हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 11 अप्रैल, 2022
संख्या लैज. 11/2022.- दि हरियाणा फिसकल रिस्पोन्सिबिलिटी ऐन्ड बजट मैनेजमैंट (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2022 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 07 अप्रैल, 2022 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2022 का हरियाणा अधिनियम संख्या 11
हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबन्धन (संशोधन) अधिनियम, 2022
हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2005, को आगे संशोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के तिहारवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबन्धन (संशोधन) अधिनियम, 2022, कहा जा सकता है।
(2) यह प्रथम अप्रैल, 2021 से लागू हुआ समझा जाएगा।
2. हरियाणा राजकोषीय उत्तरदायित्व तथा बजट प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 9 की उप-धारा (2) के खण्ड (क), (ख) तथा (ग) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किए जाएंगे, अर्थात् :-
2005 के हरियाणा अधिनियम 6 की धारा 9 का संशोधन। ''(क) केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा यथा अनुशंसित तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित उस विशिष्ट वर्ष में प्रचलित जी.एस.डी.पी. की प्रतिशतता के अनुसार राजस्व घाटा पूरा करेगी ;
(ख) केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा यथा अनुशंसित तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित उस विशिष्ट वर्ष में प्रचलित जी.एस.डी.पी. की प्रतिशतता के अनुसार राजकोषीय घाटा प्राप्त करेगी ;
(ग) केन्द्रीय वित्त आयोग द्वारा यथा अनुशंसित तथा भारत सरकार द्वारा अनुमोदित उस विशिष्ट वर्ष में प्रचलित जी.एस.डी.पी. की प्रतिशतता के अनुसार बकाया ऋण सुनिश्चित करेगी :
परन्तु राजस्व घाटा तथा राजकोषीय घाटा, आंतरिक अशांति या प्राकृतिक आपदा या राष्ट्रीय सुरक्षा या ऐसे अन्य अपवादिक आधार, जो राज्य सरकार विनिर्दिष्ट करे, से उत्पन्न होने वाली राज्य सरकार की अप्रत्याशित वित्तीय मांग के आधार पर भारत सरकार द्वारा, समय-समय पर, विनिर्दिष्ट सीमा से अधिक हो सकता है :
परन्तु यह और कि प्रथम परन्तुक में विनिर्दिष्ट आधार के संबंध में विवरण, लक्ष्यों से ऐसी घाटा राशि के अधिक होने के बाद, यथाशीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सदन के सम्मुख रखा जाएगा;''।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।