Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY Published by Authority
© Govt. of Haryana
No. 190–2021/Ext.] चण्डीगढ़, वीरवार, दिनांक 18 नवम्बर, 2021
(कार्तिक 27, 1943 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 20) 239—249 (केवल हिन्दी में )
भाग II अध्यादेष
कुछ नहीं।
भाग III प्रत्यायोजित विधान
अधिसूचना संख्या का०आ० 55/के०अ० 42 /2005/धा04/2021, दिनांक 18 नवम्बर, 2021- 565—566 हरियाणा ग्रामीण रोजगार गारन्टी (संशोधन) स्कीम, 2021.
भाग IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं।
(lxxxiii)239 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 18 नवम्बर, 2021
संख्या लैज. 20/2021.— दि हरियाणा परिवार पहचान ऐक्ट, 2021 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 09 नवम्बर, 2021 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 20
हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 राज्य सरकार द्वारा अथवा इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपबन्धित या कार्यान्वित किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी या लाभ के लिए पात्रता अवधारण के लिए, या के उपबन्ध हेतु, सामान्यतः अपेक्षित ऐसे डाटा फील्ड की सुव्यवस्थित सूचना से जुड़े हुए प्रत्येक परिवार हेतु विशिष्ट पहचान संख्या के रूप में परिवार पहचान संख्या का आबंटन करने हेतु तथा परिवार पहचान प्राधिकरण की स्थापना के प्रयोजनार्थ तथा इससे सम्बंधित या इससे आनुषंगिक मामलों हेतु उपबन्ध करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021, कहा जा सकता है। (2) यह ऐसी तिथि अथवा तिथियों से लागू होगा, जो राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, नियत करे; और इस अधिनियम के भिन्न-भिन्न उपबन्धों के लिए भिन्न-भिन्न तिथियां नियत कर सकती हैं और इस अधिनियम के प्रारम्भ से इस अधिनियम के किसी उपबन्ध में किसी संदर्भ का अर्थ उस उपबन्ध के लागू होने के संदर्भ में होगा।
परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) ''अधिप्रमाणन'' से अभिप्राय है, ऐसी प्रक्रिया, जिसके द्वारा सम्बन्धित सूचना सहित परिवार पहचान संख्या के प्रमाणीकरण अथवा अधिप्रमाणन हेतु परिवार सूचना डाटा कोष में प्रस्तुत किया जाता है और धारा 4 में विनिर्दिष्ट प्रक्रिया के माध्यम से ऐसे कोष में दी गई सूचना अथवा उसमें कमी के सहीपन का सत्यापन, और ''अधिप्रमाणन'' अभिव्यक्ति तथा इसके सजातीय अर्थ तथा व्याकरण-सम्मत रूपान्तरण का तद्नुसार अर्थ लगाया जाएगा; (ख) ''प्राधिकरण'' से अभिप्राय है, धारा 10 के अधीन स्थापित हरियाणा परिवार पहचान
प्राधिकरण;
(ग) ''लाभ'' से अभिप्राय है, राज्य सरकार द्वारा अथवा इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा किसी वैयक्तिक अथवा किसी परिवार को नकद में या वस्तु के रूप में उपलब्ध करवाया गया कोई लाभ, उपहार, पुरस्कार, राहत अथवा भुगतान और इसमें ऐसे अन्य लाभ भी षामिल हैं, जो राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर, अधिसूचित किए जाएं;
(घ) ''मुख्य कार्यकारी अधिकारी'' से अभिप्राय है, धारा 15 की उप-धारा (1) के अधीन नियुक्त
प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी;
(ङ) ''संसूचना'' से अभिप्राय है, धारा 3 के अधीन सूचना उपलब्ध करवाने के लिए परिवार के मुखिया तथा परिवार के किसी वयस्क सदस्य, जैसी भी स्थिति हो, के मोबाइल नम्बर पर, और यदि कोई मोबाइल नम्बर उपलब्ध नहीं करवाया गया है, तो उपलब्ध करवाए गए पता पर पंजीकृत डाक द्वारा भेजा गया संदेष;
(च) ''उपाध्यक्ष'' से अभिप्राय है, धारा 12 की उप-धारा (1) के अधीन नियुक्त प्राधिकरण का
उपाध्यक्ष ;
240 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA)(छ) ''अभिहित पोर्टल'' से अभिप्राय है, प्राधिकरण का ऐसा वैब पोर्टल, जो प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित किया जाए;
(ज) "कार्यकारी समिति'' से अभिप्राय है, धारा 17 के अधीन गठित कार्यकारी समिति ;
(झ) "परिवार सूचना डाटा कोष" से अभिप्राय है, परिवार पहचान संख्या धारकों को जारी की गई सभी परिवार पहचान संख्याओं में दी गई एक अथवा एक से अधिक अवस्थिति में केन्द्रीकृत डाटाबेस और इसमें इससे संबंधित समरूपी सूचना भी षामिल है;
() "निधि'' से अभिप्राय है, अधिनियम की धारा 24 के अधीन गठित निधि ;
(ट) "सरकारी अभिकरण" से अभिप्राय है, राज्य सरकार के स्वामित्वाधीन या नियन्त्रणाधीन कोई कम्पनी अथवा संगठन और इसमें किसी राज्य विधि द्वारा या के अधीन स्थापित कोई बोर्ड या वैधानिक निकाय या प्राधिकरण भी षामिल है;
(ठ) परिवार के सम्बन्ध में, ''सूचना" में शामिल हैं, राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपबन्धित या कार्यान्वित किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी अथवा लाभ के लिए पात्रता के अवधारण, अथवा के उपबन्ध के प्रयोजनार्थ परिवार के सभी सदस्यों की सूचना तथा ऐसे डाटा फील्ड;
(ड) "स्थानीय प्राधिकरण" से अभिप्राय है, नगर निगम, नगर परिषद्, नगरपालिका समिति, ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या जिला परिषद्, जैसी भी स्थिति हो;
(ढ) "सदस्य" से अभिप्राय है, अध्यक्ष सहित प्राधिकरण के सदस्य; (ण) ''अधिसूचना'' से अभिप्राय है, राजपत्र में प्रकाषित अधिसूचना तथा ''अधिसूचित'' अभिव्यक्ति तथा इसके सहजातीय अर्थ तथा व्याकरण-सम्मत रूपान्तरण का तद्नुसार अर्थ लगाया जाएगा;
(त) ''परिवार पहचान संख्या'' से अभिप्राय है, धारा 5 के अधीन जारी की गई परिवार पहचान संख्या;
(थ) ''परिवार पहचान संख्या धारक'' से अभिप्राय है, कोई परिवार तथा इसके सदस्य, जिन्हें इस अधिनियम के अधीन परिवार पहचान संख्या जारी की गई है;
(द) ''विहित'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित;
(ध) ''विनियम'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण द्वारा बनाए गए विनियम;
