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Haryana Gazette · Government of Haryana

The Haryana Clerical (Recruitment and conditions of service) Act, 2026 (Haryana Act No. 23 of 2026)

Published 04 August 2026

Department
Law and Legislative
Type
Extra-Ordinary
Gazette no.
117-2026/Ext
Notification no.
Leg. 24/2026
Identifier
in.gazette.haryana.2026-08-04.Extra-Ordinary_Leg-24-2026
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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Haryana Government Gazette

EXTRAORDINARY

Published by Authority

© Govt. of Haryana

No. 117-2026/Ext.] चण्डीगढ़, मंगलवार, दिनांक 4 अगस्त, 2026

(13 श्रावण, 1948 शक)

विधायी परिषिष्ट

क्रमांक विषय वस्तु

पृृष्ठ भाग-I अधिनियम

219—228 1. हरियाणा लिपिकीय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2026

(2026 का 23)

2. हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2026 229 (2026 का 25)

(केवल हिन्दी में)

भाग-II अध्यादेष

हरियाणा राज्य महिला आयोग (संषोधन) अध्यादेष, 2026 (2026 का 5)

21 (केवल हिन्दी में)

भाग-III प्रत्यायोजित विधान

कुछ नहीं

भाग-IV शुद्धि पर्ची, पुनः प्रकाषन तथा प्रतिस्थापन

कुछ नहीं

(lvii)219 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA) भाग-I

हरियाणा सरकार

विधि तथा विधायी विभाग

अधिसूचना

दिनांक 4 अगस्त, 2026

संख्या लैज. 24/2026.- दि हरियाणा क्लेरिकल (रिक्रूटमेंट एण्ड कंडीषन ऑफ सर्विस) ऐक्ट, 2026 का निम्नलिखित हिन्दी अनुवाद हरियाणा के राज्यपाल की दिनांक 27 जुलाई, 2026 की स्वीकृति के अधीन एतद्‌द्वारा प्रकाषित किया जाता है और यह हरियाणा राजभाषा अधिनियम, 1969 (1969 का 17) की धारा 4-क के खण्ड (क) के अधीन उक्त अधिनियम का हिन्दी भाषा में प्रामाणिक पाठ समझा जाएगाः-

2026 का हरियाणा अधिनियम संख्या 23

हरियाणा लिपिकीय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2026

हरियाणा राज्य में लिपिकों की भर्ती तथा सेवा की शर्तो को विनियमित करने के लिए तथा उनसे संबंधित तथा उनसे आनुषंगिक मामलों के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के सतहत्तरवें वर्ष में हरियाणा राज्य विधानमण्डल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह

अधिनियमित होः-

संक्षिप्त नाम, प्रारम्भ तथा लागूकरण। 1. (1) यह अधिनियम हरियाणा लिपिकीय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2026 कहा जा सकता है। (2) यह राजपत्र में इसके प्रकाषन की तिथि से लागू होगा। (3) यह निम्नलिखित को लागू होगा, अर्थात्‌ः-

(क) इस अधिनियम के प्रारम्भ से या उसके बाद सीधी भर्ती या अनुकंपा नियुक्ति द्वारा

लिपिक के पद पर नियमित आधार पर प्रारंभिक रूप से नियुक्त व्यक्तियों; तथा

(ख) लिपिक के पद पर पदोन्नति द्वारा नियुक्त वे ग्रुप घ कर्मचारी, जो हरियाणा ग्रुप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तेंं) अधिनियम, 2018 (2018 का 5) के अधीन कवर होते हैंः

परन्तु इस अधिनियम की कोई भी बात, निम्नलिखित में नियमित आधार पर लिपिक के रूप में

नियुक्त व्यक्तियों पर लागू नहीं होगी-

(i) किसी विधि द्वारा या के अधीन सृजित सांविधानिक अथवा वैधानिक निकाय; (ii) लोक भवन; तथा (iii) इस अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व राज्य सरकार के किसी विभाग।

परिभाषाएं। 2. इस अधिनियम में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) ''विलयन'' से अभिप्राय है, प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत होते हुए किसी अन्य संवर्ग से सामान्य संवर्ग में नियुक्ति और उसके बाद उसे सामान्य संवर्ग में स्थानांतरण द्वारा नियुक्ति के रूप में माना जाएगा;

