राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला, वीरवार, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 शिमला, वीरवार, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 शिमला, वीरवार, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 शिमला, वीरवार, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 शिमला, वीरवार, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालयहिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालयहिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालयहिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालयहिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय
अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
शिमला-4, 31 मार्च, 2010
संख्या वि0स0-विधायन-बजट/1-9/2010.--संख्या वि0स0-विधायन-बजट/1-9/2010.--हिमाचल प्रदेश विधान सभा की संख्या वि0स0-विधायन-बजट/1-9/2010.--संख्या वि0स0-विधायन-बजट/1-9/2010.-- संख्या वि0स0-विधायन-बजट/1-9/2010.-- प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली, 1973 के नियम 140 के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश विनियोग (संख्यांक 2) विधेयक, 2010 (2010 का विधेयक संख्यांक-2) जो आज दिनांक 31 मार्च, 2010 1-राजपत्र/2010-1-4-2010 (1) 2 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 को हिमाचल प्रदेश विधान सभा में पुरःस्थापित हो चुका है, सर्व-साधारण की सूचनार्थ राजपत्र में मुद्रित करने हेतु प्रेषित किया जाता है ।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- सचिव, हि0 प्र0 विधान सभा । 3 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
2010 का विध्ेयक संख्यांक 2
हिमाचल प्रदेश विनियोग ;संख्यांक 2द्ध विध्ेयक, 2010
;विधन सभा में पुरःस्थापित रूप मेंद्ध
वित्तीय वर्ष 2010-2011 केे लिए हिमाचल प्रदेश राज्य की संचित निध् िमें से सेवाओं के लिए कतिपय धनराशियों के संदाय को प्राध्कृित करने और उनका विनियोग करने के लिए विध्ेयक ।
भारत गणराज्य के इकसठवें वर्ष में हिमाचल प्रदेश विधन सभा द्वारा
निम्नलिखित रूप में यह अध्निियमित हो :-
संक्षिप्त नाम । 1 . इस अध्निियम का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश विनियोग
;संख्यांक 2द्ध अध्निियम, 2010 है ।
हिमाचल प्रदेश राज्य की संचित निध् िमें से वित्तीय वर्ष 2 0 1 0 - 2 0 1 1 के लिए 1,62,70,74,43,000 रुपए की राशि जारी करना ।
2. हिमाचल प्रदेश राज्य की संचित निध् ि में से अनुसूची के तृतीय स्तम्भ में विनिर्दिष्ट से अनध्कि ध्नराशियों जिनका योग 1,62,70,74,43,000 रुपए ;सोलह हजार दो सौ सत्तर करोड़, चौहतर लाख तैंतालीस हजार रुपएद्ध हैं, संदत्त और उपयोजित की जाए, जिनका वित्तीय वर्ष 2010-2011 की अवध् िमें अनुसूची के द्वितीय स्तम्भ में विनिर्दिष्ट सेवाओं और प्रयोजनों से सम्बन्ध्ति विभिन्न प्रभारों के संदाय कोे चुकाने के लिए उपयोग किया जाएगा ।
विनियोग ।
3. इस अध्निियम द्वारा हिमाचल प्रदेश राज्य की संचित निध् िमें से संदत्त और उपयोजित करने के लिए प्राध्कृित ध्नराशियों का उक्त वर्ष के सम्बन्ध् में अभिव्यक्त सेवाओं और प्रयोजनों के लिए विनियोग किया जाएगा। 4 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
अनुसूची
;धरा 2 और 3 देखेंद्ध
| मांग स ख्या ं | सेवाएं और प्रयोजन | निम्नलिखित राशियों से अनध्कि | ||
| विधन सभा द्वारा दत्तमत रुपए | संचित निध् िपर प ्र भारित रुपए | क ु ल रुपए | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 | विधन सभा ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध राज्यपाल और मंत्रिापरिषद् ;राजस्वद्ध न्याय प्रशासन ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध सामान्य प्रशासन ;राजस्वद्ध भू-राजस्व और जिला प्रशासन ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध आबकारी और कराधन ;राजस्वद्ध पुलिस और सम्ब( संगठन ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध शिक्षा ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध स्वास्थ्य और परिवार कल्याण ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध लोक निर्माण-सड़कें, पुल ;राजस्वद्ध तथा भवन ;पूंजीद्ध क षि ृ ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध | 12,50,39,000 60,01,000 4,76,80,000 67,89,96,000 23,00,01,000 91,68,38,000 3,24,19,49,000 1,000 31,32,70,000 4,21,76,67,000 18,00,01,000 22,38,20,41,000 1,35,05,00,000 5,88,68,19,000 32,60,00,000 16,14,22,34,000 2,53,89,00,000 1,22,70,87,000 64,32,76,000 | 31,54,000 — 3,07,54,000 15,35,29,000 — 4,36,96,000 — — — — — — — — — — — — — | 12,81,93,000 60,01,000 7,84,34,000 83,25,25,000 23,00,01,000 96,05,34,000 3,24,19,49,000 1,000 31,32,70,000 4,21,76,67,000 18,00,01,000 22,38,20,41,000 1,35,05,00,000 5,88,68,19,000 32,60,00,000 16,14,22,34,000 2,53,89,00,000 1,22,70,87,000 64,32,76,000 |
5 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
| 1 | 2 | 3 रुपए | 4 रुपए | 5 रुपए |
