हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 26 नवम्बर, 2020
संख्या लैज. 35/2020.- दि हरियाणा गुडज़ एवं सर्विसज़ टैक्स (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2020 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 5 नवम्बर, 2020 की स्वी—ति के अधीन एतद््द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 25
हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2020
हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के कतिपय उपबन्धों को संशोधित करने तथा कतिपय मामलों में राज्य कर से, या का उद््ग्रहण या संग्रहण करने से भूतलक्षी छूट प्रदान करने तथा उससे संबंधित या आनुषंगिक मामलों के लिए उपबंध करने हेतु अधिनियम
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2020, कहा जा सकता है।
(2) इस अधिनियम की धारा 3 से 10 तथा 15 के उपबन्ध, ऐसी तिथि से लागू होंगे, जो सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे।
2. हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 के खण्ड (114) के उप-खण्ड (ग) तथा (घ) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-खण्ड प्रतिस्थापित किए जाएंगे तथा 30 जून, 2020 से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 2 का संशोधन। ''(ग) दादरा तथा नागर हवेली और दमन तथा दीव ;
(घ) लद्दाख ;"।
3. मूल अधिनियम की धारा 10 की उप-धारा (2) के खण्ड (ख), (ग) तथा (घ) में, "माल" शब्द के बाद, "या सेवाओं" शब्द रखे जाएंगे।
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 10 का संशोधन। 4. मूल अधिनियम की धारा 16 की उप-धारा (4) में, "संबंधित बीजक" शब्दों का लोप कर दिया जाएगा।
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 16 का संशोधन। 5. मूल अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (1) के खण्ड (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात््् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 29 का संशोधन। ''(ग) कोई कराधेय व्यक्ति धारा 22 या धारा 24 के अधीन रजिस्ट्री—त किए जाने के लिए इससे अधिक दायी नहीं है या धारा 25 की उप-धारा (3) के अधीन स्वेच्छा से रजिस्ट्रीकरण से बाहर निकलने का आषय रखता है ;''।
6. मूल अधिनियम की धारा 30 की उप-धारा (1) के परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्् :-
''परन्तु दर्षाए जाने वाले पर्याप्त कारण से, तथा कारणों को अभिलिखित करते हुए, ऐसी
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 30 का संशोधन। अवधि,-
(क) अपर आयुक्त या संयुक्त आयुक्त, जैसी भी स्थिति हो, द्वारा तीस दिन से अनधिक अवधि
के लिए ;
198 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 26, 2020 (AGHN. 5, 1942 SAKA)(ख) आयुक्त द्वारा, खण्ड (क) में विनिर्दिष्टि अवधि के अतिरिक्त और तीस दिन से अनधिक अवधि के लिए, बढ़ाई जा सकती है।"।
7. मूल अधिनियम की धारा 31 की उप-धारा (2) के परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तु प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्् :- ''परन्तु सरकार, परिषद्् की सिफारिषों पर, अधिसूचना द्वारा,-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 31 का संशोधन ।
(क) सेवाओं या प्रदायों के प्रवर्गों को विनिर्दिष्ट कर सकती है, जिनके संबंध में कर बीजक, ऐसे समय के भीतर तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में जारी किया जाएगा ; (ख) इसमें वर्णित शर्त के अध्यधीन, सेवाओं के प्रवर्गों को विनिर्दिष्ट कर सकती है, जिनके संबंध में,- (i) प्रदाय के संबंध में जारी किसी अन्य दस्तावेज को कर बीजक के रूप में समझा
जाएगा ; या
(ii) कर बीजक जारी नहीं किया जा सकता।''।
8. मूल अधिनियम की धारा 51 में,-
(क) उप-धारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 51 का संशोधन।
''(3) स्रोत पर कर कटौती का प्रमाण-पत्र, ऐसे प्ररूप में तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में जारी किया जाएगा।'';
