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Himachal Pradesh Gazette · Government of Himachal Pradesh

Himachal Pradesh Gazette, No. 63, 29 June 2010

Published 29 June 2010

Gazette no.
63
Gazetteid
63/GAZETTE/2010-29/06/2010
Identifier
in.gazette.himachal.2010-06-29.63_gazette_2010-29_06_2010
Languages
English, Hindi
Published at
Original source ↗

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राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला,शिमला,शिमला,शिमला, मंगलमंगलमंगलमंगलववववारारारार, , , , 29292929 जूनजूनजूनजून, 2010, 2010, 2010, 2010////8888 आषाढ़आषाढ़आषाढ़आषाढ़, 1932, 1932, 1932, 1932

हिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकार

पर्यटन एवं नागरिक उड्‌डयन विभागपर्यटन एवं नागरिक उड्‌डयन विभागपर्यटन एवं नागरिक उड्‌डयन विभागपर्यटन एवं नागरिक उड्‌डयन विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 18 जून, 2010

संख्या टीसंख्या टीसंख्या टीसंख्या टी....एसएसएसएस....एमएमएमएम....-ए(3)-1/2006-ए(3)-1/2006-ए(3)-1/2006-ए(3)-1/2006....----हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, हिमाचल प्रदेश, पर्यटन एवं नागरिक उड्‌डयन विभाग में निजी सचिव, वर्ग-I (राजपत्रित) (लिपिक वर्गीय सेवाएं) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-'क' के अनुसार भर्ती और प्रोन्नति नियम बनाती हैं, अर्थात्‌ः-

1111.... संक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भ....----इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश, पर्यटन एवं नागरिक उड्‌डयन विभाग, निजी सचिव, वर्ग-I (राजपत्रित) (लिपिक वर्गीय सेवाएं) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2010 है । 63-राजपत्र/2010-29-6-2010 (1843) 1844 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 2. ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृा होंगे ।

आदेश द्वारा, मनीषा नंदा, प्रधान सचिव।

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उपाबन्ध ''''क'''' हिमाचल प्रदेश, पर्यटन एवं नागरिक उड्‌यन विभाग में निजी सचिव, वर्ग-I (राजपत्रित) के पद के लिए भर्ती हिमाचल प्रदेश, पर्यटन एवं नागरिक उड्‌यन विभाग में निजी सचिव, वर्ग- (राजपत्रित) के पद के लिए भर्ती हिमाचल प्रदेश, पर्यटन एवं नागरिक उड्‌यन विभाग में निजी सचिव, वर्ग- हिमाचल प्रदेश, पर्यटन एवं नागरिक उड्‌यन विभाग में निजी सचिव, वर्ग- (राजपत्रित) के पद के लिए भर्ती (राजपत्रित) के पद के लिए भर्ती और प्रोन्नति नियमऔर प्रोन्नति नियमऔर प्रोन्नति नियमऔर प्रोन्नति नियम

1111.... पद का नामपद का नामपद का नामपद का नाम....----निजी सचिव

2222.... पदों की सपदों की सपदों की सपदों की संंंंख्याख्याख्याख्या....----01(एक)

3333.... वर्गीकरणवर्गीकरणवर्गीकरणवर्गीकरण....----वर्ग-I (राजपत्रित) (लिपिक वर्गीय सेवाएं)

4444.... वेवेवेवेतनमानतनमानतनमानतनमान....---- पे बैंड गे्रड पे 10300-34800 रूपए 5000 /= रूपए

5555.... चयन पद अथवा अचयन पदचयन पद अथवा अचयन पदचयन पद अथवा अचयन पदचयन पद अथवा अचयन पद....----अचयन ।

6666.... सीधी भर्ती के लिए आयुसीधी भर्ती के लिए आयुसीधी भर्ती के लिए आयुसीधी भर्ती के लिए आयु....----लागू नहीं ।

7777.... सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं....---- सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं अनिवार्य अर्तताअनिवार्य अर्तताअनिवार्य अर्तताअनिवार्य अर्तता :ःःः लागू नहीं । वांछनीय अर्हतावांछनीय अर्हतावांछनीय अर्हतावांछनीय अर्हता :ःःः लागू नहीं ।

सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं, प्रोन्नत 8888.... सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं, प्रोन्नत सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं, प्रोन्नत सीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताएं, प्रोन्नत व्यक्तियों की दशा में लागू होगी या नहीं....-आयु-आयु-आयु-आयु :ःःः लागू नहीं । शैक्षिक अर्हताशैक्षिक अर्हताशैक्षिक अर्हताशैक्षिक अर्हता :ःःः लागू नहीं । व्यक्तियों की दशा में लागू होगी या नहीं व्यक्तियों की दशा में लागू होगी या नहीं व्यक्तियों की दशा में लागू होगी या नहीं

9999.... परिवीक्षा की अवधि, यदि कोई होपरिवीक्षा की अवधि, यदि कोई होपरिवीक्षा की अवधि, यदि कोई होपरिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो....----दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा, जैसा सक्षम प्राधिकारी, विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश दे।

भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न 10101010.... भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता....----शतप्रतिशत प्रोन्नति द्वारा, ऐसा न होने पर सैकैण्डमैंट पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता पद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिशतता आधार पर ।