(न) ''निवासी'' से अभिप्राय है, वैयक्तिक या कोई परिवार, जो हरियाणा राज्य की क्षेत्रीय सीमाओं में निवास कर रहा है तथा इसमें राज्य सरकार, सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण का कर्मचारी भी षामिल है, जो हरियाणा राज्य से बाहर निवास करता है अथवा जिसे राज्य सरकार, सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा हरियाणा राज्य से बाहर प्रतिनियुक्त किया गया है;
(प) ''सेवा'' से अभिप्राय है, किसी वैयक्तिक या परिवार को राज्य सरकार द्वारा अथवा इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा किसी भी रूप में उपलब्ध करवाई गई या कार्यान्वित कोई व्यवस्था, सुविधा, उपयोगिता अथवा कोई अन्य सहायता और इसमें ऐसी अन्य सेवाएं भी षामिल हैं, जो राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर, अधिसूचित की जाएं ;
(फ) ''राज्य सरकार'' से अभिप्राय है, प्रशासनिक विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार; (ब) ''सब्सिडी'' से अभिप्राय है, किसी वैयक्तिक या परिवार को नकद में अथवा वस्तु के रूप में दी गई किसी प्रकार की सहायता, मदद, अनुदान, आर्थिक सहायता अथवा वार्षिक वृृत्ति और इसमें हरियाणा राज्य की संचित निधि में से पूर्णतः या भागतः उपबन्धित ऐसी अन्य सब्सिडियाँ भी शामिल हैं।
परिवार पहचान संख्या प्राप्त करने हेतु पात्रता।
3. (1) हरियाणा राज्य का निवासी होते हुए प्रत्येक परिवार, अभिहित पोर्टल पर ऐसे डाटा फील्ड की समाविष्ट सूचना उपलब्ध करवाते हुए, प्रस्तुत करते हुए अथवा अपलोड करते हुए परिवार पहचान संख्या प्राप्त करने के लिए पात्र होगा, जो राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपबन्धित या कार्यान्वित किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी या लाभ के लिए पात्रता का अवधारण अथवा उपबन्ध करने हेतु प्राधिकरण द्वारा राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से अधिसूचित की जाए। (2) उप-धारा (1) के प्रयोजनार्थ, परिवार का कोई वयस्क सदस्य, परिवार की सूचना उपलब्ध करवा सकता है, प्रस्तुत या अद्यतन कर सकता है।241 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) सूचना का प्रमाणीकरण। 4. (1) धारा 3 के अधीन सूचना की प्राप्ति के बाद, प्राधिकरण ऐसी रीति, जो प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित की जाए, में भौतिक साधनों के माध्यम से या राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा इसकी ओर से धारित किसी डाटा या यदि डाटा केन्द्रीय सरकार द्वारा या इसकी ओर से धारित है, तो केन्द्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से डाटा के एकीकरण या तुलना द्वारा इलैक्ट्रोनिक साधनों के माध्यम से सूचना के प्रत्येक डाटा फील्ड का प्रमाणीकरण करेगा।
(2) उप-धारा (1) के अधीन प्रत्येक डाटा फील्ड के प्रमाणीकरण पर, प्राधिकरण, परिवार पहचान संख्या डाटाबेस में, प्रत्येक ऐसे डाटा फील्ड, जो धारा 3 के अधीन उपलब्ध, प्रस्तुत या अद्यतन की गई सूचना के साथ प्रमाणीकरण से संगत है जैसे ''प्रमाणित'' तथा ऐसा डाटा फील्ड, जो धारा 3 के अधीन इस प्रकार उपलब्ध, प्रस्तुत या अद्यतन की गई सूचना के साथ प्रमाणीकरण से असंगत है जैसे ''प्रमाणित नहीं है'' टैग की जाएगी।
(3) प्रत्येक डाटा फील्ड, जो ''प्रमाणित नहीं है'' के टैग के साथ चिह्नित है, परिवार के मुखिया तथा वयस्क सदस्य, जिससे सूचना सम्बंधित है, धारा 3 के अधीन उसके द्वारा उपलब्ध, प्रस्तुत या अद्यतन की गई सूचना के समर्थन मेें ऐसे दस्तावेजों या रिकार्ड को जारी करने हेतु विधि द्वारा या के अधीन शक्तियों से निहित राज्य सरकार के किसी सक्षम प्राधिकारी या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए किसी दस्तावेज में संशोधन या आगे अद्यतन करवाने या प्रस्तुत करने के लिए संसूचित किया जाएगा।
(4) प्राधिकरण, उप-धारा (1) में अधिसूचित रीति में, उप-धारा (3) के अधीन संशोधित या आगे अद्यतन की गई सूचना या प्रस्तुत किए गए दस्तावेज के प्रमाणीकरण हेतु कार्रवाई करेगा तथा उप-धारा (2) में यथा उपबंधित के अनुसार कार्य करेगा।
परिवार पहचान संख्या। 5. (1) किसी परिवार को जारी की गई परिवार पहचान संख्या, विशिष्ट होगी तथा किसी अन्य परिवार को पुनः आबंटित नहीं की जाएगी।
(2) परिवार पहचान संख्या, प्राधिकरण द्वारा यथा अधिसूचित पद्धति को अपनाने वाले अक्षरांकीय वर्णों का रैन्डम सैट होगी तथा धारा 3 के अधीन परिवार द्वारा उपलब्ध करवाई गई सूचना के गुणों से कोई सम्बंध नहीं रखेगी।
परिवार सूचना डाटा कोष। 6. (1) धारा 3 के अधीन प्रत्येक परिवार द्वारा उपलब्ध, अद्यतन, प्रस्तुत या संशोधित करवाई गई सूचना तथा धारा 4 के अधीन प्राधिकरण द्वारा क्रियान्वित प्रमाणीकरण या अधिप्रमाणन की स्थिति, परिवार सूचना डाटा कोष का गठन करेगी।
(2) परिवार सूचना डाटा कोष में किसी परिवार की सूचना, जो धारा 4 के अधीन प्रमाणित या अधिप्रमाणित की गई है, ऐसी अन्य शर्तों, जो प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएं, के अध्यधीन राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपबन्धित या कार्यान्वित किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी या लाभ के लिए पात्रता के अवधारण या के उपबंध के प्रयोजनार्थ किसी अतिरिक्त प्रलेखन या सबूत के बिना निर्णायक सबूत के रूप में स्वीकार की जा सकती है।
सूचना को अद्यतन या संशोधित करने की अपेक्षा। 7. प्राधिकरण, अधिसूचना द्वारा, परिवार पहचान संख्या धारको से समय-समय पर, परिवार सूचना डाटा कोष में सूचना की निरन्तर यथार्थता तथा विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए सूचना को अद्यतन या संशोधित करने की अपेक्षा कर सकता है।
परिवार पहचान संख्या की अपेक्षा। 8. राज्य सरकार, प्राधिकरण की सिफारिश पर, अधिसूचना द्वारा, राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपबन्धित या कार्यान्वित की गई किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी या लाभ के लिए पात्रता के अवधारण हेतु या के उपबंध की अपेक्षा के रूप में, ऐसे डाटा फील्ड, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट तथा धारा 4 में निर्दिष्ट रीति में प्रमाणित किए जाएं, सहित परिवार पहचान संख्या के निदेश कर सकती है :
