Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
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© Govt. of Haryana
No. 190-2025/Ext.] चण्डीगढ़, मंगलवार, दिनांक 18 नवम्बर, 2025
(27 कार्तिक, 1947 शक)
विधायी परिषिष्ट
क्रमांक विषय वस्तु
पृृष्ठ भाग-I अधिनियम
177—180 1. हरियाणा माल और सेवा कर (संषोधन) अधिनियम, 2025
(2025 का हरियाणा अधिनियम संख्या 21)।
2. हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों से बाह्य क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुखसुविधाओं 181 तथा अवसंरचना का प्रबन्धन (विषेष उपबन्ध) संषोधन अधिनियम, 2025 (2025 का हरियाणा अधिनियम संख्या 22)।
(केवल हिन्दी में)।
भाग-II अध्यादेष
कुछ नहीं
भाग-III प्रत्यायोजित विधान
अधिसूचना संख्या का० आ० 83/के० अ० 46/2023/धा० 2/2025, दिनांक 18.11.2025- 3127—3128 अनुसूची के खाना 2 के नीचे वर्णित स्थानीय क्षेत्र को उसके खाना 3 के नीचे वर्णित पुलिस थाना के स्थानीय क्षेत्र में से उसे निकालते हुए तथा उक्त अनुसूची के खाना 4 के नीचे वर्णित पुलिस थाना के स्थानीय क्षेत्र में उसे षामिल करने बारे।
भाग-IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन
कुछ नहीं
(lxxxvi)177 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2025 (KRTK. 27, 1947 SAKA) भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 18 नवम्बर, 2025
संख्या लैज. 22/2025.- दि हरियाणा गुड्स ऐन्ड सर्विसिज टेक्स (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2025 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 14 नवम्बर, 2025 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2025 का हरियाणा अधिनियम संख्या 21
हरियाणा माल और सेवा कर (संषोधन) अधिनियम, 2025 हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित होः-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा माल और सेवा कर (संषोधन) अधिनियम, 2025 कहा जा सकता है। (2) धारा 2 (ii), 2(iii) से 5 तथा 7 से 15 के उपबन्ध ऐसी तिथि से लागू होंगे, जिसे सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करेः परन्तु सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के विभिन्न उपबन्धों के प्रारम्भ के लिए विभिन्न तिथियां नियत कर सकती है।
2. हरियाणा माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (जिसे, इसमें, इसके बाद मूल अधिनियम कहा गया है) में, धारा 2 में,-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 2 का संषोधन। (i) खण्ड (61) में, ''धारा 9 की उप-धारा (3) या उप-धारा (4) के अधीन'' शब्दों, अंकों, चिह्नों तथा कोष्ठकों के स्थान पर, "इस अधिनियम की धारा 9 की उप-धारा (3) या उप-धारा (4) के अधीन या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का केन्द्रीय अधिनियम 13) की धारा 5 की उप-धारा (3) या उप-धारा (4) के अधीन" शब्द, अंक, चिह्न तथा कोष्ठक प्रतिस्थापित किए जाएंगे तथा अप्रैल, 2025 के प्रथम दिन से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे; (ii) खण्ड (69) के उप-खण्ड (ग) में,-
(क) "नगरपालिका या स्थानीय निधि" शब्दों के स्थान पर, "नगरपालिका निधि या
स्थानीय निधि" शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगेे; तथा
(ख) निम्नलिखित व्याख्या जोड़ी जाएगी, अर्थात्ः- 'व्याख्या.- इस उपखण्ड के प्रयोजनों हेतु-
(क) ''स्थानीय निधि'' से अभिप्राय है, किसी पंचायत क्षेत्र के संबंध में नागरिक कृत्यों का निर्वहन करने के लिए स्थापित स्थानीय स्वषासन के किसी प्राधिकरण के नियंत्रण या प्रबंध के अधीन कोई निधि और जिसमें विधि द्वारा किसी कर, शुल्क, टोल, उपकर या फीस, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, का उद्ग्रहण, संग्रहण और विनियोजन करने की शक्तियाँ भी निहित हों;