| 12 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 | उद्यान ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध सिंचाई, जलापूर्ति एवं ;राजस्वद्ध सफाई ;पूंजीद्ध पशुपालन, दुग्ध् विकास ;राजस्वद्ध एवं मत्स्य ;पूंजीद्ध योजना एवं पिछड़ा क्षेत्रा ;राजस्वद्ध उप-योजना ;पूंजीद्ध वन और वन्य जीवन ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध निर्वाचन ;राजस्वद्ध उद्योग, खनिज, आपूर्ति ;राजस्वद्ध और सूचना एवं प्रौद्योगिकी ;पूंजीद्ध सामाजिक न्याय एवं ;राजस्वद्ध अध्किारिता ;पूंजीद्ध ग्रामीण विकास ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध सहकारिता ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध विद्युत विकास ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध मुद्रण और लेखन सामग्री ;राजस्वद्ध | 95,33,11,000 5,32,52,000 9,99,15,88,000 3,34,17,24,000 1,35,37,37,000 5,93,84,000 43,56,46,000 1,70,42,02,000 3,09,10,96,000 2,80,01,000 7,79,55,000 45,11,37,000 19,76,00,000 2,55,54,34,000 9,54,00,000 2,67,10,40,000 39,00,000 20,57,49,000 12,000 1,19,37,82,000 10,000 1,56,20,72,000 2,51,10,01,000 16,44,84,000 | — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — | 95,33,11,000 5,32,52,000 9,99,15,88,000 3,34,17,24,000 1,35,37,37,000 5,93,84,000 43,56,46,000 1,70,42,02,000 3,09,10,96,000 2,80,01,000 7,79,55,000 45,11,37,000 19,76,00,000 2,55,54,34,000 9,54,00,000 2,67,10,40,000 39,00,000 20,57,49,000 12,000 1,19,37,82,000 10,000 1,56,20,72,000 2,51,10,01,000 16,44,84,000 |
| 25 26 27 28 29 30 31 32 | सड़क और जल परिवहन ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध पर्यटन और नागर विमानन ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध श्रम, रोजगार और प्रशिक्षण ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध शहरी विकास, नगर एवं ;राजस्वद्ध ग्राम योजना तथा आवास ;पूंजीद्ध वित्त ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध विविध् सामान्य सेवायें ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध जनजातीय विकास ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध अनुसूचित जाति ;राजस्वद्ध उप योजना ;पूंजीद्ध ;राजस्वद्ध ;पूंजीद्ध कुल जोड़ जोड़ | 1,01,43,83,000 33,02,00,000 8,29,84,000 1,76,01,000 56,15,12,000 31,26,11,000 1,17,80,03,000 26,38,12,000 18,85,53,83,000 7,96,01,000 40,48,60,000 11,79,00,000 4,67,91,16,000 1,34,01,38,000 3,29,32,04,000 4,20,68,00,000 | — — — — — — — — 22,32,19,96,000 10,26,03,89,000 — — — — — — | 1,01,43,83,000 33,02,00,000 8,29,84,000 1,76,01,000 56,15,12,000 31,26,11,000 1,17,80,03,000 26,38,12,000 41,17,73,79,000 10,33,99,90,000 40,48,60,000 11,79,00,000 4,67,91,16,000 1,34,01,38,000 3,29,32,04,000 4,20,68,00,000 |
| 1,09,95,60,96,000 | 22,55,31,29,000 | 1,32,50,92,25,000 | ||
| 19,93,78,29,000 | 10,26,03,89,000 | 30,19,82,18,000 | ||
| 1,29,89,39,25,000 | 32,81,35,18,000 | 1,62,70,74,43,000 |
7 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 उद्देश्यों और कारणों का कथन
यह विध्ेयक, भारत के संविधन के अनुच्छेद 204 के खण्ड ;1द्ध के अनुसरण में हिमाचल प्रदेश राज्य की संचित निध् िमें से, वित्तीय वर्ष 2010-2011 के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार के अनुमानित व्ययों के सम्बन्ध् में संचित निध् िपर प्रभारित व्ययों और विधन सभा द्वारा यथा दत्तमत अन्य व्ययों को पूरा करने के लिए अपेक्षित ध्न के विनियोजन का उपबन्ध् करने के लिए पुरःस्थापित है ।
प्रो0 प्रेम कुमार ध्ूमल, मुख्य मन्त्राी । शिमला : तारीख 31 मार्च, 2010
_________
भारत के संविधन के अनुच्छेद 207 के अध्ीन राज्यपाल की सिफारिशें
;वित्त विभाग नस्ति संख्या फिन ए-सी ;6द्ध-1/2009द्ध
हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश विनियोग ;संख्यांक 2द्ध विध्ेयक, 2010 की विषय वस्तु के बारे में सूचित किए जाने के पश्चात्, भारत के संविधन के अनुच्छेद 207 के अध्ीन उक्त विध्ेयक को विधन सभा में पुरःस्थापित करने और उस पर विचार करने की सिफारिश करती हैं । 8 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
Bill No. 2 of 2010
THE HIMACHAL PRADESH APPROPRIATION (N0.2) BILL, 2010
(AS INTRODUCED IN THE LEGISLATIVE ASSEMBLY)
A
BILL
to authorise payment and appropriation of certain sums
from and out of the Consolidated Fund of the State of Himachal
Pradesh for the services for the financial year 2010-2011.
BE it enacted by the Legislative Assembly of Himachal
Pradesh in the Sixty First Year of the Republic of India as follows:—
Short title.
1. This Act may be called the Himachal Pradesh Appropriation
(No.2) Act, 2010.
2. From and out of the Consolidated Fund of the State of Himachal Pradesh, there may be paid and applied sums not exceeding those specified in column (3) of the Schedule amounting in the aggregate to a sum of Rs. 1,62,70,74,43,000 (One thousand sixty two hundred seventy crores, seventy four lakhs and fourty three thousand rupees) towards defraying the several charges which will come in course of payment during the financial year 2010-2011 in respect of the services and purposes specified in column (2) of the Schedule.
Issue of a sum of Rs. 1,62,70,74,43,000 out of the Consolidated Fund of the State of H i m a c h a l Pradesh for the financial year 2010- 2011.
Appropriation. 3. The sums authorised to be paid and applied from and out of the Consolidated Fund of the State of Himachal Pradesh by this Act shall be appropriated for the services and purposes expressed in the Schedule in relation to the said year.
9 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
THE SCHEDULE
(See sections 2 and 3)
| Demand No. 1 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 | Services and purposes. 2 Vidhan Sabha Governor and Council of Ministers Administration of Justice General Administration Land Revenue and District Administration Excise and Taxation Police and Allied Organisations Education Health and Family Welfare Public Works-Roads, Bridges and Buildings Agriculture Horticulture | (Revenue) (Capital) (Revenue) (Revenue) (Capital) (Revenue) (Revenue) (Capital) (Revenue) (Revenue) (Capital) (Revenue) (Capital) (Revenue) (Capital) (Revenue) (Capital) (Revenue) Capital (Revenue) (Capital) | Sums not exceeding | Total Rs. 5 12,81,93,000 60,01,000 7,84,34,000 83,25,25,000 23,00,01,000 96,05,34,000 3,24,19,49,000 1,000 31,32,70,000 4,21,76,67,000 18,00,01,000 22,38,20,41,000 1,35,05,00,000 5,88,68,19,000 32,60,00,000 16,14,22,34,000 2,53,89,00,000 1,22,70,87,000 64,32,76,000 95,33,11,000 5,32,52,000 | |
| Voted by the Legislative Assembly. Rs. 3 12,50,39,000 60,01,000 4,76,80,000 67,89,96,000 23,00,01,000 91,68,38,000 3,24,19,49,000 1,000 31,32,70,000 4,21,76,67,000 18,00,01,000 22,38,20,41,000 1,35,05,00,000 5,88,68,19,000 32,60,00,000 16,14,22,34,000 2,53,89,00,000 1,22,70,87,000 64,32,76,000 95,33,11,000 5,32,52,000 | Charged on the Consolidated Fund. Rs. 4 31,54,000 -- 3,07,54,000 15,35,29,000 -- 4,36,96,000 -- -- - -- — — — — — — — — — — — | ||||
10 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
| 1 | 2 | 3 Rs. | 4 Rs. | 5 Rs. | |
| 13 14 15 16 17 18 19 20 21 22 23 24 25 26 | Irrigation, Water Supply (Revenue) and Sanitation (Capital) Animal Husbandry, (Revenue) Dairy Development (Capital) and Fishries Planning and Backward (Revenue) Area Sub-Plan (Capital) Forest and Wild Life (Revenue) (Capital) Election (Revenue) Industries, Minerals, (Revenue) Supplies and (Capital) Information Technology Social Justice and (Revenue) Empowerment (Capital) Rural Development (Revenue) (Capital) Co-operation (Revenue) (Capital) Food and Civil Supplies (Revenue) (Capital) Power Development (Revenue) (Capital) Printing and Stationery (Revenue) Road and Water Transport (Revenue) (Capital) Tourism and Civil (Revenue) Aviation (Capital) | 9,99,15,88,000 3,34,17,24,000 1,35,37,37,000 5,93,84,000 43,56,46,000 1,70,42,02,000 3,09,10,96,000 2,80,01,000 7,79,55,000 45,11,37,000 19,76,00,000 2,55,54,34,000 9,54,00,000 2,67,10,40,000 39,00,000 20,57,49,000` 12,000 1,19,37,82,000 10,000 1,56,20,72,000 2,51,10,01,000 16,44,84,000 1,01,43,83,000 33,02,00,000 8,29,84,000 1,76,01,000 | — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — — | 9,99,15,88,000 3,34,17,24,000 1,35,37,37,000 5,93,84,000 43,56,46,000 1,70,42,02,000 3,09,10,96,000 2,80,01,000 7,79,55,000 45,11,37,000 19,76,00,000 2,55,54,34,000 9,54,00,000 2,67,10,40,000 39,00,000 20,57,49,000 12,000 1,19,37,82,000 10,000 1,56,20,72,000 2,51,10,01,000 16,44,84,000 1,01,43,83,000 33,02,00,000 8,29,84,000 1,76,01,000 |
11 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
| 1 | 2 | 3 Rs. | 4 Rs. | 5 Rs. |
| 27 28 29 30 31 32 | Labour, Employment (Revenue) and Training (Capital) Urban Development, (Revenue) Town and Country (Capital) Planning and Housing Finance (Revenue) (Capital) Miscellaneous General (Revenue) Services (Capital) Tribal Development (Revenue) (Capital) Scheduled Castes (Revenue) Sub Plan (Capital) Total (Revenue) (Capital) Grand Total | 56,15,12,000 31,26,11,000 1,17,80,03,000 26,38,12,000 18,85,53,83,000 7,96,01,000 40,48,60,000 11,79,00,000 4,67,91,16,000 1,34,01,38,000 3,29,32,04,000 4,20,68,00,000 | — — — — 22,32,19,96,000 10,26,03,89,000 — — — — — — | 56,15,12,000 31,26,11,000 1,17,80,03,000 26,38,12,000 41,17,73,79,000 10,33,99,90,000 40,48,60,000 11,79,00,000 4,67,91,16,000 1,34,01,38,000 3,29,32,04,000 4,20,68,00,000 |
| 1,09,95,60,96,000 | 22,55,31,29,000 | 1,32,50,92,25,000 | ||
| 19,93,78,29,000 | 10,26,03,89,000 | 30,19,82,18,000 | ||
| 1,29,89,39,25,000 | 32,81,35,18,000 1,62,70,74,43,000 |
12 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 STATEMENT OF OBJECTS AND REASONS
This Bill is introduced in pursuance of clause (1) of article 204 of the Constitution of India to provide for the appropriation from and out of the Consolidated Fund of the State of Himachal Pradesh of the moneys required to meet the expenditure charged on the Consolidated Fund and other expenditure as voted by the Legislative Assembly in respect of the estimated expenditure of the Government of Himachal Pradesh for the financial year 2010-2011.
Prof. PREM KUMAR DHUMAL, Chief Minister.
SHIMLA: The 31st March, 2010.
—————-
RECOMMENDATIONS OF THE GOVERNOR UNDER ARTICLE 207 OF THE
CONSTITUTION OF INDIA.
(Finance Department File No. Fin. -A-C (6)- 1/2009)
The Governor, Himachal Pradesh, having been informed of the subject matter of Himachal Pradesh Appropriation (No.2) Bill, 2010, recommends, under article 207 of the Constitution of India, the introduction in and consideration by the Legislative Assembly of the said Bill.
13 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 मत्स्य पालन विभागमत्स्य पालन विभागमत्स्य पालन विभागमत्स्य पालन विभागमत्स्य पालन विभाग
अधिसूचना
शिमला-2 26 अक्तूबर, 2009
संख्या फिश-ख(2)2/83संख्या फिश-ख(2)2/83संख्या फिश-ख(2)2/83संख्या फिश-ख(2)2/83संख्या फिश-ख(2)2/83-----III.....----------हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश मत्स्यपालन विभाग में मत्स्य अधिकारी वर्ग-III अराजपत्रित), पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-"क" के अनुसार भर्ती और प्रोन्नति नियम बनाते है,ं अर्थात् :--