(ख) ''लिपिक'' से अभिप्राय है तथा इसमें शामिल हैं, अनुसूची क मेें यथा उपबंधित राज्य सरकार के किसी विभाग में लिपिक के समरूप वृत्तिमूलक वेतन स्तर में स्वीकृत लिपिक, लिपिक-कम- आषुटंकक, आषुटंकक, डाटा एन्टरी ऑपरेटर, कम्प्यूटर ऑपरेटर, दैनिकी-लेखक (डायरिस्ट), प्रेषणकर्मी (डिस्पेच्चर), अभिलेखपाल (रिकार्ड कीपर), खजानची, केयरटेकर, भण्डार रक्षक (स्टोर कीपर) तथा पी.बी.एक्स के पद;

(ग) ''सामान्य संवर्ग'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के प्रारम्भ से या उसके बाद राज्य सरकार के किसी भी विभाग में नियुक्ति के किसी भी ढंग द्वारा नियमित आधार पर नियुक्त लिपिकों की संख्या;

(घ) ''अनुकंपा नियुक्ति'' से अभिप्राय है, अनुग्रहपूर्वक नीति, हरियाणा सिविल सेवा (अनुकंपा वित्तीय सहायता या नियुक्ति) नियम, 2019, हरिहर व्यक्तियों की अनुकंपा नियुक्ति नीति, 2021, वीर शहीद सम्मान योजना, 2023 के अधीन सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमित आधार पर की गई नियुक्ति;

220 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA)

(ङ) ''सीधी भर्ती'' से अभिप्राय है, सेवा में से पदोन्नति से या भारत सरकार या किसी राज्य सरकार की सेवा में पहले से ही लगे किसी पदधारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति से अन्यथा की गई कोई नियुक्ति;

(च) ''अनुभव" से अभिप्राय है, चिकित्सा आधारों से भिन्न प्रयोजन के लिए स्वीकृत असाधारण अवकाष की अवधि को छोड़कर, सामान्य संवर्ग में नियमित आधार पर सेवा की अवधि और इसमें सामान्य संवर्ग में वरिष्ठता की गणना करने के लिए नियुक्ति की मानित तिथि की अवधि भी शामिल होगी;

(छ) ''सरकार'' से अभिप्राय है, मानव संसाधन विभाग में हरियाणा राज्य की सरकार;

(ज) ''गु्रप घ अधिनियम'' से अभिप्राय है, हरियाणा गु्रप घ कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 (2018 का 5);

(झ) ''सेवा का सदस्य'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के प्रारम्भ से या उसके बाद नियमित आधार पर सेवा में नियुक्त कोई व्यक्ति;

() ''मान्यताप्राप्त विष्वविद्यालय'' या ''संस्था'' से अभिप्राय है,-

(i) भारत में विधि द्वारा निगमित कोई विष्वविद्यालय या संस्था; या (ii) कोई अन्य विष्वविद्यालय या संस्था, जो राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कोई मान्यताप्राप्त विष्वविद्यालय या संस्था के रूप में घोषित की गई हैे;

(ट) ''भर्ती प्राधिकरण'' से अभिप्राय है, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग या सेवा में भर्ती के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए सरकार द्वारा गठित ऐसा अन्य निकाय;

(ठ) ''अनुसूची'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम से संलग्न अनुसूची; (ड) ''सेवा'' से अभिप्राय है, इस अधिनियम के अधीन हरियाणा लिपिकीय (भर्ती तथा सेवा की शर्तें);

(ढ) ''एस.ई.टी.सी.'' से अभिप्राय है, सरकार द्वारा, समय-समय पर, बनाए गए नियमों या जारी की गई हिदायतों में दिए गए उपबंधों के अनुसार ''बुनियादी कम्प्यूटर ज्ञान परीक्षा'' (भाग-I) तथा "कम्प्यूटर आधारित टंकण परीक्षा" (भाग-II) से मिलकर बनने वाली कम्प्यूटर अप्रीषिएषन तथा ऐप्लिकेषन में राज्य पात्रता परीक्षा; (ण) ''राज्य सरकार'' से अभिप्राय है, हरियाणा राज्य की सरकार।

3. सेवा में नियुक्ति, महानिदेषक, मानव संसाधन विभाग द्वारा की जाएगी।

नियुक्ति प्राधिकारी।

पदों की संख्या। 4. पदों की संख्या की गणना, प्रत्येक छह मास के बाद राज्य सरकार के सभी विभागों में सीधी नियुक्ति द्वारा या पदोन्नति द्वारा भरे जाने वाले रिक्त पदाें के आंकडे़ के आधार पर की जाएगी। वेतन, भत्ते, अवकाश, पेंशन तथा सेवा की अन्य शर्ते।

5. हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (यात्रा भत्ते) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारियों के भत्ते) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (अवकाष) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (पेंषन) नियम, 2016, हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 तथा हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड तथा अपील) नियम, 2016 द्वारा, जहां तक वे लागू हों और इस अधिनियम में अभिव्यक्त रूप से उपबंधित सीमा के सिवाय, सेवा के सदस्यों के वेतन, भत्ते, अवकाष, पेंषन और उनकी सेवा की शर्तों के मामले शासित होंगेः परन्तु हरियाणा सिविल सेवा (पेंषन) नियम, 2016 केवल मृत्यु-एवं-सेवानिवृत्ति उपदान की सीमा तक लागू हाेंगे।

आयु। 6. किसी भी व्यक्ति को सेवा में किसी भी पद पर सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त नहीं किया जाएगा, जो भर्ती प्राधिकरण को आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अन्तिम तिथि को अठारह वर्ष की आयु से कम या बयालीस वर्ष की आयु से अधिक का होः

परन्तु ऊपरी आयु सीमा में छूट, हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के उपबंधों या सरकार द्वारा, समय-समय पर, जारी की गई हिदायतों के अनुसार अनुज्ञेय होगी।

योग्यताएं। 7. किसी भी व्यक्ति को सेवा में किसी भी पद पर तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक वह सीधी भर्ती की दशा में, अनुसूची ख के खाना 3 में विनिर्दिष्ट तथा सीधी भर्ती से अन्यथा नियुक्ति की दशा में, पूर्वोक्त अनुसूची के खाना 4 में विनिर्दिष्ट योग्यताएं तथा अनुभव न रखता हो।221 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA) 8. (1) किसी भी व्यक्ति को सेवा में किसी भी पद पर तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक वह निम्नलिखित न हो,-

(क) भारत का नागरिक; या

सेवा में नियुक्त किए गए उम्मीदवारों की राष्ट्रीयता, अधिवास तथा चरित्र। (ख) नेपाल की प्रजा; या (ग) भूटान की प्रजाः

परन्तु प्रवर्ग (ख) या (ग) से सम्बन्धित किसी प्रवर्ग का व्यक्ति, ऐसा व्यक्ति होगा, जिसके पक्ष में सरकार द्वारा पात्रता का प्रमाण-पत्र जारी किया गया हो।

(2) किसी भी व्यक्ति, जिसके मामले में पात्रता का प्रमाण-पत्र आवष्यक हो, को भर्ती प्राधिकरण द्वारा संचालित परीक्षा के लिए प्रविष्ट किया जा सकता है, किन्तु नियुक्ति का प्रस्ताव केवल सरकार द्वारा उसे पात्रता का आवष्यक प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के बाद ही दिया जा सकता है। (3) किसी भी व्यक्ति को सेवा में किसी भी पद पर सीधी भर्ती द्वारा तब तक नियुक्त नहीं किया जाएगा, जब तक वह अपने अन्तिम उपस्थिति के विष्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय या संस्था, यदि कोई हो, के प्रधान शैक्षणिक अधिकारी से चरित्र प्रमाण-पत्र और दो ऐसे अन्य जिम्मेवार व्यक्तियों से, जो उसके संबंधी न हों, किन्तु उसके व्यक्तिगत जीवन में उससे भली-भांति परिचित हों और जो उसके विष्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय या संस्था से संबंधित न हों, उसी प्रकार का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत न करे।

अयोग्यताएं। 9. कोई भी व्यक्ति,-

(क) जिसने जीवित पति/पत्नी वाले व्यक्ति से विवाह कर लिया है या विवाह की संविदा कर

ली है; या

(ख) जिसने पति/पत्नी के जीवित होते हुए, किसी अन्य व्यक्ति से विवाह कर लिया है या

विवाह की संविदा कर ली है, सेवा में किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगाः परन्तु यदि सरकार की संतुष्टि हो जाए कि ऐसे व्यक्ति तथा विवाह के दूसरे पक्ष पर लागू स्वीय विधि के अधीन ऐसा विवाह अनुज्ञेय है तथा ऐसा करने के अन्य आधार भी हैं, तो वह किसी व्यक्ति को इस धारा के लागू होने से छूट दे सकती है।

