भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 17 जनवरी, 2025
संख्या लैज. 28/2024.- दि हरियाणा सिख गुरूद्वारा (मैनेजमैंट) अमेन्डमेन्ट ऐक्ट, 2024 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 14 जनवरी, 2025 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2024 का हरियाणा अधिनियम संख्या 21
हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संशोधन अधिनियम, 2024 हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संशोधन अधिनियम, 2014 को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संशोधन अधिनियम, 2024 कहा जा सकता है। (2) यह 14 अक्तूबर, 2024 से लागू हुआ समझा जाएगा।
2. हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) अधिनियम, 2014 की धारा 46 की उप-धारा (1) में,-
(I) खण्ड (i) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
2014 के हरियाणा अधिनियम 22 की धारा 46 का संशोधन। ''(i) अपनी सेवानिवृत्ति या त्यागपत्र के समय पर, उच्च न्यायालय का न्यायाधीष या जिला न्यायाधीष है या था, जिला न्यायाधीष के रूप में अपनी अधिवर्षिता पर कम से कम दस वर्ष की सेवा रखता हो;'';
(II) खण्ड (iv) के स्थान पर, निम्नलिखित खण्ड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
''(iv) अध्यक्ष, उच्च न्यायालय का न्यायाधीष होगा, यदि इस प्रकार निुयक्त किया गया है, अर यदि उच्च न्यायालय का न्यायाधीष नियुक्त नहीं किया जाता है, तो जिला न्यायाधीष होगा यदि इस प्रकार नियुक्त किया गया है अर यदि जिला न्यायाधीष भी नियुक्त नहीं किया जाता है, तो आयोग के तीन चयनित सदस्यों में से एक या तो सेवा में या बार में, जैसी भी स्थिति हो, उनकी वरिष्ठता के अनुसार अध्यक्ष होगा, तथा अध्यक्ष या सदस्य की पदावधि, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से पांच वर्ष होगीः''।
निरसन तथा व्यावृत्ति। 3. (1) हरियाणा सिख गुरूद्वारा (प्रबन्धक) संशोधन अध्यादेष, 2024 (2024 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 7), इसके द्वारा, निरसित किया जाता है। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेष द्वारा यथा संषोधित मूल अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई, इस अधिनियम द्वारा यथा संषोधित मूल अधिनियम के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।