Haryana Government Gazette
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© Govt. of Haryana
No. 146-2024/Ext.] चण्डीगढ़, शुक्रवार, दिनांक 27 सितम्बर, 2024
(5 आष्विन, 1946 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग I अधिनियम
कुछ नहीं
भाग II अध्यादेष
41-42 हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संषोधन अध्यादेष, 2024 (2024 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 5)।
भाग III प्रत्यायोजित विधान
कुछ नहीं
भाग IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं
(l)41 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 27, 2024 (ASVN. 5, 1946 SAKA) भाग-II
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 27 सितम्बर, 2024
संख्या लैज. 18/2024.- दि हरियाणा विलेज कॉमन लैन्डज (रेगुलेषन) अमेन्डमेन्ट ऑर्डिनन्स, 2024 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 21 सितम्बर, 2024 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (ग) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2024 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 5
हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संषोधन अध्यादेष, 2024 हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 को आगे संषोधित करने के लिए अध्यादेष
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।
चूंकि हरियाणा राज्य विधानमण्डल का सत्र नहीं हो रहा है तथा राज्यपाल की संतुष्टि हो गई है
कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं, जिनके कारण तुरन्त कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है;
इसलिए, अब, भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग
करते हुए, हरियाणा के राज्यपाल, इसके द्वारा निम्नलिखित अध्यादेष प्रख्यापित करते हैंः-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अध्यादेष हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संषोधन अध्यादेष, 2024 कहा जा सकता है।
2. हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 (जिसे, इसमें, इसके बाद मूल अधिनियम कहा गया है), की धारा 2 के खण्ड (छ) के उप-खण्ड (ii-क) के बाद, निम्नलिखित उप-खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्ः-
1961 के पंजाब अधिनियम 18 की धारा 2 का संषोधन। ''(ii-ख) जो शामलात देह थी तथा पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियम, 1964 के प्रारम्भ से पूर्व, हरियाणा भूमि उपयोग अधिनियम, 1949 (1949 का पूर्वी पंजाब अधिनियम 38) के अधीन कलक्टर द्वारा बीस वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर दी गई थी और इस संषोधन अध्यादेष के प्रारम्भ की तिथि को राजस्व अभिलेख के अनुसार उक्त भूमि पर मूल पट्टेदार, अंतरिती या उसके विधिक वारिस का लगातार खेती करने का कब्जा रहा है;''।
3. मूल अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (2) में,-
1961 के पंजाब अधिनियम 18 की धारा 3 का संषोधन। (i) खण्ड (i) में, ''उप-खण्ड (ii-क) के अधीन'' शब्दों, चिह्नों तथा कोष्ठकों के स्थान पर ''उप-खण्ड (ii-क) और (ii-ख) के अधीन'' शब्द, चिह्न तथा कोष्ठक प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ii) खण्ड (ii) में,-
(क) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर '';'' चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा; तथा
(ख) निम्नलिखित खण्ड जोड़ा जाएगा, अर्थात्ः-
''(iii) जहां कोई भूमि इस अधिनियम के अधीन पंचायत में निहित है, किन्तु ऐसी भूमि धारा 2 के खण्ड (छ) के उप-खण्ड (ii-ख) के अधीन शामलात देह से निकाली गई हैं, तो इस संषोधन अध्यादेष के प्रारम्भ की तिथि से, ऐसी भूमि में पंचायत के सभी अधिकार, हक तथा हित समाप्त हो जाएंगे तथा मूल पट्टेदार, अंतरिती या इसके विधिक वारिस के आवेदन पर कलक्टर द्वारा ऐसे सिद्धांतों के अनुसार तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में यथा निर्धारित ऐसी राषि का पंचायत को भुगतान करने के अध्यधीन ऐसे सभी अधिकार, हक तथा हित उक्त पट्टेदार, अंतरिती या उसके विधिक वारिस, जो इस संषोधन अध्यादेष के प्रारम्भ की तिथि को राजस्व अभिलेख में प्रविष्टियों के अनुसार खेती कर रहा है, में निहित होगा।''।42 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), SEPT. 27, 2024 (ASVN. 5, 1946 SAKA) 4. मूल अधिनियम की धारा 5क की उप-धारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात् :-
1961 के पंजाब अधिनियम 18 की धारा 5क का संषोधन।
''(1क) उप-धारा (1) में दी गई किसी बात के होेते हुए भी, कोई भी पंचायत, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, शामलात देह में स्थित अपनी गैर-कृषि योग्य भूमि, जिस पर गांव के किसी निवासी द्वारा 31 मार्च, 2004 को या उससे पूर्व मकान का निर्माण किया गया है, निर्मित क्षेत्र के पच्चीस प्रतिषत तक के खुले स्थान सहित जो दोनों को मिलाकर पांच सौ वर्ग गज से अधिक न हो और जो यातायात और अन्य जन उपयोगिताओं को कोई बाधा नहीं पहुंचा रहा है और तालाब या किसी अन्य जल निकाय के लिए आरक्षित की गई भूमि भी नहीं है, उपरोक्त निवासी को ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में निर्धारित की जाने वाली ऐसी दर, जो बाजार दर से कम न हो, पर विक्रय द्वारा अंतरित कर सकती है।''।
चण्डीगढ़ः दिनांक 21 सितम्बर, 2024.
बंडारू दत्तात्रेय, राज्यपाल, हरियाणा।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
11317—L.R.—H.G.P., Pkl.