(ख) ''नगरपालिका निधि" से अभिप्राय है, किसी महानगर क्षेत्र या नगरपालिका क्षेत्र के संबंध में नागरिक कृत्यों का निर्वहन करने के लिए स्थापित स्थानीय स्वषासन के किसी प्राधिकरण के नियंत्रण या प्रबंध के अधीन कोई निधि और जिसमें विधि द्वारा किसी कर, शुल्क, टोल, उपकर या फीस, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, का उद्ग्रहण, संग्रहण और विनियोजन करने की शक्तियाँ भी निहित हों;';
178 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2025 (KRTK. 27, 1947 SAKA)(iii) खंड (116) के बाद, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात्ः-
'(116क) ''विषिष्ट पहचान चिह्नांकन" से अभिप्राय है, धारा 148क की उपधारा (2) में निर्दिष्ट विषिष्ट पहचान चिह्नांकन और इसमें डिजिटल मोहर, डिजिटल चिह्न या कोई अन्य समरूप चिह्न भी शामिल है, जो विषिष्ट, सुरक्षित और न हटाया जा सकने योग्य हो;'।
3. मूल अधिनियम की धारा 12 की उपधारा (4) का लोप कर दिया जाएगा।
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 12 का संषोधन।
4. मूल अधिनियम की धारा 13 की उपधारा (4) का लोप कर दिया जाएगा।
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 13 का संषोधन।
5. मूल अधिनियम की धारा 17 की उपधारा (5) के खण्ड (घ) में,-
(i) "संयंत्र या मषीनरी" शब्दों के स्थान पर, "संयंत्र और मषीनरी" शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे और जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे;
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 17 का संषोधन।
(ii) विद्यमान व्याख्या को उसकी व्याख्या 1 के रूप में संख्यांकित किया जाएगा तथा इस प्रकार संख्यांकित व्याख्या 1 के बाद, निम्नलिखित व्याख्या जोड़ी जाएगी, अर्थात्ः-
''व्याख्या 2.- खण्ड (घ) के प्रयोजनों हेतु, इसके द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण के किसी निर्णय, डिक्री या आदेष में दी गई प्रतिकूल किसी बात के होते हुए भी, "संयत्र या मषीनरी" के किसी सन्दर्भ का अर्थ ''संयंत्र और मषीनरी'' के सन्दर्भ के रूप में लगाया जाएगा और सदैव इसी रूप में लगाया गया समझा जाएगा।'। 6. मूल अधिनियम की धारा 20 में,-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 20 का संषोधन।
(i) उपधारा (1) में, ''धारा 9 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन'' शब्दों, अंकों तथा कोष्ठकों के स्थान पर, ''इस अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का केन्द्रीय अधिनियम 13) की धारा 5 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन'' शब्द, अंक, कोष्ठक और चिह्न प्रतिस्थापित किए जाएंगे तथा अप्रैल, 2025 के प्रथम दिन से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे;
(ii) उपधारा (2) में ''धारा 9 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन'' शब्दों, अंकों तथा कोष्ठकों के स्थान पर, ''इस अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन या एकीकृत माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 (2017 का केन्द्रीय अधिनियम 13) की धारा 5 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन'' शब्द, अंक, कोष्ठक और चिह्न प्रतिस्थापित किए जाएंगे तथा अप्रैल, 2025 के प्रथम दिन से प्रतिस्थापित किए गए समझे जाएंगे।
7. मूल अधिनियम की धारा 34 की उपधारा (2) के विद्यमान परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
