Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 137-2024/Ext.] चण्डीगढ़, शुक्रवार, दिनांक 06 सितम्बर, 2024
(15 भद्रा, 1946 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग-I अधिनियम
कुछ नहीं
भाग-II अध्यादेष
हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिष्चितता) अध्यादेष,
17-21 (2024 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 1)
(केवल हिन्दी में)
भाग-III प्रत्यायोजित विधान
अधिसूचना संख्या का०आ० 55/के०अ० 43/1995/धा० 14/2024, दिनांक 06 सितम्बर, 2024- 201-202 हरियाणा वक्फ बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति करने बारे।
भाग-IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं
(xlvi)
17 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 6, 2024 (BHDR. 15, 1946 SAKA)भाग-II
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 6 सितम्बर, 2024
संख्या लैज 14/2024.- दि हरियाणा कॉनट्रैक्टयूअ्ल इम्प्लॉइज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) ऑर्डिनन्स, 2024 का निम्नलिखित अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 02 सितम्बर, 2024 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (ग) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2024 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 1
हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिष्चितता) अध्यादेष, 2024
संविदात्मक कर्मचारियों की सेवा की सुनिष्चितता
और उससे सम्बन्धित या उसके
आनुषंगिक मामलों के लिए उपबन्ध करने हेतु
अध्यादेश
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में हरियाणा के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित। चूंकि हरियाणा राज्य विधानमण्डल का सत्र नहीं हो रहा है तथा राज्यपाल की सन्तुष्टि हो गई है
कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं, जिनके कारण तुरन्त कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है ;
इसलिए, अब, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग
करते हुए, हरियाणा के राज्यपाल, इसके द्वारा, निम्नलिखित अध्यादेष प्रख्यापित करते हैं :-
संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ तथा विस्तार। 1. (1) यह अध्यादेष हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिष्चितता) अध्यादेष, 2024 कहा जा सकता है। (2) यह राजपत्र में इसके प्रकाषन की तिथि से लागू होगा।
(3) इसका विस्तार सम्पूर्ण हरियाणा राज्य में होगा।
परिभाषाएं। 2. इस अध्यादेष में, जब तक सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) "नियत तिथि" से अभिप्राय है, 15 अगस्त, 2024;
(ख) "समुचित प्राधिकारी" से अभिप्राय है, ऐसा नियुक्ति प्राधिकारी, जिसे सरकार द्वारा सरकारी
संस्था हेतु अधिसूचित किया जाए;
(ग) "अपीलीय प्राधिकारी" से अभिप्राय है, ऐसा अपीलीय प्राधिकारी, जिसे सरकार द्वारा सरकारी
संस्था हेतु अधिसूचित किया जाए;
(घ) "पात्र संविदात्मक कर्मचारी" से अभिप्राय है, नियत तिथि को सरकारी संस्था में संविदा,
तदर्थ या आउटसोर्स आधार पर नियोजित कोई कर्मचारी;
(ड.) "सरकार" से अभिप्राय है, मानव संसाधन विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार;
(च) "सरकारी संस्था" से अभिप्राय है, कोई विभाग, बोर्ड, निगम या प्राधिकरण, जिसके अधीन
पात्र संविदात्मक कर्मचारी, इस अध्यादेष की प्रारम्भ की तिथि को कार्यरत था;
(छ) "विहित" से अभिप्राय है, इस अध्यादेष के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित;
(ज) "अनुसूची" से अभिप्राय है, इस अध्यादेष से संलग्न अनुसूची; (झ) "अधिवर्षिता" से अभिप्राय है, अधिवर्षिता की आयु, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए।
पात्रता की शर्तें। 3. पात्र संविदात्मक कर्मचारी वह कर्मचारी होगा,-
