Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 12-2025/Ext.] चण्डीगढ़, शुक्रवार, दिनांक 17 जनवरी, 2025
(27 पौष, 1946 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग-I अधिनियम
1. हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2024 13—14 (2024 का हरियाणा अधिनियम संख्या 19)
15 2. हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संशोधन अधिनियम, 2024
(2024 का हरियाणा अधिनियम संख्या 21)
3. हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संषोधन) अधिनियम, 2024 17 (2024 का हरियाणा अधिनियम संख्या 22)
(केवल हिन्दी में)
भाग-II अध्यादेष
कुछ नहीं
भाग-III प्रत्यायोजित विधान
अधिसूचना संख्या का०आ०4/पं०अ०18/1961/धा०15/2025, दिनांक 17 जनवरी, 2025- 11—12 पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) हरियाणा संषोधन नियम, 2025.
भाग-IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं
(vi)13 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JAN. 17, 2025 (PAUS. 27, 1946 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 17 जनवरी, 2025
संख्या लैज. 26/2024.- दि हरियाणा विलेज कॉमन लैन्डज (रेगुलेषन) अमेन्डमेन्ट ऐक्ट, 2024 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 14 जनवरी, 2025 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2024 का हरियाणा अधिनियम संख्या 19
हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2024 हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 को आगे संशोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2024 कहा जा सकता है। (2) यह 16 अगस्त, 2024 से लागू हुआ समझा जाएगा।
2. हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 (जिसे, इसमें, इसके बाद मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 के खण्ड (छ) के उप-खण्ड (ii-क) के बाद, निम्नलिखित उप-खण्ड रखा जाएगा, अर्थात्ः-
1961 के पंजाब अधिनियम 18 की धारा 2 का संशोधन। ''(ii-ख) जो शामलात देह थी तथा पंजाब ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) नियम, 1964 के प्रारम्भ से पूर्व, हरियाणा भूमि उपयोग अधिनियम, 1949 (1949 का पूर्वी पंजाब अधिनियम 38) के अधीन कलक्टर द्वारा बीस वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर दी गई थी और इस संशोधन अधिनियम के प्रारम्भ की तिथि को राजस्व अभिलेख के अनुसार उक्त भूमि पर मूल पट्टेदार, अंतरिती या उसके विधिक वारिस का लगातार खेती करने का कब्जा रहा है;''।
3. मूल अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (2) में,-
1961 के पंजाब अधिनियम 18 की धारा 3 का संशोधन। (i) खण्ड (i) में, ''उप-खण्ड (ii-क) के अधीन'' शब्दों, चिह्नों तथा कोष्ठकों के स्थान पर, ''उप-खण्ड (ii-क) और (ii-ख) के अधीन'' शब्द, चिह्न तथा कोष्ठक प्रतिस्थापित किए जाएंगे; (ii) खण्ड (ii) में,-
(क) अन्त में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर, '';'' चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा;
तथा
(ख) निम्नलिखित खण्ड जोड़ा जाएगा, अर्थात्ः-
''(iii) जहां कोई भूमि इस अधिनियम के अधीन पंचायत में निहित है, किन्तु ऐसी भूमि धारा 2 के खण्ड (छ) के उप-खण्ड (ii-ख) के अधीन शामलात देह से निकाली गई है, तो इस संशोधन अधिनियम के प्रारम्भ की तिथि से, ऐसी भूमि में पंचायत के सभी अधिकार, हक तथा हित समाप्त हो जाएंगे तथा मूल पट्टेदार, अंतरिती या उसके विधिक वारिस के आवेदन पर कलक्टर द्वारा ऐसे सिद्धांतों के अनुसार तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में यथा निर्धारित ऐसी राशि का पंचायत को भुगतान करने के अध्यधीन ऐसे सभी अधिकार, हक तथा हित उक्त पट्टेदार, अंतरिती या उसके विधिक वारिस, जिसका इस संशोधन अधिनियम के प्रारम्भ की तिथि को राजस्व अभिलेख में प्रविष्टियों के अनुसार खेती करने का कब्जा रहा है, में निहित होंगे।''।14 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), JAN. 17, 2025 (PAUS. 27, 1946 SAKA) 4. मूल अधिनियम की धारा 5क की उप-धारा (1) के बाद, निम्नलिखित उप-धारा रखी जाएगी, अर्थात् :-
1961 के पंजाब अधिनियम 18 की धारा 5क का संशोधन।
''(1क) उप-धारा (1) में दी गई किसी बात के होेते हुए भी, कोई भी पंचायत, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, शामलात देह में स्थित अपनी गैर-कृषि योग्य भूमि, जिस पर गांव के किसी निवासी द्वारा 31 मार्च, 2004 को या उससे पूर्व मकान का निर्माण किया गया है, निर्मित क्षेत्र के पच्चीस प्रतिशत तक के खुले स्थान सहित जो दोनों को मिलाकर पांच सौ वर्ग गज से अधिक न हो और जो यातायात और अन्य जन उपयोगिताओं को कोई बाधा नहीं पहुंचा रहा है और तालाब या किसी अन्य जल निकाय या राजस्व रास्ता, जो ऐसे रूप में राजस्व अभिलेख में प्रविष्ट है, के लिए आरक्षित की गई भूमि भी नहीं है, उपरोक्त निवासी को ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में निर्धारित की जाने वाली ऐसी दर, जो बाजार दर से कम न हो, पर विक्रय द्वारा अंतरित कर सकती है।''।
निरसन तथा व्यावृत्ति।
5. (1) हरियाणा ग्राम शामलात भूमि (विनियमन) संशोधन अध्यादेश, 2024 (2024 का हरियाणा अध्यादेश संख्या 5), इसके द्वारा, निरसित किया जाता है। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेष द्वारा यथा संशोधित मूल अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम द्वारा यथा संशोधित मूल अधिनियम के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
11580—L.R.—H.G.P., Pkl.