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Haryana Gazette · Government of Haryana

THE HARYANA STATE TUBE-WELL (REPEAL) ACT, 2022 (HARYANA ACT NO.13 OF 2023).

Published 27 March 2023

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
58-2023/Ext
Notification no.
Leg.No.13/2023
Identifier
in.gazette.haryana.2023-03-27.Extra-Ordinary_Leg-No-13-2023
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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EXTRAORDINARY Published by Authority

© Govt. of Haryana

No. 58–2023/Ext.] चण्डीगढ़, सोमवार, दिनांक 27 मार्च, 2023

(चैत्र 6, 1945 शक)

fo/kk;h ifjf'k"V

क्रमांक विषय वस्तु

पृृष्ठ Hkkx-I vf/kfu;e

1. हरियाणा राज्य नलकूप (निरसन) अधिनियम, 2022

65 (2023 का हरियाणा अधिनियम संख्या 13)

67 2. हरियाणा लघु नहर (निरसन) अधिनियम, 2022 (2023 का हरियाणा अधिनियम संख्या 14)

(केवल हिन्दी में)

Hkkx-II v/;kns'k

कुछ नहीं।

Hkkx-III çR;k;ksftr fo/kku

कुछ नहीं।

Hkkx-IV 'kqf)&iphZ] iqu% izdk'ku rFkk izfrLFkkiu

कुछ नहीं।(xxi) 65 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), MAR. 27, 2023 (CHTR. 6, 1945 SAKA) भाग&I

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 27 मार्च, 2023

संख्या लैज.13/2023.— दि हरियाणा स्टेट टयूबवैल (रिपील) ऐक्ट, 2022 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 17 मार्च, 2023 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17), की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-

2023 का हरियाणा अधिनियम संख्या 13

हरियाणा राज्य नलकूप (निरसन) अधिनियम, 2022 हरियाणा राज्य नलकूप अधिनियम, 1954 को निरसित करने के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित हो :-

1. यह अधिनियम हरियाणा राज्य नलकूप (निरसन) अधिनियम, 2022, कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा राज्य नलकूप अधिनियम, 1954, इसके द्वारा, निरसित किया जाता है। 1954 के पंजाब

अधिनियम 21 का निरसन।

व्यावृत्ति। 3. इस अधिनियम द्वारा निरसन, किसी अन्य अधिनियमिति को प्रभावित नहीं करेगा, जिसमें निरसित अधिनियमिति लागू, निगमित या निर्दिष्ट की गई है; और यह अधिनियम पहले से की गई या सहन की गई किसी बात की वैधता, अवैधता, प्रभाव या परिणामों या पहले से अर्जित, प्रोदभूत या उपगत किसी अधिकार, हक, बाध्यता या दायित्व, या उनके सम्बन्ध में किसी उपचार या कार्यवाही, या किसी ऋण, शास्ति, बाध्यता, दायित्व, दावे या मांग की अथवा से किसी निर्मुक्ति या उन्मोचन, या पहले से दी गई किसी क्षतिपूर्ति, या किसी पूर्व कार्य या बात के सबूत को प्रभावित नहीं करेगा; और न ही यह अधिनियम विधि के किसी सिद्धान्त या नियम, या स्थापित अधिकारिता, अभिवचन, व्यवहार या प्रक्रिया के रूप या क्रम, या विद्यमान प्रथा, रूढ़ि, विशेषाधिकार, निर्बन्धन, छूट, पद या नियुक्ति को प्रभावित करेगा, इस बात के होते हुए भी कि वे क्रमशः इसके द्वारा निरसित अधिनियम द्वारा, उसके या उससे किसी भी रीति में अभिपुष्ट किए गए हों या मान्यता दी गई हो या व्युत्पन्न हुए हों; और न ही किसी अधिनियमिति के अधिनियम का निरसन, किसी अधिकारिता, पद, रूढ़ि, दायित्व, अधिकार, हक, विशेषाधिकार, निर्बन्धन, छूट, प्रथा, रिवाज, प्रक्रिया या अन्य मामले या बात को पुनरूजीवित या प्रत्यावर्तित करेगा, जो अब प्रचलित या लागू नहीं है।

बिमलेश तंवर, सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

10291—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 27 March 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2023-03-27.Extra-Ordinary_Leg-No-13-2023/. Archive identifier in.gazette.haryana.2023-03-27.Extra-Ordinary_Leg-No-13-2023.