(i) (क) जिसे सरकारी संस्था द्वारा संविदा आधार पर नियोजित गया है और जो नियत तिथि को ऐसी सरकारी संस्था की सेवा में है और प्रतिमास 50,000/- रूपए तक का पारिश्रमिक प्राप्त कर रहा है; या18 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 6, 2024 (BHDR. 15, 1946 SAKA) (ख) जिसे संविदात्मक व्यक्तियों का परिनियोजन नीति, 2022 के अधीन हरियाणा कौषल रोजगार निगम द्वारा परिनियोजित किया गया है और जो नियत तिथि को किसी सरकारी संस्था की सेवा में है;
(ii) जिसने नियत तिथि को पूर्णकालिक आधार पर सरकारी संस्था में कम से कम पाँच वर्ष की
सेवा पूरी कर ली हो।
व्याख्या 1.- सेवा की अवधि वह अवधि मानी जाएगी, जिसके लिए सरकारी संस्था द्वारा पात्र संविदात्मक कर्मचारी को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पारिश्रमिक दिया गया था और इसमें सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किसी अवकाष की अवधि भी शामिल होगी। व्याख्या 2.- नियोजन के वर्षों की संख्या की गणना के प्रयोजनों हेतु, किसी संविदात्मक कर्मचारी, जिसने एक कैलेण्डर वर्ष में कम से कम 240 दिन के लिए पारिश्रमिक प्राप्त किया हो, को सम्पूर्ण वर्ष के लिए कार्य किया गया समझा जाएगा,
किन्तु इसमें वह कर्मचारी शामिल नहीं होगा,-
(i) जिसे केन्द्रीय सरकार द्वारा भागतः या पूर्णतः भुगतान वाली केन्द्रीय प्रायोजित योजनाओं के अधीन नियोजित किया गया हो; या
(ii) जिसे मानदेय आधार पर नियोजित किया गया हो; या
(iii) जिसे सरकारी संस्था द्वारा अंषकालिक आधार पर की गई सेवा के लिए पारिश्रमिक का भुगतान किया गया हो; या
(iv) जिसने नियत तिथि को अठावन वर्ष की आयु पूरी कर ली हो; या
(v) जिसे इस अध्यादेष के प्रारम्भ की तिथि को या से पूर्व समुचित प्राधिकारी द्वारा हटा दिया गया हो या जिसकी सेवा समाप्त कर दी गई हो।
नियोजन का कार्यकाल।
4. पात्र संविदात्मक कर्मचारी, सरकारी संस्था में निरन्तर कार्य करता रहेगा, जब तक वह अधिवर्षिता की आयु पूरी नहीं कर लेता।
पारिश्रमिक । 5. (1) पात्र संविदात्मक कर्मचारी, सरकारी संस्था में की गई सेवा के वर्षों के आधार पर प्रथम अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट अतिरिक्त पारिश्रमिक सहित तत्समान पद के वेतन स्तर में प्रारम्भिक वेतन के बराबर समेकित मासिक पारिश्रमिक प्राप्त करेगाः
परन्तु जहां सरकारी संस्था तत्समान पद अवधारित करने में असमर्थ है, तो मामला मुख्य सचिव को भेजा जाएगा, जो अपर मुख्य सचिव, हरियाणा सरकार, वित्त विभाग के परामर्ष से इस उप-धारा के प्रयोजनाें के लिए तत्समान पद अवधारित करेगा।
(2) उप-धारा (1) में दी गई किसी बात के होते हुए भी, प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट अतिरिक्त पारिश्रमिक सहित समेकित मासिक पारिश्रमिक नियत तिथि को पात्र संविदात्मक कर्मचारी द्वारा आहरित पारिश्रमिक से कम नहीं होगा।
(3) पात्र संविदात्मक कर्मचारी, ऐसे अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त करेगा, जो प्रथम अनुसूची में विनिर्दिष्ट किए गए हैं।
(4) महँगाई भत्ते में वृद्धि के तत्समान प्रत्येक वर्ष जनवरी के प्रथम दिन तथा जुलाई के प्रथम दिन से समेकित मासिक पारिश्रमिक में वृद्धि की जाएगी।
(5) सरकार, इस अध्यादेष के प्रारम्भ की तिथि से प्रथम वर्ष के समापन पर और उसके बाद प्रत्येक वर्ष समेकित मासिक पारिश्रमिक पर वेतनवृद्धि अधिसूचित कर सकती है।
अनुसूची को संषोधित करने की शक्ति।
6. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, अनुसूची को संषोधित या पुनरीक्षित कर सकती है। (2) उप-धारा (1) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, इसके जारी किए जाने के बाद यथाषीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखी जाएगी।
7. अनुषासन, शास्तियों, अपीलों से सम्बन्धित मामलों और अन्य मामलों में, जो इस अध्यादेष के अधीन विषेष रूप से उपबंधित नहीं किए गए हैं, पात्र संविदात्मक कर्मचारी ऐसे नियमों से शासित होगा, जो विहित किए जाएं।
