भाग-II
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 25 अगस्त, 2020
संख्या लैज. 26/2020.- दि इन्डस्ट्रीअल डिसप्यूटस (हरियाणा अमेन्डमेन्ट) ऑर्डिनन्स, 2020, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 24 अगस्त, 2020 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (ग) के अधीन उक्त अध्यादेश का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2020 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 10
औद्योगिक विवाद (हरियाणा संषोधन) अध्यादेश, 2020 औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947, हरियाणा राज्यार्थ, को आगे संषोधित करने के लिए अध्यादेश
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।
चूंकि, हरियाणा राज्य विधानमण्डल का सत्र नहीं हो रहा है तथा राज्यपाल की संतुष्टि हो गई है
कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं, जिनके कारण तुंरत कार्यवाही करना उनके लिए आवश्यक हो गया है;
इसलिए, अब, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग
करते हुए, हरियाणा के राज्यपाल, इसके द्वारा, निम्नलिखित अध्यादेश प्रख्यापित करते हैं :-
1. यह अध्यादेश औद्योगिक विवाद (हरियाणा संषोधन) अध्यादेश, 2020, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947, की धारा 36ख के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएंगी, अर्थात्् :-
1947 के केन्द्रीय अधिनियम 14 में धारा 36ग का रखा जाना। "36ग. नए उद्योगों को छूट प्रदान करने की शक्ति.- जहाँ राज्य सरकार की किसी नए औद्योगिक स्थापन या नए उपक्रम या नए औद्योगिक स्थापनों या नए उपक्रमों के वर्ग के संबंध में संतुष्टि हो जाती है कि ऐसा करना लोकहित में आवश्यक है, तो यह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे नए औद्योगिक स्थापन या नए उपक्रम या नए स्थापनों या नए उपक्रमों के वर्ग, जैसी भी स्थिति हो, के स्थापन की तिथि से ऐसे किसी नए स्थापन या नए उपक्रम या नए स्थापनों या नए उपक्रमों के वर्ग को इस अधिनियम के सभी या किन्हीं उपबन्धों से सशर्त या शर्त के बिना एक हजार दिन की अवधि के लिए छूट प्रदान कर सकती है।
व्याख्या.- इस धारा के प्रयोजनों हेतु, "नए औद्योगिक स्थापन या नए उपक्रम या नए औद्योगिक स्थापनों या नए उपक्रमों के वर्ग" अभिव्यक्ति से अभिप्राय है, ऐसे औद्योगिक स्थापन या उपक्रम या औद्योगिक स्थापनों या उपक्रमों के वर्ग, जो इस अध्यादेश के प्रारम्भ से एक हजार दिन की अवधि के भीतर स्थापित किए गए हैं।"।
चण्डीगढ़ दिनांक : 24 अगस्त, 2020
राज्यपाल, हरियाणा।
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बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।