11111111.... प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां (गे्रड) जिनसे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां (गे्रड) जिनसे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां (गे्रड) जिनसे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण की दशा में श्रेणियां (गे्रड) जिनसे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण किया जाएगास्थानान्तरण किया जाएगास्थानान्तरण किया जाएगास्थानान्तरण किया जाएगा....----निजी सहायकों में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल या गे्रड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर निजी सहायकों में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका निजी सहायक और वरिष्ठ वेतनमान आशुलिपिक का संयुक्तत ग्यारह वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके ग्यारह वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, जिसमें से निजी सहायक के रूप में दो वर्ष का सेवाकाल अनिवार्य होगा, दोनों के न होने पर वरिष्ठ वेतनमान आशुलिपिकों में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका वरिष्ठ वेतनमान आशुलिपिक और कनिष्ठ वेतनमान आशुलिपिक का संयुक्त सोलह वर्ष का नियमित सेवाकाल या लगातार की गई तदर्थ सेवा को सम्मिलित करके सोलह वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, जिसमें से वरिष्ठ वेतनमान आशुलिपिक के रूप में चार वर्ष का सेवाकाल अनिवार्य होगा, ऐसा न होने पर कनिष्ठ वेतनमान राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1845 आशुलिपिकों में से प्रोन्नति द्वारा जिनका चौबीस वर्ष का नियमित सेवाकाल या गे्रड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके चौबीस वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, उपरोक्त सभी के न होने पर, हिमाचल प्रदेश सरकार के अन्य विभागों में समरूप वेतनमान में कार्यरत इस पद के पदधारियों में से सैकैण्डमेंट के आधार पर । प्रोन्नति के सभी मामलों में पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए, गणना में ली जाएगी कि सम्भरक प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति, भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात की गई थी : परन्तु उन सभी मामलों में जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निर्दिष्ट उपबन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगेः

परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा, जो भी कम हो, होगी :

परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे ।

स्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरण....----अंतिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक है, जिसे डिमोबीलाइज्ड आर्मड फोर्सिज परसोनेल (रिजर्वेशन ऑफ वैकैन्सीज इन हिमाचल स्टेट नॉन टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1972 के नियम 3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया है और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स सर्विसमैन (रिजर्वेशन ऑफ वैकैन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्विसीज) (रूल्ज, 1985 के नियम 3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों।

(2) इसी प्रकार स्थाईकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति, उचित चयन के पश्चात्‌ और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थीः परन्तु की गई उपर्युक्त निदिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात्‌ जो स्थाईकरण होंगा, उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी ।

12121212.... यदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्ययदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्ययदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्ययदि विभागीय प्रोन्नति समिति विद्यमान हो तो उसकी संरचनामान हो तो उसकी संरचनामान हो तो उसकी संरचनामान हो तो उसकी संरचना....----जैसी सरकार द्वारा समय-समय पर गठित की जाए ।

भर्ती करने में जिन परिस्थितियाें मेेंं हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया 13131313.... भर्ती करने में जिन परिस्थितियाें मेेंं हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया भर्ती करने में जिन परिस्थितियाें मेेंं हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया भर्ती करने में जिन परिस्थितियाें मेेंं हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग से परामर्श किया जाएगाजाएगाजाएगाजाएगा....----जैसा विधि द्वारा अपेक्षित हो।

सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षाएं....----लागू नहीं । 14141414.... सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षाएं सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षाएं सीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षाएं

सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन....----लागू नहीं । 15151515.... सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन सीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन

16161616.... आरक्षणआरक्षणआरक्षणआरक्षण....----सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा, समय-समय पर अनुसूचित जातियों/अनुसूचित जनजातियों /अन्य पिछडे़ वर्गाें और अन्य प्रवर्ग के व्यक्तियों के लिए सेवा में आरक्षण की बाबत जारी किए गए आदेशों के अधीन होगी । 1846 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 17171717.... विभागीय परीक्षाविभागीय परीक्षाविभागीय परीक्षाविभागीय परीक्षा....----सेवा में प्रत्येक सदस्य को समय-समय पर यथा संशोधित हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा नियम, 1997 में यथा विहित विभागीय परीक्षा पास करनी होगी।

18181818.... शिथिल करने की शक्तिशिथिल करने की शक्तिशिथिल करने की शक्तिशिथिल करने की शक्ति....----जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह कारणों को लिखित में अभिलिखित करके और हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से आदेश द्वारा, इन नियमों के किन्हीं उपबन्धों को किसी वर्ग या व्यक्तियों के प्रवर्ग या पदों की बाबत, शिथिल कर सकेगी ।

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[Authoritative English Text of this department notification No. TSM-A(3)-1/2006, dated

18.06.2010 as required under clause (3) of Article 348 of the constitution of India].

TOURISM & CIVIL AVIATION DEPARTMENT

NOTIFICATION

Shimla-171002, the 18 June, 2010

No. TSM-A(3)-1/2006.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission, is pleased to make the Recruitment and Promotion Rules for the post of Private Secretary, Class-I (Gazetted) (Ministerial Services) in the Department of Tourism & Civil Aviation, Himachal Pradesh as per Annexure-'A' attached to this notification, namely:-

1. Short title and Commencement.—(1) These Rules may be called the Himachal Pradesh, Tourism & Civil Aviation Department, Private Secretary, Class-I (Gazetted) (Ministerial Services), Recruitment and Promotion Rules, 2010.

(2) These Rules shall come into force from the date of publication in the Rajpatra, Himachal Pradesh.

By order, MANISHA NANDA Pr.Secretary.

_________

Annexure-'A'

RECRUITMENT AND PROMOTION RULES FOR THE POST OF PRIVATE SECRETARY (CLASS-I-GAZETTED), IN THE DEPARTMENT OF TOURISM AND CIVIL AVIATION, HIMACHAL PRADESH

1. Name of Post.—Private Secretary.

2. Number of post.—01 (One).

3. Classification.—Class-I (Gazetted) (Ministerial Services).

4. Scale of Pay.—Pay Band Grade Pay Rs. 10300-34800 Rs. 5000.

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1847 5. Whether Selection post or Non –Selection post.—Non Selection.

6. Age for direct recruitment.—Not applicable.

7. Minimum educational qualification and other qualifications required for direct recruits.—Essential Qualification: Not applicable Desirable Qualification: Not applicable.

8. Whether age and educational qualifications prescribed for direct recruits will apply in the case of the promotees.—Age: Not applicable. Education Qualification: Not applicable.