भर्ती का ढंग। 10. (1) सेवा में लिपिक के पद पर भर्ती निम्नलिखित ढंग से की जाएगी-

(i) 65 प्रतिषत सीधी भर्ती द्वारा; तथा (ii) 30 प्रतिषत वरिष्ठता-एवं-योग्यता पर सामान्य संवर्ग के ग्रुप घ कर्मचारियों में से

पदोन्नति द्वारा; तथा

(iii) 5 प्रतिषत अनुकंपा नियुक्ति द्वारा; या (iv) स्थानान्तरण अथवा प्रतिनियुक्ति द्वारा।

(2) सभी पदोन्नतियां, जब तक अन्यथा से उपबंधित न हों, वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर की जाएंगी और केवल वरिष्ठता ही ऐसी पदोन्नतियों के लिए कोई अधिकार प्रदान नहीं करेगी।

11. (1) इस अधिनियम के अधीन लिपिक के पद पर पदोन्नति के लिए निम्नलिखित पात्रता के मानदण्ड होंगे, अर्थात्‌ :-

पदोन्नति के लिए पात्रता के मानदण्ड। (i) 102 या इसके समकक्ष अर्हक हो; (ii) ग्रुप घ के पद पर कम से कम पांच वर्ष का अनुभव पूर्ण कर लिया हो; (iii) 70 प्रतिषत या उससे अधिक की अच्छी या बहुत अच्छी श्रेणी की वार्षिक

गोपनीयता रिपोर्ट हो;

(iv) कोई भी विभागीय या न्यायिक कार्यवाही लम्बित न हो; (v) सेवाकाल के दौरान सत्यनिष्ठा के संबंध में कोई प्रतिकूल टिप्पणी न हो; (vi) एस.ई.टी.सी. भाग-I अर्हक हो।

(2) जब कभी भी किसी भी विभाग में लिपिक का पद पदोन्नति द्वारा भरा जाना है, तो संबंधित विभाग द्वारा पदोन्नति हेतु गु्रप घ अधिनियम की अधिनियमिति से पहले भर्ती किए गए गु्रप घ के सभी कर्मचारियों पर विचार किया जाएगा। यदि इनमें से कोई भी पात्र नहीं है, तब महानिदेषक, मानव संसाधन विभाग (सामान्य प्रवर्ग शाखा) को सामान्य संवर्ग के ग्रुप घ कर्मचारियों में से पदोन्नति द्वारा भरे जाने वाले रिक्त पदों के सम्बन्ध में सूचना भेजी जाएगी।222 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA) कम्प्यूटर में राज्य पात्रता परीक्षा।

(3) उन विभागों में, जहां लिपिकों से भिन्न ग्रुप ग के पद विभागीय सेवा नियमों में विहित पात्रता के मानदण्ड के अध्यधीन पदोन्नति या चयन द्वारा गु्रप घ कर्मचारियों में से भरे जाने हैं, जहां गु्रप घ अधिनियम की अधिनियमिति से पूर्व नियुक्त कोई ग्रुप घ कर्मचारी ऐसे पद पर पदोन्नति या चयन के लिए उपलब्ध नहीं है, तो सरकार द्वारा प्रत्येक पद के लिए सामान्य संवर्ग के तीन पात्र ग्रुप घ कर्मचारियों के पैनल की सिफारिष सम्बन्धित विभाग को की जाएगी। 12. एस.ई.टी.सी. अर्हक करने का पाठ्‌यक्रम और अन्य शर्तें और एस.ई.टी.सी. से छूट के लिए पात्रता के मानदण्ड, इस अधिनियम के प्रारम्भ से पूर्व पहले से ही नियुक्त लिपिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा यथा विहित के समरूप होंगे। टिप्पण.- लिपिक के पद पर पदोन्नति के बाद, कोई भी वार्षिक वेतनवृद्धि तथा आगे पदोन्नति तब तक अनुज्ञेय नहीं होगी जब तक एस.ई.टी.सी. भाग-II अर्हक नहीं किया जाता, सिवाय उन कर्मचारियों के मामलों में, जिन्हें इस अधिनियम अथवा राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर, जारी नियमों/हिदायतों के अधीन छूट प्रदान की गई है।

