Haryana Government Gazette
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© Govt. of Haryana
No. 105-2021/Ext.] चण्डीगढ़, शुक्रवार, दिनांक 02 जुलाई, 2021
(11 आषाढ़, 1943 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
147-150 हरियाणा उद्यम प्रोन्नति (संषोधन) अधिनियम, 2021 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 14) (केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष
कुछ नहीं
भाग III प्रत्यायोजित विधान
कुछ नहीं
भाग IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं
(l)147 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JULY 2, 2021 (ASAR. 11, 1943 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना दिनांक 2 जुलाई, 2021
संख्या लैज. 14/2021.- दि हरियाणा इन्टरप्राईजिज प्रमोशन (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2021 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 25 जून, 2021 की स्वीकृृति के अधीन एतद््द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 14
हरियाणा उद्यम प्रोन्नति (संशोधन) अधिनियम, 2021 हरियाणा उद्यम प्रोन्नति अधिनियम, 2016, को आगे संशोधित करने के लिए
अधिनियम
भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. यह अधिनियम हरियाणा उद्यम प्रोन्नति (संशोधन) अधिनियम, 2021, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा उद्यम प्रोन्नति अधिनियम, 2016 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 में,-
(i) खण्ड (ख) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्् :-
2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 2 का संषोधन। '(खक) "कारबार इकाई" से अभिप्राय है, विनिर्माण, प्रसंस्करण या सेवा प्रदान करने में
नियोजित कोई विद्यमान उद्यम, जो किसी उद्यमी द्वारा स्थापित किया गया है;';
(ii) खण्ड (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्् :- '(ग) "समाशोधन" से अभिप्राय है, राज्य में उद्यम स्थापित करने या विद्यमान उद्यम के विस्तार या कारबार ईकाई के सम्बन्ध में किसी प्राधिकरण द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र, आबंटन, सहमति, अनुमोदन, अनुज्ञा, पंजीकरण, पंजीयन, अनुज्ञप्ति, प्राधिकार तथा उसका नवीकरण प्रदान करना या जारी करना ;'; (iii) खण्ड (झ) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा,
अर्थात्् :- '(झ) "उद्यम" से अभिप्राय है, साफ्टवेयर विकास तथा अवसंरचना विकास परियोजनाओं सहित विनिर्माण, प्रसंस्करण या दोनों या सेवा प्रदान करने में नियोजित कोई उपक्रम ;';
(iv) खण्ड (ठ) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्् :-
'(ठक) ''एकल विंडो प्रणाली" से अभिप्राय है, एकल छत के नीचे विद्यमान कारबार इकाईयों तथा उद्यमों को समाशोधन प्रदान करने के लिए सम्बन्धित विभागाध्यक्ष की शक्तियों का प्रयोग करने वाले विभिन्न विभागों से पदधारियों या सशक्त अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त अधिकारी से मिलकर बनने वाला कोई संगठन ;';
3. मूल अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (3) में,-
(i) खण्ड (vi) में, अन्त में विद्यमान ''तथा'' शब्द का लोप कर दिया जाएगा; (ii) खण्ड (vii) में, अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर '';'' चिह्न प्रतिस्थापित किया
2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 3 का संशोधन। जाएगा; तथा
(iii) अन्त में निम्नलिखित खण्ड जोड़ा जाएगा, अर्थात् :-
''(viii) हरियाणा उद्यम प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को ऐसी शर्तों और निर्बन्धनोंं, जो विनिर्दिष्ट किए जाएं, के अध्यधीन इस अधिनियम के अधीन हरियाणा उद्यम प्रोन्नति बोर्ड द्वारा प्रयोज्य किसी शक्ति का प्रत्यायोजन करना।''।148 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JULY 2, 2021 (ASAR. 11, 1943 SAKA) 4. मूल अधिनियम की धारा 4 में,- (i) उपधारा (3) में,-
(क) खण्ड (viii) में, अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर '';'' चिह्न 2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 4 का संशोधन।
प्रतिस्थापित किया जाएगा; तथा
(ख) अन्त में निम्नलिखित खण्ड जोड़ा जाएगा, अर्थात् :-
''(ix) विद्यमान कारबार इकाईयों को समाशोधन प्रदान करने के लिए आनलाईन
आवेदन प्ररूपों की प्रक्रिया करना।'';
(ii) उपधारा (5) के बाद, निम्नलिखित उपधारा जोड़ी जाएगी, अर्थात् :-