परन्तु यदि किसी स्कीम, लाभ, सब्सिडी या सेवा के लिए आवेदक परिवार पहचान संख्या नहीं रखता है तथा अन्यथा से ऐसी स्कीम, लाभ, सब्सिडी या सेवा को प्राप्त करने हेतु पात्र है, तो राज्य सरकार निदेश कर सकती है कि ऐसी स्कीम, सब्सिडी, सेवा या लाभ प्राप्त करने के लिए ऐसे लाभार्थी द्वारा ऐसे वैकल्पिक साधन, जो विहित किए जाएं, द्वारा उपलब्ध करवाए गए डाटा को प्रमाणित या अधिप्रमाणित किया जाए तथा ऐसे साधनों में, यदि राज्य सरकार इस प्रकार निदेश करे, इस प्रकार उपलब्ध करवाए गए डाटा के अधिप्रमाणन या प्रमाणन हेतु ऐसे आवेदक द्वारा अतिरिक्त फीस का भुगतान करना भी शामिल है।242 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) जन्म, मृृत्यु तथा विवाह के डाटा के रख-रखाव का उत्तरदायित्व।
9. (1) परिवार सूचना डाटा कोष में रखी गई सूचना को सक्रिय रूप से अद्यतन करने के प्रयोजन के लिए, राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, प्राधिकरण को तत्समय लागू किसी विधि के अधीन इलैक्ट्रोनिक रूप में पंजीकृृत जन्म, मृृत्यु तथा विवाह के डाटा के रख-रखाव का उत्तरदायित्व सौंपेगी तथा प्राधिकरण परिवार पहचान संख्या से जोड़े गए ऐसे डाटा को सुव्यवस्थित करने तथा रख-रखाव करने के लिए उत्तरदायी होगा।
(2) उप-धारा (1) के प्रयोजन के लिए, राज्य सरकार, जन्म और मृृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 (1969 का केन्द्रीय अधिनियम 18) के अधीन मुख्य रजिस्ट्रार तथा हरियाणा विवाह अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम, 2008 (2008 का 6) के अधीन मुख्य रजिस्ट्रार को ऐसे निदेश जारी कर सकती है, जो वह आवश्यक समझे।
10. (1) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा तथा ऐसी तिथि, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाए, से इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण कहे जाने वाले प्राधिकरण की स्थापना करेगी।
हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण की स्थापना।
(2) प्राधिकरण उक्त नाम से, शाश्वत उत्तराधिकार तथा सामान्य मुद्रा वाला निगमित निकाय होगा तथा जिसे इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन रहते हुए, चल तथा अचल दोनों सम्पत्तियों को अर्जित करने, धारण करने तथा निपटान करने तथा संविदा करने की शक्ति होगी तथा उक्त नाम से वाद चला सकेगा या उसके विरूद्ध वाद चलाया जा सकेगा।
(3) प्राधिकरण का ऐसे स्थान, जो राज्य सरकार अधिसूचित करे, पर इसका मुख्यालय होगा। (4) प्राधिकरण, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, हरियाणा राज्य में अन्य स्थानों पर इसके कार्यालय स्थापित कर सकता है।
11. प्राधिकरण निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनेगा, अर्थात््ः-
प्राधिकरण का गठन।
(क) अध्यक्ष के रूप में मुख्य मंत्री ;
(ख) उपाध्यक्ष ; (ग) मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, पदेन ;
(घ) अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, जैसी भी स्थिति हो, राजस्व तथा आपदा प्रबंधन विभाग, पदेन ;
(ङ) अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, जैसी भी स्थिति हो, वित्त विभाग, पदेन ;
(च) अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, जैसी भी स्थिति हो, मानव संसाधन सूचना विभाग, पदेन ;
(छ) राज्य सरकार के ऐसे अधिकारी, जो प्रधान सचिव से नीचे की पदवी के न हों और दो से अधिक न हों, जिन्हें राज्य सरकार, समय-समय पर नामनिर्दिष्ट करे, पदेन ;
(ज) पांच से अनधिक ऐसे विशेषज्ञ, जो राज्य सरकार, समय-समय पर, तथा प्राधिकरण की सिफारिशों पर, सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, नेटवर्क सुरक्षा, डाटा विश्लेषण, डाटा सुरक्षा, डाटा प्रबंधन, डाटा एकत्रीकरण, निजता या सांविधानिक विधि, वित्त तथा अर्थशास्त्र के क्षेत्रों से नामनिर्दिष्ट करे ;
(झ) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सदस्य-सचिव।
उपाध्यक्ष की योग्यताएं, पदावधि तथा निबंधन तथा शर्तें।
12. (1) उपाध्यक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी तथा प्रबंधन, महत्वपूर्ण डाटा विश्लेषण, साइबर सुरक्षा में विशेष ज्ञान या अनुभव सहित सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, उद्योग या सरकार में इसके मुख्य कार्यकारी या मुख्य सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी या इसके समकक्ष के रूप में संगठन का नेतृत्व करते हुए कम से कम पच्चीस वर्ष के निदर्शन अनुभव सहित सूचना तथा संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में विख्यात विशेषज्ञ रहे व्यक्तियों में से सरकार द्वारा नियुक्त किया जाएगा।
(2) उपाध्यक्ष, पद ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करेगा तथा एक और अवधि के लिए पुनः नियुक्ति हेतु पात्र होगा।
(3) उपाध्यक्ष, राज्य सरकार को कम से कम तीस दिन का नोटिस देते हुए अपने हस्ताक्षर के अधीन लिखित में अपने पद से त्यागपत्र दे सकता है।
(4) उपाध्यक्ष को भुगतान योग्य पारिश्रमिक तथा भत्ते और सेवा के अन्य निबंधन तथा शर्तें ऐसी होंगी, जो विहित की जाएं।243 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) सदस्यों को भत्ते। 13. (1) पदेन सदस्यों से भिन्न सदस्य, प्राधिकरण की बैठकों में उपस्थित होने के लिए ऐसे भत्ते प्राप्त करेंगे, जो विहित किए जाएं। (2) जब कोई व्यक्ति किसी पद को धारण करने के कारण प्राधिकरण का सदस्य बनता है या को नामनिर्दिष्ट किया जाता है, तो वह ऐसे पद पर नहीं रहने के यथाशीघ्र, प्राधिकरण के सदस्य के रूप में नहीं रहेगा। (3) पदेन सदस्य से भिन्न कोई सदस्य, किसी भी समय अपने हस्ताक्षर के अधीन लिखित में अध्यक्ष को सम्बोधित करते हुए पद से त्यागपत्र दे सकता है।
