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Haryana Gazette · Government of Haryana

THE HARYANA MANAGEMENT OF CIVIC AMENITIES AND INFRASTRUCTURE DEFICIENT MUNICIPAL AREAS (SPECIAL PROVISIONS) AMENDMENT ACT, 2021 (HARYANA ACT NO.24 OF 2021)

Published 18 October 2021

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
169-2021/Ext
Notification no.
Leg. No.24/2021
Identifier
in.gazette.haryana.2021-10-18.Extra-Ordinary_Leg-No-24-2021
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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Haryana Government Gazette

EXTRAORDINARY

Published by Authority

© Govt. of Haryana

No. 169–2021/Ext.] चण्डीगढ़, सोमवार, दिनांक 18 अक्तूबर, 2021

(आष्विन 26, 1943 शक)

विधायी परिषिष्ट

क्रमांक विषय वस्तु

पृृष्ठ भाग I अधिनियम

हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना 235—236 का प्रबंधन (विशेष उपबन्ध) संशोधन अधिनियम, 2021 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 24)

(केवल हिन्दी में )

भाग II अध्यादेष

कुछ नहीं।

भाग III प्रत्यायोजित विधान

कुछ नहीं।

भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन

कुछ नहीं।

(lxxx)235 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), OCT. 18, 2021 (ASVN. 26, 1943 SAKA)

भाग-I

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 18 अक्तूबर, 2021

संख्या लैज. 24/2021.— दि हरियाणा मैन्‌इज्‌मॅन्ट आफ सिव़्‌इक अॅमेनिटिज ऐन्ड इन्‌फ्रॅस्ट्रॅक्‌चॅर डिफिशॅन्ट म्यूनिसिपॅल एअॅरिअॅज (स्पेशॅल प्रॅविश्जॅनस) अमेन्डमेन्ट ऐक्ट, 2021 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 07 अक्तूबर, 2021 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 24

हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन (विशेष उपबन्ध) संशोधन अधिनियम, 2021

हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना

का प्रबंधन (विशेष उपबन्ध) अधिनियम, 2016,

को आगे संषोधित करने के लिए

अधिनियम

भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित होः-

संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन (विशेष उपबन्ध) संषोधन अधिनियम, 2021, कहा जा सकता है।

2. हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन (विशेष उपबन्ध) अधिनियम, 2016 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 3 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌्‌ :-

2016 के हरियाणा अधिनियम 14 की धारा 3 का प्रतिस्थापन। ''3. घोषित क्षेत्र.- सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, किसी नगरपालिका क्षेत्र के भीतर आने वाले किसी क्षेत्र को अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना क्षेत्र के रूप में घोषित कर सकती है, जहाँ सरकार द्वारा, समय-समय पर, अधिसूचित मानकों के अनुसार सम्बद्ध नगरपालिका द्वारा ऐसे प्रभाव का संकल्प पारित किया गया है तथा किसी नगर निगम की दशा में सम्बद्ध मण्डल आयुक्त द्वारा या किसी नगरपालिका की दशा में सम्बद्ध जिला नगर आयुक्त द्वारा उस प्रभाव की सिफारिश की गई है।''।

3. मूल अधिनियम की धारा 4 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌्‌ :- 2016 के हरियाणा अधिनियम 14 की धारा 4 का प्रतिस्थापन। ''4. प्रवर्तन को स्थगित रखा जाना.- (1) हरियाणा राज्य में तत्समय लागू किसी अन्य राज्य विधि तथा उसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों, विनियमों या उपविधियों या किसी न्यायालय या किसी प्राधिकरण के किसी न्याय-निर्णय, डिक्री या आदेश में दी गई किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, सरकार घोषित क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं तथा अवसंरचना की समस्या से निपटने हेतु मानकों, पालिसी दिशा-निर्देशों तथा साध्य रणनीतियों को अन्तिम रूप देने के लिए सभी संभव उपाय करेगी।

(2) ऐसे व्यक्तियों, जिन्होंने हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 (1973 का 24), हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 (1994 का 16), हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 (1975 का 8), हरियाणा अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन अधिनियम, 1963 (1963 का पंजाब अधिनियम 41) या तत्समय लागू किसी अन्य विधि के उपबन्धों की उल्लंघना में प्राधिकार के बिना भूमि का उपविभाजन किया है या अप्राधि—त निर्माण का परिनिर्माण या पुनःपरिनिर्माण किया है, के विरूद्ध विधिक कार्रवाई प्रारम्भ करने के लिए घोषित क्षेत्र में किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस प्रभाव के संबंध में इस अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व या अधिनियम की धारा 3 के अधीन की गई घोषणा से पूर्व, जैसी भी स्थिति हो, जारी सभी नोटिसों तथा पारित प्रत्यावर्तन आदेश घोषित क्षेत्र में निलम्बित किए गए समझें जाएंगे तथा किसी विधि न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए या लम्बित मामलों को छोड़कर, ऐसे मामलों में आगे कोई भी दण्डात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।''।236 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), OCT. 18, 2021 (ASVN. 26, 1943 SAKA) 4. मूल अधिनियम की धारा 9 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌्‌ :-

2016 के हरियाणा अधिनियम 14 में धारा 9क का रखा जाना।

''9क. ढ़ील देने की शक्ति.- यदि सरकार की राय है कि अधिनियम के किन्हीं उपबन्धाें या अधिनियम के अधीन जारी की गई अधिसूचना (अधिसूचनाओं) के किसी भाग के लागू होने से असम्यक्‌्‌ कठिनाई होती है या हुई है अथवा ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं, जिनके कारण ऐसा करना समीचीन हो गया है, तो यह ऐसे निबन्धन तथा शर्तों, जो यह अधिरोपित करे, के अध्यधीन, आदेश द्वारा, अधिनियम के सभी या किन्हीं उपबन्धों से व्यक्तियों के किसी वर्ग या किसी क्षेत्र या भूमि के संबंध मेें ढ़ील दे सकती है।''।

बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

9353—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 18 October 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2021-10-18.Extra-Ordinary_Leg-No-24-2021/. Archive identifier in.gazette.haryana.2021-10-18.Extra-Ordinary_Leg-No-24-2021.