Servants of Knowledge
Haryana Gazette · Government of Haryana

The Panchayati Raj (Amendment) Ordinance, 2024 (Haryana Ordinance No. 4 of 2024).

Published 19 September 2024

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
143-2024/Ext
Notification no.
Leg. No. 17/2024
Identifier
in.gazette.haryana.2024-09-19.Extra-Ordinary_Leg-No-17-2024
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗
27 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 19, 2024 (BHDR. 28, 1946 SAKA)

भाग-II

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 19 सितम्बर, 2024

संख्या लैज. 17/2024.- दि हरियाणा पंचायती राज (अमेन्डमेन्ट) ऑर्डिनन्स, 2024 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 12 सितम्बर, 2024 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (ग) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-

2024 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 4

हरियाणा पंचायती राज (संषोधन) अध्यादेष, 2024 हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 को आगे संषोधित करने के लिए अध्यादेष

भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में हरियाणा के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।

चूंकि हरियाणा राज्य विधानमण्डल का सत्र नहीं हो रहा है तथा राज्यपाल की संतुष्टि हो गई है कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं जिनके कारण तुरन्त कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है;

इसलिए, अब, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त षक्तियाें का प्रयोग

करते हुए, हरियाणा के राज्यपाल, इसके द्वारा, निम्नलिखित अध्यादेष प्रख्यापित करते हैंः-

1. यह अध्यादेष हरियाणा पंचायती राज (संषोधन) अध्यादेष, 2024 कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 (जिसे, इसमें, इसके बाद मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 9 में,-

(i) उपधारा (4) के बाद, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 9 का संषोधन। "(4क) प्रत्येक ग्राम पंचायत में पिछड़े वर्गों (ख) के लिए पंच के पद आरक्षित किए जाएंगे तथा इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, उस ग्राम पंचायत में वार्डों की कुल संख्या के समरूप अनुपात में यथाषक्य निकटतम होंगी, जो उस ग्राम सभा क्षेत्र में कुल जनसंख्या में पिछडे़ वर्गों (ख) की जनसंख्या की प्रतिषतता का आधा होगी तथा यदि दषमलव मान 0.5 या उससे अधिक है, तो आगामी उच्च्तर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी तथा ऐसे वार्ड, अनुसूचित जातियों तथा पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित से भिन्न वार्डों में से ड्रा ऑफ लॉटस द्वारा और उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगेः

परन्तु प्रत्येक ग्राम पंचायत में पिछडे़ वर्गों (ख) से सम्बधित कम से कम एक पंच होगा, यदि इसकी जनसख्या सभा क्षेत्र की कुल जनसंख्या का दो प्रतिषत या उससे अधिक है, और ऐसा वार्ड अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित से भिन्न वार्डों में से ड्रा ऑफ लॉटस द्वारा और उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किया जाएगाः

परन्तु यह और कि जहां इस उपधारा के अधीन पिछड़े वर्गों (ख) के लिए इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, अनुसूचित जातियों और पिछडे़ वर्गों (क) के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या में जोडे़ जाने पर, उस ग्राम पंचायत में वार्डों की कुल संख्या का पचास प्रतिषत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (ख) के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या, ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी जिससे पिछड़े वर्गों (क), पिछडे़ वर्गों (ख) तथा अनुसूचित जातियाें के लिए आरक्षित वार्डों की कुल संख्या, उस ग्राम पंचायत में कुल वार्डों के पचास प्रतिषत से अधिक नहीं होगी।

व्याख्या.- इस उपधारा के अधीन पिछड़े वर्गों (ख) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, ग्राम सभा क्षेत्र की जनसंख्या तथा उक्त सभा क्षेत्र में पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।";

28 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 19, 2024 (BHDR. 28, 1946 SAKA)

(ii) उपधारा (7) के बाद, निम्नलिखित उपधारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

"(7क) किसी खण्ड में सरपंच के पदों की कुल संख्या का पाँच प्रतिषत पिछडे़ वर्गों (ख) के लिए आरक्षित होगा तथा यदि दषमलव मान 0.5 या उससे अधिक है, तो आगामी उच्च्तर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी तथा उन ग्राम पंचायतों, जहां सरपंच का पद उपधारा (5) के अधीन अनुसूचित जातियों के लिए और उप-धारा (7) के अधीन के अधीन पिछड़े वर्गाें (क) के लिए पहले से ही आरक्षित है, को निकालने के बाद, में पिछड़े वर्गों (ख), जिनमें पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या की अधिकतम प्रतिषतता है, के लिए आरक्षण हेतु प्रस्तावित ग्राम पंचायतों की अधिकतम तीन गुणा संख्या में से ड्रा ऑफ लॉटस द्वारा और उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगेः

परन्तु जहां इस उप-धारा के अधीन पिछड़े वर्गों (ख) के लिए किसी खण्ड में इस प्रकार आरक्षित संरपच के पदों की संख्या, उस खण्ड में अनुसूचित जातियों और पिछडे़ वर्गों (क) के लिए आरक्षित सरपंच के पदों की संख्या में जोडे़ जाने पर, उस खण्ड में संरपच के पदाें की कुल संख्या का पचास प्रतिषत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (ख) के लिए आरक्षित सरपंच के पदों की संख्या, ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी, जो पिछड़े वर्गों (क), पिछडे़ वर्गों (ख) तथा अनुसूचित जातियाें के लिए आरक्षित संरपच के पदाें की कुल संख्या, उस खण्ड मेेें सरपंच के कुल पदों के पचास प्रतिषत से अधिक नहीं होगी।