9. Period of Probation, if any.—Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.

10. Method of recruitment whether by direct recruitment or by promotion, deputation, transfer, and the percentage of posts to be filled in by various methods.—100% by promotion failing which on secondment basis.

11. In case of recruitment by promotion, deputation, transfer, grade from which promotion/transfer is to be made.—By Promotion from amongst the Personal Assistant who possess 05 years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered, if any in the grade failing which from amongst the Personal Assistant who possess 11 years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered, if any, in the grade as Personal Assistant and Senior Scale Stenographers combined out of which 02 years essential service as Personal Assistant, failing both from amongst the Senior Scale Stenographers who possess 16 years regular service or regular combined with continuous adhoc service as Senior Scale Stenographer and Junior Scale Stenographers combined which shall include 4 years essential service as Senior Scale Stenographer failing which from amongst the Junior Scale Stenographers who possess 24 years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered, if any, in the grade failing all on secondment basis from amongst the incumbents of this post working in the identical pay scale in other Himachal Pradesh Government Departments.

In all cases of promotion, the continuous adhoc service rendered in the feeder post, if any, prior to the regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of service as prescribed in these rules for promotion subject to the condition that the adhoc appointment /promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provisions of Recruitment and Promotion Rules;

In all cases where a junior person become eligible for consideration by virtue of his /her total length of service (including the service rendered on adhoc basis followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provision referred to above, all person senior to him in the respective category/post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placed above the junior person in the field of consideration.

Provided further that all incumbents to be considered for promotion shall possess the minimum qualifying service of at least 03 years or that prescribed in the Recruitment and Promotion Rules for the Post whichever is less.

Provided further that where a person becomes ineligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person(s) junior to him shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.

1848 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932

EXPLANATION.—The last proviso shall not render the junior incumbents ineligible for consideration for promotion if the senior ineligible persons happened to be Exservicemen recruited under the provisions happened to be Exservicemen recruited under the provisions of Rule-3 of the Demobilised Armed Forces Personnel (Reservation of Vacancies in Himachal State Non-Technical Services), 1972 and having been given the benefit of seniority there under or recruited under the provisions of Rule-3 of the Ex-Servicemen (Reservation of Vacancies in the Himachal Pradesh Technical Services) Rules, 1985 and having been given the benefit of seniority there under.

(2) Similarly, in all cases of confirmation continuous adhoc service rendered on the feeder post, if any, prior to the regular appointment against such post shall be taken into account towards the length of service, if the adhoc appointment/promotion had been made after proper selection and in accordance with the provision of the Recruitment and Promotion Rules;

Provided that inter-se-seniority as a result of confirmation after taking into account, adhoc service as referred to above shall remain unchanged.

12. If a Departmental Promotion Committee exists, what is its composition ? .—As may be constituted by the Government from time to time.

13. Circumstances under which the H.P. Public Service Commission to be consulted in making recruitment.—As required under the Law.

14. Essential requirements for a direct recruitment.—Not applicable.

15. Selection for appointment to post by direct recruitment.—Not applicable.

16. Reservation.—The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service for Scheduled Castes/Scheduled Tribes/Other Backward Classes/other Categories of persons issued by the Himachal Pradesh Government from time to time.

17. Departmental Examination.—Every member of the service shall pass a Departmental Examination as prescribed in the H.P. Departmental Examination Rules, 1997, as amended from time to time.

18. Power to relax.—Where the State Government. is of the opinion that it is necessary or expedient to do so, it may, by order for reasons to be recorded in writing and in consultation with the H.P. Public Service Commission, relax any of the provisions of these Rules with respect to any class or category of persons or posts.

__________

ब अदालत सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

श्री अमर नाथ पुत्र श्री कैला राम, निवासी गांव परनाली, तहसील सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

.. प्रार्थी।

बनाम

आम जनता

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1849 विषय.--पिता का नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त करवाने बारे।

नोटिस बनाम आम जनता।

उपरोक्त विषय मुकद्दमा उनवान वाला में आम जनता को सूचित किया जाता है कि श्री अमर नाथ पुत्र श्री कैला राम, निवासी गांव परनाली, तहसील सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश ने अधोहस्ताक्षरी की न्यायालय में आवेदन-पत्र मय ब्यान हल्फी दायर किया है कि राजस्व अभिलेख में उसके पिता का नाम गलत दर्ज करके वालकू किया गया है जबकि उसके पिता का नाम कैला राम है। उसे दरुस्त किया जावे। इस इश्तहार के द्वारा आम जनता एवं सभी सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि अगर किसी को उपरोक्त नाम की दरुस्ती बारे कोई उजर एवं एतराज हो तो वह अपना उजर एवं एतराज असालतन/ वकालतन अन्दर एक माह अधोहस्ताक्षरी को प्रस्तुत कर सकता है। गुजरने एक माह नाम दरुस्त करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।

आज दिनांक 4-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत कार्यपालक दण्डाधिकारी (तहसीलदार) सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश मिसल नं0..............

तारीख पेशी : 7-8-2010.

श्री जीत राम पुत्र श्री रौशन लाल, निवासी गांव बिनौला, तहसील सदर, जिला बिलासपुर (हि0 प्र0)

. . प्रार्थी।

बनाम

सचिव, ग्राम पंचायत बिनौला, तहसील सदर, जिला बिलासपुर (हि0 प्र0) . . फरीकदोयम। आवेदन-पत्र अधीन धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

समन बनाम आम जनता।

उपरोक्त विषय के सन्दर्भ में सूचित किया जाता है कि आवेदक जीत राम पुत्र श्री रौशन लाल, निवासी गांव बिनौला, तहसील सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश ने अधोहस्ताक्षरी की न्यायालय में आवेदन-पत्र गुुजारा है कि उसकी पुत्री आरती देवी की जन्म तिथि अनभिज्ञता के कारण पंचायत अभिलेख में दर्ज नहीं करवाया जा सका है। अतः अब दर्ज करने के आदेश जारी करने की अनुकम्पा करें।