परिवीक्षा। 13. (1) सेवा में नियुक्त कोई भी व्यक्ति, यदि वह सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया हो, तो दो वर्ष की अवधि के लिए और यदि अन्यथा से नियुक्त किया गया हो, तो एक वर्ष की अवधि के लिए परिवीक्षा पर रहेगा, उपभोग की गई अवकाश अवधि, यदि कोई हो, को छोड़करः

परन्तु-

(क) ऐसी नियुक्ति के बाद किसी अनुरूप या उच्चतर पद पर प्रतिनियुक्ति पर व्यतीत की

गई कोई अवधि, परिवीक्षा अवधि में गिनी जाएगी;

(ख) स्थानांतरण द्वारा किसी नियुक्ति की दषा में, सेवा में किसी पद पर नियुक्ति से पहले किसी समकक्ष अथवा उच्चतर पद पर किए गए कार्य की कोई अवधि, नियुक्ति प्राधिकारी के विवेक पर, इस धारा के अधीन नियत परिवीक्षा अवधि में गिनने की अनुमति दी जा सकती है; और

(ग) स्थानापन्न नियुक्ति की कोई अवधि, परिवीक्षा पर व्यतीत की गई अवधि के रूप में गिनी जाएगी, किन्तु इस प्रकार स्थानापन्न रूप में कार्य करने वाला कोई भी व्यक्ति परिवीक्षा की विहित अवधि के पूरा होने पर, यदि वह किसी नियमित पद पर नियुक्त न किया गया हो, तो पुष्ट किए जाने का हकदार नहीं होगा। (2) यदि नियुक्ति प्राधिकारी की राय में, परिवीक्षा की अवधि के दौरान किसी व्यक्ति का कार्य या आचरण सन्तोषजनक न रहा हो, तो वह,-

(क) यदि ऐसा व्यक्ति सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया है, तो उसे उसकी सेवाओं से

अलग कर सकता है; और

(ख) यदि ऐसा व्यक्ति सीधी भर्ती से अन्यथा नियुक्त किया गया है तो,- (i) उसे उसके पूर्व पद पर प्रतिवर्तित कर सकता है; या (ii) उसके संबंध में ऐसी अन्य रीति में कार्रवाई कर सकता है, जो उसकी पूर्व

नियुक्ति के निबंधन तथा शर्तें अनुज्ञात करें।

(3) किसी व्यक्ति की परिवीक्षा अवधि पूरी होने पर, नियुक्ति प्राधिकारी,-

(क) यदि उसकी राय में, उसका कार्य या आचरण संतोषजनक रहा हो तो,-

(i) यदि ऐसा व्यक्ति किसी नियमित रिक्ति पर नियुक्त किया गया हो, तो उसे

उसकी नियुक्ति की तिथि से पुष्ट कर सकता है; या

(ii) यदि कोई नियमित रिक्ति न हो, तो घोषित कर सकता है कि उसने अपनी

परिवीक्षा अवधि संतोषजनक ढंग से पूरी कर ली है; या

(ख) यदि उसका कार्य या आचरण उसकी राय में, सन्तोषजनक न रहा हो तो,- (i) यदि वह सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किया गया है, तो उसे उसकी सेवाओं से अलग कर सकता है, यदि अन्यथा से नियुक्त किया गया है, तो उसे उसके पूर्व पद पर प्रतिवर्तित कर सकता है या उसके संबंध में ऐसी अन्य रीति में कार्रवाई कर सकता है, जो उसकी पूर्व नियुक्ति के निबंधन तथा शर्तें अनुज्ञात करें; या

(ii) उसकी परिवीक्षा अवधि बढ़ा सकता है और उसके बाद ऐसे आदेष पारित कर सकता है, जो वह परिवीक्षा की प्रथम अवधि की समाप्ति पर कर सकता थाः

परन्तु परिवीक्षा की कुल अवधि, जिसमें बढ़ाई गई अवधि, यदि कोई है, भी शामिल है, तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी।223 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA) वरिष्ठता। 14. सेवा के सदस्यों की परस्पर वरिष्ठता, भर्ती प्राधिकरण द्वारा भेजी गई योग्यता सूची के अनुसार निष्चित की जाएगीः परन्तु सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त सदस्यों के मामले में, वरिष्ठता नियत करते समय भर्ती प्राधिकरण द्वारा निष्चित योग्यताक्रम भंग नहीं किया जाएगाः परन्तु यह और कि नियुक्ति के विभिन्न ढंगों द्वारा एक ही तिथि को नियुक्त दो या दो से अधिक सदस्यों के मामले में, उनकी वरिष्ठता निम्नलिखित रूप से निष्चित की जाएगी-