1.1.1.1.1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ.--(i) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश मत्स्यपालन विभाग मत्स्य अधिकारी, वर्ग-III (अराजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2009 है । (ii) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2.2.2.2.2. निरसन और व्यावृत्तियां.-निरसन और व्यावृत्तियां.-निरसन और व्यावृत्तियां.-निरसन और व्यावृत्तियां.-निरसन और व्यावृत्तियां.--(i) अधिसूचना संख्या मत्स्य-ख (2)-2/83 तारीख 09-09-1993 द्वारा अधिसूचित तथा समय समय पर यथा संशोधित हिमाचल प्रदेश मत्स्यपालन विभाग मत्स्य अधिकारी वर्ग-III (अराजपत्रित) कार्यकारी सेवाएं भर्ती एवं प्रोन्नति नियम, 1993 का एतद्द्वारा निरसन किया जाता है ।
(ii) ऐसे निरसन के होते हुए भी, उपर्युक्त उप-नियम (i) के अधीन इस प्रकार निरसित नियमों के अधीन की गई कोई नियुक्ति, बात या कार्रवाई, इन नियमों के अधीन विधिमान्य रूप से की गई समझी जाएगी ।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- सचिव । 14 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
उपाबन्ध-क मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्र्रदेश में मत्स्य अधिकारी (अराजपत्रित) वर्ग-III पदपदपदपदपद मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्र्रदेश में मत्स्य अधिकारी (अराजपत्रित) वर्ग- मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्र्रदेश में मत्स्य अधिकारी (अराजपत्रित) वर्ग- मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्र्रदेश में मत्स्य अधिकारी (अराजपत्रित) वर्ग- मत्स्य पालन विभाग, हिमाचल प्र्रदेश में मत्स्य अधिकारी (अराजपत्रित) वर्ग- के भर्ती और पदोन्नति नियमके भर्ती और पदोन्नति नियमके भर्ती और पदोन्नति नियमके भर्ती और पदोन्नति नियमके भर्ती और पदोन्नति नियम
1.1.1.1.1. पद का नाम.--पद का नाम.--पद का नाम.--पद का नाम.--पद का नाम.--मत्स्य अधिकारी 2.2.2.2.2. पदों की संख्या.--पदों की संख्या.--पदों की संख्या.--पदों की संख्या.--पदों की संख्या.-- 31 (Thirty one) 3.3.3.3.3. वर्गीकरण.--वर्गीकरण.--वर्गीकरण.--वर्गीकरण.--वर्गीकरण.-- वर्ग-।।। (((((अराजपत्रित) कार्यकारी सेवाएं 4.4.4.4.4. (i) नियमित पदधारियोेंं के लिए वेतनमान 5480-160-5800-200-7000-220- 8100-275-8925
(ii) संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए उपलब्धियां रु. 8220/-
5.5.5.5.5. चयन अथवा अचयन पद.--चयन अथवा अचयन पद.--चयन अथवा अचयन पद.--चयन अथवा अचयन पद.--चयन अथवा अचयन पद.--अचयन
सीधी भर्ती के लिए आयु.--सीधी भर्ती के लिए आयु.--सीधी भर्ती के लिए आयु.--सीधी भर्ती के लिए आयु.--सीधी भर्ती के लिए आयु.--18 से 45 वर्ष ।
परन्तु सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए ऊपरी आयु सीमा तदर्थ या संविदा के आधार पर पर नियुक्त किए गये व्यक्तियों सहित पहले से सरकार की सेवा में रत अभ्यर्थियों को लागू नहीं होगी :
परन्तु यह और कि यदि तदर्थ आधार पर नियुक्त किया गया अभ्यर्थी इस रूप में नियुक्ति की तारीख को अधिक आयु का हो गया हो, तो वह तदर्थ या संविदा के आधार पर, नियुक्ति के कारण विहित आयु में छूट के लिए पात्र नहीं होगा :
परन्तु यह और कि अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जन-जातियों तथा अन्य वर्गों के व्यक्तियों के लिए उच्चतम आयु सीमा में उतनी ही छूट दी जा सकेगी जितनी कि हिमाचल प्रदेश सरकार के साधारण या विशेष आदेशों के अधीन अनुज्ञेय है :
परन्तु यह और भी कि पब्लिक सैक्टर निगमों तथा स्वायत निकायों के सभी कर्मचारियों को, जो ऐसे पब्लिक सैक्टर निगमों/स्वायत निकायों के प्रारम्भिक गठन के समय ऐसे पब्लिक सैक्टर निगमों/स्वायत निकायों में आमेलन से पूर्व सरकारी कर्मचारी थे, सीधी भर्ती में आयु सीमा में ऐसी ही रियायत दी जाएगी जैसी सरकारी कर्मचारियों को अनुज्ञेय है, किन्तु इस प्रकार की रियायत पब्लिक सैक्टर निगमों तथा स्वायत निकायों के ऐसे कर्मचारीवृंद को नहीं दी जाएगी जो पश्चातवर्ती 15 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932 ऐसे निगमों/स्वायत निकायों द्वारा नियुक्त किए गये थे/किए गये हैं और उन पब्लिक सैक्टर निगमों/स्वायत निकायों के प्रारम्भिक गठन के पश्चात ऐसे निगमों/स्वायत निकायों की सेवा में अन्तिम रूप से आमेलित किए गये है/किए गये थे ।
(i) सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा की गणना, उस वर्ष के प्रथम दिवस से की जाएगी, जिसमें पद(पदों) को आवेदन आमंत्रित करने के लिए यथास्थिति विज्ञापित किया गया है या नियोजनालयों को अधिसूचित किया गया है।
(ii) अन्यथा सुअर्हित अभ्यर्थियों की दशा में सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा और अनुभव आयोग के विवेकानुसार शिथिल किया जा सकेगा।
6. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और 6. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और 6. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और 6. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और 6. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएंअन्य अर्हताएंअन्य अर्हताएंअन्य अर्हताएंअन्य अर्हताएं.--
(क) अनिवार्य अर्हता(क) अनिवार्य अर्हता(क) अनिवार्य अर्हता(क) अनिवार्य अर्हता(क) अनिवार्य अर्हता.--किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्राणी विज्ञान विषय सहित विज्ञान स्नातक "मत्स्य" अथवा इसके समतुल्य।
(ख) वांछनीय अर्हताए.--(ख) वांछनीय अर्हताए.--(ख) वांछनीय अर्हताए.--(ख) वांछनीय अर्हताए.--(ख) वांछनीय अर्हताए.--(i) केन्द्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान बैरकपुर से एक वर्ष का सर्टिफिकेट कोर्स।
(ii) हिमाचल प्रदेश की रूढियों, रीतियों और बोलियों का ज्ञान और प्रदेश में विद्यमान विशिष्ट दशाओं में नियुक्ति के लिए उपयुक्तता ।
सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक 7.7.7.7.7. सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताए प्रोन्नति की दशा में लागू होगी या नहीें ः अर्हताए प्रोन्नति की दशा में लागू होगी या नहीें ः अर्हताए प्रोन्नति की दशा में लागू होगी या नहीें ः अर्हताए प्रोन्नति की दशा में लागू होगी या नहीें ः अर्हताए प्रोन्नति की दशा में लागू होगी या नहीें ः
आयआयआयआयआयु.--लागू नहीं ।
शैक्षिक अर्हताएं.--शैक्षिक अर्हताएं.--शैक्षिक अर्हताएं.--शैक्षिक अर्हताएं.--शैक्षिक अर्हताएं.--लागू नहीं।
8.8.8.8.8. परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो.--दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश दें । 16 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
9.9.9.9.9. भर्ती की पद्धति.--भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति या प्रतिनियुक्ति या भर्ती की पद्धति.--भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति या प्रतिनियुक्ति या भर्ती की पद्धति.--भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति या प्रतिनियुक्ति या भर्ती की पद्धति.--भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति या प्रतिनियुक्ति या भर्ती की पद्धति.--भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति या प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों की प्रतिशतता.--प्रतिशतता.--प्रतिशतता.--प्रतिशतता.--प्रतिशतता.--पचास प्रतिशत प्रोन्नति द्वारा।