प्राधिकरण की बैठकें। 14. (1) प्राधिकरण, ऐसे समय तथा स्थान पर बैठक करेगा तथा उप-धारा (2) तथा (3) के उपबंधों के अध्यधीन बैठकों के संचालन तथा कारबार के संव्यवहार के लिए प्रक्रिया के ऐसे नियमों का पालन करेगा, जो विहित किए जाएं। (2) अध्यक्ष या यदि किसी कारण से, वह किसी कारण, जो भी हो, से बैठक में उपस्थित होने में असमर्थ हो जाता है, तो उपाध्यक्ष बैठक की अध्यक्षता करेगा। (3) बैठक में सभी प्रश्न, उपस्थित तथा मत देने वाले सदस्यों के बहुमत द्वारा विनिश्चित किए जाएंगे तथा मतों की समानता की दशा में, अध्यक्ष या अध्यक्षता करने वाले सदस्य, जैसी भी स्थिति हो, का निर्णायक मत होगा। (4) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में प्राधिकरण की बैठकों का रिकार्ड रखेगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति, निबंधन तथा शर्तें। 15. (1) राज्य सरकार, किसी अधिकारी, जो सरकार के सचिव की पदवी से नीचे का न हो अथवा समकक्ष पदवी का हो, को मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त करेगी। (2) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्राधिकरण की निधि में से ऐसा वेतन, भत्ते तथा ऐसी अन्य सुविधाएं प्राप्त करेगा, जो राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर, अवधारित किए जाएं। (3) जब मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवकाश पर हो, या किसी कारण से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ है, तो राज्य सरकार मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा अपना कार्यभार ग्रहण करने तक मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कत्र्तव्यों तथा कृत्यों का निर्वहन करने के लिए किसी अन्य अधिकारी को प्राधिकृत कर सकती है।
प्राधिकरण के अधिकारी तथा अन्य अमला। 16. (1) प्राधिकरण, ऐसी रीति में तथा ऐसी योग्यताओं सहित, जो विहित की जाएं, प्राधिकरण के ऐसे अन्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों को नियुक्त कर सकता है। (2) प्राधिकरण के अधिकारियों तथा अन्य कर्मचारियों को भुगतान योग्य वेतन तथा भत्ते तथा सेवा के अन्य निबन्धन तथा शर्तें ऐसी होंगी, जो विहित की जाएं। (3) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ऐसी अस्थाई अवधि के लिए ऐसी रीति में तथा ऐसे निबन्धन तथा शर्तों पर, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएं, ऐसे अन्य अमले को नियुक्त कर सकता है, जो वह प्राधिकरण के —त्यों का दक्षतापूर्ण पालन करने के लिए आवष्यक समझे।
17. (1) निम्नलिखित सदस्यों से मिलकर बनने वाली कार्यकारी समिति होगी, अर्थात्् :-
कार्यकारी समिति का गठन। (क) उपाध्यक्ष; (ख) अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, जैसी भी स्थिति हो,
नागरिक संसाधन सूचना विभाग, पदेन;
(ग) धारा 11 के खण्ड (ज) के अधीन नामनिर्दिष्ट व्यक्तियों में से दो से अनधिक
विशेषज्ञ;
(घ) मुख्य कार्यकारी अधिकारी।
(2) कार्यकारी समिति के सभी निर्णयों का वही प्रभाव होगा मानों इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण द्वारा लिए गए हों। (3) कार्यकारी समिति का प्रत्येक निर्णय, प्राधिकरण के समक्ष रखा जाएगा तथा प्राधिकरण कोे ऐसे निर्णय को रूपांतरित करने, संषोधित करने या विखण्डित करने की शक्ति होगी, और उसके बाद, केवल ऐसे रूपान्तरित रूप में प्रभावी होगा या कोई प्रभाव नहीं होगा, जैसी भी स्थिति हो, तथापि, ऐसा कोई भी रूपांतर या विलोपन, पूर्व में की गई किसी भी बात की वैद्यता पर प्रतिकूल के बिना होगा।
शक्तियों का प्रत्यायोजन। 18. प्राधिकरण निम्नलिखित शक्तियों को छोड़कर, कार्यकारी समिति को अपनी किन्हीं शक्तियों का प्रत्यायोजन कर सकता है, -
(क) धारा 28 के अधीन प्राधिकरण के बजट का अनुमोदन करना या संशोधित करना ; (ख) धारा 46 के अधीन कोई विनियम बनाना, संशोधित करना या निरसन करना।244 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) प्राधिकरण के कार्यकलापों का सामान्य अधीक्षण, निर्देषन और प्रबंधन।
19. (1) इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनाए गए नियमों के अन्य उपबंधों के अध्यधीन, प्राधिकरण के कार्यकलापों का सामान्य अधीक्षण, निर्देषन, प्रबंधन और प्रषासकीय नियंत्रण मुख्य कार्यकारी अधिकारी में निहित होगा। (2) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, लिखित में सामान्य या विषेष आदेष द्वारा, प्राधिकरण के किसी अधिकारी को ऐसे निबन्धनों और शर्तों, जो अवधारित की जाएं, के अध्यधीन अपनी ऐसी शक्तियों का प्रत्यायोजन कर सकता है : परन्तु प्रत्यायोजन का प्रत्येक ऐसा आदेष और ऐसे प्रत्यायोजन के निबंधन और शर्तें, प्राधिकरण के समक्ष रखी जाएंगी।
20. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों तथा —त्यों के दक्षतापूर्ण पालन के लिए ऐसे भत्तों या पारिश्रमिक पर और ऐसे निबन्धनों तथा शर्तों पर, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएं, यथा अपेक्षित ऐेसे परामर्शीदाताओं, सलाहकारों या प्रौद्योगिक पेशेवरों को नियोजित कर सकता है। विशेषज्ञों तथा पेशेवरों के नियोजन की शक्ति।
रिक्तियों इत्यादि से कार्यवाहियों का अविधिमान्य न होना।
21. प्राधिकरण का कोई कार्य या कार्यवाही, निम्नलिखित कारण मात्र से अविधिमान्य नहीं होगी,- (क) प्राधिकरण के गठन में कोई रिक्ति या कोई त्रुटि ; (ख) उपाध्यक्ष या सदस्य के रूप में किसी व्यक्ति की नियुक्ति में कोई त्रुटि; अथवा (ग) प्राधिकरण की प्रक्रिया में कोई अनियमितता जो मामले के गुणागुण को प्रभावित नहीं करती है।
हित के विरोध का बचाव।
22. प्राधिकरण की बैठकों में विचारण के लिए आने वाले किसी मामले में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित, चाहे धन संबंधी या अन्यथा हो, रखने वाला प्राधिकरण का कोई सदस्य, ऐसी बैठक में अपने हित का स्वरूप प्रकट करेगा और उस मामले के संबंध में प्राधिकरण के किसी विचार विमर्ष या निर्णय में कोई भाग नहीं लेगा।
प्राधिकरण की शक्तियां तथा कृत्य।
