भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 13 मार्च, 2023
संख्या लैज. 3/2023.- दि हरियाणा पंचायती राज (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2022 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 2 मार्च, 2023 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2023 का हरियाणा अधिनियम संख्या 3
हरियाणा पंचायती राज (संषोधन) अधिनियम, 2022 हरियाणाा पंचायती राज अधिनियम, 1994 को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित होः-
1. यह अधिनियम हरियाणा पंचायती राज (संषोधन) अधिनियम, 2022, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 के खण्ड (xxi) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्ः- '(xxi-क) "मण्डल आयुक्त" से अभिप्राय है, मण्डल का मण्डल आयुक्त;'।
1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 2 का संषोधन। 3. मूल अधिनियम की धारा 9 में,-
(क) उपधारा (4) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी तथा 02 सितम्बर, 2022
से प्रतिस्थापित की गई समझी जाएगी, अर्थात्् :-
1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 9 का संषोधन। "(4) प्रत्येक ग्राम पंचायत में पिछडे़ वर्गों (क) के लिए पंच के वार्ड आरक्षित किए जाएंगे तथा इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, उस ग्राम पंचायत में वार्डों की कुल संख्या के समरूप अनुपात में यथाशक्य निकटतम होगी, जो उस ग्राम सभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या में पिछडे़ वर्गों (क) की जनसंख्या की अधिकतम प्रतिशतता का आधा होगी तथा यदि दशमलव मान 0.5 अथवा उससे अधिक है, तो आगामी उच्चतर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी तथा ऐसे वार्ड, अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित से भिन्न वार्डों में से डॅ्रा आफ लॉटस द्वारा तथा उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगे :
परन्तु प्रत्येक ग्राम पंचायत में पिछड़े वर्गों (क) से सम्बंधित कम से कम एक पंच होगा, यदि इसकी जनसंख्या सभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या का दो प्रतिषत या उससे अधिक है और ऐसा वार्ड अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित से भिन्न वार्डों में से डॅ्रा आफ लॉटस द्वारा और उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किया जायेगा :
परन्तु यह और कि जहां इस उप-धारा के अधीन पिछड़े वर्गों (क) के लिए इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या जोड़े जाने पर, उस ग्राम पंचायत में वार्डों की कुल संख्या का पचास प्रतिषत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या, ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी, जो पिछड़े वर्गों (क) तथा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों की कुल संख्या, उस ग्राम पंचायत में कुल वार्डों के पचास प्रतिषत से अधिक नहीं होगी।
व्याख्या.- इस उपधारा के अधीन पिछड़े वर्गों (क) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, ग्राम सभा क्षेत्र की जनसंख्या तथा उक्त सभा क्षेत्र में पिछड़े वर्गों (क) की जनसंख्या ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।'';
40 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), MAR. 13, 2023 (PHGN. 22, 1944 SAKA)(ख) उपधारा (7) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी तथा 02 सितम्बर, 2022 से प्रतिस्थापित की गई समझी जाएगी, अर्थात्् :-
''(7) किसी खण्ड में सरपंच के पदों की कुल संख्या का आठ प्रतिषत तथा यदि दशमलव मान 0.5 अथवा उससे अधिक है, तो आगामी उच्चतर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी, पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित होगा तथा उन ग्राम पंचायतों, जहां सरपंच का पद उपधारा (5) के अधीन अनुसूचित जातियों के लिए पहले से ही आरक्षित है, को निकालने के बाद, में पिछड़े वर्गों (क), जिनमें पिछड़े वर्गों (क) की जनसंख्या की अधिकतम प्रतिशतता है, के लिए आरक्षण हेतु प्रस्तावित ग्राम पंचायतों की अधिकतम तीन गुणा संख्या में से डॅ्रा ऑफ लॉटस द्वारा तथा उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगे :
परन्तु जहां इस उप-धारा के अधीन पिछड़े वर्गों (क) के लिए इस प्रकार आरक्षित सरपंच के पदों की संख्या, अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सरपंच के पदों की संख्या जोड़े जाने पर, उस खण्ड में सरपंच के पदों की कुल संख्या से पचास प्रतिषत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित सरपंच के पदों की संख्या ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी, जो पिछड़े वर्गों (क) तथा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सरपंच के पदों की कुल संख्या, उस खण्ड में सरपंच के कुल पदों के पचास प्रतिषत से अधिक नहीं होगी।
व्याख्या.- इस उपधारा के अधीन पिछड़े वर्गों (क) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, खण्ड की जनसंख्या तथा उक्त खण्ड में पिछड़े वर्गों (क) की जनसंख्या, ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।''।
4. मूल अधिनियम की धारा 51 में,-
(i) उप-धारा (3) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 51 का संषोधन।
"(3क) निदेषक या उपायुक्त, जैसी भी स्थिति हो, उस व्यक्ति की तरफ देय राषि, यदि कोई हो, का निर्धारण करेगा, जिसे उसकी उपेक्षा या अवचार के परिणामस्वरूप ग्राम निधि या सम्पत्ति को हुई हानि, दुव्र्यय या दुरूपयोजन के कारण उपधारा (3) के अधीन हटाया गया है तथा उपायुक्त आदेष की तिथि से तीन मास की अवधि के भीतर हानि की राषि की वसूली करेगा और यदि उक्त अवधि के भीतर राषि की वसूली नहीं की जाती है, तो उसकी वसूली भू-राजस्व के बकाया के रूप में की जाएगी।'';
