भाग-I
हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग
अधिसूचना
दिनांक 17 दिसम्बर, 2025
संख्या लैज. 32/2025.- दि हरियाणा मैन्इज्मॅन्ट ऑफ सिवइक अॅमेनिटिज ऐन्ड इन्फॅ्रस्टॅ्रक्चॅर डिफिषॅन्ट म्यूनिसिपॅल एअॅरिअॅज (स्पेषॅल प्रॅविष्जॅनस) अमेन्डमेन्ट ऐक्ट, 2025 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 13 दिसम्बर 2025 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2025 का हरियाणा अधिनियम संख्या 26
हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुखसुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन (विषेष उपबंध) संषोधन अधिनियम, 2025
हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुखसुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन (विषेष उपबंध) अधिनियम, 2016 को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित होः-
संक्षिप्त नाम। 1. यह अधिनियम हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुखसुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन (विषेष उपबंध) संषोधन अधिनियम, 2025 कहा जा सकता है।
2. हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुखसुविधाओं तथा अवसंरचना का प्रबंधन (विषेष उपबंध) अधिनियम, 2016 (जिसे, इसमें, इसके बाद, मूल अधिनियम कहा गया है) की धारा 2 में,-
(i) खण्ड (ख) के बाद, निम्नलिखित खण्ड रखे जाएंगे, अर्थात्ः-
2016 के हरियाणा अधिनियम 14 की धारा 2 का संषोधन। '(खक) "विकास अभिकरण" से अभिप्राय है, ऐसा अभिकरण, जो सरकार, राजपत्र में
अधिसूचना द्वारा, अधिसूचित करे;
(खख) "निदेषक" से अभिप्राय है, निदेषक, शहरी स्थानीय निकाय विभाग; (खग) "उद्यमी" का वही अर्थ होगा, जो हरियाणा उद्यम प्रोन्नति अधिनियम, 2016
(2016 का 6) में इसे दिया गया है;
(खघ) "उद्यम" का वही अर्थ होगा, जो हरियाणा उद्यम प्रोन्नति अधिनियम, 2016
(2016 का 6) में इसे दिया गया है;';
(ii) खण्ड (छ) में, अन्त में विद्यमान चिह्न "।" के स्थान पर, ";" चिह्न प्रतिस्थापित किया
जाएगा;
(iii) खण्ड (छ) के बाद, निम्नलिखित खण्ड जोड़े जाएंगे, अर्थात्ः-
'(ज) "अनधिकृत विकास" से अभिप्राय है, ऐसा क्षेत्र, जो हरियाणा नगरपालिका 220 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), DEC. 17, 2025 (AGHN. 26, 1947 SAKA) 3. मूल अधिनियम की धारा 5 के बाद, निम्नलिखित धारा रखी जाएगी, अर्थात्ः-
2016 के हरियाणा अधिनियम 14 में धारा 5क का रखा जाना।
"5क. अनधिकृत औद्योगिक स्थापना का नियमितीकरण.- अनधिकृत औद्योगिक स्थापना के नियमितीकरण के मामले में, उद्यमी/उद्यम से आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा और आवेदक (आवेदकों) के विरूद्ध संस्थित की गई सभी दांडिक कार्रवाई, किसी विधि न्यायालय में अग्रेषित या लम्बित मामलों को छोड़कर, पोर्टल पर आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि से लेकर सरकार द्वारा अंतिम निर्णय लिए जाने तक निलंबित समझी जाएंगी। व्याख्याः- इस धारा के प्रयोजनों हेतु "अनधिकृत औद्योगिक स्थापना" से अभिप्राय है, ऐसी औद्योगिक स्थापना की इकाई, जो लागू अधिनियमों और उनके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन सक्षम प्राधिकारी से ऐसी इकाई को स्थापित करने हेतु अपेक्षित अनुमति प्राप्त किए बिना ही स्थापित की गई हो।"।
4. मूल अधिनियम की धारा 6 के बाद, निम्नलिखित धाराएं रखी जाएंगी, अर्थात्ः-
"6क. सार्वजनिक सड़क- घोषित क्षेत्र की अभिन्यास योजना में दर्षाई गई और उसमें आने वाली सड़कें और गलियां, सार्वजनिक सड़क के रूप में नगरपालिका में निहित होंगी। 6ख. सरकार द्वारा नियंत्रण.- निदेषक, ऐसे निर्देषों का पालन करेगा, जो उसे इस अधिनियम 2016 के हरियाणा अधिनियम 14 में धारा 6क और 6ख का रखा जाना।
के कुषल प्रषासन के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए जाएं।"।
5. मूल अधिनियम की धारा 9 के खण्ड (ङ) का लोप कर दिया जाएगा।
2016 के हरियाणा अधिनियम 14 की धारा 9 का संषोधन।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।
12287—L.R.—H.G.P., Pkl.