''(6) सशक्त कार्यकारी समिति के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को, ऐसी शर्तों और निर्बन्धनोंं, जो विनिर्दिष्ट किए जाएं, के अध्यधीन इस अधिनियम के अधीन सशक्त कार्यकारी समिति द्वारा प्रयोज्य किसी शक्ति का प्रत्यायोजन करना।''।
5. मूल अधिनियम की धारा 5 की उपधारा (1) के बाद, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्ः- 2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 5 का संशोधन।
''(1क) विभिन्न विभागों से प्रतिनियुक्ति पर आए पदधारी, हरियाणा उद्यम प्रोन्नति बोर्ड में नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। सम्बन्धित प्रशासकीय विभाग, ऐसी शक्तियों, जो विभागाध्यक्ष के रूप में उसके कृत्यों के निर्वहन के लिए उक्त अधिकारी को समर्थ करने के लिए आवश्यक हाें, के प्रत्यायोजन करने के लिए उपबन्ध करेगा।''।
6. मूल अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (2) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 6 का संशोधन।
''(2) औद्योगिक नीति तथा प्रोन्नति ब्यूरो का उद्देष्य, नीति को बढ़ावा देना, उपगामी आधार पर उद्योग से निरन्तर सम्बन्ध बनाए रखना, टै्रकिंग निवेष प्रस्तावों को बनाना, निवेश प्रोन्नत करना, अनिवासी भारतीय तथा विदेषी प्रत्यक्ष निवेष से सम्बन्धित विषयों का निराकरण करना, निवेषकों के प्रति मार्गदर्षी होना तथा निवेष शंकाओं को निवेष वचनबद्धता में परिवर्तित करना । राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर, कार्य प्रक्रिया अधिसूचित की जाएगी।''। 7. मूल अधिनियम की धारा 8 की उपधारा (2) में,-
(i) खण्ड (iv) में, अन्त में विद्यमान ''तथा'' शब्द का लोप कर दिया जाएगा; तथा (ii) खण्ड (v) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किए जाएंगे, अर्थात् :-
2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 8 का संशोधन।
''(v) विद्यमान कारबार इकाईयों को समाशोधन प्रदान के लिए ऑनलाईन आवेदन प्ररूपों
की प्रक्रिया करना ;
(vi) ऐसे अन्य कृत्य, जो विहित किए जाएं।''।
8. मूल अधिनियम की धारा 9 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 9 का प्रतिस्थापन।
''9. ऑनलाईन कम्पोजिट आवेदन प्ररूप.- (1) ऑनलाईन कम्पोजिट आवेदन प्ररूपों को प्राप्त करने के लिए उद्योग तथा वाणिज्य विभाग की वैब पोर्टल पर उद्यमियों के प्रयोग के लिए ऑनलाईन कम्पोजिट आवेदन प्ररूप होगा। आवेदन की प्राप्ति पर, हरियाणा उद्यमी प्रोन्नति केन्द्र या जिला उद्योग केन्द्र, प्राधिकरणों से ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में समाषोधनों को एकत्रित करेगा, आगामी कार्यवाही करेगा तथा सुनिष्चित करेगा। प्राधिकार के संबंध में सभी प्रक्रियाएं तथा समाषोधन वैब पोर्टल के माध्यम से दिए जाएंगे।
(2) कारबार के सभी समाषोधनों के लिए उद्योग तथा वाणिज्य विभाग की वैब पोर्टल पर एकल विंडो के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन प्ररूपों को उपलब्ध करवाया जाएगा। कारबार इकाईयां समाषोधन प्रदान करने के लिए वैब पोर्टल पर उपलब्ध आवेदन प्ररूपों को भरेंगी।
(3) इस संशोधन अधिनियम के प्रारम्भ से ही सभी सम्बद्ध विभाग, तीस दिन के भीतर, जांच सूचियां तथा प्रक्रियाओं के साथ अपनी सेवाओं को ऑनलाईन प्रकाशित करेंगे। ये विभाग इस अधिनियम के अधीन यथा अधिसूचित समाशोधन प्रदान करने के लिए समयावधि निर्धारित करेंगे। ये सेवाएं प्राप्त करने वाले उद्यमियों से सेवाओं का फीडबैक भी सुनिश्चित करेंगे।149 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JULY 2, 2021 (ASAR. 11, 1943 SAKA) 9. मूल अधिनियम की धारा 11 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 11 का प्रतिस्थापन । ''11. डीम्ड समाशोधन.- (1) हरियाणा उद्यमी प्रोन्नति केन्द्र तथा जिला स्तरीय समाशोधन समितियों में नोडल अधिकारी, प्रत्यायोजित शक्तियाें का प्रयोग करने वाली सशक्त कार्यकारी समिति या जिला स्तरीय समाशोधन समिति या सम्बन्धित प्राधिकरणों, जैसी भी स्थिति हो, का अनुमोदन प्राप्त करने के बाद, ऐसी समय सीमा, जो समय-समय पर अधिसूचित की जाए, के भीतर आवेदनों का विनिश्चय करेंगे और समाशोधन प्रदान करेंगे या अभिलिखित कारण देते हुए आवेदन रद्द करेंगे, जिसमें असफल रहने पर ऐसे समाशोधन, विहित समय सीमा की समाप्ति के बाद आगामी दिन को यथा विहित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए समझे जायेंगे।