अतः इस इश्तहार राजपत्र के द्वारा सचिव, ग्राम पंचायत बिनौला, आम जनता व सभी सम्बन्धियों को सूचित किया जाता है कि अगर किसी को आरती देवी पुत्री श्री जीत राम पुत्र श्री रौशन लाल, निवासी बिनौला की जन्म तिथि को ग्राम पंचायत अभिलेख में दर्ज करने बारे कोई उजर एवं एतराज हो तो वह अपना उजर एवं एतराज असालतन एवं वकालतन दिनांक 7-8-2010 को या इससे पूर्व अधोहस्ताक्षरी की न्यायालय में प्रस्तुत कर सकता है। दिनांक 7-8-2010 के बाद कोई उजर एवं एतराज जेरे समायत न होगा तथा आरती की जन्म तिथि को पंचायत अभिलेख में दर्ज करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे। 1850 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 आज दिनांक 14-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- कार्यपालक दण्डाधिकारी (तहसीलदार), सदर, जिला बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री लाजम सिंह, कार्यकारी दण्डाधिकारी, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता . . प्रत्यार्थीगण। प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसके पुत्र राजेश कुमार की जन्म तिथि 28-2-2007 है, जो कि ग्राम पंचायत बलेरा के रिकार्ड में दर्ज न है, जिसे दर्ज किया जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के पुत्र राजेश कुमार की जन्म तिथि ग्राम पंचायत के रिकार्ड में दर्ज करने बारे यदि किसी को कोई आपत्ति या एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 12-7-2010 को आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम व जन्म तिथि दर्ज करने के आदेश दे दिए जाएंगे।

आज दिनांक 7-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। लाजम सिंह,

कार्यकारी दण्डाधिकारी,

डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।

------

ब अदालत श्री लाजम सिंह, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश

बनाम

आम जनता . . प्रत्यार्थीगण। प्रार्थना-पत्र नाम दरुस्ती बारे। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1851 उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसका सही नाम चतर सिंह है जो कि ग्राम पंचायत बगढार में सही दर्ज है। लेकिन मुहाल खुंई, पटवार वृत्त चूहन, में गलती से चतरो राम दर्ज है। जिसकी दरुस्ती की जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 12-7-2010 को आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है अन्यथा गैर-हाजरी की सूरत में एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती के आदेश दे दिए जाएंगे।

आज दिनांक 7-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। लाजम सिंह,

सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग,

डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री लाजम सिंह, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश आम जनता . . प्रत्यार्थीगण। प्रार्थना-पत्र नाम दरुस्ती बारे।

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसका सही नाम —ष्ण सिंह है जो कि सही व दरुस्त है। लेकिन मुहाल सिंहारू, पटवार वृत्त चूहन, तहसील डलहौजी के रिकार्ड में गलती से —ष्ण चन्द दर्ज है जिसकी दरुस्ती की जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी दिनांक 12-7-2010 को आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है। हाजिर न आने की सूरत में एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती के आदेश दे दिए जाएंगे।

आज दिनांक 31-5-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। लाजम सिंह,

सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग,

डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री लाजम सिंह, सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग, डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश

बनाम आम जनता . . प्रत्यार्थीगण। 1852 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 प्रार्थना-पत्र नाम दरुस्ती बारे।

उपरोक्त प्रार्थी ने अधोहस्ताक्षरी की अदालत में प्रार्थना-पत्र मय ब्यान हल्फी इस आशय से गुजारा है कि उसके पिता का सही नाम धर्म सिंह है। लेकिन मुहाल मेल, पटवार वृत्त मेल, तहसील डलहौजी में प्रार्थी के पिता का नाम धर्माे दर्ज है। जो कि गलत दर्ज है। जिसकी दरुस्ती की जावे।

इस सम्बन्ध में सर्वसाधारण जनता को बजरिया इश्तहार सूचित किया जाता है कि प्रार्थी के पिता के नाम की दरुस्ती बारे यदि किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 12-7-2010 को असालतन या वकालतन अदालत अधोहस्ताक्षरी आकर अपना एतराज दर्ज करवा सकता है अन्यथा गैरहाजरी की सूरत में एक तरफा कार्यवाही अमल में लाई जा करके नाम दरुस्ती के आदेश दे दिए जाएंगे।

आज दिनांक 31-5-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर। लाजम सिंह,

सहायक समाहर्ता प्रथम वर्ग,

डलहौजी, जिला चम्बा, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत श्री देवी सिंह नेगी, सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर,

हिमाचल प्रदेश

श्री टाशी राम पुत्र श्री मस्तीया, निवासी काफनू, तहसील निचार, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश।

बनाम

आम जनता

विषय.-- तस्दीक इन्तकाल वरास्त श्री मस्तीया पुत्र श्री टेचूआ, निवासी निवासी काफनू, तहसील निचार, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश।

हरगाह खास व आम को बजरिया नोटिस सूचित किया जाता है कि श्री टाशी राम पुत्र श्री मस्तीया, निवासी काफनू, तहसील निचार, जिला किनौर (हि0 प्र0) ने इस न्यायालय में प्रार्थना-पत्र गुजार कर अभिव्यक्त किया है कि उसका पिता मस्तीया पुत्र श्री टेचुआ, निवासी काफनू, तहसील निचार जो कि अरसा 40-45 सालों से लापता है उसके जिन्दा व मुर्दा होने बारे कोई पता न है। प्रार्थी ने निवेदन किया है कि उक्त श्री मस्तीया पुत्र श्री टेचुआ की वरासत का इन्तकाल बहक उसके जायज वारसान के नाम दर्ज कर तस्दीक किया जावे।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता व बाशिन्दगान देह तथा श्री मस्तीया को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को श्री मस्तीया पुत्र श्री टेचुआ की वरासत का इन्तकाल बहक उसके जायज वारसान के नाम दर्ज करवाने में कोई अपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति लिखित रूप में दिनांक 26-7-2010 अथवा इससे पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत करें। तदोपरान्त कोई आपत्ति मान्य नहीं होगी।

हमारे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से आज दिनांक 16-6-2010 को जारी हुआ।

मोहर।

हस्ताक्षरित/- सहायक समाहर्ता प्रथम श्रेणी, निचार स्थित भावानगर, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1853 ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, हंगरंग, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश

मुकद्दमा नं0 : 1/09

तारीख पेशी : 29-6-20010.