(क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त सदस्य, अन्यथा से नियुक्त सदस्य से वरिष्ठ होगा; (ख) अनुग्रहपूर्वक नीति के अधीन नियुक्त सदस्य, पदोन्नति द्वारा नियुक्त सदस्य से वरिष्ठ

होगा;

(ग) पदोन्नति द्वारा नियुक्त सदस्य, स्थानांतरण द्वारा नियुक्त सदस्य से वरिष्ठ होगा; (घ) विलीन सदस्य, किसी रिक्त पद पर समयोजित किए गए अधिषेष सदस्य से वरिष्ठ होगा; (ङ) ग्रुप घ कर्मचारियों में से पदोन्नति द्वारा या किसी अन्य विभाग या संवर्ग से स्थानान्तरण द्वारा दो या दो से अधिक नियुक्त सदस्यों के मामले में, उनकी वरिष्ठता ऐसी नियुक्तियों में ऐसे सदस्यों की वरिष्ठता के अनुसार ही निष्चित की जाएगी, जिनसे वे पदोन्नत या स्थानान्तरण किए गए थे; और

(च) विभिन्न संवर्गों से स्थानान्तरण द्वारा नियुक्त सदस्यों के मामले में, उनकी वरिष्ठता वेतन के अनुसार निष्चित की जाएगी, अधिमान ऐसे सदस्य को दिया जाएगा, जो अपनी पहले की नियुक्ति में उच्चतर दर पर वेतन ले रहा था और यदि मिलने वाले वेतन की दर भी समान हो, तो उनकी नियुक्तियों में उनके सेवाकाल के अनुसार और यदि सेवाकाल भी समान हो, तो आयु में बड़ा सदस्य, आयु में छोटे सदस्य से वरिष्ठ होगा।

विषेष उपबंध। 15. इस अधिनियम में दी गई किसी बात के होते हुए भी, नियुक्ति प्राधिकारी, नियुक्ति पत्र में विषेष निबंधन तथा शर्तें लगा सकता है, यदि ऐसा करना समीचीन है।

आरक्षण। 16. इस अधिनियम की कोई भी बात, भारत के संविधान के अनुच्छेद 16 के खण्ड (4) के अधीन राज्य सरकार द्वारा, समय-समय पर, इस संबंध में जारी किए गए आदेषों के अनुसार वंचित अनुसूचित जातियों, अन्य अनुसूचित जातियों, पिछडे़ वर्गाें, भूतपूर्व सैनिकों, दिव्यांगजनं या व्यक्तियों के किसी अन्य वर्ग या प्रवर्ग को दिए जाने के लिए अपेक्षित आरक्षणों तथा अन्य रियायतों को प्रभावित नहीं करेगी।

अनुषासन, शास्तियां तथा अपीलें। 17. (1) अनुषासन, शास्तियां तथा अपीलों से सम्बन्धित मामलों में, सेवा के सदस्य हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड तथा अपील) नियम, 2016 द्वारा शासित होंगेः परन्तु ऐसी शास्तियों का स्वरूप, जो लगाई जा सकती हैं, ऐसी शास्तियां लगााने के लिए सषक्त प्राधिकारी तथा अपील प्राधिकारी, वह होगा, जो इन नियमों की अनुसूची ग में विनिर्दिष्ट है। (2) हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड तथा अपील) नियम, 2016 के नियम 9 के खण्ड (ग) या खण्ड (घ) या खण्ड (च) के अधीन आदेष करने के लिए सक्षम प्राधिकारी तथा अपील प्राधिकारी वह होगा, जो इन नियमों की अनुसूची घ में विनिर्दिष्ट है।

सेवा करने का दायित्व। 18. (1) सेवा का कोई सदस्य, नियुक्ति प्राधिकारी द्वारा हरियाणा सरकार के किसी भी विभाग और हरियाणा राज्य में अथवा उसके बाहर किसी भी स्थान पर सेवा करने के लिए आदेष दिए जाने पर ऐसा करने के लिए दायी होगा। (2) सेवा के किसी भी सदस्य को सेवा के लिए निम्नलिखित के अधीन भी प्रतिनियुक्ति किया जा सकता है-

