PART-I हरियाणा सरकार
विधि तथा विधायी विभाग अधिसूचना
दिनांक 4 फरवरी, 2026
संख्या लैज. 3/2026.- दि हरियाणा पंचायती राज (सेकंड अमेन्डमेन्ट) ऐक्ट, 2025 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 30 जनवरी, 2026 की स्वीकृति के अधीन एतद्द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-
2026 का हरियाणा अधिनियम संख्या 3
हरियाणा पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2025 हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 को आगे संषोधित करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के छिहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह
अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारम्भ। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2025 कहा जा सकता है। (2) यह 30 अक्तूबर, 2025 से लागू हुआ समझा जाएगा।
2. हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 11 में,-
(i) उप-धारा (5) में, "विषेष महाधिवेषन" शब्दों के स्थान पर, "विषेष अधिवेषन" शब्द
प्रतिस्थापित किए जाएंगे;
1994 के हरियाणा अधिनियम 11 की धारा 11 का संशोधन। (ii) उप-धारा (7क) में,-
(क) अंत में विद्यमान चिह्न "।" के स्थान पर "ः" चिह्न प्रतिस्थापित किया जाएगा; (ख) निम्नलिखित परन्तुक जोड़ा जाएगा, अर्थात्ः-
"परन्तु किसी सरकारी स्कीम के चिह्नित पात्र लाभार्थियों पर विचार करने और अनुमोदित करने के लिए अथवा ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करने हेतु, ग्राम सभा के चालीस प्रतिशत सदस्यों से गणपूर्ति होगी। यदि अधिवेषन हेतु नियत समय पर गणपूर्ति नहीं होती है, तो सरपंच एक घंटे तक प्रतीक्षा करेगा और यदि एक घंटे की ऐसी अवधि के भीतर भी गणपूर्ति नहीं होती है, तो सरपंच, अधिवेषन को अगले दिन या ऐसे दिन के ऐसे समय तक, जो वह निष्चित करे, स्थगित कर देगा। केवल वही कारबार, जिसे अधिवेषन के समक्ष लाया जाना था, स्थगित अधिवेषन में लाया जाएगा और संव्यवहारित किया जाएगा और ग्राम सभा के तीस प्रतिषत सदस्यों से ऐसे अधिवेषन की गणपूर्ति होगी। यदि स्थगित अधिवेषन में ग्राम सभा के तीस प्रतिशत सदस्यों से गणपूर्ति नहीं होती है, तो आगामी अधिवेषन में ग्राम सभा के बीस प्रतिशत सदस्यों से गणपूर्ति होगी।"।
निरसन तथा व्यावृत्ति। 3. (1) हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेष, 2025 (2025 का हरियाणा अध्यादेष संख्या 3), इसके द्वारा, निरसित किया जाता है। (2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अध्यादेष के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई इस अधिनियम के अधीन की गई बात या की गई कार्रवाई समझी जाएगी।
रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।