EXTRAORDINARY Published by Authority
© Govt. of Haryana
No. 123–2021/Ext.] चण्डीगढ़, मंगलवार, दिनांक 3 अगस्त, 2021
(12 श्रावण, 1943 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
173 1. हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) संशोधन अधिनियम, 2020 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 18)
2. पंजाब भू-राजस्व (हरियाणा संशोधन अधिनियम, 2020
175-176 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 19) (केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष
कुछ नहीं
भाग III प्रत्यायोजित विधान
कुछ नहीं
भाग IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं 173 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 3, 2021 (SRVN. 12, 1943 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 03 अगस्त, 2021
संख्या लैज. 18/2021.- दि हरियाणा लॉ आफिसरज (इन्गेजमेन्ट) अमेन्डमेन्ट ऐक्ट, 2020, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 27 जुलाई, 2021 की स्वीकृृति के अधीन एतद््द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 18
हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) संषोधन अधिनियम, 2020 हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) अधिनियम, 2016, को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के इकहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) संषोधन अधिनियम, 2020, कहा जा सकता है।
2016 के हरियाणा अधिनियम 29 का संशोधन। 2. हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) अधिनियम, 2016 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) में, ''नियुक्त, नियुक्ति तथा की नियुक्ति'' शब्द जहां कहीं आएं, के स्थान पर, क्रमशः ''नियोजित, नियोजन तथा के नियोजन'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
3. मूल अधिनियम की धारा 6 की उपधारा (3) के परन्तुक में, ''पांच'' शब्द के स्थान पर, ''दस'' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा।
2016 के हरियाणा अधिनियम 29 की धारा 6 का संशोधन। 4. मूल अधिनियम की धारा 9 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात् :-
2016 के हरियाणा अधिनियम 29 में धारा 9क का रखा जाना। ''9क. विधि अधिकारी का पुनः-पदनाम.- राज्य सरकार, महाधिवक्ता की सिफारिश पर, किसी विधि अधिकारी को विधि अधिकारी के किसी उच्चतर पद पर पुनः-पदनामित कर सकती है बशर्ते वह इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों में उच्चतर पद के लिए विहित अनुभव तथा निपटाए गए मामलों की संख्या से सम्बन्धित शर्तों को पूरा करता हो।''।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
9262—L.R.—H.G.P., Pkl.