(i) किसी कम्पनी, संघ या व्यष्टि निकाय, चाहे वह निगमित हो या नहीं, जिसका पूर्ण या अधिकांष स्वामित्व या नियंत्रण राज्य सरकार के पास है, हरियाणा राज्य के भीतर नगर निगम या स्थानीय प्राधिकरण या विष्वविद्यालय;

(ii) केन्द्रीय सरकार या ऐसी कम्पनी, संघ या व्यष्टि निकाय, चाहे वह निगमित हो या नहीं, जिसका पूर्ण या अधिकांष स्वामित्व या नियंत्रण केन्द्रीय सरकार के पास हो; अथवा

(iii) किसी अन्य राज्य सरकार, अन्तर्राष्ट्रीय संगठन, स्वायत निकाय, जिसका नियंत्रण

सरकार के पास न हो अथवा गैर सरकारी निकायः

परन्तु सेवा के किसी भी सदस्य को उसकी सहमति के बिना खण्ड (ii) अथवा खण्ड (iii) में विनिर्दिष्ट केन्द्रीय या किसी अन्य राज्य सरकार या किसी संगठन या निकाय में सेवा करने के लिए प्रतिनियुक्त नहीं किया जाएगा।224 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA) अध्यारोही प्रभाव। 19. तत्समय लागू किसी भी सेवा नियम में दी गई किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के उपबंध, इस अधिनियम के अधीन सामान्य संवर्ग में लिपिक के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती तथा सेवा की शर्तों को विनियमित करने के लिए प्रभावी होंगे।

कतिपय पदों के लिए प्रशिक्षण।

20. यदि किसी पद की प्रकृति और कर्तव्यों के लिए कोई प्रशिक्षण या तकनीकी या वृािक ज्ञान अपेक्षित है, तो ऐसे पद पर उम्मीदवार के चयन तथा नियुक्ति के बाद सरकार द्वारा ऐसी सेवा के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी और किसी ऐसे प्रशिक्षण या कोर्स को पास करना, सेवा में पुष्टि करने के साथ-साथ किसी उच्चतर पद पर पदोन्नति के लिए सेवा के सदस्य के कार्य और आचरण को निर्धारित करते समय उसके कर्तव्यों का भाग रूप होगा।

निलम्बन। 21. सेवा के किसी सदस्य को निलम्बित करने की शक्ति, महानिदेशक, मानव संसाधन विभाग के पास होगी।

नियम बनाने की शक्ति।

22. (1) सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकती है। (2) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, इसके बनाए जानेे के बाद, यथाशीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा।

कठिनाईयां दूर करने की शक्ति।

23. (1) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी रूप देने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो सरकार, राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा, ऐसे उपबंध कर सकती है, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हों और कठिनाई दूर करने के लिए इसे आवश्यक या समीचीन प्रतीत होंः परन्तु ऐसा कोई भी आदेश, इस अधिनियम के प्रारम्भ से तीन वर्ष की समाप्ति के बाद नहीं किया जाएगा। (2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश, इसके किए जाने के बाद, यथाशीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखा जाएगा।

अनुसूची का संषोधन करने की शक्ति।

24. (1) सरकार, अधिसूचना द्वारा, अनुसूची को संषोधित या रद्‌द कर सकती है। (2) उपधारा (1) के अधीन जारी की गई प्रत्येक अधिसूचना, इसके जारी किए जाने के बाद, यथाश्षीघ्र, राज्य विधानमण्डल के सम्मुख रखी जाएगी।225 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA)

अनुसूची क

[देखिए धारा 2(ख)]

पदनाम

वेतनमान

क्रम संख्या

1. लिपिक वृािमूलक वेतन स्तर-3,

सैल-1 = 21700-69100/- रूपए

टिप्पण 1.- जहां इस अधिनियम के अधीन आने वाले किसी पद के वेतनमान के साथ कोई विषेष वेतन है (उदाहरणार्थ हरियाणा सिविल सचिवालय, वित्तायुक्त सचिवालय, विधि तथा विधायी विभाग में लिपिक के पद के लिए उच्चतर वेतनमान के बदले में 40/- रूपए विषेष वेतन), तो इस प्रकार नियुक्त लिपिक, इन कार्यालयों में नियुक्ति की अवधि के दौरान वैयक्तिक उपाय के रूप में उसके हकदार होंगे।226 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA)