(ख) उपधारा (4) का लोप कर दिया जाएगा।
9. मूल अधिनियम की धारा 122 की उप-धारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 122 का संशोधन।
''(1क) कोई भी व्यक्ति, जिसने उपधारा (1) के खण्ड (i), (ii), (vii) या खण्ड (ix) के अधीन आने वाले संव्यवहार का लाभ बनाए रखा है और जिसके अनुरोध पर ऐसा संव्यवहार किया है, तो अपवंचित कर या प्राप्त किए गए या हस्तान्तरित किए गए इनपुट कर प्रत्यय के बराबर राषि की षास्ति के लिए दायी होगा।"।
10. मूल अधिनियम की धारा 132 की उप-धारा (1) में,-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 132 का संशोधन।
(i) प्रथम पंक्ति में, "जो कोई भी निम्नलिखित में से किसी अपराध को कारित करता है" शब्दों के स्थान पर, "जो कोई भी निम्नलिखित में से किसी अपराध को कारित करता है, या कारित करवाता है तथा उससे होने वाले लाभों को बनाए रखता है" शब्द तथा चिह््न प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
(ii) खण्ड (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्् :-
''(ग) खण्ड (ख) में निर्दिष्ट बीजक या बिल का प्रयोग करते हुए इनपुट कर प्रत्यय प्राप्त करता है या कपट से किसी बीजक या बिल के बिना इनपुट कर प्रत्यय प्राप्त करता है ;'';
(iii) उप खण्ड (ड.) में, ", कपट से इनपुट कर प्रत्यय प्राप्त करना " चिह््न तथा शब्दों का लोप कर दिया जाएगा।
11. मूल अधिनियम की धारा 140 में,-
(क) उप-धारा (1) में, "ऐसी रीति में" शब्दों से पूर्व, "ऐसे समय के भीतर तथा" शब्द रखे जाएंगे ;
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 140 का संशोधन।
(ख) उप-धारा (2) में, "ऐसी विहित रीति में" षब्दों के स्थान पर "ऐसे समय के भीतर तथा ऐसी रीति में" षब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;
(ग) उप-धारा (3) में, "हकदार होगा" शब्दों से पूर्व, "ऐसे समय के भीतर तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में" शब्द तथा चिह््न रखे जाएंगे ;
(घ) उप-धारा (5) में, "विधमान विधि" शब्दों से पूर्व, "ऐसे समय के भीतर तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में" शब्द तथा चिह््न रखे जाएंगे ;
(ड.) उपधारा (6) में, "नियत दिन" शब्दों से पूर्व, "ऐसे समय के भीतर तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में" शब्द तथा चिह्््न रखे जाएंगे,
तथा प्रथम जुलाई, 2017 से रखे या प्रतिस्थापित, जैसी भी स्थिति हो, किए गए समझे जाएंगे।HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 26, 2020 (AGHN. 5, 1942 SAKA) 199 12. मूल अधिनियम की धारा 168 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी तथा 31 मार्च, 2020 से रखी गई समझी जाएगी, अर्थात् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 168क का रखा जाना। ''168क. विशेष परिस्थितियों में समयावधि में वृद्धि के लिए सरकार की शक्ति.- (1) इस अधिनियम में दी गई किसी बात के होते हुए भी, सरकार, परिषद् की सिफारिशों पर, अधिसूचना द्वारा, ऐसी कार्यवाहियों, जिन्हें अनिवार्य बाध्यता के कारण पूर्ण नहीं किया जा सकता या जिनकी अनुपालना नहीं की जा सकती, के सम्बन्ध में इस अधिनियम में विनिर्दिष्ट, अथवा के अधीन विहित या अधिसूचित समयावधि में वृद्धि कर सकती है।
(2) उप-धारा (1) के अधीन अधिसूचना जारी करने की शक्ति में, इस अधिनियम के प्रारम्भ की तिथि से पूर्व की तिथि से ऐसी अधिसूचना को भूतलक्षी प्रभाव देने की शक्ति शामिल नहीं होगी। व्याख्या.- इस धारा के प्रयोजनों हेतु, ''अनिवार्य बाध्यता'' अभिव्यक्ति से अभिप्राय है, युद्ध, महामारी, बाढ़, सूखा, आग, तूफान, भूकम्प या प्रकृति से उत्पन्न कोई अन्य आपदा या इस अधिनियम के किन्हीं उपबन्धों के लागूकरण को अन्यथा से प्रभावित करने वाला कोई मामला।''।
13. मूल अधिनियम की धारा 172 की उपधारा (1) के परन्तुक में, "तीन वर्ष" शब्दों के स्थान पर, "पाँच वर्ष" शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे तथा 30 जून, 2020 से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे।