पचास प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा नियमित आधार पर या संविदा के आधार पर भर्ती द्वारा। संविदा पर नियुक्त कर्मचारी को स्तम्भ 15-क में दी गई उपलब्धियां दी जाएगी और उक्त स्तम्भ में यथाविनिर्दिष्ट सेवा शर्तों द्वारा विनियमित किया जाएगा।
10.10.10.10.10. प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति, प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति, प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति, प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति, प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां जिनसे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण किया जाएगा.-- प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण किया जाएगा.-- प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण किया जाएगा.-- मत्स्य उप निरीक्षकों में से जिनका कम से प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण किया जाएगा.-- प्रतिनियुक्ति या स्थानान्तरण किया जाएगा.-- कम 10 वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा यदि कोई हो, को सम्मिलित करके दस वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, प्रोन्नति द्वारा ।
परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए प्रत्येक कर्मचारी को, जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों में पद(पदों) की ऐसे क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या की उपलब्धता के अध्यधीन, कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा करनी होगीः
परन्तु यह और कि उपर्युक्त परन्तुक (1) उन कर्मचारियों के मामले में लागू नहीं होगा जिनकी अधिवर्षिता पांच वर्ष या उससे कम की सेवा शेष रही हो।
परन्तु यह और भी कि उन अधिकारियों/कर्मचारियों को जिन्होंने जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र में कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा नहीं की है ऐसे क्षेत्र के उसके अपने संवर्ग(काडर) में सर्वथा वरिष्ठता के अनुसार स्थानान्तरण किया जाएगा।
स्पष्टीकरण स्पष्टीकरण स्पष्टीकरण स्पष्टीकरण स्पष्टीकरण I.--.--.--.--.--उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों में "कार्यकाल" से साधारणतया तीन वर्ष की अवधि या प्रशासनिक अपेक्षाओें और कर्मचारी द्वारा किए गए कार्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे क्षेत्रों में तैनाती की इससे कम अवधि अभिप्रेत होगी। स्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरण II.--उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन हेतु जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र निम्न पक्र ार से होंगे :-
1. जिला लाहौल एवं स्पिति । 2. चम्बा जिला का पांगी और भरमौर उप-मण्डल । 3. रोहड़ू उपमण्डल का डोडरा क्वार क्षेत्र । 17 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
4. जिला शिमला की रामपुर तहसील का पन्द्रह बीस परगना, मुनीष, दरकाली और ग्राम पंचायत काशापाट।
5. कुल्लू जिला का पन्द्रह बीस परगना । 6. कांगडा़ जिला के बैजनाथ उपमण्डल का बड़ा भंगाल क्षेत्र। 7. जिला किन्नौर । 8. सिरमौर जिला में उपतहसील कमरउ के काठवाड़ और कोरगा पटवार वृत्त रेणुकाजी तहसील के भलाड़-भलौना और सांगना पटवार वृत्त और शिलाई तहसील का कोटा पाब पटवार वृत।
9. मण्डी जिला में करसोग तहसील का खन्योल बगड़ा पटवार वृत, बाली चौकी उपतहसील के गाडा़ गुसैणी, मठियानी, घनयाड,़ थाची, बागी, सोमगाड और खोलानाल, पद्दर तहसील के झारवाड,़ कटु गढ,़ ग्रामण, देवगढ,़ ट्रैला, रोपा, कथोग, सिल्ह भडवानी, हस्तपुर, घमरेहर, और भटढे ़पटवार वृत्त, थुनाग तहसील में चियूणी, कालीपर, मानगढ, थाच-बगड़ा, उत्तरी मगरू और दक्षिणी मगरू पटवार वृत और सुन्दरनगर तहसील का बटवाड़ा पटवार वृत।
(1) प्रोन्नति के सभी मामलों में, पद पर नियमित से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद पर में की गई निरन्तर तदर्थ सेवा, यदि कोेई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवा काल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए गणना में ली जाएगी, कि सम्भरक प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/ प्रोन्नति भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपवन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात की गई थी :
परन्तु यह कि उन सभी मामलों मे जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई सेवा सहित जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निर्दिष्ट उपवन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगे :
परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा जो भी कम हो, होगी :
परन्तु यह और कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे। 18 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
स्पष्टीकरण :--स्पष्टीकरण :--स्पष्टीकरण :--स्पष्टीकरण :--स्पष्टीकरण :--अन्तिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीे समझा जाएगा यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक है जिसे डिमोबिलाइज्ड आर्मड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन आफ वैकेन्सीज इन हिमाचल स्टेट नॉन-टैक्नीकल सर्विसिज) रूल्ज, 1972 के नियम-3 के उपबन्धोें के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और इसके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स-सर्विसमैन (रिजर्वेशन आफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्विसिज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो तथा इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों ।
(2) इसी प्रकार स्थायीकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि तदर्थ नियुक्ति/ प्रोन्नति उचित चयन के पश्चात और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के अनुसार की गई थी :
परन्तु की गई उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात जो स्थायीकरण होगा उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी ।
यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.-- 12.12.12.12.12. यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.-- यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.-- यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.--जैसा यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचना.-- कि सरकार द्वारा समय-समय पर गठित की जाए ।