श्री तन्डुप पुत्र श्री छेरिंग तन्वा, निवासी ग्राम मालिग, उप-तहसील हंगरंग, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका नाम उप मुहाल मालिग के राजस्व अभिलेख में तन्डुप दर्ज है जो कि गलत है। जबकि उसका नाम डन्डुप उर्फ तन्डुप है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने उप मुहाल मालिग के राजस्व अभिलेख में उसका नाम डन्डुप उर्फ तन्डुप करने हेतु अनुरोध किया है। अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उप-मुहाल मालिग के राजस्व रिकार्ड में तन्डुप दरुस्त कर डन्डुप उर्फ तन्डुप किया जाने में कोई उजर व एतराज हो तो वह तारीख पेशी दिनांक..................................को व इससे पहले अपना उजर इस अदालत में पेश कर सकता है अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आज दिनांक 22-5-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

रोशन लाल, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, हंगरंग, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश।

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ब अदालत सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, हंगरंग, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश

मुकद्दमा नं0 : 3/09

तारीख पेशी : 29-6-2010.

श्री दोर्जे सन्डुप पुत्र श्री रिगजिन्दा, निवासी ग्राम सुभरा, उप-तहसील हंगरंग, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है कि उसका नाम उप मुहाल सुभरा के राजस्व अभिलेख में सन्डुप दोर्जे दर्ज है जो कि गलत है। जबकि उसका नाम दोर्जे सन्डुप है। जिसकी पुष्टि हेतु प्रार्थी ने नकल परिवार रजिस्टर प्रसतुत किया है। प्रार्थी ने उप मुहाल सुभरा के राजस्व अभिलेख में दोर्जे सन्डुप करने हेतु अनुरोध किया है।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उप-मुहाल सुभरा के राजस्व रिकार्ड में सन्डुप दोर्जे दरुस्त कर दोर्जे सन्डुप किया जाने में कोई उजर व एतराज हो तो वह तारीख पेशी दिनांक..................................को व इससे पहले अपना उजर इस अदालत में पेश कर सकता है अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आज दिनांक 22-5-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

रोशन लाल, सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, हंगरंग, जिला किन्नौर, हिमाचल प्रदेश।1854 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 ब अदालत श्री एम0 एल0 भार्गव, कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील कोटली, जिला मण्डी (हि0 प्र0) ब मुकद्दमा :

श्री जैसिंह सुपुत्र श्री हेम सिंह, निवासी गांव सदोह बल्ह, डाकघर वरयारा, इलाका तुंगल, उप-तहसील कोटली, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री जैसिंह सुपुत्र श्री हेम सिंह, निवासी गांव सदोह बल्ह, उप-तहसील कोटली ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि उसकी पुत्री अनितिका का जन्म दिनांक 13-11-2004 को घर में हुआ था परन्तु इस बारे पंचायत के रिकार्ड में पंजीकरण नहीं करवाया जा सका। अब पंजीकरण करने के आदेश दिए जाएं। अतः इस नोटिस के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त पंजीकरण के बारे में कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 26-7-2010 को सुबह 10.00 बजे इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर आकर पेश कर सकता है अन्यथा उपरोक्त जन्म का पंजीकरण करने के आदेश दे दिए जाएंगे। उसके उपरान्त कोई एतराज न सुना जाएगा।

आज दिनांक 9-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत द्वारा जारी हुआ।

मोहर। एम0 एल0 भार्गव,

कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील कोटली,

जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री नजीर खान, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सन्धोल, जिला मण्डी

(हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : नाम दरुस्ती। तारीख पेशी : 29-7-2010 श्री संजीव कुमार सुपुत्र श्री सन्त राम, निवासी टौरखोला, उप-तहसील सन्धोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता . .फ्रीकदोयम। श्री संजीव कुमार ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि मुहाल टौरखोला, उप-तहसील सन्धोल के राजस्व अभिलेख में मेरा नाम संजय लिखा गया है जो गलत है। मेरा वास्तविक नाम संजीव कुमार है। इसकी दरुस्ती के आदेश चाहे हैं। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1855 अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दरुस्ती करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी दिनांक 29-7-2010 को सुबह 10.00 बजे हाजिर अदालत होकर अपना उजर पेश कर सकता है। बसूरत गैर-हाजरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दरुस्ती का आदेश पारित कर दिया जाएगा।

यह इश्तहार आज दिनांक 8-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।

नजीर खान, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सन्धोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

-------

ब अदालत श्री नजीर खान, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सन्धोल, जिला मण्डी

(हि0 प्र0)

उनवान मुकद्दमा : नाम दरुस्ती। तारीख पेशी : 29-7-2010 श्री ब्रह्म दास सुपुत्र श्री नरैण, निवासी कोठूवा, डाकघर कोठूवा, जिला मण्डी (हि0 प्र0)

बनाम

आम जनता . .फ्रीकदोयम। श्री ब्रह्म दास ने इस अदालत में शपथ-पत्र सहित मुकद्दमा दायर किया है कि मुहाल कोठूवा, उप-तहसील सन्धोल के राजस्व अभिलेख में मेरा नाम ब्रह्मू लिखा गया है जो गलत है। मेरा वास्तविक नाम ब्रह्म दास है। इसकी दरुस्ती के आदेश चाहे हैं।

अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दरुस्ती करने बारा कोई उजर/एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन तारीख पेशी दिनांक 29-7-2010 को सुबह 10.00 बजे हाजिर अदालत होकर अपना उजर पेश कर सकता है। बसूरत गैर-हाजरी एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर नाम दरुस्ती का आदेश पारित कर दिया जाएगा।

यह इश्तहार आज दिनांक 8-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर सहित अदालत से जारी हुआ। मोहर।

नजीर खान, नायब तहसीलदार एवं सहायक समाहर्ता द्वितीय श्रेणी, सन्धोल, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

------- ब अदालत श्री बलदेव सिंह लठ, कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0) श्रीमती कान्ता देवी पत्नी श्री ओम चन्द, निवासी गांव वनाला, डाकघर पनारसा, उप-तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

1856 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमती कान्ता देवी, निवासी वनाला ने मुकद्दमा दायर किया है कि उसकी पुत्री भवना देवी का जन्म दिनांक 5-3-2005 को हुआ था परन्तु अज्ञानतावश उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत किगस के रिकार्ड में दर्ज नहीं करा सकी।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 12-7-2010 को असालतन या वकालतन प्रातः 11.00 बजे हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात कोई उजर व एतराज प्राप्त न होने पर प्रार्थना-पत्र श्रीमती कान्ता देवी पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आज दिनांक 4-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

बलदेव सिंह लठ,

कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील औट,

जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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ब अदालत श्री बलदेव सिंह लठ, कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0) श्री गोविन्द राम सुपुत्र श्री दायक राम, निवासी गांव वियाणी, डाकघर पनारसा, उप-तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्री गोविन्द राम, निवासी पनारसा ने मुकद्दमा दायर किया है कि उसके पुत्र नारायण सिंह का जन्म दिनांक 21-5-2006 को हुआ था परन्तु अज्ञानतावश उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत किगस के रिकार्ड में दर्ज नहीं करा सका।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 12-7-2010 को असालतन या वकालतन प्रातः 11.00 बजे हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात कोई उजर व एतराज प्राप्त न होने पर प्रार्थना-पत्र श्री गोविन्द राम पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आज दिनांक 4-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

बलदेव सिंह लठ, कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील औट,

जिला मण्डी (हि0 प्र0)।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1857 ब अदालत श्री बलदेव सिंह लठ, कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0) श्रीमती सुमन देवी पत्नी स्व0 श्री ओम प्रकाश, निवासी गांव वनाला, डाकघर पनारसा, उप-तहसील औट, जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

बनाम

आम जनता

प्रार्थना-पत्र जेर धारा 13(3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969.

श्रीमती सुमन देवी, निवासी पनारसा ने मुकद्दमा दायर किया है कि उसके पुत्र ठाकर दास का जन्म दिनांक 3-9-2004 को हुआ था परन्तु अज्ञानतावश उसकी जन्म तिथि ग्राम पंचायत किगस के रिकार्ड में दर्ज नहीं करा सकी।

अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि यदि इस बारे किसी को कोई एतराज हो तो वह दिनांक 12-7-2010 को असालतन या वकालतन प्रातः 11.00 बजे हाजिर होकर अपना एतराज पेश कर सकता है। निर्धारित अवधि के पश्चात कोई उजर व एतराज प्राप्त न होने पर प्रार्थना-पत्र श्रीमती कान्ता देवी पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

आज दिनांक 4-6-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।

मोहर।

बलदेव सिंह लठ,

कार्यकारी दण्डाधिकारी, उप-तहसील औट,

जिला मण्डी (हि0 प्र0)।

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In the Court of Marriage Officer-cum- Sub-Divisional Magistrate, Sadar Mandi, Distt. Mandi

(H.P.)

In the matter of :

1. Sh. Saurabh Oberoi s/o Sh. Harsh Kumar, r/o H. No. 117/12, Aloke, Ram Nagar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.).

2. Smt. Yukti Bhargava d/o late Sh. Arun Kumar Bhargava, r/o H. No. 11/4, Taskhand Marg, Allahabad (U.P.) [At present wife of Sh. Saurabh Oberoi s/o Sh. Harsh Kumar, r/o H. No. 117/12, Aloke, Ram Nagar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.].

. .Applicants.

Versus

General Public

Subject.— Application for registration of marriage under section 15 of Special Marriage Act, 1954.

Sh. Saurabh Oberoi s/o Sh. Harsh Kumar, r/o H. No. 117/12, Aloke, Ram Nagar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.) and Smt. Yukti Bhargava d/o late Sh. Arun Kumar Bhargava, r/o H. No.

1858 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932

11/4, Taskhand Marg, Allahabad (U.P.) [At present wife of Sh. Saurabh Oberoi s/o Sh. Harsh Kumar, r/o H. No. 117/12, Aloke, Ram Nagar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.] have filed application alongwith affidavits in the court of undersigned under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 17-11-2009 at Hotel Raj Mahal, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.) according to Hindu rites and customs and they are living together as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 19th July, 2010 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.

Issued today on 18th day of June, 2010 under my hand and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Marriage Officer-cum- Sub-Divisional Magistrate,

Sadar Mandi, Distt. Mandi (H.P.).

_________

In the Court of Marriage Officer-cum- Sub-Divisional Magistrate, Sadar Mandi, Distt. Mandi

(H.P.)

In the matter of :

1. Sh. Lalit Kumar s/o Sh. Karam Singh Saini, r/o Vill. Bhadyal, P.O. Tikker, Tehsil Sadar Mandi, Distt. Mandi (H.P.).

2. Smt. Hamsa J.S. d/o Sh. Shamprakash J.N., r/o Hobli (Vill.) Javagal, P.O. & Taluka Arasikere, Distt. Hassan (Karnatka) [At present wife of Sh. Lalit Kumar s/o Sh.

Karam Singh Saini, r/o Vill. Bhadyal, P.O. Tikker, Tehsil Sadar Mandi, Distt. Mandi (H.P.]. . .Applicants.

Versus

General Public

Subject.— Application for registration of marriage under section 15 of Special Marriage Act, 1954.

Sh. Lalit Kumar s/o Sh. Karam Singh Saini, r/o Vill. Bhadyal, P.O. Tikker, Tehsil Sadar Mandi, Distt. Mandi (H.P.) and Smt. Hamsa J.S. d/o Sh. Shamprakash J.N., r/o Hobli (Vill.) Javagal, P.O. & Taluka Arasikere, Distt. Hassan (Karnatka) [At present wife of Sh. Lalit Kumar s/o Sh. Karam Singh Saini, r/o Vill. Bhadyal, P.O. Tikker, Tehsil Sadar Mandi, Distt. Mandi (H.P.] have filed application alongwith affidavits in the court of undersigned under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 30-4-2010 at Tarna Temple, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.) according to Hindu rites and customs and they are living together as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.

राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1859

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 11th July, 2010 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.

Issued today on 10th day of June, 2010 under my hand and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Marriage Officer-cum- Sub-Divisional Magistrate,

Sadar Mandi, Distt. Mandi (H.P.).

_________

In the Court of Marriage Officer-cum- Sub-Divisional Magistrate, Sadar Mandi, Distt. Mandi

(H.P.)

In the matter of :

1. Sh. Rishi Dixit s/o Sh. Padmesh Kumar Dixit, r/o H. No. 21/6 (New) L/Samkhetar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.).

2. Smt. Gunjan d/o Sh. Lalit Kumar Kashyap, r/o H. No. 43/9, Bhagwan Muhalla, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.) [At present wife of Sh. Rishi Dixit s/o Sh. Padmesh Kumar Dixit, r/o H. No. 21/6 (New), L/Samkhetar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.]. . .Applicants.

Versus

General Public

Subject.— Application for registration of marriage under section 15 of Special Marriage Act, 1954.

Sh. Rishi Dixit s/o Sh. Padmesh Kumar Dixit, r/o H. No. 21/6 (New) L/Samkhetar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.) and Smt. Gunjan d/o Sh. Lalit Kumar Kashyap, r/o H. No. 43/9, Bhagwan Muhalla, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.) [At present wife of Sh. Rishi Dixit s/o Sh. Padmesh Kumar Dixit, r/o H. No. 21/6 (New), L/Samkhetar, Mandi Town, Distt. Mandi (H.P.]. have filed application along with affidavits in the court of undersigned under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 10-11-2008 according to Hindu rites and customs at Vipasha Sadan, Bhiuli, Mandi (H.P.) and they are living together as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.

Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 9th July, 2010 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.

Issued today on 8th day of June, 2010 under my hand and seal of the court.

Seal.

Sd/-

Marriage Officer-cum- Sub-Divisional Magistrate,

Sadar Mandi, Distt. Mandi (H.P.).

1860 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 Before the Assistant Collector IInd Grade, Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh

Case No. /Mutation No. 168. Date of Inst. : 21-2-2009 Date of decision : Pending for 8-7-2010 Shri Mani Ram son of Shri Munshu alias Mansa Ram, resident of Vill. Kotla, Tehsil . . Applicant. Kasauli, District Solan (H. P).

Versus

1. Sh. Munshu son of Sh. Puran, resident of Village Kotla, Tehsil Kasauli, District .. Respondents. Solan, Himachal Pradesh, 2. General Public

Application Regarding 'Makphool-ul-Khabri' Sh. Munshu, resident of Kotla, Tehsil Kasauli,

District Solan( H. P.).

Whereas an application filed by the applicant Sh. Mani Ram son of Sh. Munshu alias Mansa Ram, resident of Village Kotla, Pargana Lachhrang, Tehsil Kasauli, District Solan (H. P.) before this court along with copy of police report regarding 'Makphool-ul-Khabri'. He has further stated that Sh. Munshu son of Sh. Puran, resident of Kotla, Pargana Lachhrang, Tehsil Kasauli, District Solan (H. P.) has been missing from the house on dated 12-5-1997 and there is no whereabouts of him. It seems that said Sh. Munshu son of Sh. Puran is no more in this world and the applicant want to attest the mutation of inheritance of his father.

It is, therefore, said Sh. Munshu son of Sh. Puran and the general public is hereby informed through this proclamation that if any person of the general public and said Munshu himself have any objection for the attestation of mutation of inheritance in favour of the legal heirs, he may submit the same either person or through their authorised legal representative on or before 8-7-2010 at 10.00 A. M. before the undersigned in Patwar Khana Dharampur, Tehsil Kasauli, District Solan (H. P.) no objection will be entertained after the expiry of said date and the exparte proceedings will be taken against him and mutation will be attested in favour of the legal heirs.

Issued on the 8th day of June, 2010 under my signature and seal of the Court.

Seal.

Sd/- Assistant Collector IInd Grade, Kasauli, District Solan, Himachal Pradesh.

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INDUSTRIES DEPARTMENT

CORRIGENDUM

Shimla-2, the 22nd June, 2010

No. Ind.-II(F)6-26/2007-I.—Due to some technical problem, area against following three khasra numbers have been published in the Rajpatra dated 19th June 2010 inadvertently in the Schedule of Agreement under section 41 of the Land Acquisition Act 1894 signed between theराजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1861 Government of HP and M/S Lafarge India Pvt. Ltd, on 18th June 2010. The same may be read as follows:—

Khasra No. Bigha Biswa Biswansi
159 1 15 18
439 0 6 17
1360/48 3 11 12

By order, Sd/- Under Secretary.

