Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 62-2021/Ext.] चण्डीगढ़, वीरवार, दिनांक 15 अप्रैल, 2021
(25 चैत्र, 1943 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
115 हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2021 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 6)
(केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष
कुछ नहीं
भाग III प्रत्यायोजित विधान
1. अधिसूचना संख्या का०आ० 19/ह०अ० 11/1994/धा० 119 तथा 120/2021 231-232 दिनांक 15 अप्रैल, 2021-हरियाणा राज्य में स्थानों के आरक्षण सहित जिला परिषदों के वार्डों से प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्यों की संख्या, आगामी चुनावों के प्रयोजन के लिए निर्धारित करने बारे।
2. अधिसूचना संख्या का०आ० 20/ह०अ० 11/1994/धा० 58 तथा 59/2021 233-242 दिनांक 15 अप्रैल, 2021-हरियाणा राज्य में स्थानों के आरक्षण सहित पंचायत समितियों के वार्डों से प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित सदस्यों की संख्या, आगामी चुनावों के प्रयोजन के लिए निर्धारित करने बारे।
(प्राधिकृत अंग्रेजी अनुवाद सहित)
भाग IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं 115 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), APR. 15, 2021 (CHTR. 25, 1943 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 15 अप्रैल, 2021
संख्या लैज. 6/2021.- दि हरियाणा डिवेलपमेन्ट ऐन्ड रेगुलेशन आफ अर्बन एरियाज (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2021, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 07 अप्रैल, 2021 की स्वीकृृति के अधीन एतद््द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 6
हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2021 हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2021, कहा जा सकता है।
1975 के हरियाणा अधिनियम 8 की धारा 3 का संशोधन। 2. हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा 3 की उप-धारा (1) में, विद्यमान चतुर्थ परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात््ः- ''परन्तु यह और कि अनुज्ञप्ति के स्थानान्तरण की दशा में, उपनिवेशक भुगतान की तिथि तक प्रोद्भूत ब्याज सहित बकाया नवीनीकरण फीस का भुगतान करेगा। तथापि, स्थानान्तरण के अधीन क्षेत्र के लिए अनुज्ञप्ति फीस, राज्य अवसंरचना विकास प्रभार, संपरिवर्तन प्रभार और बाह््य विकास प्रभार, जिसमें उस पर भुगतान किया गया ब्याज भी शामिल है, प्रथमतः स्थानान्तरण पर प्रदान की जाने वाली अनुज्ञप्ति में और अतिशेष उसी विकासक/उपनिवेशक की किसी अन्य अनुज्ञप्ति में समायोजित किया जा सकता है। आगे, यदि कोई अतिशेष, समायोजन (समायोजनों) के बाद भी रहता है, तो वह समपहृत हो जाएगा;''।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
9149—L.R.—H.G.P., Pkl.