Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY Published by Authority
© Govt. of Haryana
No. 206–2021/Ext.] चण्डीगढ़, षुक्रवार, दिनांक 10 दिसम्बर, 2021
(19 अग्रहायण, 1943 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
259-261 हरियाणा माल और सेवा कर (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2021 (2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 27)
(केवल हिन्दी में)
भाग II अध्यादेष
3 हरियाणा तालाब तथा अपजल प्रबन्धन प्राधिकरण (संषोधन) अध्यादेष, 2021 (2021 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 1)
(केवल हिन्दी में)
भाग III प्रत्यायोजित विधान
कुछ नहीं
भाग IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं
(xcii)HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 10, 2021 (AGHN. 19, 1943 SAKA) 259 भाग-I हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 10 दिसम्बर, 2021
संख्या लैज. 27/2021.- दी हरियाणा गुडज़ एण्ड सर्विसज़ टैक्स (सेकण्ड अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2021 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 04 दिसम्बर, 2021 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2021 का हरियाणा अधिनियम संख्या 27
हरियाणा माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2021 हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 को आगे संशोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के बहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2021, कहा जा सकता है।
(2) यह ऐसी तिथि से लागू होगा, जो सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे :
परन्तु सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के विभिन्न उपबन्धों के प्रारम्भ हेतु भिन्न-भिन्न तिथियां नियत कर सकती है।
2. हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 7 की उप-धारा (1) के खण्ड (क) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा तथा जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से रखा गया समझा जाएगा, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 7 का संशोधन। "(कक) किसी व्यक्ति, जो किसी व्यष्टि से भिन्न है, द्वारा उसके सदस्यों या घटकों या विपर्ययेन से नकद, आस्थगित भुगतान या अन्य मूल्यवान प्रतिफल के लिए क्रियाकलाप या संव्यवहार।
व्याख्या.- इस खण्ड के प्रयोजनार्थ, यह स्पष्ट किया जाता है कि तत्समय प्रवृृत्त किसी अन्य विधि या किसी न्यायालय, अधिकरण या प्राधिकरण के किसी निर्णय, डिक्री या आदेश मेें अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, व्यक्ति और उसके सदस्यों या घटकों को दो पृथक् व्यक्ति समझा जाएगा और क्रियाकलापों का परस्पर प्रदाय या संव्यवहार, ऐसे एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति द्वारा किए गए समझे जाएंगे।''।
3. मूल अधिनियम की धारा 16 की उप-धारा (2) के खण्ड (क) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 16 का संशोधन। ''(कक) खण्ड (क) में निर्दिष्ट बीजक या नामे नोट के ब्यौरे प्रदायकर्ता द्वारा जावक प्रदाय के विवरण में प्रस्तुत किए गए हैं और ऐसे ब्यौरे, धारा 37 के अधीन विनिर्दिष्ट रीति में ऐसे बीजक या नामे नोट के प्राप्तिकर्ता को संसूचित किए गए हैं।''।
4. मूल अधिनियम की धारा 35 की उप-धारा (5) का लोप कर दिया जाएगा। 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 35 का संशोधन। 5. मूल अधिनियम की धारा 44 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात््् :- 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 44 का प्रतिस्थापन। "44. इनपुट सेवा वितरक, धारा 51 या धारा 52 के अधीन कर का भुगतान करने वाले व्यक्ति, नैमित्तिक कराधेय व्यक्ति और अनिवासी कराधेय व्यक्ति से भिन्न, प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से ऐसे समय के भीतर तथा ऐसे प्ररूप और260 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 10, 2021 (AGHN. 19, 1943 SAKA) रीति में, जोे विहित की जाए, संपरीक्षित वार्षिक वित्तीय विवरण के साथ एक वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करेगा, जिसमें वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तुत की गई विवरणी में घोषित प्रदाय के मूल्य को सुमेलित करते हुए एक स्वप्रमाणित सुमेलन विवरण सम्मिलित किया जा सकता है : परन्तु आयुक्त, परिषद्् की सिफारिशों पर, अधिसूचना द्वारा, रजिस्ट्री—त व्यक्तियों के किसी वर्ग को इस धारा के अधीन वार्षिक विवरणी फाइल करने से छूट दे सकता है : परन्तु यह और कि इस धारा में दी गई कोई बात, केंद्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार के किसी विभाग या किसी स्थानीय प्राधिकरण को लागू नहीं होगी, जिनकी लेखा-बहियां भारत के नियंत्रक महालेखापरीक्षक द्वारा संपरीक्षा या तत्समय प्रवृृत्त किसी विधि के अधीन स्थानीय प्राधिकरणों के लेखों की संपरीक्षा के लिए नियुक्त किसी संपरीक्षक द्वारा की जाने वाली संपरीक्षा के अध्यधीन हैं।"।
6. मूल अधिनियम की धारा 50 की उप-धारा (1) के परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाएगा और जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से प्रतिस्थापित किया गया समझा जाएगा, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 50 का संशोधन।
''परन्तु धारा 39 के उपबंधों के अनुसार किसी कर अवधि के दौरान किए गए प्रदायों के संबंध में और शोध्य तिथि के पश्चात्् उक्त अवधि के लिए प्रस्तुत विवरणी में घोषित भुगतानयोग्य कर पर ब्याज, सिवाय वहां के जहां ऐसी विवरणी उक्त अवधि के संबंध में धारा 73 या धारा 74 के अधीन कोई कार्यवाहियां आरंभ होने के पश्चात्् प्रस्तुत की जाती है, कर के उस भाग के लिए भुगतानयोग्य होगा, जिसे इलेक्ट्रॉनिक नकद लेजर से विकलन करके भुगतान किया जाता है।"। 7. मूल अधिनियम की धारा 74 की व्याख्या 1 के खण्ड (ii) में, ''धारा 122, 125, 129 और 130'' शब्दों, अंकों तथा चिह््नों के स्थान पर, ''धारा 122 तथा 125'' शब्द तथा अंक प्रतिस्थापित किए जाएंगे। 8. मूल अधिनियम की धारा 75 की उप-धारा (12) में, निम्नलिखित व्याख्या रखी जाएगी, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 74 का संशोधन । 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 75 का संशोधन।
''व्याख्या.- इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, ''स्वनिर्धारित कर'' शब्द में धारा 37 के अधीन प्रस्तुत किए गए ऐसे जावक प्रदायों के ब्यौरों के संबंध में भुगतानयोग्य कर सम्मिलित होगा, किन्तु धारा 39 के अधीन प्रस्तुत विवरणी में सम्मिलित नहीं किया गया है।''। 9. मूल अधिनियम की धारा 83 की उप-धारा (1) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 83 का संशोधन।
''(1) जहां, अध्याय XII, अध्याय XIV या अध्याय XV के अधीन किसी कार्यवाही के आरम्भ होने के पश्चात््, आयुक्त की यह राय है कि सरकारी राजस्व के हित का संरक्षण करने के प्रयोजन के लिए ऐसा करना आवश्यक है, तो वह लिखित में आदेश द्वारा, ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में धारा 122 की उप-धारा (1क) में विनिर्दिष्ट कराधेय व्यक्ति या किसी व्यक्ति से संबंधित बैंक खाता सहित किसी संपत्ति को अनन्तिम रूप से कुर्क कर सकता है।''। 10. मूल अधिनियम की धारा 107 की उप-धारा (6) में,-
(i) अंत में विद्यमान ''।'' चिह््न के स्थान पर, ''ः'' चिह््न प्रतिस्थापित किया जाएगा; (ii) निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्् :-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 107 का संशोधन।
"परन्तु धारा 129 की उपधारा (3) के अधीन किसी आदेश के विरूद्ध कोई भी अपील तब तक दायर नहीं की जाएगी, जब तक कि अपीलार्थी द्वारा शास्ति के पच्चीस प्रतिशत के बराबर राशि का भुगतान न कर दिया गया हो।''।
11. मूल अधिनियम की धारा 129 में, -
(i) उप-धारा (1) के खण्ड (क) तथा (ख) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किए 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 129 का संशोधन।
जाएंगे, अर्थात्् :- ''(क) ऐसे माल पर भुगतानयोग्य कर के दो सौ प्रतिशत के बराबर शास्ति के भुगतान पर और, छूट प्राप्त माल की दशा में, माल के मूल्य के दो प्रतिशत के बराबर राशि या पच्चीस हजार रूपए, जो भी कम हो, के भुगतान पर, जहां माल का स्वामी ऐसी शास्ति के भुगतान के लिए आगे आता है ;