''परन्तु प्रदायकर्ता के आउटपुट कर दायित्व में कोई कमी अनुज्ञात नहीं की जाएगी, यदि- 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 34 का संषोधन।
(i) जहां ऐसा प्राप्तिकर्ता कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति है, वहां ऐसे किसी जमापत्र से सम्बन्धित इनपुट कर प्रत्यय, जो उपभोग किया जा चुका है, प्राप्तिकर्ता द्वारा रिवर्स नहीं किया गया है; या
(ii) अन्य मामलों में, ऐसी प्रदाय पर कर का भार किसी अन्य व्यक्ति को साैंप दिया गया है।''। 8. मूल अधिनियम की धारा 38 में,-
(i) उपधारा (1) में ''स्वतः जनित विवरण'' शब्दों के स्थान पर, ''कोई विवरण'' शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 38 का संषोधन।
(ii) उपधारा (2) में,-179 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2025 (KRTK. 27, 1947 SAKA) (क) ''के अधीन स्वतः जनित विवरण'' शब्दों के स्थान पर, ''में निर्दिष्ट विवरण" शब्द
प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
(ख) खंड (क) में, ''तथा'' शब्द का लोप किया जाएगा; (ग) खंड (ख) में,-
(i) ''धारा 37 की उपधारा (1) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले उक्त प्रदायों के ब्यौरों के कारण'' शब्दों, अंकों और कोष्ठक के स्थान पर, ''जिसमें धारा 37 की उपधारा (1) के अधीन प्रस्तुत किए जाने वाले उक्त प्रदायों के ब्यौरों के कारण भी सम्मिलित हैं'' शब्द, अंक और कोष्ठक प्रतिस्थापित किए जाएंगे; तथा
(ii) अंत में विद्यमान चिह्न ''।'' के स्थान पर, '';'' चिह्न प्रतिस्थापित किया
जाएगा;
(घ) खंड (ख) के बाद, निम्नलिखित खंड जोड़ा जाएगा, अर्थात्ः-
''(ग) ऐसे अन्य ब्यौरे, जो विहित किए जाएं।''।
9. मूल अधिनियम की धारा 39 की उपधारा (1) में, "और ऐसे समय के भीतर" शब्दोें के स्थान पर, "ऐसे समय के भीतर और ऐसी शर्तों और निर्बंधनों के अध्यधीन" शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
10. मूल अधिनियम की धारा 107 की उपधारा (6) केे विद्यमान परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्ः-
''परंतु किसी कर की मांग को अंतर्वलित किए बिना शास्ति की मांग करने वाले किसी
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 39 का संषोधन। 2017 का हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 107 का संषोधन। आदेष के मामले में, ऐसे आदेष के विरुद्ध तब तक कोई अपील दायर नहीं की जाएगी, जब तक अपीलार्थी द्वारा उक्त शास्ति के दस प्रतिषत के बराबर राषि का भुगतान न कर दिया गया हो ।''।
11. मूल अधिनियम की धारा 112 की उपधारा (8) में,-
(i) अंत में विद्यमान ''।'' चिह्न के स्थान पर, ''ः'' चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा; तथा (ii) निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्ः-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की धारा 112 का संषोधन। ''परंतु किसी कर की मांग को अंतर्वलित किए बिना शास्ति की मांग वाले किसी आदेष के मामले में, ऐसे आदेष के विरुद्ध तब तक कोई अपील दायर नहीं की जाएगी जब तक अपीलार्थी द्वारा धारा 107 की उपधारा (6) के परन्तुक के अधीन भुगतान योग्य राषि के अतिरिक्त उक्त शास्ति के दस प्रतिषत के बराबर राषि का भुगतान न कर दिया गया हो।''।
12. मूल अधिनियम की धारा 122क के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 में धारा 122ख का रखा जाना। ''122ख. ट्रैक तथा ट्रेस प्रणाली की अनुपालना करने में असफलता के लिए शास्ति.- इस अधिनियम में दी गई किसी बात के होते हुए भी, जहां धारा 148क की उपधारा (1) के खंड (ख) में निर्दिष्ट कोई व्यक्ति, उक्त धारा के उपबंधों की उल्लंघना में कार्य करता है, तो वह, अध्याय XV या इस अध्याय के उपबंधों के अधीन किसी शास्ति के अतिरिक्त, एक लाख रुपए या ऐसे माल पर भुगतान योग्य कर के दस प्रतिषत के बराबर राषि, जो भी अधिक हो, की शास्ति का भुगतान करने के लिए दायी होगा ।''।