(2) उद्यमी या कारबार इकाई डीम्ड समाशोधन के बाद कार्य का निष्पादन या अन्य कार्यवाही कर सकती है, किन्तु यह सुसंगत अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के किन्हीं उपबन्धों की उल्लंघना में न हो।''।
10. मूल अधिनियम की धारा 12 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 12 का प्रतिस्थापन। ''12. अधिसूचित सेवाएं.- उद्योग तथा वाणिज्य विभाग, सम्बद्ध विभाग के परामर्ष से, हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 (2014 का 4) के अधीन, समय-समय पर, राज्य में उद्यमों की प्रोन्नति से संबंधित उसके समाषोधन दिए जाने के लिए विभिन्न सेवाओं तथा समय-सीमा अधिसूचित कर सकता है।''।
11. मूल अधिनियम की धारा 15 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः- 2016 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 15 का
प्रतिस्थापन। ''15. षास्तियां.- (1) कोई उद्यम, जिसका आवेदन किसी सेवा के लिए रद्द कर दिया गया है या विहित समय सीमा के बाद विलम्बित कर दिया गया है, रद्दकरण या विहित समय सीमा की समाप्ति, जैसी भी स्थिति हो, की तिथि से तीस दिन के भीतर, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी, हरियाणा उद्यमी प्रोन्नति केन्द्र के सम्मुख अपील दायर कर सकता है :
परन्तु उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी तीस दिन की समाप्ति के बाद अपील ग्रहण कर सकता है, यदि उसकी संतुष्टि हो जाती है कि अपीलकर्ता को समय पर अपील दायर करने से पर्याप्त कारणों से रोका गया था ।
(2) ऐसी अपील की प्राप्ति पर, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी या तो स्वयं या सम्बद्ध जिला स्तरीय समाषोधन समिति, जिससे आवेदन संबंधित है, के अध्यक्ष या किसी अन्य प्राधिकारी, जैसी भी स्थिति हो, के माध्यम से ऐसी अपील की प्राप्ति के दस दिन की अवधि के भीतर यह अवधारित करने के लिए कि क्या आवेदन हरियाणा उद्यमी प्रोन्नति केन्द्र (नोडल अधिकारी) या हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 (2014 का 4) के अधीन सम्बद्ध विभाग द्वारा अधिसूचित सेवा के पदाभिहित अधिकारी से सम्बन्धित है, आवष्यक सूचना तथा सहायता मांग सकता है । अपील इसके बाद उप-धारा (3) में परिभाषित प्रक्रिया के अनुसार प्रथम अपील प्राधिकारी को भेजी जाएगी । (3) अपील के दायर करने के लिए मैकेनिज्म और अपीलों के निपटान हेतु समय सीमा ऐसी होगी, जो हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 (2014 का 4) में यथा परिभाषित है। हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 (2014 का 4) के अधीन यथा अपेक्षित पदाभिहित अधिकारी, प्रथम अपील प्राधिकारी तथा द्वितीय अपील प्राधिकारी निम्नलिखित अनुसार अवधारित किए जाएंगेः
(क) हरियाणा उद्यम प्रोन्नति केन्द्र में सम्बद्ध विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त पदधारी से संबंधित सभी ऐसे मामलों के लिए, नोडल अधिकारी को पदाभिहित अधिकारी के रूप में समझा जाएगा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी को प्रथम अपील प्राधिकारी के रूप में तथा अध्यक्ष, हरियाणा उद्यम प्रोन्नति अधिनियम, 2016 के अधीन स्थापित सषक्त कार्यकारी समिति को द्वितीय अपील प्राधिकारी के रूप में पदाभिहित किया जाएगा;
(ख) हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 (2014 का 4) के अधीन सम्बद्ध विभाग द्वारा अधिसूचित सेवा के पदाभिहित अधिकारी से सम्बन्धित सभी ऐसे मामलों के लिए, हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 (2014 का 4) के अधीन सम्बद्ध विभाग द्वारा यथा अधिसूचित प्रथम अपील प्राधिकारी तथा द्वितीय अपील प्राधिकारी होंगे।
(4) नोडल अधिकारी या पदाभिहित अधिकारी, जैसी भी स्थिति हो, की ओर से किसी चूक की दषा में अधिरोपित की जाने वाली शास्ति की प्रक्रिया और राशि, हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 (2014 का 4) के अधीन लागू उपबंधों के अनुसार होगी।150 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JULY 2, 2021 (ASAR. 11, 1943 SAKA) (5) कोई उद्यमी, जो वचनबद्धता की शर्तों की अनुपालना करने में असफल रहता है, तो प्रथम अननुपालना के लिए जुर्माने, जो पचास हजार रूपए होगा, का भुगतान करने के लिए दायी होगा तथा पष्चात्वर्ती अननुपालना के लिए जुर्माने, जो एक लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकता है, का भुगतान के लिए दायी होगा।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
9224—L.R.—H.G.P., Pkl.