भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 6 फरवरी, 2025
संख्या लैज. 2/2025.- दि हरियाणा टैक्निकल एज्युकेषन गेस्ट फैकल्टी (सिक्योरिटी ऑॅफ सर्विस) ऐक्ट, 2024 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 03 फरवरी, 2025 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2025 का हरियाणा अधिनियम संख्या 2
हरियाणा तकनीकी षिक्षा अतिथि संकाय (सेवा की सुनिष्चितता) अधिनियम, 2024
अतिथि संकाय/अतिथि अनुदेषकों की सेवा की सुनिष्चितता हेतु और उससे सम्बन्धित या उसके आनुषंगिक मामलों के लिए उपबन्ध करने हेतु अधिनियम
भारत गणराज्य के पचहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित होः-
संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ तथा विस्तार। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा तकनीकी षिक्षा अतिथि संकाय (सेवा की सुनिष्चितता) अधिनियम, 2024 कहा जा सकता है।
(2) यह ऐसी तिथि से लागू होगा, जो सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे। (3) इसका विस्तार सम्पूर्ण हरियाणा राज्य में होगा।
परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(क) "अपीलीय प्राधिकारी" से अभिप्राय है, ऐसा अपीलीय प्राधिकारी, जिसे सरकार, राजपत्र में
अधिसूचना द्वारा, निदेषालय हेतु विनिर्दिष्ट करे;
(ख) "नियत तिथि" से अभिप्राय है, 15 अगस्त, 2024; (ग) "समुचित प्राधिकारी" से अभिप्राय है, ऐसा नियुक्ति प्राधिकारी, जिसे सरकार, राजपत्र में
अधिसूचना द्वारा, निदेषालय हेतु विनिर्दिष्ट करे;
(घ) "निदेषालय" से अभिप्राय है, निदेषालय, तकनीकी षिक्षा, हरियाणा;
(ड.) "सरकार" से अभिप्राय है, प्रषासकीय विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार;
(च) "अतिथि संकाय" से अभिप्राय है, नियत तिथि को संस्थान में प्राध्यापक, अनुदेषक या
सहायक आचार्य के रूप में नियोजित कोई व्यक्ति;
(छ) "संस्था" से अभिप्राय है, निदेषालय के अधीन राजकीय बहुतकनीकी, राजकीय सोसाइटी
बहुतकनीकी, राज्य अभियांत्रिकी तथा प्रौद्योगिकी संस्थान;
(ज) "विहित" से अभिप्राय है, इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित;
(झ) "अनुसूची" से अभिप्राय है, इस अधिनियम से संलग्न अनुसूची; () "अधिवर्षिता" से अभिप्राय है, अठावन वर्ष की आयु।
पात्रता की शर्तें। 3. पात्र अतिथि संकाय वह व्यक्ति होगा,-
(i) जिसका नियोजन हरियाणा तकनीकी षिक्षा विभाग (ग्रुप ख) सेवा नियम, 2001 में विहित
योग्यताओं के अनुसार 12 नवम्बर, 2019 को या उससे पूर्व किया गया था; या
(ii) जिसे हरियाणा तकनीकी षिक्षा विभाग (ग्रुप ख) सेवा नियम, 2019 में विहित योग्यताओं के
अनुसार 12 नवम्बर, 2019 के बाद नियोजित किया गया था; या24 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2025 (MAGH. 17, 1946 SAKA) (iii) ऐसी शाखाओं में नियोजित किया गया था, जिसके लिए उसके नियोजन के समय कोई सेवा नियम लागू नहीं थे, किन्तु विज्ञापन में वर्णित न्यूनतम योग्यताओं के अनुसार नियोजित किया गया था; या
(iv) जिसे हरियाणा राज्य तकनीकी षिक्षा विभाग, तकनीकी क्षेत्रीय अमला (ग्रुप-ग) सेवा नियम, 1998 में विहित योग्यताओं के अनुसार अनुदेषक के रूप में नियोजित किया गया था; या (v) ऐसी शाखाओं में अनुदेषक के रूप में नियोजित किया गया था, जिसके लिए उसके नियोजन के समय कोई सेवा नियम लागू नहीं थे, किन्तु विज्ञापन में वर्णित न्यूनतम योग्यताओं के अनुसार नियोजित किया गया था; या
(vi) जिसे संस्था में अतिथि संकाय के रूप में प्राध्यापक, अनुदेषक या सहायक आचार्य के रूप में नियोजित किया गया था और नियत तिथि को क्रमषः प्राध्यापक (अतिथि संकाय) के लिए 53,100/- रूपए, अनुदेषक (अतिथि अनुदेषक) के लिए 35,400/- रूपए और सहायक आचार्य (अतिथि संकाय) के लिए 55,500/- रूपए प्रतिमास के पारिश्रमिक पर सेवा में हैं; तथा
(vii) जिसने नियत तिथि को विनिर्दिष्ट कार्यभार पर संस्था में कम से कम पांच वर्ष का नियोजन पूरा कर लिया है। व्याख्या.- नियोजन के वर्षों की संख्या की गणना के प्रयोजनों हेतु, किसी अतिथि संकाय, जिसने एक कैलेण्डर वर्ष में कम से कम 240 दिन के लिए कार्य किया हो, को सम्पूर्ण वर्ष के लिए कार्य किया गया समझा जाएगा, किन्तु इसमें निम्नलिखित कर्मचारी शामिल नहीं होगा,- (क) जिसने नियत तिथि को अठावन वर्ष की आयु पूरी कर ली हो; या
(ख) जिसकी सेवा नियत तिथि को या से पूर्व समुचित प्राधिकारी द्वारा समाप्त कर दी गई
हो अथवा उसे हटा दिया गया हो या जिसने त्याग-पत्र दे दिया हो।
नियोजन का कार्यकाल।
4. अतिथि संकाय, संस्था में निरन्तर कार्य करता रहेगा जब तक वह अधिवर्षिता की आयु पूरी नहीं कर लेता।
पारिश्रमिक। 5. (1) अतिथि संकाय, सरकार के दिषा-निर्देषों के अनुसार ऐसे पारिश्रमिक के साथ-साथ सरकार द्वारा घोषित प्रत्येक वर्ष जनवरी के प्रथम दिन और जुलाई के प्रथम दिन से प्रभावी महंगाई भत्ते की प्रतिषतता के अनुसार वृद्धि (गैर-चक्रवृद्धि) का हकदार होगा। (2) अतिथि संकाय, अनुसूची में यथा विनिर्दिष्ट ऐसे अतिरिक्त लाभ भी प्राप्त करेगा। (3) सरकार, इस अधिनियम के प्रारम्भ की तिथि से प्रथम वर्ष के समापन पर और उसके बाद प्रत्येक वर्ष समेकित मासिक पारिश्रमिक पर वेतनवृद्धि प्रदान कर सकती है।
अनुसूची को संषोधित करने की शक्ति।
6. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, अनुसूची को संषोधित कर सकती है। (2) उप-धारा (1) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, इसके जारी किए जाने के बाद, यथाषीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखी जाएगी।
7. अनुषासन, शास्तियों, अपीलों से सम्बन्धित मामलों और अन्य मामलों में, जो इस अधिनियम के अधीन विषेष रूप से उपबंधित नहीं किए गए हैं, अतिथि संकाय ऐसे नियमों द्वारा शासित होगा, जो विहित किए जाएं।
अनुषासन, शास्तियां, अपीलें तथा अन्य मामले।
सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई का संरक्षण।
8. इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए किसी भी नियम या किए गए आदेषों के अनुसरण में सद्भावपूर्वक की गई या किए जाने के लिए आषयित किसी बात के लिए सरकार या सरकार के किसी अधिकारी या कर्मचारी या सरकार द्वारा प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति या प्राधिकारी के विरूद्ध कोई भी वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही नहीं हो सकेगी।
9. इस अधिनियम के उपबन्ध, तत्समय लागू किसी अन्य विधि के उपबन्धों के अतिरिक्त होंगे न कि उसके अल्पीकरण में।
अधिनियम का किसी अन्य विधि के अल्पीकरण में न होना।
नियम बनाने की शक्ति।
10. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकती है। (2) इस धारा के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, इसके बनाए जाने के बाद, यथाषीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा।25 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2025 (MAGH. 17, 1946 SAKA) कठिनाई दूर करने की शक्ति। 11. (1) यदि इस अधिनियम के उपबन्धों को प्रभावी रूप देने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार, राजपत्र में प्रकाषित आदेष द्वारा, इस अधिनियम के उपबन्धों से अन्असंगत ऐसे उपबन्ध कर सकती है, जो इसे कठिनाई दूर करने के प्रयोजन के लिए आवष्यक या समीचीन प्रतीत होंः
परन्तु इस अधिनियम के प्रारम्भ की तिथि से दो वर्ष की समाप्ति के बाद, इस धारा के अधीन कोई भी आदेष नहीं किया जाएगा। (2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेष, इसके किए जाने के बाद, यथाषीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा।26 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), FEB. 6, 2025 (MAGH. 17, 1946 SAKA) अनुसूची
(देखिए धारा 5)
| 1. | प्रधान मंत्री- जन आरोग्य योजना (पी0एम0-जे0ऐ0वाई0) चिरायु विस्तार योजना के अधीन यथा अधिसूचित या सरकार द्वारा यथा संषोधित के अनुसार स्वास्थ्य देखभाल लाभ। |
| 2. | सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (2020 का केन्द्रीय अधिनियम 36) में विनिर्दिष्ट दरां े के समान मृत्यु-एवं-सेवानिवृत्ति उपादान। |
| 3. | सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (2020 का केन्द्रीय अधिनियम 36) के उपबन्धों के अनुसार प्रसुति प्रसुविधा। |
| 4.. | अनुग्रहपूर्वक अनुकंपा वित्तीय सहायता लाभ, जो सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाए। |
अमरजीत सिंह, विषेष सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
11629—L.R.—H.G.P., Pkl.