व्याख्या.- इस उप-धारा के अधीन पिछड़े वर्गों (ख) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, खण्ड की जनसंख्या तथा उक्त खण्ड में पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।"।

3. मूल अधिनियम की धारा 59 की उप-धारा (4) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 59 का संषोधन।

"(4क) प्रत्येक पंचायत समिति में पिछडे़ वर्गों (ख) के लिए सदस्य के पद आरक्षित होंगे तथा इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, उस पंचायत समिति में वार्डों की कुल संख्या के समरूप अनुपात में यथाषक्य निकटतम होगी, जो उस खण्ड़ में कुल जनसंख्या में पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या की प्रतिषतता का आधा होगी तथा यदि दषमलव मान 0.5 या उससे अधिक है, तो आगामी उच्च्तर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी तथा ऐसे वार्ड, अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों (क) के लिए आरक्षित से भिन्न वार्डों में से ड्रा ऑफ लॉटस द्वारा और उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगेः

परन्तु जहां पिछडे़ वर्गों (ख) के लिए इस प्रकार आरक्षित पंचायत समिति के वार्डों की संख्या, अनुसूचित जातियों और पिछडे़ वर्गों (क) के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या में जोड़े जाने पर, उस खण्ड में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिषत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (ख) के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी, जो पिछड़े वर्गों (क), पिछड़े वर्गों (ख) तथा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों की कुल संख्या, उस पंचायत समिति में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिषत से अधिक नहीं होगी। व्याख्या.- इस उप-धारा के अधीन पिछड़े वर्गों (ख) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, खण्ड की जनसंख्या तथा उक्त खण्ड में पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।"।

4. मूल अधिनियम की धारा 120 की उप-धारा (4) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात्‌ः-

1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 120 का संषोधन।

"(4क) प्रत्येक जिला परिषद्‌ में पिछड़े वर्गोंं (ख) के लिए सदस्य के पद आरक्षित होंगे तथा इस प्रकार आरक्षित वार्डों की संख्या, उस जिला परिषद क्षेत्र में वार्डों की कुल संख्या के समरूप अनुपात में यथाषक्य निकटतम होगी, जो उस जिला परिषद क्षेत्र की कुल जनसंख्या में पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या की प्रतिषतता का आधा होगी तथा यदि दषमलव मान 0.5 अथवा उससे अधिक है, तो आगामी उच्चतर पूर्णांक में पूर्णांकित की जाएगी तथा अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों (क) के लिए पहले से ही आरक्षित जिला परिषद के उन वार्डों को निकालने के बाद, पिछड़े वर्गों29 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 19, 2024 (BHDR. 28, 1946 SAKA) (ख), जिनमें पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या की अधिकतम प्रतिषतता है, के आरक्षण हेतु प्रस्तावित जिला परिषद्‌ के वार्डों की अधिकतम तीन गुणा संख्या में से ड्रा ऑफ लॉटस द्वारा और उत्तरवर्ती चुनावों में चक्रानुक्रम द्वारा भी आबंटित किए जाएंगेः

परन्तु जहां इस उप-धारा के अधीन पिछड़े वर्गों (ख) के लिए इस प्रकार आरक्षित जिला परिषद के वार्डों की संख्या, अनुसूचित जातियों तथा पिछडे़ वर्गों (क) के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या में जोडे़ जाने पर, उस जिला परिषद में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिषत से अधिक है, तब पिछड़े वर्गों (ख) के लिए आरक्षित जिला परिषद के वार्डों की संख्या, ऐसी अधिकतम संख्या तक निर्बन्धित की जाएगी, जो पिछड़े वर्गों (क), पिछडे़ वर्गों (ख) तथा अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित कुल वार्डों की संख्या, उस जिला परिषद्‌ में वार्डों की कुल संख्या के पचास प्रतिषत से अधिक नहीं होगी।

व्याख्या.- इस उप-धारा के अधीन पिछड़े वर्गों (ख) के आरक्षण के प्रयोजन के लिए, जिला परिषद्‌ क्षेत्र की जनसंख्या तथा उक्त क्षेत्र में पिछड़े वर्गों (ख) की जनसंख्या ऐसी होगी, जो ऐसी तिथि, जो सरकार द्वारा अधिसूचित की जाए, को हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 (2021 का 20) के उपबन्धों के अधीन प्रमाणित परिवार सूचना डाटा कोष से ली जाए।"।

चण्डीगढ़ः दिनांक 12 सितम्बर, 2024.

बंडारू दत्तात्रेय, राज्यपाल हरियाणा।

रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

11294—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 19 September 2024. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2024-09-19.Extra-Ordinary_Leg-No-17-2024/. Archive identifier in.gazette.haryana.2024-09-19.Extra-Ordinary_Leg-No-17-2024.