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Haryana Gazette · Government of Haryana

THE HARYANA MUNICIPAL (AMENDMENT) ACT, 2022 (HARYANA ACT NO.24 OF 2022).

Published 08 September 2022

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
164-2022/Ext
Notification no.
Leg. No.24/2022
Identifier
in.gazette.haryana.2022-09-08.Extra-Ordinary_Leg-No-24-2022
Languages
English, Hindi
Published at
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Haryana Government Gazette

EXTRAORDINARY

Published by Authority

© Govt. of Haryana

No. 164–2022/Ext.] चण्डीगढ़, वीरवार, दिनांक 08 सितम्बर, 2022

(17 भाद्र, 1944 शक)

विधायी परिषिष्ट

क्रमांक विषय वस्तु

पृृष्ठ भाग I अधिनियम

251-253 1. हरियाणा नगरपालिका (संषोधन) अधिनियम, 2022

(2022 का हरियाणा अधिनियम संख्या 24)

255-256 2. हरियाणा नगर निगम (संषोधन) अधिनियम, 2022

(2022 का हरियाणा अधिनियम संख्या 25)

257 3. हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन तथा प्रबन्धन)

प्राधिकरण (द्वितीय संषोधन) अधिनियम, 2022 (2022 का हरियाणा अधिनियम संख्या 27)

(केवल हिन्दी में)

भाग II अध्यादेष

कुछ नहीं

भाग III प्रत्यायोजित विधान

703-723 1. अधिसूचना संख्या सा०का०नि० 142/संवि०/अनु० 309/2022,

दिनांक 08 सितम्बर, 2022 - परिवहन विभाग हरियाणा (वर्ग क) सेवा नियम, 2022.

भाग IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन

कुछ नहीं

(lxxxiv)

HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 8, 2022 (BHDR. 17, 1944 SAKA) 251

भाग-I

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 8 सितम्बर, 2022

संख्या लैज. 24/2022.- दि हरियाणा म्युनिसिपल (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2022 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 02 सितम्बर, 2022 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2022 का हरियाणा अधिनियम संख्या 24

हरियाणा नगरपालिका (संषोधन) अधिनियम, 2022

हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973,

को आगे संषोधित करने के लिए

अधिनियम

भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित हो :-

1. यह अधिनियम हरियाणा नगरपालिका (संषोधन) अधिनियम, 2022, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 में,-

(i) खण्ड (5क) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 2 का संशोधन। '(5कक) ''मुख्य कार्यकारी अधिकारी'' से अभिप्राय है, जिला मुख्यालय पर स्थित नगर परिषद्‌ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में राज्य सरकार द्वारा नियुक्त कोई अधिकारी, जो अतिरिक्त सहायक आयुक्त की पदवी से नीचे का न हो;';

(ii) खण्ड (9क) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

'(9कक) ''जिला नगर आयुक्त'' से अभिप्राय है, ऐसा अधिकारी, जो अतिरिक्त सहायक आयुक्त की पदवी से नीचे का न हो, जिसे राज्य सरकार द्वारा जिला नगर आयुक्त के रूप में उसकी अधिकारिता में आने वाली समितियों के कृत्यों की निगरानी तथा पर्यवेक्षण करने के लिए नियुक्त किया जाए ;';

(iii) खण्ड (9ख) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

'(9खख) ''मण्डल आयुक्त'' से अभिप्राय है, मण्डल का आयुक्त, जिसमें नगरपालिका स्थित है तथा इसमें इस अधिनियम के अधीन मण्डल आयुक्त के सभी या किन्हीं कृत्यों को करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नियुक्त कोई अन्य अधिकारी भी सम्मिलित है;'।

3. मूल अधिनियम की धारा 69 में,-

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 69 का संशोधन। (i) उप-धारा (1) के खण्ड (ग) में, ''जो राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, निर्दिष्ट करे'' शब्दों तथा चिह्‌नों के स्थान पर, ''जो राज्य सरकार, प्रत्येक समिति के संबंध में, अधिसूचना द्वारा, निर्दिष्ट करे'' शब्द तथा चिह्‌न प्रतिस्थापित किए जाएंगे तथा प्रथम अप्रैल, 2021 से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे ;