13. मूल अधिनियम की धारा 148 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
''148क. कतिपय माल के लिए ट्रैक तथा ट्रेस प्रणाली.- (1) सरकार, परिषद् की
सिफारिषों पर, अधिसूचना द्वारा,-
2017 के हरियाणा अधिनियम 19 में धारा 148क का रखा जाना। (क) ऐसे मालों को विनिर्दिष्ट कर सकती है; (ख) ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों का वर्ग विनिर्दिष्ट कर सकती है, जो ऐसे मालों
को रखते हैं या उनका कारबार करते हैं,
जिन्हें इस धारा के उपबंध लागू होंगे।
(2) सरकार, उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट माल के संबंध में,-
(क) ऐसे व्यक्तियों के माध्यम से, जो विहित किए जाएं, विषिष्ट पहचान चिह्नांकन चिपकाने में तथा इलेक्ट्रॉनिक भंडारण और उसमें अंतर्विष्ट सूचना तक पहुंच को समर्थ बनाने के लिए किसी प्रणाली की व्यवस्था कर सकती है; तथा180 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 18, 2025 (KRTK. 27, 1947 SAKA) (ख) ऐसे मालों के लिए किसी विषिष्ट पहचान चिह्नांकन विनिर्दिष्ट कर सकती
है, जिसमें दर्ज की जाने वाली सूचना भी शामिल हो ।
(3) उपधारा (1) के खण्ड (ख) में निर्दिष्ट व्यक्ति,-
(क) उक्त मालों या उसके पैकेजों पर ऐसी सूचना को अंतर्विष्ट करते हुए और ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में कोेई विषिष्ट पहचान चिह्नांकन चिपकाएंगे;
(ख) ऐसे समय के भीतर ऐसी सूचना और ब्यौरे प्रस्तुत करेंगे और ऐसे प्ररूप और रीति में ऐसे अभिलेख या दस्तावेज बनाए रखेंगे, जो विहित की जाए; (ग) ऐसे समय के भीतर और ऐसे प्ररूप तथा ऐसी रीति, जो विहित की जाए, में ऐसे मालों के विनिर्माण के कारबार के स्थान में स्थापित मषीनरी के ब्यौरे प्रस्तुत करेंगे, जिसमें पहचान, क्षमता, प्रचालन की अवधि और अन्य ब्यौरे या सूचना भी सम्मिलित है; तथा
(घ) उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रणाली के संबंध में, ऐसी राषि का भुगतान करेंगे,
जो विहित की जाए।
14. मूल अधिनियम की अनुसूची III के पैरा 8 में,-
(i) खंड (क) के बाद, निम्नलिखित खंड रखा जाएगा तथा जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से रखा 2017 के हरियाणा अधिनियम 19 की अनुसूची III का संषोधन।
गया समझा जाएगा, अर्थात्ः- ''(कक) निर्यात हेतु निकासी से पूर्व किसी व्यक्ति को या घरेलू टैरिफ क्षेत्र को विषेष आर्थिक जोन में या किसी मुक्त व्यापार भांडागारण क्षेत्र में भंडागार में रखे गए मालों का प्रदाय;'';
(ii) व्याख्या 2 में, "प्रयोजनों के लिए" शब्दों से पूर्व, "खंड (क) के" शब्द, कोष्ठक तथा अक्षर रखे जाएंगे तथा जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से रखे गए समझे जाएंगे;
(iii) व्याख्या 2 के बाद, निम्नलिखित व्याख्या रखी जाएगी तथा जुलाई, 2017 के प्रथम दिन से रखी गई समझी जाएगी, अर्थात्ः- "व्याख्या 3.- पैरा 8 के खंड (कक) के प्रयोजनों हेतु, ''विषेष आर्थिक जोन'' ''मुक्त व्यापार भांडागारण क्षेत्र'' तथा "घरेलू टैरिफ क्षेत्र" के क्रमषः वही अर्थ हाेंगे, जो विषेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 (2005 का केन्द्रीय अधिनियम 28) की धारा 2 में उन्हें दिए गए हैं।"।
15. ऐसे सभी करों का कोई प्रतिदाय नहीं किया जाएगा, जो स्ांगृहीत किए गए हैं, किन्तु जो इस प्रकार स्ांगृहीत नहीं किए गए होते, यदि इस संषोधनकारी अधिनियम की धारा 14 सभी तात्विक समय पर लागू हुई होती।
स्ांगृहीत कर का कोई प्रतिदाय नहीं किया जाना।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
12221—L.R.—H.G.P., Pkl.