(ख) माल के मूल्य के पचास प्रतिशत के बराबर शास्ति या ऐसे माल पर भुगतानयोग्य कर का दो सौ प्रतिशत के भुगतान पर, जो भी अधिक हो, और छूट प्राप्त माल की दशा में, ऐसे माल के मूल्य के पांच प्रतिशत के बराबर राशि या पच्चीस हजार रूपए, जो भी कम हो, के भुगतान पर, जहां माल का स्वामी ऐसी शास्ति के भुगतान के लिए आगे नहीं आता है ;'';
HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 10, 2021 (AGHN. 19, 1943 SAKA) 261(ii) उप-धारा (2) का लोप किया जाएगा ; (iii) उप-धारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित उप-धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्् :-
''(3) माल या वाहनों को निरूद्ध या उनका अभिग्रहण करने वाला समुचित अधिकारी, निरोध या अभिग्रहण किए जाने के सात दिन के भीतर भुगतानयोग्य शास्ति को विनिर्दिष्ट करते हुए नोटिस जारी करेगा, और तत्पश्चात््, उप-धारा (1) के खण्ड (क) या खण्ड (ख) के अधीन शास्ति के भुगतान के लिए ऐसे नोटिस की तामील की तिथि से सात दिन की अवधि के भीतर आदेश पारित करेगा।'';
(iv) उप-धारा (4) में, ''कर, ब्याज या शास्ति'' शब्दों तथा चिह््न के स्थान पर, ''शास्ति'' शब्द
प्रतिस्थापित किया जाएगा ;
(v) उप-धारा (6) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्् :-
''(6) जहां किसी माल का परिवहन करने वाला व्यक्ति या ऐसे माल का स्वामी उपधारा (3) के अधीन पारित आदेश की प्रति प्राप्त करने की तिथि से पन्द्रह दिन के भीतर उपधारा (1) के अधीन शास्ति की राशि का भुगतान करने में असफल रहता है, तो इस प्रकार निरूद्ध या अभिगृृहीत माल या वाहन, उपधारा (3) के अधीन भुगतानयोग्य शास्ति की वसूली के लिए ऐसी रीति और ऐसे समय के भीतर, जिसे विहित किया जाए, विक्रय किए जाने या अन्यथा निपटाए जाने का दायी होगा :
परन्तु परिवहनकर्ता द्वारा उपधारा (3) के अधीन शास्ति या एक लाख
रूपए, जो भी कम हो, का भुगतान करने पर वाहन को निर्मुक्त किया जाएगा :
परन्तु यह और कि जहां निरूद्ध या अभिगृृहीत किया गया माल नश्वर या परिसंकटमय प्र—ति का है या समय के साथ उसके मूल्य में ह्यस की संभावना है, तो समुचित अधिकारी द्वारा, उक्त पन्द्रह दिन की अवधि कम की जा सकती है।''।
12. मूल अधिनियम की धारा 130 में, -
(क) उपधारा (1) में, ''इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, यदि'' शब्दों के स्थान पर,
''जहां'' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा;
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 130 का संशोधन। (ख) उप-धारा (2) में, द्वितीय परन्तुक में, ''धारा 129 की उप-धारा (1) के अधीन उद््ग्रहणीय शास्ति की राशि'' शब्दों, अंकों और कोष्ठकों के स्थान पर,''ऐसे माल पर भुगतानयोग्य कर के सौ प्रतिशत के बराबर शास्ति'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ग) उप-धारा (3) का लोप किया जाएगा।
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 151 का प्रतिस्थापन। 13. मूल अधिनियम की धारा 151 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्् :- ''151. सूचना मांगने की शक्ति.- आयुक्त या उसके द्वारा प्राधि—त कोई व्यक्ति, किसी आदेश द्वारा, किसी व्यक्ति को ऐसे समय के भीतर, ऐसे प्ररूप और ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, इस अधिनियम के संबंध में किसी मामले के निपटान से सम्बन्धित कोई सूचना प्रस्तुत करने का निदेश दे सकता है।''।
14. मूल अधिनियम की धारा 152 में, -
(क) उपधारा (1) में, -
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 152 का संशोधन। (i) ''एकल विवरणी या उसके भाग की'' शब्दों का लोप किया जाएगा; (ii) ''ऐसी सूचना'' शब्दों के पश्चात्् ''संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर दिए
बिना'' शब्द जोड़े जाएंगे ;
(ख) उपधारा (2) का लोप किया जाएगा।
15. मूल अधिनियम की अनुसूची II के पैरा 7 का लोप कर दिया जाएगा और जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से लोप किया गया समझा जाएगा।
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की अनुसूची II का संशोधन।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
9413—L.R.—H.G.P., Pkl.