(ii) उप-धारा (1) के अन्त में विद्यमान ''इस प्रकार संगृहीत शुल्क की राशि सम्बद्ध समिति को भुगतान की जाएगी'' शब्दों के स्थान पर, ''इस प्रकार संगृहीत शुल्क की राशि, समिति अथवा राज्य की समिति के किसी क्षेत्र, जो राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, अवधारित करे, में अवसंरचना के विकास के लिए समिति की ओर से हरियाणा शहरी अवसंरचना विकास बोर्ड को भुगतान की जाएगी'' शब्द तथा चिह्‌न प्रतिस्थापित किये जाएंगे तथा प्रथम अप्रैल, 2021 से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे।252 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 8, 2022 (BHDR. 17, 1944 SAKA) 4. मूल अधिनियम की धारा 128 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :-

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 128 का प्रतिस्थापन।

''128. अनुज्ञप्ति के बिना कतिपय प्रयोजनों के लिए उपयोग नहीं किए जाने वाले स्थान/परिसर.- (1) कोई भी व्यक्ति राज्य सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिए, जो जीवन, स्वास्थ्य या सम्पत्ति के लिए खतरनाक हो या जिससे उपद्रव पैदा होने की सम्भावना हो, इस निमित्त समिति द्वारा प्रदान की गई अनुज्ञप्ति के निबंधनों की अनुरूपता के बिना या अन्यथा से किसी स्थान/ परिसरों का उपयोग नहीं करेगा या उपयोग करने के लिए अनुमत नहीं किया जाएगा।

(2) समिति अनुज्ञप्ति प्रदान करते समय ऐसी अन्य षर्तें अधिरोपित कर सकती है, जो यह आवष्यक समझे।

(3) जो कोई भी अनुज्ञप्ति के बिना किसी स्थान/परिसरों का उपयोग करता है या अनुज्ञप्ति की किसी भी षर्त की उल्लंघना करता है, तो छह मास तक की अवधि के कारावास या जुर्माने, जो एक हजार रूपए से कम नहीं होगा, किन्तु पाँच हजार रूपए से अनधिक होगा और अपराध के जारी रहने के दौरान प्रतिदिन के लिए एक सौ रूपए के अतिरिक्त जुर्माने से दण्डनीय होगा।''।

5. मूल अधिनियम की धारा 128 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ :-

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 में धारा 128क का रखा जाना।

''128क. नगरपालिका क्षेत्र में पशुओं या पक्षियों को रखने का प्रतिषेध.- इस अधिनियम में दी गई किसी बात के प्रतिकूल होते हुए भी, किन्हीं चौपाया पशुओं या पक्षियों को समिति की सीमाओं के भीतर रखने या पालने की अनुमति नहीं दी जाएगी :

परन्तु समिति द्वारा प्रदत्त अनुज्ञप्ति के अनुसार किसी बिल्ली या कुाा या पक्षी को पालतू के रूप में रखा जा सकता है :

परन्तु यह और कि गायों या भैंसों या किन्हीं अन्य दुधारू पशुओं या उनके बच्चों को नगरपालिका की सीमाओं में शामिल बाह्‌य परिधि में आने वाले गाँवों में घरेलू उपयोग हेतु रखने के लिए अनुमत किया जाएगा :

परन्तु यह और कि समिति की सीमाओं में शामिल बाह्‌य परिधि में आने वाले गाँवों तथा ऐसे क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय संरचना में परिवर्तन के आधार पर दुधारू पशुओं को रखने की अवधि, संकल्प के माध्यम से सम्बद्ध समिति द्वारा विनिश्चित की जाएगी। समिति अपने संकल्प द्वारा प्रतिबन्धित क्षेत्र से अनुमत क्षेत्र में पशुओं के पुनर्वास हेतु युक्तियुक्त समय भी प्रदान करेगी :

परन्तु यह और कि इस धारा के उपबन्ध उन जोनों को लागू नहीं होंगे, जहां हरियाणा नई राजधानी (परिधि) नियंत्रण अधिनियम, 1952 (1953 का पंजाब अधिनियम 1), हरियाणा अनुसूचित सड़क तथा नियन्त्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन अधिनियम, 1963 (1963 का पंजाब अधिनियम 41) तथा हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 (1973 का 24) के उपबन्धों के अधीन अधिसूचित योजना के अनुसार इस तरह की गतिविधियां अनुमत हैं :