23. (1) प्राधिकरण, परिवारों की परिवार पहचान संख्या सृृजित करने तथा जारी करने के लिए नीति, प्रक्रिया, प्रौद्योगिकी तथा प्रणाली का विकास करेगा। (2) प्राधिकरण को विनिर्दिष्ट डाटा फील्ड के रूप में परिवार तथा इसके सदस्यों की सूचना को संग्रहण करने, अपडेट करने, प्रबन्धन करने तथा रख-रखाव करने और ऐसी सूचना को अधिप्रमाणित या प्रमाणित करने के लिए तंत्र, प्रक्रिया और प्रणाली को विकसित तथा लागू करने की शक्ति होगी। (3) जहां राज्य सरकार द्वारा धारा 8 के अधीन अधिसूचना जारी की गई है, तो प्राधिकरण को सरकार के संबंधित विभाग या सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण को ऐसे लाभ, सब्सिडी, स्कीम या सेवा उपलब्ध करवाने वाले राज्य सरकार के उस विभाग या अभिकरण को प्राधिकरण द्वारा अनुरक्षित तथा धारित डाटाबेस के एकीकरण को सक्षम बनाने के लिए प्रक्रिया, प्रौद्योगिकी और डाटा मानक परिभाषित करने के लिए निर्देष देने की शक्ति होगी। (4) प्राधिकरण, किसी सरकारी विभाग या सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण को किसी लाभ, सब्सिडी, स्कीम या सेवा तथा ऐसी फीस, जो विहित की जाए, के प्रयोजनार्थ इसके द्वारा संगृृहीत या धारित अधिप्रमाणित या सत्यापित सूचना उपलब्ध करवाएगा। (5) प्राधिकरण को राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपबन्धित या कार्यान्वित किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी या लाभ हेतु पात्रता का अवधारण या के उपबन्ध के प्रयोजनार्थ और अन्य प्रयोजनार्थ, जिनके लिए परिवार पहचान संख्या का उपयोग किया जा सकता है, परिवार पहचान संख्या के उपयोग की रीति, डाटा मानक, प्रौद्योगिकी प्रणाली और संबंधित प्रक्रिया और परिवार सूचना डाटा कोष में दी गई सूचना को विनिर्दिष्ट करने की शक्ति होगी। (6) प्राधिकरण से उन द्वारा धारित परिवार सूचना डाटा कोष के संंबंध में डाटा सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, प्रौद्योगिकी रक्षा तथा नेटवर्क सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा मानक के लिए नीति तैयार करने, विकसित करने तथा बनाए रखने की अपेक्षा की जाएगी। (7) प्राधिकरण, जन्म और मृृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 (1969 का केन्द्रीय अधिनियम 18) तथा हरियाणा विवाह अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम, 2008 (2008 का 6) के अधीन सक्षम प्राधिकारियों द्वारा अनुरक्षित जन्म, मृत्यु तथा विवाह के डाटा सहित परिवार सूचना डाटा कोष के एकीकरण तथा अद्यतनीकरण कोे सुनिष्चित करेगा। (8) प्राधिकरण, राज्य सरकार के निर्देश पर, किसी स्थानीय प्राधिकरण द्वारा अनुरक्षित ऐसे भूमि रिकार्ड और सम्पत्ति रिकार्ड को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार संबंधित विभाग में राज्य सरकार द्वारा अनुरक्षित भूमि रिकार्ड के साथ परिवार सूचना डाटा कोष के एकीकरण और अद्यतनीकरण सुनिश्चित करेगा।245 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) (9) प्राधिकरण इसके द्वारा धारित सूचना के संबंध में डाटा विष्लेषण उपलब्ध करवाते हुए राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण का सहयोग करेगा ताकि राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकरण, हरियाणा राज्य के व्यक्तियों के कल्याण के लिए नितियां बनाने तथा स्कीमें, सेवाएं, लाभ या सब्सिडी को लागू करने में सक्षम बन सके।
(10) इस धारा की पूर्वगामी उप-धाराओं में बताई गई शक्तियों तथा कृत्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, अन्य बातों के साथ प्राधिकरण की शक्तियां तथा कृत्यों में निम्नलिखित शामिल हैं :-
(क) राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से परिवार सूचना डाटा कोष के लिए अनुरक्षित की
जाने वाली अपेक्षित सूचना विनिर्दिष्ट करना;
(ख) परिवार पहचान संख्या प्राप्त करने वाले किसी परिवार से सूचना एकत्रित करना;
(ग) परिवारोें के लिए परिवार पहचान संख्या सृजित करना तथा आबंटित करना;
(घ) परिवार सूचना डाटा कोष में सूचना का अधिप्रमाणीकरण तथा प्रमाणीकरण करना;
(ड़) परिवार सूचना डाटा कोष में सूचना का रख-रखाव तथा अद्यतन करना;
(च) परिवार पहचान संख्या तथा उससे संबंधित सूचना को ऐसे मामलों में तथा ऐसी
रीति में, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए, निष्क्रिय करना;
(छ) राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध करवाई गई या कार्यान्वित की गई किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी या लाभ हेतु पात्रता का अवधारण या के उपबन्ध तथा अन्य प्रयोजनों, जिनके लिए परिवार पहचान संख्याओं का उपयोग किया जा सकता है, के प्रयोजनार्थ परिवार पहचान संख्या के उपयोग की रीति विनिर्दिष्ट करना;
(ज) परिवार सूचना डाटा कोष की स्थापना, संचालन तथा रख-रखाव करना;
(झ) इस अधिनियम तथा इसके अधीन बनाए गए नियमों तथा विनियमों के उपबन्धों के अध्यधीन राज्य सरकार द्वारा या इसकी ओर से किसी सरकारी अभिकरण या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध करवाई गई या कार्यान्वित की गई किसी स्कीम, सेवा, सब्सिडी या लाभ हेतु पात्रता का अवधारण या के उपबन्ध के प्रयोजनार्थ परिवार पहचान संख्या धारकों की सूचना तथा परिवार सूचना डाटा कोष में दी गई सूचना को साझा करना;
(ञ) इस अधिनियम के अधीन डाटा प्रबन्धन, डाटा सुरक्षा, सूचना सुरक्षा, सुरक्षा प्रोटोकॉल तथा अन्य प्रौद्योगिकी सुरक्षा से संबंधित प्रक्रिया कोे विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट करना;
(ट) वर्तमान परिवार पहचान संख्या धारकों को नई परिवार पहचान संख्या जारी करने
के लिए शर्तें तथा प्रक्रिया को विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट करना;
(ठ) राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए प्राधिकरण के कृत्यों का निर्वहन करने में इसकी सहायता के लिए ऐसी समितियों का गठन करना, जो आवश्यक हों;