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 172 का संशोधन। 14. मूल अधिनियम की धारा 174 की उपधारा (2) के खण्ड (च) में,-
(i) अन्त में, विद्यमान चिह्न ''।'' के स्थान पर, ''ः'' चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा ;
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 174 का संशोधन। (ii) निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात् :-
''परन्तु सरकार, राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा, ऐसे उपबन्ध कर सकती है, जो इसे ऐसी कार्यवाहियों, जिन्हें अनिवार्य बाध्यता के कारण पूर्ण नहीं किया जा सकता या जिनकी अनुपालना नहीं की जा सकती, के सम्बन्ध में निरसित अधिनियमों या इसके अधीन बनाए नियमों में विनिर्दिष्ट, या के अधीन विहित या अधिसूचित समयावधि में वृद्धि करने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत हो :
परन्तु यह और कि इस उप-धारा के अधीन अधिसूचना जारी करने की शक्ति में,
ऐसी अधिसूचना को भूतलक्षी प्रभाव देने की शक्ति शामिल होगीं।
व्याख्या.- इस धारा के प्रयोजनों हेतु, ''अनिवार्य बाध्यता'' अभिव्यक्ति से अभिप्राय है, युद्ध, महामारी, बाढ़, सूखा, आग, तूफान, भूकम्प या प्रकृति से उत्पन्न कोई अन्य आपदा या इस अधिनियम के किन्हीं उपबन्धों के लागूकरण को अन्यथा से प्रभावित करने वाला कोई मामला।''।
15. मूल अधिनियम की अनुसूची- II में, पैरा 4 में,-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की अनुसूची II का संशोधन। (i) उप-पैरा (क) में, "चाहे जिसके लिए प्रतिफल है या नहीं," शब्दों तथा चिह््न का लोप कर दिया जाएगा तथा जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से लोप किया गया समझा जाएगा ; (ii) उप-पैरा (ख) में, "चाहे प्रतिफल हेतु या अन्यथा," शब्दों तथा चिह््न का लोप कर दिया
जाएगा तथा जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से लोप किया गया समझा जाएगा।
16. (1) हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 35/एस.टी.-2, दिनांक 30 जून, 2017 में दी गई किसी बात के होते हुए भी,-
(i) मछली चारे (षीर्ष 2301 के अधीन आने वाले) के प्रदाय के संबंध में जुलाई, 2017
कतिपय मामलों में राज्य कर से, या का उद््ग्रहण या संग्रहण करने से भूतलक्षी छूट। के प्रथम दिन से प्रारम्भ होने वाली तथा सितम्बर, 2019 के तीसवें दिन (दोनों दिन षामिल हैं) को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान कोई भी राज्य कर उद््गृृहीत या संगृृहीत नहीं किया जाएगा ;
(ii) घिरनी, पहियों तथा अन्य पुरजों (शीर्ष 8483 के अधीन आने वाले) और —षि
मषीनरी (षीर्ष 8432, 8433 तथा 8436 के अधीन आने वाले) के पुरजों के रूप में प्रयुक्त प्रदाय के संबंध में जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से प्रारम्भ होने वाली तथा दिसम्बर, 2018 के इकतीसवें दिन (दोनों दिन षामिल हैं) को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान राज्य कर छह प्रतिशत की दर से उद््गृृहीत तथा संगृृहीत किया जाएगा।200 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 26, 2020 (AGHN. 5, 1942 SAKA) (2) सभी ऐसे करों का प्रतिदाय नहीं किया जाएगा, जिन्हें संगृृहीत किया गया है, किन्तु जो इस प्रकार संगृृहीत नहीं किए हुए होते, यदि उपधारा (1) सभी तात्विक समयों पर लागू हुई होती। निरसन तथा व्यावृत्ति।
17. (1) हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2020 (2020 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 1) तथा हरियाणा माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2020 (2020 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 3), इसके द्वारा, निरसित किए जाते हैं।
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेशों के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई समझी जाएगी।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग ।
8978—L.R.—H.G.P., Pkl.