परन्तु यह और कि इस धारा के उपबन्ध, पंजीकृत गौशालाओं सहित समिति या राज्य सरकार के किसी अन्य विभाग के स्वामित्वाधीन/ प्रबन्धनाधीन मवेशीखानों तथा गौशालाओं को लागू नहीं होंगे।

व्याख्या.- इस धारा के प्रयोजनों के लिए,-

(i) ''चौपाया पशु या पक्षी'' से अभिप्राय है, ऐसे पशु या पक्षी, जिन्हें किसी विधि के

अधीन रखना और पालना प्रतिषिद्ध है ;

(ii) ''बाह्‌य परिधि में आने वाले गाँव'' से अभिप्राय है तथा इसमें शामिल हैं, ऐसे गाँव या क्षेत्र, जिन्हें जनसांख्यिकीय संरचना के अनुसार समिति द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाए ;

(iii) ''दुधारू पशु'' से अभिप्राय है, गाय, भैंस, बकरी, ऊँटनी इत्यादि, जिन्हें किसी विधि

के अधीन रखना और पालना प्रतिषिद्ध नहीं है।''।

6. मूल अधिनियम की धारा 129 का लोप कर दिया जाएगा ।

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 129 का लोप।

7. मूल अधिनियम की धारा 130 का लोप कर दिया जाएगा।

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 130 का लोप।HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 8, 2022 (BHDR. 17, 1944 SAKA) 253 8. मूल अधिनियम की धारा 131 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ :-

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 में धारा 131क का रखा जाना। ''131क. अनुज्ञप्ति के लिए फीस और समयावधि.- समिति द्वारा फीस के उद्‌ग्रहण के संबंध में अधिनियम या इसके अधीन बनाई गई उपविधियों के किसी उपबंध के होते हुए भी, प्रत्येक अनुज्ञप्ति हेतु, ऐसी दर पर और ऐसी अवधि के लिए फीस प्रभारित की जा सकती है, जो राज्य सरकार, समय-समय पर, विनिर्दिष्ट करे।''।

9. मूल अधिनियम की धारा 205 में, ''आयुक्त'' शब्द, जहां कहीं भी आएं, के स्थान पर, ''मण्डल आयुक्त'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।

1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 205 का संशोधन। 10. मूल अधिनियम की धारा 249 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ :- 1973 के हरियाणा अधिनियम 24 की धारा 249 का प्रतिस्थापन। ''249. उपायुक्त की कार्यवाही की तुरन्त रिपोर्ट करना.- जब उपायुक्त, धारा 246 या धारा 247 या धारा 248 के अधीन कोई आदेश करता है, तो वह मण्डल आयुक्त को ऐसे स्पष्टीकरण, यदि कोई हो, जो ऐसी नगरपालिका समिति देना चाहे सहित आदेश करने के कारणों के विवरण के साथ उसकी एक प्रति तुरन्त भेजेगा और मण्डल आयुक्त, इसके बाद, आदेश को पुष्ट, उपान्तरित या विखण्डित कर सकता है :

परन्तु मण्डल आयुक्त, उसके द्वारा प्राधिकृत किसी अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद, यदि अपेक्षित हो, जिला मुख्यालय की नगर परिषद्‌ के किसी संकल्प या आदेश को प्रत्यक्षतः पुष्ट, उपान्तरित या विखण्डित कर सकता है :

परन्तु यह और कि यदि नगरपालिका समिति की दशा में, प्रत्यायोजित शक्तियों के अधीन उपायुक्त का अधीनस्थ कोई अधिकारी धारा 246 या धारा 247 या धारा 248 के अधीन कोई आदेश करता है, तो ऐसे आदेश को पुष्ट करने, का उपान्तरण या विखंडन करने की शक्ति, उपायुक्त में निहित होगी, जो ऐसी शक्ति का प्रयोग करने से पूर्व, ऐसी नगरपालिका समिति के स्पष्टीकरण, जो वह देना चाहे, पर विचार करेगा और उपायुक्त इसके बाद आदेश को पुष्ट, उपान्तरित या विखण्डित कर सकता है।''।

बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

9876—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 08 September 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2022-09-08.Extra-Ordinary_Leg-No-24-2022/. Archive identifier in.gazette.haryana.2022-09-08.Extra-Ordinary_Leg-No-24-2022.