Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 45–2021/Ext.] चण्डीगढ़, वीरवार, दिनांक 18 मार्च, 2021
(27 फाल्गुन, 1942 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
45—46 पंजाब भू-धृृति सुरक्षा (हरियाणा संशोधन) अधिनियम, 2017 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 2)
(केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष
कुछ नहीं।
भाग III प्रत्यायोजित विधान
अधिसूचना संख्या का०आ० 14/ह०अ० 11/1994/धा० 209/2021 दिनांक 18 मार्च, 2021- 201—206 हरियाणा पंचायती राज निर्वाचन (संशोधन) नियम, 2021 के बारे।
(प्राधिकृत अंग्रेजी अनुवाद सहित)
भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं।
(xxiii)45 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), MAR. 18, 2021 (PHGN. 27, 1942 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 18 मार्च, 2020
संख्या लैज. 2/2021.- दि पंजाब सिक्योरिटी आफ लैन्ड टेन्योर््ज (हरियाणा अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2017 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 9 मार्च, 2021 की स्वी—ति के अधीन एतद््द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (ख) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 2
पंजाब भू-धृति सुरक्षा (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2017 पंजाब भू-धृति सुरक्षा अधिनियम, 1953, हरियाणा राज्यार्थ, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के अड़सठवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
1. यह अधिनियम पंजाब भू-धृति सुरक्षा (हरियाणा संषोधन) अधिनियम, 2017, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. पंजाब भू-धृति सुरक्षा अधिनियम, 1953 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 9 की उप-धारा (1) के खण्ड (vii) में,-
(i) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर, ''; या'' चिह्न तथा शब्द प्रतिस्थापित किया
1953 के पंजाब अधिनियम 10 की धारा 9 का संषोधन। जाएगा ; तथा
(ii) खण्ड (vii) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्ः-
''(viii) भू-स्वामी और अभिधारी द्वारा किए गए पंजीकृत करार द्वारा समर्थित किसी नियत अवधि के लिए अभिधृति रखता है तथा ऐसी अवधि समाप्त हो गई है।''।
3. मूल अधिनियम की धारा 9 के अन्तिम परन्तुक में,-
1953 के पंजाब अधिनियम 10 की धारा 9क का संषोधन। (i) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर, ''ः'' चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा; तथा (ii) अन्तिम परन्तुक के बाद, निम्नलिखित परन्तुक जोड़े जाएंगे, अर्थात्ः-
''परन्तु यह और कि अभिधारी, जिसकी अभिधृति भू-स्वामी और अभिधारी द्वारा किए गए पंजीकृत करार द्वारा समर्थित किसी नियत अवधि के लिए है तथा ऐसी अवधि समाप्त हो गई है, तो इस धारा के लाभ के लिए हकदार नहीं होगाः
परन्तु यह और कि यदि अभिधारी कम्पनी अधिनियम, 2013 (2013 का केन्द्रीय अधिनियम 18) के अधीन कोई पंजीकृत कम्पनी है, तो यह इस धारा के अधीन लाभ का दावा करने के लिए हकदार नहीं होगा।''।
4. मूल अधिनियम की धारा 17 में,-
(i) विद्यमान धारा उप-धारा (1) के रूप में पुनः संख्यांकित की जाएगी; तथा
1953 के पंजाब अधिनियम 10 की धारा 17 का संषोधन। (ii) इस प्रकार पुनः संख्यांकित उप-धारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा जोड़ी जाएगी,
अर्थात्ः-
''(2) उप-धारा (1) के उपबंध वहां लागू नहीं होंगे जहां अभिधृति भू-स्वामी और अभिधारी द्वारा किए गए पंजीकृत करार द्वारा समर्थित किसी नियत अवधि के लिए है तथा ऐसी अवधि समाप्त हो गई है।''।46 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), MAR. 18, 2021 (PHGN. 27, 1942 SAKA) 5. मूल अधिनियम की धारा 18 की उप-धारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
1953 के पंजाब अधिनियम 10 की धारा 18 का संषोधन।
''(1-क) उप-धारा (1) में दी गई किसी बात के होते हुए भी, यदि अभिधारी कम्पनी अधिनियम, 2013 (2013 का केन्द्रीय अधिनियम 18) के अधीन पंजीकृत कोई कम्पनी है, तो यह इस धारा के अधीन भू-स्वामी से भूमि क्रय करने के लिए हकदार नहीं होगा।''।
6. मूल अधिनियम की धारा 18 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
1953 के पंजाब अधिनियम 10 की धारा 18क का रखा जाना।
'18क. धारा 18 के उपबन्धों का अभिधृति को किसी नियत अवधि के लिए लागू न होना.- धारा 18 के उपबन्ध वहां लागू नहीं होंगे जहां अभिधृति भू-स्वामी और अभिधारी द्वारा किए गए पंजीकृत करार द्वारा समर्थित किसी नियत अवधि के लिए है तथा ऐसी अवधि समाप्त हो गई है।''।
बिमलेष तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
9118—L.R.—H.G.P., Pkl.