हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 26 नवम्बर, 2020
संख्या लैज. 29/2020.- दि हरियाणा म्युनिसिपल कारपोरेशन (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2020 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 5 नवम्बर, 2020 की स्वी—ति के अधीन एतद््द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 19
हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अधिनियम, 2020
हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. यह अधिनियम हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अधिनियम, 2020, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम।
| क्रम संख्या | सुविधा का स्वरूप | क्षेत्र | विक्रय की अनन्तिम दर |
| 1. | धार्मिक स्थल- पूजा स्थल, (मंदिर, ग ुरूद्वारा, मस्जिद, चर्च, इत्यादि) के प्रयोजन के लिए तथा सामुदायिक धर्मषालाओं, ज ंजघर, बारातघर या सामुदायिक केन्द्रों, इत्यादि के लिए नगर निगम की भूमि। | 3000 वर्ग मीटर तक | (i) 2000 वर्ग मीटर तक, कलक्टर दी, क्षेत्र के विकास की आनुपातिक लागत और उसके अन्य आनुषंगिक प्रभारों का 50 प्रतिषत। (ii) 2001-3000 वर्ग मीटर के लिए, कलक्टर दर, क्षेत्र के विकास प्रभारों की आनुपातिक लागत और उसके अन्य आनुषंगिक प्रभारों का 100 प्रतिषत। |
| 2. | नन्दीषाला, गोषाला या आवारा पषु प्रांगण। | 5 एकड़ तक | कलक्टर दर, क्षेत्र के विकास प्रभारों की आनुपातिक लागत और उसके अन्य आनुषंगिक प्रभारों का 50 प्रतिषत : |
परन्तु सम्पत्ति, ऐसे प्राधिकारी, जो सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाये, के पूर्व अनुमोदन के अध्यधीन विक्रय, पट्टे या अन्यथा के माध्यम से अन्तरित की जाएगी।''।
4. मूल की धारा 421 की उप-धारा (2) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा जोड़ी जाएगी तथा 4 अक्तूबर, 2018 से जोड़ी गई समझी जाएगी, अर्थात्् :-
1994 के हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 421 का संषोधन।
''(3) हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2018 में दी गई किसी बात के होते हुए भी, हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2018 के लागू होने से पूर्व नगर निगम के महापौर के रूप में निर्वाचित व्यक्ति की नियुक्ति, हटाया जाना या निलम्बन या ऐसे व्यक्ति द्वारा रिक्त किए गए किसी पद/पदवी का भरा जाना, हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के संबंधित उपबन्ध, जो हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2018 के लागू होने से ठीक पूर्व विद्यमान थे, द्वारा षासित किया जाता रहेगा।
हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2018 के लागू होने से पूर्व नगर निगम के महापौर के रूप में निर्वाचित किसी भी व्यक्ति के विरूद्ध किए गए सभी कार्य/संस्थित कार्यवाहियां या जो संस्थित की जा सकती हैं या संस्थित की जाएंगी, हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के संबंधित उपबन्ध, जो हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2018 के लागू होने से ठीक पूर्व विद्यमान थे, द्वारा षासित की जाती रहेंगी।''।
निरसन तथा व्यावृृत्ति।
5. (1) हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अध्यादेष, 2020 (2020 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 4) तथा हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संषोधन) अध्यादेष, 2020 (2020 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 7), इसके द्वारा, निरसित किए जाते हैं।