(ड) षिकायतों के निवारण के लिए षिकायत निवारण यन्त्र की स्थापना करना;
(ढ) ऐसी अन्य शक्तियां तथा कृत्य, जो विहित किए जाएं।
(11) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, केन्द्रीय सरकार के अनुरोध पर या उसके पूर्व अनुमोदन से ऐसी सरकार द्वारा पूर्ण रूप से वित्तपोषित स्कीमों या पूर्ण रूप से उपलब्ध करवाई गई सेवाओं के लिए सूचना के प्रमाणीकरण या अधिप्रमाणीकरण सहित परिवार पहचान संख्या के उपयोग का विस्तार कर सकती है।
निधि। 24. (1) हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण निधि के नाम से ज्ञात निधि का गठन किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित जमा किया जाएगाः-
(क) इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण द्वारा प्राप्त किए गए सभी अनुदान, फीस तथा
प्रभार; और
(ख) प्राधिकरण द्वारा ऐसे अन्य स्रोत, जो राज्य सरकार द्वारा विनिष्चित किए जाएं, से
प्राप्त की गई सभी धन-राषियाँ।246 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) (2) निधि निम्नलिखित के लिए उपयोग की जाएगी,-
(क) उपाध्यक्ष और सदस्यों को भुगतान योग्य पारिश्रमिक और अन्य भत्ते, मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भुगतान योग्य वेतन और अन्य भत्ते तथा प्राधिकरण के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को या के संबंध में भुगतान योग्य वेतन, भत्ते और पेंषन सहित प्रषासकीय व्यय; तथा
(ख) इस अधिनियम द्वारा प्राधिकृत उद्देष्यों और प्रयोजनों के लिए उपगत व्यय। 25. राज्य सरकार, ऐसे निबन्धन और शर्तों, जो वह उचित समझे, पर प्राधिकरण को प्रतिवर्ष ऐसी धन राषियों के अनुदान, ऋण या अग्रिम दे सकती है।
वार्षिक अनुदान, ऋण तथा अग्रिम।
उधार लेने
की शक्ति।
26. प्राधिकरण, समय-समय पर, राज्य सरकार से भिन्न स्रोतों से सामान्य या विषिष्ट ऐसे निबन्धनों और शर्तों, जो राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित की जाएं, पर ऋण, बॉन्ड या डिबैंंचरों या अन्य लिखतों के रूप में धन उधार ले सकता है।
निवेष करने
की शक्ति।
27. प्राधिकरण को ऐसे निवेषों में अपनी निधियों के किसी भाग को निवेष करने की शक्ति होगी, जो मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा अवधारित किया जाए।
बजट। 28. (1) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ऐसे प्ररूप, जो विहित किया जाए, में प्राधिकरण की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय को दर्षाते हुए आगामी वित्त वर्ष के संबंध में बजट प्रस्तुत करेगा।
(2) प्राधिकरण, उप-धारा (1) के अधीन, ऐसे उपांतरणों तथा पुनरीक्षणों, जो वह विनिष्चित करें, के अध्यधीन, प्रस्तुत किए गए बजट का अनुमोदन करेगा।
(3) प्राधिकरण द्वारा यथा उपांतरित या पुनरीक्षित बजट, राज्य सरकार को अधिप्रमाणित प्रतियों की ऐसी संख्या सहित, जो राज्य सरकार द्वारा अपेक्षित हों, अग्रेषित किया जाएगा।
(4) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्राधिकरण द्वारा यथा उपांतरित या पुनरीक्षित बजट को प्राधिकरण की वेबसाइट पर डलवाएगा।
लेखा तथा लेखा-परीक्षा।
29. (1) प्राधिकरण, उचित लेखे और अन्य संबंधित अभिलेखों का रख-रखाव करेगा और तुलनपत्र सहित लेखों की वार्षिक विवरणी ऐसे प्ररूप, जो विहित किया जाए, में तैयार करेगा।
(2) प्राधिकरण के लेखे महालेखाकार, हरियाणा द्वारा वार्षिक लेखा-परीक्षा के अध्यधीन होंगे और ऐसी लेखा-परीक्षा के संबंध में उपगत कोई व्यय, प्राधिकरण द्वारा महालेखाकार, हरियाणा को भुगतान योग्य होगा। (3) महालेखाकार, हरियाणा तथा प्राधिकरण के लेखों की लेखा-परीक्षा के संबंध में उस द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति को ऐसी लेखा परीक्षा के संबंध में वही अधिकार, विषेषाधिकार तथा प्राधिकार होंगे, जो महालेखाकार, हरियाणा को सरकारी लेखों की लेखा-परीक्षा के संबंध में हैं और विषेषतया प्राधिकरण की बहियों, लेखों, संबंधित वाऊचरों, अन्य दस्तावेजों और पेपरों को प्रस्तुत करने की मांग और कार्यालय का निरीक्षण करने का अधिकार होगा। (4) महालेखाकार, हरियाणा या इस निमित्त उस द्वारा नियुक्त किसी अन्य व्यक्ति द्वारा यथा प्रमाणित प्राधिकरण के लेखों के साथ-साथ उस पर लेखा-परीक्षा रिपोर्ट, और इस प्रकार की गई या की जाने के लिए प्रस्तावित कार्यवाही पर व्याख्यात्मक ज्ञापन राज्य सरकार को प्रतिवर्ष भेजा जाएगा और राज्य सरकार उसकी प्रति हरियाणा राज्य विधानमण्डल के समक्ष रखवाएगी।
(5) मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य विधानमण्डल के समक्ष रिपोर्ट रखे जाने के बाद, प्राधिकरण के लेखों के साथ-साथ लेखा-परीक्षा रिपोर्ट और व्याख्यात्मक ज्ञापन प्राधिकरण की वैबसाइट पर डलवाएगा।
वार्षिक रिपोर्ट। 30. मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रति वर्ष उस वर्ष के दौरान अपनी गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करेगा और राज्य सरकार को रिपोर्ट ऐसे प्ररूप, जो विहित किया जाए, में प्रस्तुत करेगा और राज्य सरकार रिपोर्ट को राज्य विधानमण्डल के समक्ष रखवाएगी।
स्ूाचना की सुरक्षा और गोपनीयता।
31. (1) प्राधिकरण, इसके द्वारा अनुरक्षित डाटा की सुरक्षा सुनिष्चित करेगा। (2) इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन, प्राधिकरण इसकेे द्वारा अनुरक्षित परिवारों के डाटा की गोपनीयता सुनिष्चित करेगा। (3) प्राधिकरण यह सुनिष्चित करने के लिए सभी आवष्यक उपाय करेगा कि परिवार सूचना डाटा कोष में संगृृहीत सूचना सहित प्राधिकरण के कब्जे या नियंत्रण में डाटा, अप्राधिकृत पहुँच, उपयोग या प्रकटीकरण और आकस्मिक या ज्ञानकृत विनाश, हानि या क्षति से सुरक्षित और संरक्षित है।247 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) (4) उप-धारा (1) तथा (2) पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्राधिकरण-
(क) समुचित तकनीकी और संगठनात्मक सुरक्षा उपाय अपनाएगा और कार्यान्वित
करेगा;
