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Haryana Gazette · Government of Haryana

The Haryana Municipal Corporation (Second Amendment) Act, 2020 (Haryana Act No.32 of 2020)

Published 19 February 2021

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
26-2021/Ext
Notification no.
Leg. No.42/2020
Identifier
in.gazette.haryana.2021-02-19.Extra-Ordinary_Leg-No-42-2020
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗
31 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 19, 2021 (MAGH. 30, 1942 SAKA)

भाग-I

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 19 फरवरी, 2021

संख्या लैज. 42/2020.- दि हरियाणा म्युनिसिपल कारपोरेशन (सेकण्ड अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2020, निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 10 फरवरी, 2021 की स्वीकृृति के अधीन एतद्‌्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 32

हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2020 हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994, को आगे संशोधित करने के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित होः-

1. यह अधिनियम हरियाणा नगर निगम (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2020, कहा जा सकता है । संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 13 की उप-धारा (1) में,-

(i) विद्यमान परन्तुक में अंत में, विद्यमान ''।'' चिह्‌न के स्थान पर, ''ः'' चिह्‌न प्रतिस्थापित

1994 के हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 13 का संशोधन। किया जाएगा ;

(ii) विद्यमान परन्तुक के बाद, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्‌्‌ :-

''परन्तु यह और कि महापौर का पद रिक्त होने की दशा मेें इस धारा के उपबंध

लागू नहीं होंगे ।''।

3. मूल अधिनियम की धारा 37क के बाद, निम्नलिखित धाराएं रखी जाएंगी, अर्थात्‌्‌ :-

1994 के हरियाणा अधिनियम 16 में धारा 37ख तथा 37ग का रखा जाना। ''37ख. प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित महापौर के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव.-(1) महापौर, जिसे धारा 4 की उप-धारा (2) के अनुसार प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किया गया है, के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लिखित में होगा तथा प्रस्ताव की प्रति सहित निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या का कम से कम आधे सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित होगा, जिसे सम्बद्ध मण्डल आयुक्त को नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले किन्हीं दो सदस्यों द्वारा सौपा जाएगा : परन्तु निर्वाचित सदस्यों की संख्या की गणना के प्रयोजनों के लिए, महापौर को एक निर्वाचित सदस्य के रूप में समझा जाएगा । (2) मण्डल आयुक्त कम से कम चौदह दिन का लिखित में स्पष्ट नोटिस देते हुए, प्रस्ताव पर विचार करने हेतु उस द्वारा नियत की गई तिथि तथा समय पर होने वाली निर्वाचित सदस्यों की बैठक बुलाएगा : परन्तु धारा 4 की उप-धारा (3) के अधीन नामनिर्दिष्ट सदस्य, बैठक में उपस्थित होने या मत देने के लिए हकदार नहीं होंगे। (3) उप-धारा (2) के अधीन ज्यों ही बुलाई गई बैठक आरम्भ होती है, तो मण्डल आयुक्त, विचारण के लिए प्रस्ताव निर्वाचित सदस्यों के लिए पढ़ेगा और इस पर विचार-विमर्श आरम्भ करने की घोषणा करेगा और वह प्रस्ताव की मैरिट पर या उस पर मतदान के लिए बातचीत नहीं करेगा । (4) प्रस्ताव केवल तभी प्रभावी होगा यदि यह निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या के तीन चौथाई के बहुमत द्वारा पारित किया गया है और यदि ऐसा प्रस्ताव पारित किया जाता है, तो महापौर का पद रिक्त हुआ समझा जाएगा। 32 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 19, 2021 (MAGH. 30, 1942 SAKA)

(5) मण्डल आयुक्त द्वारा सरकार को प्रस्ताव की प्रति सहित बैठक के कार्यवृत्तों की प्रति तथा उस पर मतदान का परिणाम तुरंत भेजा जाएगा। सरकार, उसकी प्राप्ति पर, यदि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो इसे राज्य निर्वाचन आयोग को महापौर के पद को रद्‌द करने के लिए तथा उसका नए सिरे से निर्वाचन करवाने के लिए भेजेगी । (6). यदि उप-धारा (4) में निर्दिष्ट के अनुसार प्रस्ताव पारित नहीं किया जाता है या यदि बैठक गणपूर्ति के अभाव में नहीं हो सकी, तो उसी महापौर के विरूद्ध अविश्वास का कोई पश्चातवर्ती प्रस्ताव का नोटिस तब तक ग्रहण नहीं किया जायेगा जब तक ऐसे मतदान की तिथि या ऐसी बैठक की तिथि, जैसी भी स्थिति हो, से छह मास की अवधि समाप्त नहीं हो गई हो ।

(7). यदि महापौर के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो वरिष्ठ उप महापौर या उप महापौर, जैसी भी स्थिति हो, महापौर की शक्तियों का प्रयोग तथा कृत्यों का निर्वहन तब तक करेगा जब तक महापौर कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता । 37ग. रिक्ति की दशा में महापौर के कृत्यों का निर्वहन.-(1) यदि महापौर का पद बीमारी, मृत्यु, त्यागपत्र या अन्यथा के कारण रिक्त हो जाता है, तो वरिष्ठ उप महापौर और उसकी अनुपस्थिति में उप महापौर, महापौर के रूप में तब तक कार्य करेगा जब तक महापौर कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता । (2) यदि किसी अत्यावश्यकता के कारण महापौर या वरिष्ठ उप महापौर या उप महापौर उप-धारा (1) में यथा उपबन्धित महापौर की शक्तियों का प्रयोग करने तथा कृत्यों के निर्वहन में असमर्थ हो जाता है, तो मण्डल आयुक्त, महापौर की शक्तियों का प्रयोग तथा कृत्यों का निर्वहन तब तक करेगा जब तक महापौर, वरिष्ठ उप महापौर या उप महापौर, जैसी भी स्थिति हो, कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता।''।

4. मूल अधिनियम की धारा 164 के खण्ड (ग) में,-

1994 के हरियाणा अधिनियम 16 की धारा 164 का संशोधन।

(i) द्वितीय परन्तुक में ''कलक्टर दर'' शब्दों के स्थान पर, ''कलक्टर दर या कोई अन्य रियायती दर, जो सरकार द्वारा अवधारित की जाए'', शब्द तथा चिह्‌्‌न प्रतिस्थापित किए जाएंगे ;

(ii) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्‌्‌न के स्थान पर, '';'' चिह्‌्‌न प्रतिस्थापित किया जाएगा ; (iii) द्वितीय परन्तुक के बाद, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्‌्‌ :-

''परन्तुक यह और कि ऐसी दुकान तथा घर, जो पिछले बीस वर्ष या से अधिक के लिए पट्‌्‌टे या किराये पर या अनुज्ञति फीस या तहबजारी या अन्यथा से रहे हैं, के संबंध में स्वामित्व अधिकार सरकार द्वारा, समय-समय पर, इस निमित्त बनाई गई पालिसी में यथा विनिर्दिष्ट दर जिस पर ऐसे स्वामित्व अधिकार अन्तरित किए जाएंगे, सहित ऐसे निबन्धन तथा शर्तों पर विक्रय के माध्यम से अन्तरित किए जा सकते हैैंै।''।बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग। 9073—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 19 February 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2021-02-19.Extra-Ordinary_Leg-No-42-2020/. Archive identifier in.gazette.haryana.2021-02-19.Extra-Ordinary_Leg-No-42-2020.