Haryana Government Gazette
EXTRAORDINARY
Published by Authority
© Govt. of Haryana
No. 196-2025/Ext.] CHANDIGARH, WEDNESDAY, NOVEMBER 26, 2025
(AGRAHAYANA 5, 1947 SAKA )
LEGISLATIVE SUPPLEMENT
CONTENTS
PART-I ACTS
PAGES
189 हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग (संषोधन) अधिनियम, 2025 (2025 का हरियाणा अधिनियम संख्या 23)।
(केवल हिन्दी में)।
PART-II ORDINANCES
1. THE HARYANA ABADI DEH (VESTING, RECORDING AND RESOLVING 45—59 OF OWNERSHIP RIGHTS) ORDINANCE, 2025 (HARYANA ORDINANCE NO. 6 OF 2025)
61—96 2. हरियाणा जन विष्वास (उपबन्धों का संषोधन) अध्यादेष, 2025
(2025 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 2)।
3. हरियाणा दुकानात तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संषोधन) अध्यादेष, 2025 97—99 (2025 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 4)।
4. हरियाणा अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन 101 (संषोधन) अध्यादेष, 2025 (2025 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 5)।
(केवल हिन्दी में)।
PART-III DELEGATED LEGISLATION
NIL
PART-IV CORRECTION SLIPS, REPUBLICATIONS AND REPLACEMENTS
NILं HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), NOV. 26, 2025 (AGHN. 5, 1947 SAKA) 189 भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 26 नवम्बर, 2025
संख्या लैज. 26/2025.- दि हरियाणा बैकवर्ड क्लासिस कमीषन (अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2025 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 19 नवम्बर, 2025 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2025 का हरियाणा अधिनियम संख्या 23
हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग (संषोधन) अधिनियम, 2025 हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 2016 को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
1. यह अधिनियम हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग (संषोधन) अधिनियम, 2025 कहा जा सकता है। संक्षिप्त नाम। 2. हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 2016 (जिसे, इसमें, इसके बाद मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 9 के स्थान पर, निम्नलिखित धारा प्रतिस्थापित की जाएगी, अर्थात्ः-
2016 के हरियाणा अधिनियम 9 की धारा 9 का प्रतिस्थापन। ''9 आयोग के कृत्य.- आयोग निम्नलिखित कृत्यों का निर्वहन करेगा, अर्थात्ः- (i) पिछड़े वर्ग के रूप में नागरिकों के किसी वर्ग को शामिल करने या निकालने के लिए अनुरोध का परीक्षण करना और किसी पिछड़े वर्ग को अधिक शामिल करने या कम शामिल करने बारे षिकायतों की सुनवाई करना और राज्य सरकार को ऐसी मंत्रणा प्रदान करना जो यह समुचित समझे;
(ii) पिछड़े वर्गों के कल्याण और संरक्षण के लिए भारत के संविधान में उपबंधित या तत्समय लागू किसी विधि के अधीन या राज्य सरकार के किसी आदेष के अधीन विभिन्न रक्षोपायों के कार्याें का अन्वेषण और परीक्षण करना;
(iii) पिछड़े वर्गों के अधिकारों के हनन और रक्षोपायों के सम्बन्ध में विषिष्ट षिकायतों की जांच
करना और ऐसे मामलों को समुचित प्राधिकरणों के साथ उठाना;
(iv) पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास की योजना प्रक्रिया में भाग लेना और मन्त्रणा
देना और उनके विकास की प्रक्रिया का मूल्यांकन करना;
(v) पिछड़े वर्गों के संरक्षण, कल्याण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए रक्षोपायों और अन्य उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जाने वाले उपायों के बारे में सिफारिष करना और राज्य सरकार को प्रतिवर्ष और ऐसे अन्य समय पर, जो आयोग उचित समझे, रिपोर्ट देना;
(vi) पिछड़े वर्गों के संरक्षण, कल्याण, विकास और उन्नति के सम्बन्ध में ऐसे अन्य कृत्यों, जो
विहित किए जाएं, का निर्वहन करना।''।
3. मूल अधिनियम की धारा 17 के बाद, निम्नलिखित धारा जोड़ी जाएगी, अर्थात्ः-
2016 के हरियाणा अधिनियम 9 में धारा 18 का परिवर्धन। ''18. सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण.-इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के किन्हीं उपबन्धों के अनुसरण में सद्भावपूर्वक की गई या किए जाने के लिए आषयित किसी बात के लिए किसी सदस्य, अधिकारी या कर्मचारी के विरूद्ध कोई वाद या अन्य विधिक कार्यवाहियां नहीं हो सकेंगी।''।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।