अनुषासन, शास्तियां, अपीलें तथा अन्य मामले।19 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 6, 2024 (BHDR. 15, 1946 SAKA) कठिनाई दूर करने की शक्ति। 8. (1) यदि इस अध्यादेष के उपबन्धों को प्रभावी रूप देने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार, राजपत्र में प्रकाषित आदेष द्वारा, इस अध्यादेष के उपबन्धों से अनुअसंगत ऐसे उपबन्ध कर सकती है, जो इसे कठिनाई दूर करने के प्रयोजन के लिए आवष्यक या समीचीन प्रतीत हाेंः
परन्तु इस अध्यादेष के प्रारम्भ की तिथि से दो वर्ष की समाप्ति के बाद इस धारा के अधीन कोई भी आदेष नहीं किया जाएगा। (2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेष, इसके किए जाने के बाद यथाषीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा।
सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण। 9. इस अध्यादेष या इसके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों या किए गए आदेषों के अनुसरण में सद्भावपूर्वक की गई या किए जाने के लिए आषयित किसी बात के लिए सरकार या सरकार के किसी अधिकारी या कर्मचारी या सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति या प्राधिकारी के विरूद्ध कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं हो सकेगी।
नियम बनाने की शक्ति। 10. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अध्यादेष के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकती है।
(2) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, इसके बनाए जाने के बाद यथाषीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा।
11. हरियाणा अतिथि षिक्षक सेवा अधिनियम, 2019 (2019 का 13) के उपबन्ध, द्वितीय अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट के अनुसार संषोधित किए जाएंगे।
2019 के हरियाणा अधिनियम 13 का संषोधन।20 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 6, 2024 (BHDR. 15, 1946 SAKA)
प्रथम अनुसूची
(देखिए धारा 5)
| 1. | अतिरिक्त पारिश्रमिक, निम्न अनुसार नियत किया जाएगा, अर्थात्ः- | ||||
| क्रम संख्या | नियत तिथि को नियोजन के वर्षों की संख्या | नियत तिथि को वेतन स्तर में प्रारम्भिक वेतन से अधिक अतिरिक्त पारिश्रमिक | |||
| (i) | 10 वर्ष से अधिक | वेतन स्तर में प्रारम्भिक वेतन का 15 प्रतिषत | |||
| (ii) | 8 वर्ष से अधिक किन्तु 10 वर्ष तक | वेतन स्तर में प्रारम्भिक वेतन का 10 प्रतिषत | |||
| (iii) | 5 वर्ष से अधिक किन्तु 8 वर्ष तक | वेतन स्तर में प्रारम्भिक वेतन का 5 प्रतिषत | |||
| 2. | प्रधान मंत्री- जन आरोग्य योजना (पी0एम0-जे0ऐ0वाई0) चिरआयु विस्तार योजना के अधीन यथा अधिसूचित या सरकार द्वारा यथा संषोधित के अनुसार स्वास्थ्य देखभाल लाभ। | ||||
| 3. | सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (2020 का केन्द्रीय अधिनियम 36) में विनिर्दिष्ट दराें के समान मृत्यु-एवं-सेवानिवृत्ति उपादान। | ||||
| 4. | सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (2020 का केन्द्रीय अधिनियम 36) के उपबन्धों के अनुसार प्रसुति प्रसुविधा। | ||||
| 5. | ऐसी नीति, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, के अनुसार हरियाणा कौषल रोजगार निगम में अनुग्रहपूर्वक अनुकंपा वित्तीय सहायता या अनुग्रहपूर्वक नियुक्ति के लाभ। |
द्वितीय अनुसूची
(देखिए धारा 11)
हरियाणा अतिथि षिक्षक सेवा अधिनियम, 2019 (2019 का 13) का संषोधन
1. हरियाणा अतिथि षिक्षक सेवा अधिनियम, 2019 (2019 का 13) (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 4 में, "तथापि, ऐसा समेकित मानदेय विभाग के तत्समान नियमित षिक्षकों को दिए गए न्यूनतम वेतनमान (नियमित वेतनमान में निम्नतम ग्रेड) से अधिक नहीं होगा।" शब्दों तथा चिह्न का लोप कर दिया जाएगा।
2. मूल अधिनियम की धारा 4 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
"4क. अन्य लाभ.- अतिथि षिक्षक, नियत तिथि से हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिष्चितता) अध्यादेष, 2024 की प्रथम अनुसूची की मद (2), (3), (4) तथा (5) के अधीन लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होगा।"।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार,
विधि तथा विधायी विभाग।
11270—L.R.—H.G.P., Pkl.