(ख) यह सुनिष्चित करेगा कि इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के अधीन प्राधिकरण के किसी कार्य को करने के लिए नियुक्त या नियोजित कोई व्यक्ति, समुचित तकनीकी और संगठनात्मक सुरक्षा उपायों का पालन करेगा।
(ग) यह सुनिष्चित करेगा कि किसी व्यक्ति के साथ किया गया करार या की गई व्यवस्था, इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण पर अधिरोपित बाध्यताओं के समकक्ष बाध्यताएं अधिरोपित करना, तथा ऐसे व्यक्ति से केवल प्राधिकरण की हिदायतों पर कार्य करने या प्राधिकरण द्वारा या की ओर से प्रत्यायोजित शक्तियों का प्रयोग करने की अपेक्षा करेगा।
(5) तत्समय लागू किसी अन्य राज्य विधि में दी गई किसी बात के होते हुए भी तथा इस अधिनियम द्वारा या के अधीन अन्यथा उपबंधित के सिवाए, प्राधिकरण का कोई अधिकारी या कर्मचारी, चाहे अपनी सेवा के दौरान या उसके बाद, राज्य सरकार द्वारा योजना या मूल्यांकन के प्रयोजनों या किसी सब्सिडी, स्कीम, सेवा या लाभ के लिए पात्रता का अवधारण या के उपबन्धों के प्रयोजन के सिवाए किसी भी व्यक्ति को परिवार सूचना डाटा कोष में संगृृहीत किसी डाटा या अधिप्रमाणित रिकार्ड प्रकट नहीं करेगा। (6) इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण द्वारा परिवार सूचना डाटा कोष में संगृृहीत, प्रमाणित या अधिप्रमाणित या सृृजित सूचना केवल ऐसी रीति में साझी की जाएगी, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए। (7) इस अधिनियम के अधीन प्राधिकरण द्वारा परिवार सूचना डाटा कोष में संगृृहीत, प्रमाणित या अधिप्रमाणित या सृजित किसी परिवार की कोई भी सूचना, प्रयोजनों, जो विनियमों द्वारा विनिर्दिष्ट किये जाएं, के सिवाय, सार्वजनिक रूप से प्रकाषित, प्रदर्षित या चिपकाई नहीं जाएगी।
प्रतिरूपण के लिए शास्ति। 32. जो कोई भी, किसी अन्य व्यक्ति, चाहे मृत या जीवित हो, की जानबूझकर वास्तविक या काल्पनिक कोई मिथ्या सूचना उपलब्ध करवाते हुए प्रतिरूपण करता है या प्रतिरूपण करवाने का प्रयास करता है, तो वह कारावास की ऐसी अवधि, जो तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है या ऐसे जुर्माने, जो पचास हजार रूपए तक बढ़ाया जा सकता है या दोनाें से दण्डनीय होगा।
सूचना में परिवर्तन द्वारा परिवार पहचान संख्या धारक के प्रतिरूपण के लिए शास्ति। 33. जो कोई भी, परिवार पहचान संख्या धारक को हानि पहुंचाने या अनिष्ट करने के आषय से किसी अन्य व्यक्ति, मृत या जीवित हो, की वास्तविक या काल्पनिक सूचना में प्रतिरूपण करते हुए अथवा प्रतिरूपण करवाने का प्रयास करते हुए, किसी परिवार पहचान संख्या धारक की किसी सूचना में परिवर्तन करता है या परिवर्तन करवाने का प्रयास करता है, तो वह कारावास की ऐसी अवधि, जो तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, से दण्डनीय होगा तथा ऐसे जुर्माने, जो पचास हजार रूपए तक बढ़ाया जा सकता है, के लिए भी दायी होगा।
सूचना संग्रहण करने के लिए प्राधिकार के प्रतिरूपण का दावा करने के लिए शास्ति। 34. जो कोई भी, इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन सूचना संगृृहीत करने के लिए प्राधिकृत नहीं होते हुए, शब्दों, आचरण या व्यवहार से दावा करता है कि वह ऐसा करने के लिए प्राधिकृत है, तो वह कारावास की ऐसी अवधि, जो तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है तथा ऐसे जुर्माने, जो एक लाख रूपए तक बढ़ाया जा सकता है, से दण्डनीय होगा, या किसी कम्पनी की दशा में, प्रत्येक व्यक्ति, जो अपराध करने के समय पर कम्पनी का प्रभारी था तथा कम्पनी के कारबार के संचालन के लिए जिम्मेवार था, कारावास की ऐसी अवधि, जो तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, तथा ऐसे जुर्माने, जो दस लाख रूपए तक बढ़ाया जा सकता है या दोनों से दण्डनीय होगा।
35. जो कोई भी, प्राधिकरण से प्राधिकृत नहीं होते हुए, जानबूझकर,-
अप्राधिकृत पहुंच के लिए शास्ति। (क) परिवार सूचना डाटा कोष में पहुंचता है या पहुंच सुनिश्चित करता है; (ख) परिवार सूचना डाटा कोष या किसी स्थानान्तरणीय संग्रहण माध्यम से रखे गए किसी डाटा
को डाउनलोड करता है, की प्रतियां या उद्धरण प्राप्त करता है;
(ग) परिवार सूचना डाटा कोष में कोई वायरस या अन्य कम्पयूटर संदूषण समाविष्ट करता है
अथवा समाविष्ट करवाता है ;
(घ) परिवार सूचना डाटा कोष में डाटा को नष्ट करता है या नष्ट करवाता है; (ड़) परिवार सूचना डाटा कोष में पहुंच के लिए व्यवधान उत्पन्न करता है या व्यवधान उत्पन्न
करवाता है;
248 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA)(च) किसी व्यक्ति की पहुंच से इन्कार करता है या पहुंच से इनकार करवाता है, जो परिवार सूचना डाटा कोष में पहुंच के लिए प्राधिकृत है;
(छ) धारा 31 की उप-धारा (5) की उल्लंघना में कोई सूचना प्रकट करता है, या धारा 31 की उप-धारा (7) की उल्लंघना में सूचना साझी करता है, उपयोग करता है या प्रदर्षित करता है या उपरोक्त वर्णित कोई कार्य करने में किसी व्यक्ति की सहायता करता है;
(ज) किसी स्थानान्तरणीय संग्रहण माध्यम में या परिवार सूचना डाटा कोष में एकत्रित किसी सूचना को नष्ट करता है, मिटाता है या बदलता है या इसे किसी साधन द्वारा हानिकारक रूप से इसके महत्व या उपयोगिता को कम करता है या प्रभावित करता है; अथवा (झ) हानि पहुंचाने के आशय से प्राधिकरण द्वारा प्रयुक्त किसी कम्पयूटर स्रोत कोड को चुराता है, छिपाता है, नष्ट करता है या बदलता है या किसी व्यक्ति से चोरी करवाता है, छिपवाता है, नष्ट करवाता है या बदलवाता है,
तो वह कारावास की ऐसी अवधि, जो दस वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, से दण्डनीय होगा तथा ऐसे जुर्माने, जो पचास लाख रूपए से कम नहीं होगा, के लिए भी दायी होगा।
व्याख्या :- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "कम्पयूटर संदूषण'', ''कम्पयूटर वायरस" तथा "क्षति'' अभिव्यक्तियों के वही अर्थ होंगे, जो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का केन्द्रीय अधिनियम 21) की धारा 43 की व्याख्या में क्रमषः उन्हें दिए गए हैं तथा ''कम्पयूटर स्रोत कोड'' अभिव्यक्ति का वही अर्थ होगा जो उक्त अधिनियम की धारा 65 की व्याख्या में इसे दिया गया होगा।