अनुसूची ख

(देखिए धारा 7)

क्रम संख्या

पदनाम सीधी नियुक्ति या अनुकंपा नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यताएं तथा अनुभव, यदि कोई हो

सीधी भर्ती से अन्यथा नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यताएं तथा अनुभव, यदि कोई हो 1 2 3

4

पदोन्नति द्वारा-

1. लिपिक (i) 10+2 या इसके समकक्ष; तथा (ii) मैट्रिक में एक विषय के रूप में हिन्दी या संस्कृत अथवा उच्चतर षिक्षा में एक विषय के रूप में हिन्दी।

(i) 10+2 या इसके समकक्ष; (ii) ग्रुप घ के पद पर पांच वर्ष का अनुभव; (iii) एस.ई.टी.सी. भाग-I; तथा (iv) मैट्रिक में एक विषय के रूप में हिन्दी या संस्कृत अथवा उच्चतर षिक्षा में एक विषय के रूप में हिन्दी।

टिप्पण.- लिपिक के रूप में सेवाग्रहण करने के बाद वार्षिक वेतनवृद्धि और आगे पदोन्नति लेने के लिए एस.ई.टी.सी. के दोनों भाग उत्तीर्ण करने होंगे।

स्थानान्तरण या प्रतिनियुक्ति द्वारा-

(i) 10+2 या इसके समकक्ष; (ii) किसी राज्य सरकार या भारत सरकार में लिपिक के रूप में दो वर्ष का अनुभव; तथा

(iii) मैट्रिक में एक विषय के रूप में हिन्दी या संस्कृत अथवा उच्चतर षिक्षा में एक विषय के रूप में हिन्दी।

टिप्पण.- लिपिक के रूप में सेवाग्रहण करने के बाद यदि पहले से ही एस.ई.टी.सी. के दोनों भाग उत्तीर्ण नहीं किए गए हैं, तो वार्षिक वेतनवृद्धि और आगे पदोन्नति लेने के लिए एस.ई.टी.सी. के दोनों भाग उत्तीर्ण करने होंगे।227 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA)

अनुसूची ग

(देखिए धारा 17)

शास्ति का स्वरूप शास्ति लगाने अपील प्राधिकारी पदनाम नियुक्ति

क्रम संख्या

प्राधिकारी

के लिए प्राधिकारी

1. लिपिक महानिदेशक,

मानव संसाधन विभाग

विभागाध्यक्ष, जहां पदधारी कार्यरत है/था।

1 2 3 4 5 6 (i) छोटी शास्तियां - हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड तथा अपील) नियम, 2016 में यथा विहित।

प्रशासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, मानव संसाधन विभाग

(ii) बड़ी शास्तियां-

हरियाणा सिविल सेवा (दण्ड

महानिदेषक, मानव संसााधन विभाग

तथा अपील) नियम, 2016 में यथा विहित।228 HARYANA GOVT. GAZ. (EXTRA.), AUG. 4, 2026 (SRVN. 13, 1948 SAKA)

अनुसूची घ

(देखिए नियम 17)

शास्ति का स्वरूप शासित लगाने के अपील प्राधिकारी पदनाम नियुक्ति

क्रम संख्या

प्राधिकारी

लिए प्राधिकारी

1 2 3 4 5 6 1. लिपिक

(i) हरियाणा सिविल

महानिदेशक, मानव संसाधन विभाग

महानिदेशक, मानव संसाधन विभाग

प्रशासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, मानव संसाधन विभाग

सेवा (पेंषन) नियम, 2016 के अधीन अनुज्ञेय मृत्यु एवं सेवानिवृत्ति उपदान की राषि को रोकना;

(ii) सेवा की समाप्ति;

(iii) अधिवर्षिता की आयु

पूरी होने से पूर्व लोकहित में सेवा के सदस्य की समयपूर्व सेवानिवृत्ति।

रितु गर्ग, प्रषासकीय सचिव, हरियाणा सरकार, विधि तथा विधायी विभाग।

12768—L.R.—H.G.P., Pkl.

Cite this issue. Haryana Gazette, Government of Haryana, 04 August 2026. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.haryana.2026-08-04.Extra-Ordinary_Leg-24-2026/. Archive identifier in.gazette.haryana.2026-08-04.Extra-Ordinary_Leg-24-2026.