधाएं उपबन्धों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध न करवाना ।
8. धारा 45 की उप-धारा (1), (2) और (3) - प्राथमिक उपचार उपकरण उपबन्धों के अनुसार प्राथमिक उपचार उपकरणों को उपलब्ध तथा रखरखाव न करवाना ।
9. धारा 46 - कैंटीन उपबन्धो के अनुसार कैंटीन को उपलब्ध तथा रखरखाव न ं करवाना ।
10. धारा 47 - आश्रय, विश्राम कक्ष तथा आहार कक्ष उपबन्धों के अनुसार आश्रय, विश्राम कक्ष तथा आहार कक्ष को उपलब्ध तथा रखरखाव न करवाना ।
11. धारा 48 - षिषुकक्ष उपबन्धो के अनुसार षिषुकक्ष को उपलब्ध तथा रखरखाव ं न करवाना ।
12. धारा 53 की उप-धारा (2) - प्रतिपूर्ति अवकाष प्रतिपूर्ति अवकाष के लिए नोटिस प्रदर्षित न करना और रजिस्टर का रखरखाव न करना ।
13. धारा 59 की उप-धारा (5) - अधिकाल के लिए अतिरिक्त मजदूरी विहित रजिस्टरों का रखरखाव न करना ।
14. धारा 60 - दोहरे रोजगार पर प्रतिबंध किसी भी दिन कर्मकार से दोहरे रोजगार के लिए अपेक्षा करना या अनुमत करना ।
15. धारा 61 - व्यस्कों के लिए कार्य अवधियों की सूचना उपबन्धों की अनुपालना न करना ।
16. धारा 62 - व्यस्क कर्मकारों का रजिस्टर उपबन्धो के अनुसार रजिस्टर न रखना । ं
17. धारा 63 - धारा 61 के अधीन नोटिस के अनुरूप कार्य घण्टे उपबन्धों की अनुपालना न करना ।
18. धारा 79 - मजदूरी सहित वार्षिक अवकाष उपबन्धो की अनुपालना न करना । ं
19. धारा 80 - अवकाष अवधि के दौरान मजदूरी उपबन्धों की अनुपालना न करना ।
20. धारा 81 - कतिपय मामलों में अग्रिम भुगतान उपबन्धों की अनुपालना न करना ।
21. धारा 83 - नियम बनाने की शक्ति नियमों के अनुसार रजिस्टर न रखना तथा उपबन्धो की ं अनुपालना न करना ।
22. धारा 84 - कारखानो को छूट देने की शक्ति ं छूट आदेष में विनिर्दिष्ट शर्तों की अनुपालना न करना ।
23. धारा 93 - कतिपय परिस्थितियों में परिसर के स्वामी का दायित्व उप-धारा (1) तथा उप-धारा (3) के खण्ड (i) और (vi) में दिए गए उपबंधों की अनुपालना न करना।
24. धारा 97 - कर्मकारों द्वारा अपराध उपबन्धों की अनुपालना न करना ।
25. धारा 108 - नोटिसो का प्रदर्षन ं उपबन्धों की अनुपालना न करना ।
26. धारा 110 - विवरणियां उपबन्धो की अनुपालना न करना । ं
27. धारा 111क - कर्मकारो के अधिकार इत्यादि ं कर्मकारों के अधिकारो का प्रत्याख्यान ं
28. धारा 114 - सुविधाओं तथा सहुलियतों के लिए कोई भी प्रभार न होना कोई सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कर्मकारों से प्रभार की मांग करना ।''।
149 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 24, 2020 (BHDR. 2, 1942 SAKA)

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बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

8875—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 24 August 2020. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2020-08-24.Extra-Ordinary_Leg-No-17-2019/. Archive identifier in.gazette.haryana.2020-08-24.Extra-Ordinary_Leg-No-17-2019.