राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित
शिमला, शुक्रवार, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931 शिमला, शुक्रवार, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931 शिमला, शुक्रवार, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931 शिमला, शुक्रवार, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931 शिमला, शुक्रवार, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
हिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकार
विधि विभागविधि विभागविधि विभागविधि विभागविधि विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 18 फरवरी, 2010
संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-29/2009-लेज.-- संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-29/2009-लेज.-- संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-29/2009-लेज.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-29/2009-लेज.-- संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-29/2009-लेज.-- भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 16-02-2010 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति तथा चिकित्सीय सेवा-संस्था (हिंसा और सम्पत्ति के नुकसान का निवारण) विधेयक, 2009 (2009 का विधेयक संख्यांक 28) को 234-राजपत्र/2010-19-2-2010 (6805) 6806 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931 वर्ष 2010 के अधिनियम संख्यांक 5 के रूप में संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंग्रेजी प्राधिकृत पाठ सहित हिमाचल प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित करती हैं ।
आदेश द्वारा, अवतार चन्द डोगरा, सचिव । 6807 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
2010 का अधिनियम संख्यांक 5 2010 का अधिनियम संख्यांक 5 2010 का अधिनियम संख्यांक 5 2010 का अधिनियम संख्यांक 5 2010 का अधिनियम संख्यांक 5
हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति तथा चिकित्सीय हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति तथा चिकित्सीय हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति तथा चिकित्सीय हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति तथा चिकित्सीय हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति तथा चिकित्सीय सेवा-संस्था (हिंसा और सम्पत्ति के नुकसान का निवारण) सेवा-संस्था (हिंसा और सम्पत्ति के नुकसान का निवारण) सेवा-संस्था (हिंसा और सम्पत्ति के नुकसान का निवारण) सेवा-संस्था (हिंसा और सम्पत्ति के नुकसान का निवारण) सेवा-संस्था (हिंसा और सम्पत्ति के नुकसान का निवारण) अधिनियम, 2009अधिनियम, 2009अधिनियम, 2009अधिनियम, 2009अधिनियम, 2009
(माननीय राज्यपाल महोदया द्वारा तारीख 16 फरवरी, 2010 को यथानुमोदित)
चिकित्सीय सेवा-व्यक्तियों के विरूद्ध हिंसा का और चिकित्सीय सेवा-संस्थाओं में सम्पत्ति के नुकसान का निवारण करने तथा उससे सम्बन्ध्ि ात या उसके आनुंंषगिक विषयों का उपबन्ध करने के लिए अधिनियम।अधिनियम।अधिनियम।अधिनियम।अधिनियम।
भारत गणराज्य के साठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ। निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1.1.1.1.1. (1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति तथा चिकित्सीय सेवा-संस्था (हिंसा और सम्पत्ति के नुकसान का निवारण) अधिनियम, 2009 है।
परिभाषाएं। (2) यह ऐसी तारीख को प्रवृत्त होगा जैसी राज्य सरकार राजपत्र में
अधिसूचना द्वारा नियत करे।
2.2.2.2.2. इस अधिनियम में, जब तक कि सन्दर्भ से अन्यथा अपेक्षित न
हो,-
(क) "चिकित्सीय सेवा" से शिशु के जन्म सेे सम्बन्धित प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल या उससे सहबद्ध किसी भी प्रकार के कार्य सहित बीमारी, क्षति या अशक्तताओं, चाहे शारीरिक हों या मानसिक, से पीड़ित व्यक्तियों को चिकित्सीय उपचार और देखभाल या किसी भी रूप में नर्सिंग देखभाल प्रदान करने का कार्य अभिप्रेत है;
(ख) "चिकित्सीय सेवा-संस्थाओं" से मैडिकल कॉलेज, अस्पताल, चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए, या लोगों को चिकित्सीय सेवा प्रदान करने वाली ऐसी अन्य संस्था अभिप्रेत है, जो राज्य सरकार 6808 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
या केन्द्रीय सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा स्थापित तथा प्रबन्धित है या उसके नियन्त्रणाधीन है;
(ग) चिकित्सीय सेवा-संस्था के सम्बन्ध में, "चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति" से कोई रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी (अनन्तिम रजिस्ट्रीकरण धारक सहित),रजिस्ट्रीकृत कोई नर्स, चिकित्सा छात्र, नर्सिंग छात्र और पैरामैडिकल कार्यकर्ता अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत ऐसी संस्था में नियोजित और कार्यरत कोई व्यक्ति भी है;
(घ) "हिंसा" से किसी चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति को चिकित्सीय सेवा-संस्था में उसके कर्त्तव्य के निर्वहन में कोई अपहानि, क्षति या जीवन का संकटापन या अभित्रास, बाधा या अड़चन कारित करने वाले क्रियाकलाप अभिप्रेत हैं; और
(ड.) ''सम्पत्ति को नुकसान'' से सम्पत्ति की कोई हानि या विरूपण या
उसके मूल्य में कमी अभिपे्रत है ।
शास्ति।
3. 3. 3. 3. 3. (1) जो कोई भी किसी चिकित्सीय सेवा-व्यक्ति के विरूद्ध हिंसात्मक कार्य करता है या किसी चिकित्सीय सेवा-संस्था की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो वह दोषसिद्धि पर, कारावास स,े जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट शास्ति के अतिरिक्त अपराधी, चिकित्सीय सेवा-संस्था की सम्पत्ति को नुकसान या हानि पहुंचाने के लिए क्षतिपूर्ति के रूप में ऐसी रकम संदत्त करने के लिए दायी होगा जो न्यायालय द्वारा निर्णय में अवधारित की जाए।
(3) जहां उपधारा (2) के अधीन अवधारित क्षतिपूर्ति की रकम का संदाय नहीं किया जाता है, तो उसे भू-राजस्व की बकाया के तौर पर वसूल किया जाएगा।
4. 4. 4. 4. 4. इस अधिनियम के अधीन किया गया अपराध संज्ञेय और
अपराध का संज्ञान जमानतीय होगा।
55555. इस अधिनियम के उपबन्ध तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के
उपबन्धों के अतिरिक्त होंगे न कि उसके अल्पीकरण में।
अधिनियम का किसी अन्य विधि के अल्पीकरण में न होना। 6809 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
AUTHORITATIVE ENGLISH TEXT
Act. No. 5 of 2010
THE HIMACHAL PRADESH MEDICARE SERVICE PERSONS AND
MEDICARE SERVICE INSTITUTIONS (PREVENTION OF VIOLENCE
AND DAMAGE TO PROPERTY), ACT, 2009
AN
ACT
to provide for prevention of violence against Medicare Service Persons
and damage to property in medicare service institutions and for matters
connected therewith or incidental thereto .
BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the
Sixtieth Year of the Republic of India as follows:—
1. This Act may be called the Himachal Pradesh Medicare Service Persons and Medicare Services Institutions (Prevention of Violence and Damage to Property) Act, 2009.
Short title and commence- ment.
(2) It shall come into force on such date as the State Government may,
by notification in the Official Gazette, appoint.
2. In this Act, unless the context otherwise requires,—
Definitions.
(a) " Medicare Service" means the act of providing medical treatment and care including antenatal and postnatal care in connection with child birth or anything connected therewith, or nursing care in any form to, persons suffering from sickness, injury or infirmities whether of body or mind;
(b) " Medicare Service Institution" means a medical college and hospital by whatever name called or such other institution providing Medicare Service to the people, which is established and managed by, or under the control of, the State Government or Central Government or local bodies;
(c) " Medicare Service Person" in relation to Medicare Service Institution, means a registered Medical Practitioner including provisional registration holder, a registered Nurse, a Medical Student, a Nursing Student and a Para-Medical Worker and includes any person employed and working in such institution;
(d) "violence" means activities of causing any harm, injury or endangering the life or intimidation, obstruction or hindrance to any Medicare Service Person in discharge of duties in the Medicare Service Institution; and 6810 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
(e) "damage to property" means any loss or defacement or
deduction in value of property .
JPenalty.
3. (1).Whoever commits an act of violence against a Medicare Service Person or causes any damage to the property of any Medicare Service Institution, shall, on conviction, be punished with imprisonment for a term which may extend to one year or with fine which may extend to five thousand rupees.
(2) In addition to the penalty specified under sub-section (1), the offender shall be liable to pay, by way of compensation, such amount as may be determined by the court in the judgement for damages or loss caused to the property of Medicare Service Institution.
(3) Where the amount of compensation as determined under sub- section (2) is not paid , the same shall be recovered as arrears of land revenue.
4. Any offence committed under this Act shall be cognizable and
bailable .
Cognizance of offence.
5. The provisions of this Act shall be in addition to, and not in
derogation of the provisions of any other law for the time being in force.
Act not in derogation of any other law.
6811 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
विधि विभागविधि विभागविधि विभागविधि विभागविधि विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 18 फरवरी, 2010
संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-30/2009-लेज.-- संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-30/2009-लेज.-- संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-30/2009-लेज.--हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-30/2009-लेज.-- संख्या एल0एल0आर0-डी0(6)-30/2009-लेज.-- भारत के संविधान के अनुच्छेद 200 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 16-02-2010 को अनुमोदित हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण (निरसन) विधेयक, 2009 (2009 का विधेयक संख्यांक 29) को वर्ष 2010 के अधिनियम संख्यांक 4 के रूप में संविधान के अनुच्छेद 348 (3) के अधीन उसके अंग्रेजी प्राधिकृत पाठ सहित हिमाचल प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित करती हैं ।
आदेश द्वारा, अवतार चन्द डोगरा, सचिव । 6812 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
2010 का अधिनियम संख्यांक 4 2010 का अधिनियम संख्यांक 4 2010 का अधिनियम संख्यांक 4 2010 का अधिनियम संख्यांक 4 2010 का अधिनियम संख्यांक 4
हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण (निरसन) अधिनियम, 2009(निरसन) अधिनियम, 2009(निरसन) अधिनियम, 2009(निरसन) अधिनियम, 2009(निरसन) अधिनियम, 2009
(माननीय राज्यपाल महोदया द्वारा तारीख 16 फरवरी, 2010 को यथानुमोदित)
हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण अधिनियम, 1997 (1997 का अधिनियम संख्यांक 17) का निरसन करने के लिए विधेयक।विधेयक।विधेयक।विधेयक।विधेयक।
भारत गणराज्य के साठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा
निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
संक्षिप्त नाम।
1.1.1.1.1. इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध
और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य संरक्षण (निरसन) अधिनियम, 2009 है।
2.2.2.2.2. (1) हिमाचल प्रदेश धूम्रपान प्रतिषेध और अधूम्रसेवी स्वास्थ्य
संरक्षण अधिनियम, 1997 का एतद्द्वारा निरसन किया जाता है।
1997 के अधिनियम संख्यांक 17 का निरसन और व्यावृत्तियां।ृ
(2) ऐसे निरसन के होते हुए भी, इस प्रकार निरसित अधिनियम के अधीन प्रोद्भूत और उपगत कोई अन्वेषण, विधिक कार्यवाही, शास्ति, समपहरण या दण्ड चालू या प्रवर्तनशील रहेगा और ऐसी कोई शास्ति, समपहरण या दण्ड अधिरोपित किया जा सकेगा, मानो उक्त अधिनियम निरसित न किया गया हो। 6813 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
Bill No. 29 of 2009
THE HIMACHAL PRADESH PROHIBITION OF SMOKING AND NON-
SMOKERS HEALTH PROTECTION (REPEAL) BILL, 2009
(AS Passed by THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)
A
BILL
to repeal the Himachal Pradesh Prohibition of Smoking and Non-
Smokers Health Protection Act,1997(Act. No. 17 of 1997).
BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal Pradesh in the
Sixtieth Year of the Republic of India as follows :—
Short title.
1. This Act may be called the Himachal Pradesh Prohibition of
Smoking and Non-Smokers Health Protection (Repeal) Act, 2009.
2. (1) The Himachal Pradesh Prohibition of Smoking and Non-
Smokers Health Protection Act,1997 is hereby repealed.
Repeal of Act No. 17 of 1997 and savings.
(2) Notwithstanding such repeal, any investigation, legal proceedings, penalty, forfeiture or punishment accrued or incurred under the Act so repealed, shall be continued or enforced and any such penalty, forfeiture or punishment may be imposed as if the said Act had not been repealed.
6814 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 19 फरवरी, 2010/30 माघ, 1931
नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हि0 प्र0, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित