भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 19 फरवरी, 2021
संख्या लैज. 43/2020.- दि हरियाणा म्युनिसिपल (सेकण्ड अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2020, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 10 फरवरी, 2021 की स्वीकृृति के अधीन एतद््द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2020 का हरियाणा अधिनियम संख्या 33
हरियाणा नगरपालिका (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2020 हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973, को आगे संशोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा नगरपालिका (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2020, कहा जा सकता है ।
2. हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 15 की उप-धारा (1) में,-
(i) विद्यमान परन्तुक में, अंत में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर, ''ः'' चिह्न प्रतिस्थापित
1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 15 का संशोधन। किया जाएगा ;
(ii) विद्यमान परन्तुक के बाद, निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्् :-
''परन्तु यह और कि अविश्वास प्रस्ताव द्वारा अध्यक्ष का पद रिक्त होने की दशा में
इस धारा के उपबंध लागू नहीं होंगे ।''।
3. मूल अधिनियम की धारा 17 के नीचे आने वाले ''अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष'' शीर्ष के बाद, निम्नलिखित धाराएं रखी जाएंगी, अर्थात्् :-
1973 के हरियाणा अधिनियम 24 में धारा 17 क तथा 17 ख का रखा जाना। ''17क. प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव.-(1) अध्यक्ष, जिसे धारा 9 की उप-धारा (2) के अनुसार प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित किया गया है, के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लिखित में होगा तथा प्रस्ताव की प्रति सहित निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या का कम से कम आधे सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित होगा, जिसे सम्बद्ध उपायुक्त को नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले किन्हीं दो सदस्यों द्वारा साैंपा जाएगा :
परन्तु निर्वाचित सदस्यों की संख्या की गणना के प्रयोजनों के लिए, अध्यक्ष को एक निर्वाचित सदस्य के रूप में समझा जाएगा ।
(2) उपायुक्त या उपायुक्त द्वारा यथा प्राधिकृृत ऐसा अन्य अधिकारी, जो अतिरिक्त सहायक आयुक्त की पदवी से नीचे का न हो, कम से कम चौदह दिन का लिखित में स्पष्ट नोटिस देते हुए, प्रस्ताव पर विचार करने हेतु उस द्वारा नियत की गई तिथि तथा समय पर होने वाली निर्वाचित सदस्यों की बैठक बुलाएगा :
34 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 19, 2021 (MAGH. 30, 1942 SAKA)(4) प्रस्ताव केवल तभी प्रभावी होगा यदि यह निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या के तीन चौथाई के बहुमत द्वारा पारित किया गया है और यदि ऐसा प्रस्ताव परित किया जाता है, तो अध्यक्ष का पद रिक्त हुआ समझा जाएगा।
(5) उपायुक्त द्वारा राज्य सरकार को प्रस्ताव की प्रति सहित बैठक के कार्यवृत्तों की प्रति तथा उस पर मतदान का परिणाम तुरंत भेजा जाएगा। राज्य सरकार, उसकी प्राप्ति पर, यदि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो इसे राज्य निर्वाचन आयोग को अध्यक्ष के पद को रद्द करने के लिए तथा उसका नए सिरे से निर्वाचन करवाने के लिए भेजेगी ।
(6). यदि उप-धारा (4) में निर्दिष्ट के अनुसार प्रस्ताव पारित नहीं किया जाता है या यदि बैठक गणपूर्ति के अभाव में नहीं हो सकी, तो उसी अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास का कोई पश्चात््वर्ती प्रस्ताव का नोटिस तब तक ग्रहण नहीं किया जायेगा, जब तक ऐसे मतदान की तिथि या ऐसी बैठक की तिथि, जैसी भी स्थिति हो, से छह मास की अवधि समाप्त नहीं हो गई हो । (7). यदि अध्यक्ष के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो उपाध्यक्ष, अध्यक्ष की शक्तियों का प्रयोग तथा कृत्यों का निर्वहन तब तक करेगा जब तक अध्यक्ष कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता। ''17ख. रिक्ति की दशा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के कृत्यों का निर्वहन.- (1) यदि अध्यक्ष का पद बीमारी, मृत्यु, त्यागपत्र या अन्यथा के कारण रिक्त हो जाता है, तो उपाध्यक्ष, अध्यक्ष के रूप में तब तक कार्य करेगा जब तक अध्यक्ष कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता । (2) यदि किसी अत्यावश्यकता के कारण अध्यक्ष या उपाध्यक्ष, अध्यक्ष की शक्तियों का प्रयोग करने तथा कृत्यों के निर्वहन में असमर्थ हो जाता है, तो क्षेत्र का उप मण्डल अधिकारी (नागरिक), जिसमें नगरपालिका स्थित है या उपायुक्त द्वारा प्राधिकृृत कोई अन्य अधिकारी, जो किसी अतिरिक्त सहायक आयुक्त की पदवी से नीचे का न हो, तब तक अध्यक्ष की शक्तियों का प्रयोग तथा कृत्यों का निर्वहन करेगा जब तक अध्यक्ष या उपाध्यक्ष कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेता।''।
4. मूल अधिनियम की धारा 21 की उप-धारा (4) का लोप कर दिया जाएगा।
1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 21 का संशोधन।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
9073—L.R.—H.G.P., Pkl.