डाटा से छेड़छाड़ करने हेतु शास्ति।
36. जो कोई भी, प्राधिकरण से प्राधिकृत नहीं होते हुए पारिवार सूचना डाटा कोष या किसी स्थानान्तरणीय संग्रहण माध्यम में सूचना को रूपांतरित करने या उसकी किसी सूचना को खोजने के आशय से डाटा का प्रयोग करता है या उससे छेड़छाड़ करता है, तो कारावास की ऐसी अवधि, जो तीन वर्ष तक बढ़ायी जा सकती है, के लिए दण्डनीय होगा और ऐसे जुर्माने जो दस हजार रूपए तक बढ़ाया जा सकता है, के लिए भी दायी होगा।
सामान्य शास्ति। 37. जो कोई भी, इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों या विनियमों के अधीन कोई अपराध करता है, जिसके लिए किसी विशेष शास्ति का प्रावधान नहीं किया गया है, तो वह कारावास की ऐसी अवधि, जो एक वर्ष तक बढ़ायी जा सकती हैै, या ऐसे जुर्माने, जो एक लाख रूपए तक बढ़ाया जा सकता है या किसी कम्पनी की दशा में, ऐसे जुर्माने, जोे पचास लाख रूपए तक बढ़ाया जा सकता है या दोनों से दण्डनीय होगा।
कम्पनियों द्वारा किए गए अपराध।
38. जहाँ इस अधिनियम के अधीन किसी कम्पनी द्वारा कोई अपराध किया गया है और यह सिद्ध हो जाता है कि अपराध कम्पनी के किसी निदेशक, प्रबन्धक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति से या मौनानुकूलता से किया गया है या किसी उपेक्षा के कारण हुआ है, तो ऐसा निदेशक, प्रबन्धक, सचिव या अन्य अधिकारी भी अपराध के किए जाने के लिए दोषी समझे जाएंगे तथा तद््नुसार मुकदमा चलाए जाने तथा दण्ड के लिए दायी होंगे :
परन्तु इस धारा में दी गई किसी बात के लिए, कोई ऐसा व्यक्ति इस अधिनियम में दिए गए किसी दण्ड के लिए दायी नहीं होगा, यदि वह सिद्ध कर देता है कि अपराध उसकी जानकारी के बिना किया गया था या कि उसने ऐसे अपराध को किए जाने से रोकने के लिए सभी प्रकार की सम्यक् तत्परता बरती थी।
39. इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित कोई भी शास्ति, तत्समय लागू किसी अन्य विधि के अधीन किसी अन्य शास्ति या दण्ड के अधिरोपण से नहीं रोकेगी।
अन्य दण्डों में शास्तियों का हस्तक्षेप न होना।
अपराधों का संज्ञान।
40. कोई भी न्यायालय, प्राधिकरण या इसके द्वारा प्राधि—त किसी अधिकारी या व्यक्ति द्वारा की गई शिकायत के सिवाय, इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगा। लोक सेवक। 41. इस अधिनियम के किन्हीं उपबन्धों के अनुसरण में, कार्य करने या कार्य करने के लिए तात्पर्यित, प्राधिकरण का अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, अधिकारी तथा अन्य कर्मचारी, भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (1860 का केन्द्रीय अधिनियम 45), की धारा 21 के अर्थ के अन्तर्गत, लोक सेवक के रूप में समझे जाएंगे।249 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2021 (KRTK. 27, 1943 SAKA) राज्य सरकार की निर्देश जारी करने की शक्ति। 42. (1) इस अधिनियम के पूर्वगामी उपबन्धों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, प्राधिकरण, इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए या इसके —त्यों का निर्वहन करते हुए नीति के सवालों पर, ऐसे निर्देशों, जो सरकार इसे, समय-समय पर, लिखित रूप में दे, से बाध्य होगा : परन्तु इस उप-धारा के अधीन कोई भी निर्देश देने से पहले, जहां तक साध्य हो, प्राधिकरण को अपने विचार व्यक्त करने के लिए अवसर दिया जाएगा : परन्तु यह और कि इस धारा की कोई भी बात, प्राधिकरण द्वारा किए गए किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक मामलों के संबंध में, राज्य सरकार को निर्देश देने में सशक्त नहीं बनाएगी। (2) राज्य सरकार का निर्णय अन्तिम होगा, चाहे मामला पॉलिसी से सम्बन्धित हो या नहीं।
सद््भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण। 43. कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही, राज्य सरकार या प्राधिकरण के विरूद्ध, किसी बात के लिए नहीं हों सकेंगी, जो इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों या विनियमों के अधीन सद््भावपूर्वक की गई है या किए जाने के लिए आशयित है।
44. इस अधिनियम के उपबन्ध, तत्समय लागू किसी अन्य विधि के अतिरिक्त होंगे न कि उसके अल्पीकरण में।
अन्य विधियों के लागू होने से वर्जन न होना।
नियम बनाने की शक्ति। 45. (1) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकती है। (2) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, इसके बनाए जाने या जारी किए जाने के पश्चात््, यथाशीघ्र, राज्य विधानमण्डल के समक्ष रखा जाएगा।
विनियम बनाने की शक्ति। 46. (1) प्राधिकरण, अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए, इस अधिनियम से संगत विनियम बना सकता है। (2) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक विनियम, इसके बनाए जाने या जारी किए जाने के पश्चात््, यथाशीघ्र, राज्य विधानमण्डल के समक्ष रखा जाएगा।
कठिनाईयां दूर करने की शक्ति। 47. (1) यदि, इस अधिनियम के उपबन्धों को लागू करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो राज्य सरकार, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, इस अधिनियम के उपबन्धों के अन््असंगत ऐसे उपबन्ध कर सकती है, जो इसे कठिनाई को दूर करने के लिए आवश्यक प्रतीत हों : परन्तु इस अधिनियम के लागू होने से तीन वर्ष की समाप्ति के पश्चात््, इस धारा के अधीन, ऐसा कोई भी आदेश नहीं किया जाएगा। (2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, इसके किए जाने के पश्चात््, यथाशीघ्र, राज्य विधानमण्डल के समक्ष रखा जाएगा।
व्यावृृत्ति। 48. हरियाणा सरकार, नागरिक संसाधन सूचना विभाग, अधिसूचना संख्या 1/30/2020-1 सी0आर0आई0डी0, दिनांक 09 नवम्बर, 2020 के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई वैध समझी जाएगी।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
9384—L.R.—H.G.P., Pkl.