13.13.13.13.13. भर्ती करने में, जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से भर्ती करने में, जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से भर्ती करने में, जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से भर्ती करने में, जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से भर्ती करने में, जिन परिस्थितियों में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगा.--परामर्श किया जाएगा.--परामर्श किया जाएगा.--परामर्श किया जाएगा.--परामर्श किया जाएगा.--जैसा कि विधि द्वारा अपेक्षित हो ।
सीधी भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षा.-- 14.14.14.14.14. सीधी भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षा.-- सीधी भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षा.-- सीधी भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षा.--किसी सेवा या पद सीधी भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षा.--
पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी भारत का नागरिक होना चाहिए ।
सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-- 15.15.15.15.15. सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-- सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-- सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.--सीधी भर्ती के मामले में, सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन.-- पद पर नियुक्ति के लिए चयन मौखिक परीक्षा के आधार पर, और यदि यथास्थिति, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग या अन्य भर्ती प्राधिकरण ऐसा करना आवश्यक या समाचीन समझ,ें तो लिखित परीक्षा या व्यावहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा जिसका स्तर/पाठयक्रम, यथास्थिति, आयोग/अन्य भर्ती अभिकरण द्वारा निर्धारित किया जाएगा ।
15-ए--15-ए--15-ए--15-ए--15-ए--इन नियमों में किसी बात के होते हुए भी पद पर संविदा नियुक्तियां नीचे दिए गए निबधनों और शर्तों के अध्यधीन की जाएगी :--
(((((I))))) संकल्पना.--संकल्पना.--संकल्पना.--संकल्पना.--संकल्पना.--(क) इस पॉलिसी के अधीन हिमाचल प्रदेश मत्स्य पालन विभाग, में मत्स्य अधिकारी को संिंवदा के आधार पर प्रारम्भ में एक वर्ष के लिए लगाया जाएगा जिसे वर्षानुवर्ष आधार पर बढ़ाया जा सकेगा । 19 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
(ख)(ख)(ख)(ख)(ख) पद का हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोेर्ड के कार्यक्षेत्र में पद का हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोेर्ड के कार्यक्षेत्र में पद का हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोेर्ड के कार्यक्षेत्र में पद का हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोेर्ड के कार्यक्षेत्र में पद का हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोेर्ड के कार्यक्षेत्र में आनाः--आनाः--आनाः--आनाः--आनाः--निदेशक एवं प्रारक्षी, मत्स्य पालन, रिक्त पदों को संविदा के आधार पर भरने के लिए सरकार का अनुमोदन प्राप्त करने के पश्चात् अध्यपेक्षा को सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के समक्ष रखेगा ।
(ग) चयन इन नियमों में विहित पात्रता शर्तोंं के अनुसार किया जाएगा ।
(II) संविदात्मक उपलब्धियां.-- संविदात्मक उपलब्धियां.-- संविदात्मक उपलब्धियां.-- संविदात्मक उपलब्धियां.-- संविदात्मक उपलब्धियां.--संविदा के आधार पर नियुक्त मत्स्य अधिकारी को 8,220/-रूपए की दर से समेकित नियत संविदात्मक रकम (जो वेतनमान के प्रारम्भिक जमा मंहगाई वेतन के बराबर होगी) प्रतिमास संदत्त की जायेगी। यदि संविदा में एक वर्ष से अधिक की बढौतरी की जाती है तो पश्चातवर्ती वर्ष(वर्षों) के लिए संविदात्मक उपलबिधयों में 160/-रूपए (वेतनमान के न्यूनतम/प्रारम्भिक के बराबर वार्षिक वृद्धि) के रूप में अनुज्ञात किए जाएंगे। (III) नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.-- नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.-- नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.-- नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.-- नियुक्ति/अनुशासन प्राधिकारी.--निदेशक एवं प्रारक्षी, मत्स्य पालन, हिमाचल प्रदेश नियुक्ति और अनुशासन प्राधिकारी होगा ।
(IV) चयन प्रक्रिया.-चयन प्रक्रिया.-चयन प्रक्रिया.-चयन प्रक्रिया.-चयन प्रक्रिया.-संविदा नियुक्ति की दशा में पद पर नियुक्ति के लिए चयन, मौखिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा या यदि आवश्यक या समीचीन समझा जाए तो लिखित परीक्षा या व्यवहारिक परीक्षा के आधार पर किया जाएगा जिसका स्तर/पाठयक्रम इत्यादि सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड द्वारा अवधारित किया जाएगा। (V) संंिवदात्मक नियुक्तियों के लिए चयन समिति.-संंिवदात्मक नियुक्तियों के लिए चयन समिति.-संंिवदात्मक नियुक्तियों के लिए चयन समिति.-संंिवदात्मक नियुक्तियों के लिए चयन समिति.-संंिवदात्मक नियुक्तियों के लिए चयन समिति.-ज्ैासी सम्बद्ध भर्ती अभिकरण अर्थात हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड द्वारा समय समय पर गठित की जाए । (VI) करार.-करार.-करार.-करार.-करार.-अभ्यर्थी को चयन के पश्चात् इन नियमों से संलग्न उपाबन्ध-ख के अनुसार करार हस्ताक्षरित करना होगा ।
(VII) निबन्धन और शर्तें.-निबन्धन और शर्तें.-निबन्धन और शर्तें.-निबन्धन और शर्तें.-निबन्धन और शर्तें.-(क) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को 8220/- रूपए की दर से नियत संविदात्मक रकम(जो प्रारम्भिक वेतनमान जमा मंहगाई वेतन के बराबर होगी) प्रतिमास संदत्त की जाएगी। संविदा पर नियुक्त व्यक्ति आगे बढ़ाए गए वर्ष/वर्षों के लिए संविदात्मक रकम में 160/- रूपए (पद के वेतनमान के न्यूनतम प्रारम्भिक आरंभ में वार्षिक वृद्धि के बराबर) की वृद्धि का हकदार होगा और अन्य कोई सहबद्ध प्रसुविधाएं जैसे वरिष्ठ/चयन वेतनमान आदि नहीं दिया जाएगा । 20 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
(ख) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति की सेवा पूर्णतया अस्थाई आधार पर होगी । यदि संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का कार्य/आचरण ठीक नहीं पाया जाता है तो नियुक्ति समाप्त किए जाने के लिए दायी होगी ।
(ग) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति, एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात् एक दिन के आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा । यह अवकाश एक वर्ष तक संचित किया जा सकेगा । संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को किसी भी प्रकार का अन्य कोई अवकाश अनुज्ञात नहीं होगा । वह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एल.टी.सी. इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा/होगी । केवल प्रसूति अवकाश नियमानुसार दिया जाएगा ।
(घ) नियंत्रक अधिकारी के अनुमोदन के बिना सेवा से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा की समाप्ति (पर्यावसान) हो जाएगी । संविदा पर नियुक्त व्यक्ति कर्तव्य (ड्यूटी) से अनुपस्थिति की अवधि के लिए किसी संविदात्मक रकम का हकदार नहीं होगा ।
