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Haryana Gazette · Government of Haryana

THE HARYANA GOODS AND SERVICES TAX (AMENDMENT) ACT, 2022 (HARYANA ACT NO.29 OF 2022)

Published 19 December 2022

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
221-2022/Ext
Notification no.
Leg.No.30/2022
Identifier
in.gazette.haryana.2022-12-19.Extra-Ordinary_Leg-No-30-2022
Languages
English, Hindi
Published at
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Haryana Government Gazette

EXTRAORDINARY Published by Authority

© Govt. of Haryana

No. 221–2022/Ext.] चण्डीगढ़, सोमवार, दिनांक 19 दिसम्बर, 2022

(अग्रहायण 28, 1944 शक)

विधायी परिषिष्ट

क्रमांक विषय वस्तु

पृृष्ठ भाग-I अधिनियम

261—267 हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2022 (2022 का हरियाणा अधिनियम संख्या 29)

(केवल हिन्दी में)

भाग-II अध्यादेष

कुछ नहीं।

भाग-III प्रत्यायोजित विधान

कुछ नहीं।

भाग-IV षुद्धि-पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन

कुछ नहीं।

(ci)261 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2022 (AGHN. 28, 1944 SAKA) भाग-I

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 19 दिसम्बर, 2022

संख्या लैज.30/2022.- दि हरियाणा गुडज़ एण्ड सर्विसज़ टैक्स (अमेन्डमेनट) ऐक्ट, 2022 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 13 दिसम्बर, 2022 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगा :-

2022 का हरियाणा अधिनियम संख्या 29

हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2022 हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017, को आगे संशोधित करने के लिए, अधिनियम

भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित हो :-

संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) अधिनियम, 2022, कहा जा सकता है।

(2) धारा 2 से 15 के उपबन्ध ऐसी तिथि से लागू होंगे, जिसे सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा नियत करे :

परन्तु सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के विभिन्न उपबन्धों के प्रारम्भ के लिए भिन्न-भिन्न तिथियां नियत कर सकती है।

2. हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 16 में,-

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 16 का संशोधन। (क) उपधारा (2) में,-

(i) खंड (ख) के बाद, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात्‌ः-

''(खक) धारा 38 के अधीन ऐसे रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति को उक्त प्रदाय के संबंध में

संसूचित इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरे निर्बन्धित नहीं किए गए हैं;'';

(ii) खंड (ग) में, "या धारा 43क" षब्दों, अंकों तथा अक्षर का लोप कर दिया जाएगा;

(ख) उपधारा (4) में, ''सितम्बर मास के लिए धारा 39 के अधीन विवरणी के दिए जाने की देय तिथि'' शब्दों और अंकों के स्थान पर, ''नवम्बर के तीसवें दिन'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।

3. मूल अधिनियम की धारा 29 की उप-धारा (2) में,-

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 29 का संशोधन। (क) खंड (ख) में, "तीन क्रमवर्ती कर अवधियों तक विवरणी" षब्दों के स्थान पर, "उक्त विवरणी देने की देय तिथि से तीन मास के बाद वित्तीय वर्ष तक विवरणी" षब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

(ख) खंड (ग) में, ''लगातार छह मास की अवधि'' शब्दों के स्थान पर, ''ऐसी लगातार कर

अवधि, जो विहित की जाए'', शब्द तथा चिह्‌न प्रतिस्थापित किए जाएंगे।

4. मूल अधिनियम की धारा 34 की उपधारा (2) में, ''सितम्बर मास'' शब्दों के स्थान पर, ''नवम्बर के तीसवें दिन'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 34 का संशोधन।262 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2022 (AGHN. 28, 1944 SAKA) 5. मूल अधिनियम की धारा 37 में,- (क) उप-धारा (1) में,-

(i) ''इलेक्ट्रॉनिक रूप में'', शब्दों से पूर्व ''ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों के अध्यधीन तथा'' 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 37 का संशोधन।

शब्द रखे जाएंगे;

(ii) ''उक्त प्रदायों के प्राप्तिकर्ता को ऐसी समयावधि के भीतर और ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में'' शब्दों के स्थान पर, ''उक्त प्रदायों के प्राप्तिकर्ता को ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों के अध्यधीन, ऐसे समय के भीतर और ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में'' शब्द तथा चिह्‌न प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

(iii) प्रथम परन्तुक का लोप कर दिया जाएगा;

(iv) द्वितीय परन्तुक में, ''परन्तु यह और कि'' शब्दों के स्थान पर, ''परन्तु'' शब्द

प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(ख) उप-धारा (2) का लोप कर दिया जाएगा;

(ग) उपधारा (3) में,-

(i) ''और जो धारा 42 या 43 के अधीन बे-मिलान रह गए हैं'' षब्दों तथा अंकों का

लोप कर दिया जाएगा;

(ii) परन्तुक में ''सितम्बर मास के लिए धारा 39 के अधीन विवरणी देने'' शब्दों तथा

अंकों के स्थान पर, ''नवम्बर के तीसवें दिन'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

(घ) उपधारा (3) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

''(4) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति को किसी कर अवधि के लिए उप-धारा (1) के अधीन जावक प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत करने हेतु अनुमत नहीं किया जाएगा, यदि किन्हीं पूर्व कर अवधियों के लिए जावक प्रदायों के ब्यौरे उसके द्वारा प्रस्तुत नहीं किए गए हैं :

परन्तु सरकार, परिषद्‌ की सिफारिशों पर, अधिसूचना द्वारा, ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों के अध्यधीन, जो उसमें विनिर्दिष्ट किए जाएं, उप-धारा (1) के अधीन जावक प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत करने हेतु किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के वर्ग को अनुमत कर सकती है, भले ही उसने एक या अधिक पूर्व कर अवधियों के लिए जावक प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत नहीं किए हों।''।

6. मूल अधिनियम की धारा 38 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ः- 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 38 का प्रतिस्थापन।

"38. आवक प्रदायों तथा इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरों की संसूचना.- (1) धारा 37 की उपधारा (1) के अधीन रजिस्ट्री—त व्यक्तियों द्वारा प्रस्तुत जावक प्रदायों तथा ऐसे अन्य प्रदायों, जो विहित किए जाएं, के ब्यौरे तथा इनपुट कर प्रत्यय के ब्यौरे अन्तर्विष्ट करने वाला स्वतः जनित विवरण, ऐसे प्ररूप तथा रीति में, ऐसे समय के भीतर तथा ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों, जो विहित किए जाएं, के अध्यधीन ऐसे प्रदायों के प्राप्तिकर्ता को इलेक्ट्रॉनिक ढंग से उपलब्ध करवाए जाएंगे। (2) उप-धारा (1) के अधीन स्वतः जनित विवरण में निम्नलिखित शामिल होगा- (क) आवक प्रदायों के ब्यौरे, जिनके संबंध में इनपुट कर का प्रत्यय प्राप्तिकर्ता को

उपलब्ध हो सके; तथा

(ख) प्रदायों के ब्यौरे, जिनके संबंध में ऐसे प्रत्यय का लाभ प्राप्तकर्ता द्वारा, धारा 37 की उप-धारा (1) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले उक्त प्रदायों के ब्यौरों के कारण, चाहे पूर्णतः या भागतः निम्नलिखित द्वारा नहीं उठाया जा सकता,- (i) रजिस्ट्रीकरण लेने के लिए ऐसी अवधि, जो विहित की जाए, के भीतर किसी

रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा; या

(ii) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने कर के भुगतान में व्यतिक्रम किया है और जहां ऐसा व्यतिक्रम, ऐसी अवधि, जो विहित की जाए, के लिए जारी रहा है ; या

(iii) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसके द्वारा ऐसी अवधि, जो विहित की जाए, के दौरान उक्त उप-धारा के अधीन उसके द्वारा प्रस्तुत जावक प्रदायों के विवरण के अनुसार भुगतानयोग्य आऊटपुट कर, ऐसी सीमा, जो विहित की जाए, तक उक्त अवधि के दौरान उसके द्वारा भुगतान किए गए आऊटपुट कर से अधिक है ; या263 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2022 (AGHN. 28, 1944 SAKA) (iv) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, जिसने ऐसी अवधि, जो विहित की जाए, के दौरान उस राशि के इनपुट कर के प्रत्यय का लाभ लिया है, जो ऐसी सीमा, जो विहित की जाए, तक खण्ड (क) के अनुसार उसके द्वारा लाभ उठाया जा सकता है, से अधिक है; या

(v) किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा, जिसने ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों, जो विहित किए जाएं, के अध्यधीन धारा 49 की उप-धारा (12) के उपबन्धों के अनुसार अपने कर दायित्व के निर्वहन में व्यतिक्रम किया है ; या

(vi) व्यक्तियों के ऐसे अन्य वर्ग द्वारा, जो विहित किए जाएं।''।

7. मूल अधिनियम की धारा 39 में,-

(क) उपधारा (5) में, ''बीस'' शब्द के स्थान पर, ''तेरह'' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा;

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 39 का संशोधन। (ख) उपधारा (7) में, प्रथम परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया

जाएगा, अर्थात्‌ः-

''परंतु उपधारा (1) के परन्तुक के अधीन विवरणी प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, ऐसे प्ररूप तथा रीति में तथा ऐसे समय के भीतर, जो विहित किया जाए, सरकार को निम्नलिखित का भुगतान करेगा,- (क) माल या सेवाओं या दोनों के आवक तथा जावक प्रदायों, लाभ लिए गए इनपुट कर प्रत्यय, भुगतानयोग्य कर तथा मास के दौरान ऐसी अन्य विशिष्टियों को ध्यान में रखते हुए देय कर के बराबर राशि; या

(ख) खण्ड (क) में निर्दिष्ट राशि के बदले में, ऐसी रीति में तथा ऐसी शर्तों तथा

निर्बन्धनों, जो विहित किए जाएं, के अध्यधीन अवधारित राशि।'';

(ग) उप-धारा 9 में,-

(i) ''धारा 37 और 38 के उपबन्धों के अध्यधीन, यदि'' शब्दों तथा अंकों के स्थान पर,

''जहां'' शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा;

(ii) परन्तुक में, ''सितम्बर मास के लिए या आगामी दूसरी तिमाही के लिए विवरणी प्रस्तुत करने की देय तिथि के'' शब्दों के स्थान पर, ''नवम्बर के तीसवें दिन'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

(घ) उपधारा (10) में, ''नहीं दी गई'' शब्दों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया

जाएगा, अर्थात्‌ :-

''या उक्त कर अवधि के लिए धारा 37 की उप-धारा (1) के अधीन जावक प्रदायों

के ब्यौरे नहीं दिए गए हैं :

परन्तु सरकार, परिषद्‌ की सिफारिशों पर, अधिसूचना द्वारा, ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों, जो उसमें विनिर्दिष्ट किए जाएं, के अध्यधीन विवरणी प्रस्तुत करने के लिए रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के किसी वर्ग को अनुमत कर सकती है, भले ही उसने एक या अधिक पूर्व कर अवधियों के लिए विवरणी प्रस्तुत नहीं की है या उक्त कर अवधि के लिए धारा 37 की उप-धारा (1) के अधीन जावक प्रदायों के ब्यौरे प्रस्तुत नहीं किए हैं।''।

8. मूल अधिनियम की धारा 41 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्‌ः- 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 41 का प्रतिस्थापन। ''41. इनपुट कर प्रत्यय का उपभोग करना.- (1) प्रत्येक रजिस्ट्री—त व्यक्ति, ऐसी शर्तों और निर्बन्धनों, जो विहित किए जाएं, के अध्यधीन अपनी विवरणी में, यथा स्वःनिर्धारित, पात्र इनपुट कर के प्रत्यय का उपभोग करने का हकदार होगा और ऐसी राषि उसके इलेक्ट्रॉनिक क्रेडिट खाते में जमा की जाएगी ।

(2) मालों या सेवाओं या दोनों, जिन पर भुगतानयोग्य कर का प्रदायकर्ता द्वारा भुगतान नहीं किया गया है, के ऐसे प्रदायों के संबंध में उपधारा (1) के अधीन रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति द्वारा उपभोग किए गए इनपुट कर का प्रत्यय, ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में उक्त व्यक्ति द्वारा लागू ब्याज सहित विपर्यस्त किया जाएगा :

परंतु जहां उक्त प्रदायकर्ता उपर्युक्त प्रदायों के संबंध में भुगतानयोग्य कर का भुगतान करता है, तो उक्त रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में उसके द्वारा विपर्यस्त किए गए प्रत्यय की राशि का पुनः उपभोग कर सकता है।''।264 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2022 (AGHN. 28, 1944 SAKA) 9. मूल अधिनियम की धारा 42, 43 तथा 43क का लोप कर दिया जाएगा।

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 42, 43 तथा 43क का लोप।

10. मूल अधिनियम की धारा 47 की उपधारा (1) में,-

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 47 का संशोधन।

(क) ''या आवक'' शब्दों का लोप कर दिया जाएगा; (ख) ''या धारा 38'' शब्दों तथा अंकों का लोप कर दिया जाएगा; (ग) ''धारा 39 या धारा 45'' शब्दों और अंकों के बाद, ''या धारा 52'' शब्द और अंक रखे जाएंगे।

11. मूल अधिनियम की धारा 48 की उपधारा (2) में, ''धारा 38 के अधीन आवक प्रदायों के ब्यौरे'' शब्दों और अंकों का लोप कर दिया जाएगा।

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 48 का संशोधन।

12. मूल अधिनियम की धारा 49 में,-

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 49 का संशोधन।

(क) उप-धारा (2) में, ''या धारा 43क'' षब्दों, अंकों तथा अक्षर का लोप कर दिया जाएगा; (ख) उप-धारा (4) में, ''ऐसी शर्तों'' शब्दों के बाद ''तथा निर्बन्धनों'' शब्द रखे जाएंगे; (ग) उप-धारा (11) के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

''(12) इस अधिनियम में दी गई किसी बात के होते हुए भी, सरकार, परिषद्‌ की सिफारिशों पर, ऐसी शर्तों तथा निर्बन्धनों के अधीन रहते हुए, इस अधिनियम के अधीन या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का केन्द्रीय अधिनियम 13) के अधीन आऊटपुट कर दायित्व का ऐसा अधिकतम अनुपात, जिसका किसी रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति या रजिस्ट्रीकृत व्यक्तियों के वर्ग, जो विहित किए जाएं, द्वारा इलेक्ट्रॉनिक जमा खाते के माध्यम से निर्वहन किया जा सकता है, विनिर्दिष्ट कर सकती है।''।

13. मूल अधिनियम की धारा 50 की उप-धारा (3) के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी तथा जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से प्रतिस्थापित की गई समझी जाएगी, अर्थात्‌्‌ :-

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 50 का संशोधन।

''(3) जहां इनपुट कर प्रत्यय का गलत उपभोग तथा उपयोग किया गया है, तो रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, गलत उपभोग तथा उपयोग किए गए ऐसे इनपुट कर प्रत्यय पर चौबीस प्रतिशत से अनधिक ऐसी दर, जो परिषद्‌ की सिफारिश पर, सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, पर ब्याज का भुगतान करेगा तथा ब्याज ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में संगणित किया जाएगा।''। 14. मूल अधिनियम की धारा 52 की उप-धारा (6) में, परन्तुक में, ''सितम्बर मास का विवरण प्रस्तुत करने के लिए देय तिथि'' शब्दों के स्थान पर, ''नवम्बर के तीसवें दिन'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे। 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 52 का संशोधन।

15. मूल अधिनियम की धारा 54 में,-

(क) उपधारा (1) में, परन्तुक में, ''धारा 39 के अधीन प्रस्तुत विवरणी में ऐसे प्रतिदाय का ऐसी रीति'' शब्दों तथा अंकों के स्थान पर, ''ऐसे प्रतिदाय का ऐसी रीति तथा प्ररूप'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 54 का संशोधन।

(ख) उपधारा (2) में, ''छह मास'' शब्दों के स्थान पर, ''दो वर्ष'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे; (ग) उपधारा (10) में, ''उपधारा (3) के अधीन'' शब्द, कोष्ठक तथा अंक का लोप कर दिया जाएगा;

(घ) व्याख्या में, खण्ड (2) में, उपखण्ड (ख) के बाद, निम्नलिखित उपखण्ड रखा जाएगा, अर्थात्‌ः- ''(खक) किसी विशेष आर्थिक जोन विकासकर्ता या किसी विशेष आर्थिक जोन इकाई, जहां भुगतान किए गए कर का प्रतिदाय अपने आप ऐसे प्रदायों या ऐसे प्रदायों में प्रयुक्त इनपुटस या इनपुट सेवाओं, जैसी भी स्थिति हो, के संबंध में उपलब्ध है, को मालों या सेवाओं या दोनों की शून्य दर पर प्रदाय की दशा में, ऐसे प्रदायों के संबंध में धारा 39 के अधीन विवरणी प्रस्तुत करनेे के लिए देय तिथि;''।265 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2022 (AGHN. 28, 1944 SAKA) 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 146 के अधीन जारी की गई अधिसूचना का भूतलक्षी प्रभाव से संशोधन। 16. (1) हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 146 के अधीन परिषद्‌ की सिफारिषों पर, राज्य सरकार द्वारा जारी की गई हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 20/एसटी-2, दिनांक 25 जनवरी, 2018 संषोधित मानी जाएगी तथा चतुर्थ अनुसूची के खाना (2) के नीचे विनिर्दिष्ट रीति में, उस अनुसूची के खाना (3) के नीचे विनिर्दिष्ट तिथि से भूतलक्षी प्रभाव से संशोधित की गई समझी जाएगी। (2) उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए, राज्य सरकार को भूतलक्षी प्रभाव से उक्त उप-धारा में निर्दिष्ट अधिसूचना को संषोधित करने की षक्ति होगी तथा संशोधित करने की शक्ति समझी जाएगी, मानो राज्य सरकार को सभी तात्विक समयों पर भूतलक्षी प्रभाव से हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 146 के अधीन उक्त अधिसूचना को संशोधित करने की शक्ति थी।

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 50 की उपधारा (1) तथा (3), धारा 54 की उपधारा (12) तथा धारा 56 के अधीन जारी की गई अधिसूचना का भूतलक्षी प्रभाव से संशोधन। 17. (1) हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 50 की उपधारा (1) तथा (3), धारा 54 की उपधारा (12) तथा धारा 56 के अधीन परिषद्‌ की सिफारिषों पर, राज्य सरकार द्वारा जारी की गई हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 45/एसटी-2, दिनांक 30 जून, 2017 संषोधित मानी जाएगी तथा पांचवीं अनुसूची के खाना (2) के नीचे विनिर्दिष्ट रीति में, उस अनुसूची के खाना (3) के नीचे विनिर्दिष्ट तिथि से भूतलक्षी प्रभाव से संशोधित की गई समझी जाएगी। (2) उपधारा (1) के प्रयोजन के लिए, राज्य सरकार को भूतलक्षी प्रभाव से उक्त उप-धारा में निर्दिष्ट अधिसूचना को संषोधित करने की षक्ति होगी तथा संशोधित करने की शक्ति समझी जाएगी, मानो राज्य सरकार को सभी तात्विक समयों पर भूतलक्षी प्रभाव से हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 50 की उपधारा (1) तथा (3), धारा 54 की उपधारा (12) तथा धारा 56 के अधीन उक्त अधिसूचना को संशोधित करने की शक्ति थी।

कतिपय मामलों में राज्य कर के उद्‌ग्रहण या संग्रहण से भूतलक्षी प्रभाव से छूट। 18. (1) हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 9 की उप-धारा (1) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद्‌ की सिफारिषों पर, हरियाणा सरकार द्वारा जारी की गई हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 35/एसटी-2, दिनांक 30 जून, 2017 में दी गई किसी बात के होते हुए भी, जुलाई, 2017 के प्रथम दिन को आरम्भ होने वाली तथा सितम्बर, 2019 के तीसवें दिन को समाप्त होने वाली (दोनों दिन सम्मिलित हैं) अवधि के दौरान, मत्स्य तेल को छोड़कर, मत्स्य आहार (2301 शीर्ष के अधीन आने वाला) के उत्पादन के दौरान उत्पन्न अनआशयित अपशिष्ट के प्रदाय के संबंध में कोई भी राज्य कर उद्‌गृहीत या संगृहीत नहीं किया जाएगा। (2) ऐसे सभी करों का प्रतिदाय नहीं किया जाएगा, जो संगृहीत किए गए हैं, किन्तु जिन्हें इस प्रकार संगृहीत नहीं किया जाता, यदि उपधारा (1) सभी तात्विक समयों पर लागू होती।

2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 7 की उपधारा (2) के अधीन जारी की गई अधिसूचना का भूतलक्षी प्रभाव। 19. (1) उपधारा (2) के उपबन्धों के अध्यधीन, हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 की धारा 7 की उप-धारा (2) के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए, परिषद्‌ की सिफारिषों पर, हरियाणा सरकार द्वारा जारी की गई हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 92/जीएसटी-2, दिनांक प्रथम अक्तूबर, 2019, सभी प्रयोजनों के लिए जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से लागू हुई तथा सदैव लागू हुई समझी जाएगी। (2) सभी ऐसे राज्य करों का प्रतिदाय नहीं किया जाएगा, जो संगृहीत किए गए हैं, किन्तु जिन्हें इस प्रकार संगृहीत नहीं किया जाता, यदि उपधारा (1) में निर्दिष्ट अधिसूचना सभी तात्विक समयों पर लागू होती।266 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2022 (AGHN. 28, 1944 SAKA)

चतुर्थ अनुसूची

अधिसूचना संख्या तथा तिथि संशोधन संशोधन की प्रभावी तिथि
(1) (2) (3)
हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 20/एसटी-2, दिनांक 25 जनवरी, 2018 उक्त अधिसूचना में, पैरा 1 में, ''विवरणियों को प्रस्तुत करने, एकीकृत कर के संग्रहण और बंदोबस्त'' शब्दों के स्थान पर, निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्‌ :- ''विवरणियों को प्रस्तुत करने तथा एकीकृत कर के संग्रहण तथा बन्दोबस्त तथा हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 107/जीएसटी-2, दिनांक 31 दिसम्बर, 2019 में यथा अन्यथा उपबन्धित के सिवाय, हरियाणा माल और सेवा कर नियम, 2017 के अधीन उपबन्धित सभी कृत्यों।''। 22 जून, 2017
267 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 19, 2022 (AGHN. 28, 1944 SAKA)

पांचवीं अनुसूची

अधिसूचना संख्या तथा तिथि संशोधन संशोधन की प्रभावी तिथि
(1) (2) (3)
हरियाणा सरकार, आबकारी तथा कराधान विभाग, अधिसूचना संख्या 45/एसटी-2, दिनांक 30 जून, 2017 उक्त अधिसूचना में, सारणी में, क्रम संख्या 2 के सामने, खाना (3) के नीचे, ''24'' अंकों के स्थान पर, ''18'' अंक प्रतिस्थापित किए जाएंगे। प्रथम जुलाई, 2017।

बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

10048—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 19 December 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2022-12-19.Extra-Ordinary_Leg-No-30-2022/. Archive identifier in.gazette.haryana.2022-12-19.Extra-Ordinary_Leg-No-30-2022.