(ii) उप-धारा (5) में, ''सरकार'' शब्द के स्थान पर, ''मण्डल आयुक्त'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
5. मूल अधिनियम की धारा 53 में,- (i) उप-धारा (2) में,-
(क) ''खण्ड विकास तथा पंचायत अधिकारी'' शब्दों के स्थान पर, ''उप-मण्डल 1994 के हरियाणा अधिनियम 11 में धारा 53 का संषोधन।
अधिकारी'' शब्द तथा चिह्न प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ख) अन्त में विद्यमान ''और इसकी वसूली के लिए आवष्यक कदम उठा सकता है''
शब्दों का लोप कर दिया जाएगा;
(ii) उप-धारा (4) के बाद, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात् :-
"(4क) उपायुक्त, आदेष की तिथि से तीन मास की अवधि के भीतर उप-मण्डल अधिकारी द्वारा निर्धारित हानि की राषि की वसूली करेगा और यदि उक्त अवधि के भीतर राषि की वसूली नहीं की जाती है, तो उसकी वसूली भू-राजस्व के बकाया के रूप में की जाएगी।''।
6. मूल अधिनियम की धारा 59 की उपधारा (4) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी तथा 02 सितम्बर, 2022 से प्रतिस्थापित की गई समझी जाएगी, अर्थात् :-
1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 59 का संशोधन।
''(4) प्रत्येक पंचायत समिति में पिछड़े वर्गों (क) के लिए सदस्यों के वार्ड आरक्षित होंगे तथा इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, उस पंचायत समिति में वार्डों की कुल संख्या के समरूप अनुपात में यथाशक्य निकटतम होगी, जो उस खण्ड की कुल जनसंख्या में पिछड़े वर्गों (क) की41 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), MAR. 13, 2023 (PHGN. 22, 1944 SAKA) जनसंख्या की प्रतिशतता का आधा होगी तथा यदि दशमलव मान 0.5 या उससे अधिक है, तो आगामी उच्चतर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी तथा ऐसे वार्ड अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित से भिन्न वार्डों में से ड्रा ऑफ लॉटस द्वारा तथा उारवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगे : परन्तु जहां पिछड़े वर्गों (क) के लिए इस प्रकार आरक्षित पंचायत समिति के वार्डों की संख्या, अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या जोड़े जाने पर, उस खण्ड में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिशत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी, जो पिछड़े वर्गों (क) तथा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों की कुल संख्या, उस पंचायत समिति में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
व्याख्या.- इस उपधारा के अधीन पिछड़े वर्गों (क) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, खण्ड की जनसंख्या तथा उस खण्ड में पिछड़े वर्गों (क) की जनसंख्या ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।''।
7. मूल अधिनियम की धारा 120 की उपधारा (4) के स्थान पर, निम्नलिखित उपधारा प्रतिस्थापित की जाएगी तथा 02 सितम्बर, 2022 से प्रतिस्थापित की गई समझी जाएगी, अर्थात् :-
1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 120 का संशोधन। ''(4) प्रत्येक जिला परिषद् में पिछड़े वर्गों (क) के लिए सदस्यों के वार्ड आरक्षित होंगे तथा इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, उस जिला परिषद् क्षेत्र में वार्डों की कुल संख्या के समरूप अनुपात में यथाशक्य निकटतम होगी, जो उस जिला परिषद् क्षेत्र की कुल जनसंख्या में पिछड़े वर्गों (क) की जनसंख्या की प्रतिशतता का आधा होगी तथा यदि दशमलव मान 0.5 अथवा उससे अधिक है, तो आगामी उच्चतर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी तथा अनुसूचित जातियों के लिए पहले से ही आरक्षित जिला परिषद् के उन वार्डों को निकालने के बाद, पिछड़े वर्गों (क), जिनमें पिछड़े वर्गों (क) की जनसंख्या की अधिकतम प्रतिशतता है, के आरक्षण हेतु प्रस्तावित जिला परिषद् के वार्डों की अधिकतम तीन गुणा संख्या में से ड्रा ऑफ लॉटस द्वारा तथा उारवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगे :
परन्तु जहां इस उपधारा के अधीन पिछड़े वर्गों (क) के लिए इस प्रकार आरक्षित जिला परिषद् के वार्डों की संख्या, अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या को जोड़ने पर, उस जिला परिषद् में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिशत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित जिला परिषद् के वार्डों की संख्या, ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी, जो पिछड़े वर्गों (क) तथा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित कुल वार्डों की संख्या, उस जिला परिषद् में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
व्याख्या.- इस उपधारा के अधीन पिछड़े वर्गों (क) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, जिला परिषद् क्षेत्र की जनसंख्या तथा उक्त क्षेत्र में पिछड़े वर्गों (क) की जनसंख्या ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।''।
निरसन तथा व्यावृत्ति। 8. (1) हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश, 2022 (2022 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 1), इसके द्वारा, निरसित किया जाता है।
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेष के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई इस अधिनियम के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी।
बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
10256—L.R.—H.G.P., Pkl.