(ङ) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए स्थानान्तरण किसी भी दशा में अनुज्ञात नहीं किया जाएगा ।
(च) चयनित अभ्यर्थी को सरकारी/रजिस्ट्रीकश्त चिक्त्सिा व्यवसायी से अपना आरोग्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा । बारह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिला प्रसव होने तक, अस्थाई तौर पर अनुपयुक्त समझी जाएगी। महिला अभ्यर्थियों का किसी प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी/ व्यवसायी द्वारा उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण किया जाएगा।
(छ) संविदा पर नियुक्त व्यक्ति का, यदि अपने पदीय कर्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाना अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर, जैसी नियमित कर्मचारियों को वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है, यात्रा भत्ते/दैनिक भत्ते का हकदार होगा ।
(ज) नियमित कर्मचारियों की दशा में लागू सेवा नियमाें के उपबंधों जैसे कि एफ.आर. एस. आर., छुट्टी नियम, साधारण भविष्य निधि नियम, पैंशन नियम और आचरण नियम इत्यादि संविदा पर नियुक्त व्यक्तियों की दशा में लागू नहीं होंगे। वे इस स्तम्भ में उल्लिखित उपलब्धियों आदि के लिए हकदार होंगे।
16.16.16.16.16. आरक्षण.-आरक्षण.-आरक्षण.-आरक्षण.-आरक्षण.-उक्त सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश द्वारा समय-समय पर अनुसूचित जातियों/ अनुसूचित जन-जातियों/पिछडे़ वर्गों और अन्य प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए सेवाओं में आरक्षण की बावत जारी किए गए अनुदेशों के, अधीन होगी । 21 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
17.17.17.17.17. विभागीय परीक्षा.-विभागीय परीक्षा.-विभागीय परीक्षा.-विभागीय परीक्षा.-विभागीय परीक्षा.-लागू नहीं ।
18.18.18.18.18. शिथिल करने की शक्ति.-शिथिल करने की शक्ति.-शिथिल करने की शक्ति.-शिथिल करने की शक्ति.-शिथिल करने की शक्ति.-जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समाचीन है, वहां यह, कारणों को अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श स,े आदेशों द्वारा, इन नियमों के किन्ही उपबन्धों को किसी वर्ग या व्यक्तियों के प्रवर्ग या पदों की बावत, शिथिल कर सकेगी ।
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उपाबन्ध-खउपाबन्ध-खउपाबन्ध-खउपाबन्ध-खउपाबन्ध-ख मत्स्य अधिकारी और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य निदेशक एंव प्रारक्षी, मत्स्य मत्स्य अधिकारी और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य निदेशक एंव प्रारक्षी, मत्स्य मत्स्य अधिकारी और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य निदेशक एंव प्रारक्षी, मत्स्य मत्स्य अधिकारी और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य निदेशक एंव प्रारक्षी, मत्स्य मत्स्य अधिकारी और हिमाचल प्रदेश सरकार के मध्य निदेशक एंव प्रारक्षी, मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से निष्पादित की जाने वाले संविदा/करार का प्ररूप पालन विभाग के माध्यम से निष्पादित की जाने वाले संविदा/करार का प्ररूप पालन विभाग के माध्यम से निष्पादित की जाने वाले संविदा/करार का प्ररूप पालन विभाग के माध्यम से निष्पादित की जाने वाले संविदा/करार का प्ररूप पालन विभाग के माध्यम से निष्पादित की जाने वाले संविदा/करार का प्ररूप यह करार श्री/श्री मति——————————————————— पुत्र/पुत्री श्री——————————————————निवासी————— ———————————संविदा पर नियुक्त व्यक्ति (जिसे इसमें इसके पश्चात् ''प्रथम पक्षकार'' कहा गया है) आरै हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के मध्य, निदेशक एवं प्रारक्षी, मत्स्य पालन विभाग, (जिसे इसमें इसके पश्चात् ''द्वितीय पक्षकार'' कहा गया है) के माध्यम से आज तारीख— —————————————को किया गया ।
द्वितीय पक्षकार ने उपरोक्त प्रथम पक्षकार को लगाया है और प्रथम पक्षकार ने मत्स्य अधिकारी के रूप में संविदा के आधार पर निम्नलिखित निबन्धन और शर्तों पर सेवा करने के लिए सहमति दी हैः--
1. यह कि प्रथम पक्षकार मत्स्य अधिकारी के रूप में————————से प्रारम्भ होने और—————————को समाप्त होने वाले दिन तक, एक वर्ष की अवधि के लिए द्वितीय पक्षकार की सेवा में रहेगा । यह विनिर्दिष्ट रूप से उल्लिखित किया गया है और दोनों पक्षकारों द्वारा करार पाया गया है कि प्रथम पक्षकार की द्वितीय पक्षकार के साथ संविदा, आखिरी कार्य दिवस् को अर्थात—— ——————दिन को स्वयंमेव ही पर्यवसित (समाप्त) समझी जाएगी और सूचना नोटिस आवश्यक नहीं होगा।
2. प्रथम पक्षकार की संविदात्मक रकम 8220/-रूपए प्रतिमास होगी ।
3. प्र्रथम पक्षकार की सेवा पूर्णतयः अस्थाई आधार पर होगी। यदि संविदा पर नियुक् व्यक्ति का कार्य/आचरण ठीक नही पाया जाता है या यदि नियमित पदधारी उस 22 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
रिक्ति के विरूद्ध नियुक्त/तैनात कर दिया जाता है, जिसके लिए प्रथम पक्षकार को लगाया गया है तो नियुक्ति समाप्त (पर्यवसित) की जाने के लिए दायी होगी । 4. संविदात्मक पर नियुक्त व्यक्ति, एक मास की सेवा पूरी करने के पश्चात् एक दिन आकस्मिक अवकाश का हकदार होगा । यह अवकाश एक वर्ष तक संचित किया जा सकेगा । संविदा पर नियुक्त व्यक्ति को किसी भी प्रकार का अन्य कोेई अवकाश अनज्ञुात नहीं होगा/होगी । वह चिक्त्सिा प्रतिपूर्ति और एल.टी.सी. इत्यादि के लिए भी हकदार नहीं होगा/होगी । केवल प्रसूति अवकाश नियमानुसार दिया जाएगा । 5. नियंत्रक अधिकारी के अनुमोदन के बिना कर्तव्यों से अनधिकृत अनुपस्थिति से स्वतः ही संविदा का पर्यावसान (समापन) हो जाएगा । संविदा पर नियुक्त व्यक्ति कर्तव्य (कार्य) से अनुपस्थिति की अवधि के लिए संविदात्मक रकम का हकदार नहीं होगा। 6. संविदा के आधार पर नियुक्त कर्मचारी का एक स्थान से दूसरे स्थान के लिए स्थानान्तरण किसी भी दशा में अनुज्ञात नहीं होगा ।
7. चयनित अभ्यर्थी को सरकारी रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी से अपना आरोग्य प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा । महिला अभ्यर्थियों की दशा में, बारह सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था प्रसव होने तक, उसे अस्थाई तौर पर अनुपयुक्त बना देगी । महिला अभ्यर्थियों का किसी प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी/व्यवसायी द्वारा उपयुक्तता के लिए पुनः परीक्षण किया जाना चाहिए ।
8. संविदात्मक नियुक्त व्यक्ति को यदि अपने पदीय कर्त्तव्यों के सम्बन्ध में दौरे पर जाने अपेक्षित हो, तो वह उसी दर पर जैसी नियमित नियमित प्रतिस्थानी कर्मचारी को वेतनमान के न्यूनतम पर लागू है, यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ते का हकदार होगा/होगी। 9. संविदा पर नियुक्त व्यक्तियों को कर्मचारी सामूहिक जीवन योजना के साथ-साथ इ.पी.एफ./जी.पी.एफ. भी लागू नहीं होगा ।
इसके साक्ष्यस्वरूप प्रथम पक्षकार व द्वितीय पक्षकार ने साक्षियों की उपस्थिति में इसमें सर्वप्रथम उल्लिखित तारीख को अपने-अपने हस्ताक्षर कर दिए है।
साक्षी की उपस्थिति में
1————————————— —————————————— —————————————— (नाम व पूरा पता) 23 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
2.—————————————— ———————————————
——————————————— (नाम व पूरा पता)
प्रथम पक्षकार के हस्ताक्षर साक्षी की उपस्थिति में
1—————————————— —————————————— —————————————— (नाम व पूरा पता)
2———————————— ———————————— ———————————— (नाम व पूरा पता)
(द्वितीय पक्षकार के हस्ताक्षर)
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राजस्व विभागराजस्व विभागराजस्व विभागराजस्व विभागराजस्व विभाग
अधिसूचना
शिमला-171002, 25 मार्च, 2010
संख्या रैव0 बी0एफ0 (10)-521/2009.--संख्या रैव0 बी0एफ0 (10)-521/2009.--संख्या रैव0 बी0एफ0 (10)-521/2009.--संख्या रैव0 बी0एफ0 (10)-521/2009.--संख्या रैव0 बी0एफ0 (10)-521/2009.--हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम, 1972 की धारा 5 के खण्ड (ज) द्वारा प्रदत्त शक्तियों मै0 रैनबैक्सी लैबोटरीज लि0 पंजीकृत कार्यालय मै0 रैनबैक्सी लैबोटरीज लि0 पंजीकृत कार्यालय का प्रयोग करते हुए, अधिसूचित करते हैं कि मै0 रैनबैक्सी लैबोटरीज लि0 पंजीकृत कार्यालय मै0 रैनबैक्सी लैबोटरीज लि0 पंजीकृत कार्यालय मै0 रैनबैक्सी लैबोटरीज लि0 पंजीकृत कार्यालय साहिब जादा, अजीत सिंह नगर 106055 जिला रोपड़, पंजाब साहिब जादा, अजीत सिंह नगर 106055 जिला रोपड़, पंजाब साहिब जादा, अजीत सिंह नगर 106055 जिला रोपड़, पंजाब में वास्तविक औद्योगिक साहिब जादा, अजीत सिंह नगर 106055 जिला रोपड़, पंजाब साहिब जादा, अजीत सिंह नगर 106055 जिला रोपड़, पंजाब उपयोग के लिए धारित की जाने वाली भूमि को हिमाचल प्रदेश भू-जोत अधिकतम सीमा अधिनियम 1972 के उपबन्धों के प्रवर्तन से छूट दी जाएगी। तथाकथित कम्पनी द्वारा इस प्रकार धारित की जाने वाली भूमि और उपर्युक्त अधिनियम के उपबन्धों के प्रवर्तन के लिए अधिसूचित की जानी वाली भूमि का विवरण निम्नलिखित प्रकार से हैः-- 24 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
मै0 रैनबैक्सी लैबोटरीज लि0, औद्योगिक इकाई स्थापित करने हेतु हिमाचल प्रदेश मुजारियात एवं भू-सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 118 के अन्तर्गत क्रय की जाने वाली भूमि का ब्यौराः--
विवरणीविवरणीविवरणीविवरणीविवरणी
नाम खसरा संख्या क्षेत्र (बीघा में) प्रयोजन महाल/तहसील भटोली कंला, 1340/3, 27-18 दवाईयां तैयार करने की बददी 1341/1, औद्योगिक इकाई।
1341/2, 2341/3/2, 1342/1/1, 1342/2, 1341/3/1
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त।
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[Authoritative English Text of this Department Notification No.Rev.B.F.(10)
521/2009, dated 25th March, 2010, as required clause (3) of Article 348 of the
Constitution of India].
REVENUE DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-171002, 25th March, 2010
No.Rev.B.F.(10)-521/2009.—In exercise of this powers conferred by clause (h) of section 5 of the Himachal Pradesh Ceiling on Land Holdings Act 1972, the Governor of Himachal Pradesh is pleased to notify that the land to be held by M/S Ranbaxy Laboratories Ltd. , Registered office Sahib Zaza Ajit Singh Nagar 106055, District Ropar, Punjab for industrial use shall be exempted from the operation of the provisions of Himachal Pradesh Ceiling on Land Holding Act, 1972.
25 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
The details of the land to be held by the said company and notified to be xempted from the operation of the provisions of the Act ibid are given as under:
DETAIL OF LAND TO BE PURCHASED BY THE M/S RANBAXY
LABORATORIES LTD. UNDER SECTION 118 OF THE
H. P. TENANCY AND LAND REFORMS ACT, 1972
Name of Khasra No. Area (in Bighas) Purpose Muhal/Teshil Bhatoli Kala/ 1340/3, 27-18 For setting up of medicinal Baddi 1341/1,
Industrial Unit.
1341/2,
2341/3/2,
1342/1/1,
1342/2,
1341/3/1
By order,
Sd/-
Addl. Chief Secretary-cum-FC (Revenue).
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पंचायती राज विभागपंचायती राज विभागपंचायती राज विभागपंचायती राज विभागपंचायती राज विभाग
अधिसूचना
शिमला-171009, 30 मार्च, 2010
संख्या-पी.सी.एच.-एच.ए.(3)8/2006.-संख्या-पी.सी.एच.-एच.ए.(3)8/2006.-संख्या-पी.सी.एच.-एच.ए.(3)8/2006.-संख्या-पी.सी.एच.-एच.ए.(3)8/2006.-संख्या-पी.सी.एच.-एच.ए.(3)8/2006.--इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 28 अगस्त, 2007 के अन्र्तगत, जिला सिरमौर के विकास खण्ड पांवटा, की ग्राम सभा 'नघेता' का मुख्यावास 'नघेता' से बदलकर 'भाईला' में स्थापित करने हेतू प्रस्तावना पर सम्बन्धित ग्राम सभा सदस्यों से आक्षेप एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे तथा उपायुक्त, जिला सिरमौर को इस सम्बन्ध में, आक्षेप/सुझाव प्राप्त करने और उन पर विचार करने के उपरान्त अन्तिम सिफारिश प्रस्तुत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था ;
26 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 1 अप्रैल, 2010/11 चैत्र, 1932
और क्योंकि उपरोक्त अधिसूचना में निर्दिष्ट अवधि के भीतर ग्राम सभा 'नघेता' के मुख्यावास को 'नघेता' से बदलकर 'भाईला' में स्थापित करने के संदर्भ में ग्राम सभा के वार्ड संख्या 1, 2, 5, 6, तथा 7 के लोगों द्वारा ग्राम पंचायत नघेता का मुख्यावास स्थान नघेता में ही रखने के लिए आक्षेप दर्ज करवाए गए थे। उपायुक्त जिला सिरमौर द्वारा प्रापत आक्षेपों/मामले की सत्यता जानने के लिए उप-मण्डलाधिकारी (ना0) पावंटा साहिब से जांच करवाई गई। उप-मण्डलाधिकारी (ना0) पावंटा साहिब ने ग्राम सभा नघेता क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति तथा ग्राम नघेता सभा क्षेत्र का केन्द्र बिन्दु होने के कारण ग्राम सभा का मुख्यावास ग्राम नघेता में स्थापित करने बारे रिर्पोट प्रस्तुत की है जिसके दृष्टिगत उपायुक्त जिला सिरमौर द्वारा ग्राम सभा का मुख्यावास नघेता में स्थापित करने की सिफारिश की गई है।
अतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (वर्ष 1994 का अधिनियम संख्यांक 4) की धारा 3 की उप-धारा (2) के खण्ड (ग) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अधीन, जिला सिरमौर के विकास खण्ड पांवटा साहिब की ग्राम सभा 'नघेता' के मुख्यावास को 'नघेता' में घोषित करने के सहर्ष आदेश प्रदान करते हैं।
आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- सचिव । नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित