Servants of Knowledge
Haryana Gazette · Government of Haryana

Order

Published 05 February 2025

Department
State Election Commision
Type
Ordinary
Gazette no.
6-2025
Notification no.
SEC/3ME/2025/1214-1219
Identifier
in.gazette.haryana.2025-02-05.Ordinary_SEC-3ME-2025-1214-1219
Languages
English, Hindi
Published at
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Haryana Government Gazette

Published by Authority

© Government of Haryana No. 6–2025]  CHANDIGARH, TUESDAY, FEBRUARY 11, 2025 (MAGHA 22, 1946 SAKA)

PART-I

Notifications, Orders and Declarations by Haryana Government

राज्य निर्वाचन आयोग, हरियाणा निर्वाचन सदन, प्लाट नं० 2, सैक्टर-17, पंचकूला, हरियाणा-134109

आदेष

दिनांक 5 फरवरी, 2025

क्रमांक रा०नि०आ०/3एम०ई०/2025/1214-1219.—

अपील :- श्री प्रवीण कौषिक सुपुत्र श्री षिव नारायण, वार्ड नं० 21, नगर निगम, रोहतक द्वारा सहायक राज्य निर्वाचन आयुक्त के आदेष दिनांक 18.01.2021 के विरूद्ध।

नगर निगम, रोहतक के महापौर एवं अन्य सदस्यों के पदों के लिए आम चुनाव दिनांक 16.12.2018 को हुआ था, जिसके चुनाव परिणाम दिनांक 19.12.2018 को घोषित किए गए थे। इस चुनाव में श्री प्रवीण कुमार सुपुत्र श्री शिव नारायण द्वारा वार्ड नं0 21, नगर निगम, रोहतक का चुनाव लड़ा गया था। हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 8 (ख) के अनुसार चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं अथवा अपने एजेंट के माध्यम से चुनाव खर्च संबंधित सही ब्यौरा जमा करवाना होता है जिसमें नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि से लेकर चुनाव परिणाम घोषित किए जाने की तिथि तक चुनाव संबंधी सभी खर्चे का ब्यौरा रखना होता है। इसी प्रकार हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 8 (ई) के अनुसार यदि राज्य निर्वाचन आयोग इस बात से संतुष्ट है कि संबंधित व्यक्ति ने अपने चुनाव का ब्यौरा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय और तारीख से बिना उचित कारण के जमा नहीं करवाया है तो उसे आगामी पांच वर्ष के लिए चुनाव में भाग लेने के लिए आयोग्य घोषित किया जा सकता है।

उपरोक्त प्रावधानों के अन्तर्गत सहायक राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने आदेष क्रमांक एस.ई.सी./3एम.ई./ 2021/458-497 दिनांक 19.01.2021 द्वारा उसे आगामी पांच वर्षों हेतु चुनाव लड़ने के लिए आयोग्य घोषित कर दिया था। अपीलार्थी द्वारा यह अपील 19.01.2025 को उपरोक्त आदेषों के विरूद्ध की गई है। अपीलार्थी ने अपनी अपील में निवेदन ंिकया है कि वह निजी स्वास्थ्य कारणों के कारण अपने चुनाव संबंधी खर्चे का ब्यौरा समय पर जमा नहीं करवा सका। उसने बताया है कि इस चुनाव में उसके द्वारा लगभग 1,15,550/- रुपये खर्च किए गए थे, जिसकी रसीद एवं बिल अपील के साथ लगाये हैं।प्रार्थी की अपील प्राप्त होने पर उसे व्यक्तिगत निजी सुनवाई के लिए दिनांक 03.02.2025 को बुलाया गया था। वह व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आज उपस्थित हुआ है। उसने प्रगति हस्पताल, रोहतक में अपने ईलाज संबंधी कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किये हैं जो कि दिनांक 29.11.2020 के हैं। उसने बताया कि इससे पूर्व उसने अपना ईलाज Apex Plus Super Specialty Hospital, Rohtak में दाखिल हो कर दिनांक 28.04.2020 से 30.04.2020 तक करवाया था लेकिन उसे आराम नहीं हुआ। प्रगति हस्पताल में भी आराम न होने पर उसने अपना ईलाज मेदांता हॉस्पिटल, मैडिसिटी, गुरुग्राम में करवाया। उसने मौखिक तौर पर बताया कि वह बहुत अधिक सिर दर्द होने के कारण पिछले कई वर्षों से मानसिक रूप से परेशान है इसलिए वह चुनाव खर्च ब्यौरा समय पर जमा नहीं करवा सका, साथ ही उसने यह भी बताया कि पिछला चुनाव दिसम्बर, 2018 में हुआ या इस प्रकार उस चुनाव को छः वर्ष से अधिक का समय हो चुका है जबकि सहायक राज्य निर्वाचन आयुक्त, हरियाणा द्वारा उसे 18.01.2021 को अगले पांच वर्षों के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है जो कि उसके साथ (122) PART I] HARYANA GOVT. GAZ., FEB. 11, 2025 (MAGH. 22, 1946 SAKA) 123 घोर अन्याय है। यदि अपीलार्थी द्वारा व्यक्तिगत सुनवाई के समय की गई प्रार्थना पर विचार किया जाए तो उससे यह सिद्ध होता है कि उसे अत्यधिक सिर दर्द होने की बीमारी है जो कि Cluster Headache की श्रेणी में आती है और काफी समय से ईलाज करवा रहा है लेकिन उसे कोई आराम नहीं आया। उसने जो भी ईलाज संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए है वह सभी 28. 04.2020 के बाद के हैं जबकि चुनाव 16.12.2018 को हुआ था और चुनाव के परिणाम 19.12.2018 को आ गये थे। साथ ही यदि वह इस बीमारी के चलते चुनाव लड़ने की हालत में था तो वह चुनाव खर्च का ब्यौरा भी जमा करवा सकता था। यदि वह स्वयं अस्वस्थ या तो भी वह अपने एजेंट के माध्यम से चुनाव खर्च संबंधी ब्यौरा तैयार करके उपायुक्त, रोहतक के कार्यालय में निर्धारित समय सीमा में जमा करवा सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उस द्वारा अपील भी लगभग चार वर्ष बाद की गई है जो कि समयबाधित है। लेकिन यह तथ्य सही है कि पिछले चुनाव को हुये लगभग छह वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है जबकि अयोग्यता की समय सीमा साधारणतः पांच वर्ष की है इसलिए अपीलार्थी की अपील पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मैं सहायक राज्य निर्वाचन आयुक्त, हरियाणा के आदेश दिनांक 18.01.2021 को निरस्त करता हूँ तथा आदेश देता हूँ कि उसका नाम अयोग्य अभ्यर्थियों की सूची से हटा दिया जाये।

धनपत सिंह, राज्य निर्वाचन आयुक्त, हरियाणा।

11621—C.S.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 05 February 2025. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2025-02-05.Ordinary_SEC-3ME-2025-1214-1219/. Archive identifier in.gazette.haryana.2025-02-05.Ordinary_SEC-3ME-2025-1214-1219.