Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 196–2022/Ext.] चण्डीगढ़, षुक्रवार, दिनांक 04 नवम्बर, 2022
(13 कार्तिक, 1944 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
कुछ नहीं
भाग II अध्यादेष
11 1. हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संषोधन अध्यादेष, 2022
(2022 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 02) (केवल हिन्दी में)
भाग III प्रत्यायोजित विधान
कुछ नहीं
भाग IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 4, 2022 (KRTK. 13, 1944 SAKA) 11 भाग – II
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना दिनांक 04 नवम्बर, 2022 संख्या लैज. 31/2022.- दि हरियाणा सिख गुरूद्वारा (मैनेजमैंट) अमेन्डमेन्ट ऑर्डिनन्स, 2022, का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 02 नवम्बर, 2022 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (ग) के अधीन उक्त अध्यादेश का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-
2022 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 2
हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संशोधन अध्यादेश, 2022
हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) अधिनियम, 2014 को आगे संशोधित करने के लिए अध्यादेश
भारत गणराज्य के तिहारवें वर्ष में हरियाणा के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।
चूंकि हरियाणा राज्य विधानमण्डल का सत्र नहीं हो रहा है तथा राज्यपाल की संतुष्टि हो गई है कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं जिनके कारण तुरन्त कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है ;
इसलिए, अब, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हरियाणा के राज्यपाल, इसके द्वारा, निम्नलिखित अध्यादेष प्रख्यापित करते हैं :-
1. यह अध्यादेश हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संशोधन अध्यादेश, 2022, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) अधिनियम, 2014 की धारा 16 में,- (i) उप-धारा (8) के विद्यमान परन्तुकों के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित
किए जाएंगे, अर्थात् :-
2014 के हरियाणा अधिनियम 22 की धारा 16 का संशोधन। ''परन्तु सरकार द्वारा इस प्रकार नामनिर्दिष्ट सभी इकतालीस सदस्य अपना प्रधान, वरिष्ठ उप प्रधान, कनिष्ठ उप प्रधान, महासचिव, संयुक्त सचिव और छह सदस्य निर्वाचित करेंगे, जो समिति के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य होंगे तथा इनका प्रथम अधिवेशन सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी द्वारा बुलाया जाएगा और उसकी अध्यक्षता करेगा। तदर्थ समिति और कार्यकारी बोर्ड नई समिति बनने के बाद अस्तित्वहीन हो जाएगी :
परन्तु यह और कि यदि अठारह मास की अवधि के भीतर धारा 11 के अधीन चुनाव नहीं होते हैं, तो सरकार द्वारा अठारह मास की और अवधि या जब तक चुनाव नहीं होते हैं, जोे भी पहले हो, के लिए नई तदर्थ समिति नामनिर्दिष्ट की जाएगी :
परन्तु यह और कि नई निर्वाचित हरियाणा गुरूद्वारा प्रबन्धक समिति द्वारा कार्य ग्रहण करने के बाद, तदर्थ समिति नई निर्वाचित समिति को कार्यभार सौंपेगी।'';
(ii) उप-धारा (8) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा जोड़ी जाएगी, अर्थात् :-
''(9) सरकार, समिति या तदर्थ समिति के किसी एक सदस्य, जैसी भी स्थिति हो, को संरक्षक के रूप में नामनिर्दिष्ट कर सकती है, जो निर्वाचित कार्यकारी बोर्ड का सदस्य होगा। ऐसा नामनिर्देशन करते समय, सरकार, यदि आवश्यक समझे, प्रधान या समिति के कार्यकारी बोर्ड या प्रधान या तदर्थ समिति के कार्यकारी बोर्ड, जैसी भी स्थिति हो, से परामर्श कर सकती है।''।
चण्डीगढ़ः दिनांक 02 नवम्बर, 2022.
बंडारू दाात्रेय, राज्यपाल, हरियाणा।
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