भाग-II
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 26 नवम्बर, 2025
संख्या लैज. 28/2025.- दि हरियाणा शेड्यूल्ड रोडज ऐण्ड कन्ट्रोलड एरियाज़ रस्ट्रिकषन आफ अनरेगुलेटिड डिवेलमैन्ट (अमेन्डमेन्ट) ऑर्डिनन्स, 2025 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 19 नवम्बर, 2025 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (ग) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2025 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 5
हरियाणा अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन (संशोधन) अध्यादेष, 2025 हरियाणा अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन अधिनियम, 1963 को आगे संशोधित करने के लिए अध्यादेष
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा के राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित।
चूंकि हरियाणा राज्य विधानमण्डल का सत्र नहीं हो रहा है तथा राज्यपाल की सन्तुष्टि हो गई है
कि ऐसी परिस्थितियां विद्यमान हैं जिनके कारण तुरन्त कार्रवाई करना उनके लिए आवष्यक हो गया है;
इसलिए, अब भारत के संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग
करते हुए, हरियाणा के राज्यपाल, इसके द्वारा, निम्नलिखित अध्यादेष प्रख्यापित करते हैंः-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अध्यादेष हरियाणा अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन (संशोधन) अध्यादेष, 2025 कहा जा सकता है। 2. हरियाणा अनुसूचित सड़क तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन अधिनियम, 1963 की धारा 8 में,-
(I) उप-धारा (1) में,-
1963 के पंजाब अधिनियम 41 की धारा 8 का संशोधन। (i) परन्तुक में, अन्त में विद्यमान "।" चिह्न के स्थान पर, "ः" चिह्न प्रतिस्थापित किया
जाएगा;
(ii) निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्ः-
"परन्तु यह और कि जहां धारा 5 की उप-धारा (7) के अधीन प्रकाषित योजना के अनुरूप अंचल में किसी औद्योगिक प्रयोजन के लिए अनुमति स्व-प्रमाणन के माध्यम से प्रदान की गई है, तो आवेदक को, उप-धारा (1) के अधीन प्रक्रिया को अपनाए बिना, ऐसी सूचना आनॅलाइन प्रस्तुत करनी होगी, जो निदेषक द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए तथा अपेक्षित फीस तथा प्रभारों का भी भुगतान करेगा।"।
(II) उप-धारा (2) में,-
(i) अंत में विद्यमान "।" चिह्न के स्थान पर, "ः" चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा; (ii) निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्ः-
"परन्तु जहां अनुरूप अंचल के लिए अनुज्ञप्ति स्व-प्रमाणन के माध्यम से
प्रदान की गई है, तो निदेषक द्वारा आगे कोई जांच करनी अपेक्षित नहीं होगी।"।
चण्डीगढ़ः दिनांक 19 नवम्बर, 2025.
प्रो0 असीम कुमार घोष, राज्यपाल, हरियाणा।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।