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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागसिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागसिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागसिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 24 जून, 2010

संख्या सिंचाई 11-22/2010-मण्डीसंख्या सिंचाई 11-22/2010-मण्डीसंख्या सिंचाई 11-22/2010-मण्डीसंख्या सिंचाई 11-22/2010-मण्डी....----यतः राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः महाल साई भरवाणू तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी में नलकूप भरजवाणू पम्प हाऊस साई के निर्माण हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है ।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इस से सम्बन्धित हैं, या हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है । 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मर्चचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने तथा सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्र्याें को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं ।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, मण्डी के समक्ष अपनी आपत्ति दायर कर सकता है।

विस्तृत विवरणीविस्तृत विवरणीविस्तृत विवरणीविस्तृत विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नं0 विघा/विस्वा/विस्वांसी
मण्डी सुन्दरनगर साई/3 1051/369/1 0 - 05 - 12

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।1862 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभागवभागवभागवभाग सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य ि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य ि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य ि

अधिसूचना

शिमला-171002, 24 जून, 2010

संख्या सिंचसंख्या सिंचसंख्या सिंचसंख्या सिंचाई 11-17/2009-कुल्लू ाई 11-17/2009-कुल्लू....----यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत होता है कि ाई 11-17/2009-कुल्लू ाई 11-17/2009-कुल्लू हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः गांव बारी बिहाल, फाटी खराहल, कोठी कायस तहसील व जिला कुल्लू में पम्प हाऊस के निर्माण हेतु भूमि ली जानी अपेक्षित है, अतएव एतदद्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विस्तृत विवरणी में वर्णित भूमि उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित है।

2.... भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 6 के उपबन्धों के अधीन सभी सम्बन्धित व्यक्तियों की सूचना के लिए घोषणा की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा 7 के उपबन्धों के अधीन समाहर्ता, भू-अर्जन हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग मण्डी, जिला मण्डी को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निदेश दिया जाता है ।

3. भूमि का रेखाक, समाहर्ता, भू-अर्जन लोक निर्माण विभाग मण्डी/कुल्लू हिमाचल प्रदेश के कार्यालय में निरीक्षण किया जा सकता है।

विस्तृत विवरणीविस्तृत विवरणीविस्तृत विवरणीविस्तृत विवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नं0 क्षेत्र बिघा/बिस्वा में
कुल्लू कुल्लू खराहल 6680/1 0-0-13
6682/1 1-1-08

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।

--------

बहुउबहुउबहुउबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 22 जून, 2010

संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))-33/2008-33/2008-33/2008-33/2008....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत हेाता है कि हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतू नामतः मुहाल जामू, तहसील रेणुका जी, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 में रेणुका बांध के निर्माण व इसके जलमग्न क्षेत्र हेतु भूमि अर्जित करनी अति आवश्यक अपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह धोषित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि नीचे विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1863 2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निर्देश दिया जाता है।

3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते है्र कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भूमि अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।

4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 में किया जा सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

1822/5/1 1-10 जिला तहसील गांव खसरा नम्बर रकबा (बीघों में) सिरमौर रेणुका जी जामू

1939/385/1 47-8 कुल कित्ता- 2 कुल रकबा- 48-18 बीधे

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।

----------

बहुउबहुउबहुउबहुउद्देशीय परिद्देशीय परिद्देशीय परिद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागयोजनाएं एवं विद्युत विभागयोजनाएं एवं विद्युत विभागयोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 22 जून, 2010

संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))-37/2008-37/2008-37/2008-37/2008....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत हेाता है कि हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतू नामतः मुहाल चबयाना, तहसील ददाह,ू जिला सिरमौर, हि0 प्र0 में रेणुका बांध के निर्माण व इसके जलमग्न क्षेत्र हेतु भूमि अर्जित करनी अति आवश्यक अपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह धोषित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि नीचे विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।1864 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निर्देश दिया जाता है।

3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते है कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भूमि अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।

4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 में किया जा सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर रकबा (बीघों में) सिरमौर ददाहू चबयाना 1/1 1-13

148/106/1 27-2

145/105/1 21-11

144/105/1 30-6

143/105 29-11

142/105/1 3-14

139/105/1 22-16

146/105/1 9-14

102/1 2-12

129/86/1 2-16

128/86/1 0-9

कुल कित्ता- 11 कुल रकबा- 152-4 बीधे

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1865 बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 22 जून, 2010

संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))-36/2008-36/2008-36/2008-36/2008....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत हेाता है कि हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतू नामतः मुहाल थलककनोला, तहसील रेणुका जी, जिला सिरमौर, हि0प्र0 में रेणुका बांध के निर्माण व इसके जलमग्न क्षेत्र हेतु भूमि अर्जित करनी अति आवश्यक अपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह धोषित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि नीचे विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु घोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निर्देश दिया जाता है।

3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते है्र कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भूमि अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।

4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड, उत्तम भवन, शिमला-4 में किया जा सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर रकबा (बीघों में) सिरमौर रेणुका जी थलककनोला 1/1 3-13

472/447/2/1 1-13 कुल कित्ता- 2 कुल रकबा- 5-6 बीधे

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।1866 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 बहुउ़द्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउ़द्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउ़द्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउ़द्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 22 जून, 2010

संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))-35/2008-35/2008-35/2008-35/2008....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत हेाता है कि हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतू नामतः मुहाल थाना खेगुवा, तहसील रैणुका जी, जिला सिरमौर, हि0प्र0 में रेणुका बांध के निर्माण व इसके जलमग्न क्षेत्र हेतु भूमि अर्जित करनी अति आवश्यक अपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह धोषित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि नीचे विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु धोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निर्देश दिया जाता है।

3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते है्र कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भूमि अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।

4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम, उत्तम भवन, शिमला-4 में किया जा सकता है।

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर रकबा (बीघों में) सिरमौर रेणुका जी थाना खेगुवा 124/1 7-5

125/1 1-0

128/1/1 15-4

208/160/1 2-0

165/1 39-11

44/1/1 31-15

45/1 2-11 223/46/1 6-12

कुल कित्ता- 8 कुल रकबा-105-18 बिधे

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1867 बहुउबहुउबहुउबहुउद्देशीय परियोजनाएंंं एवं विद्युत विभागद्देशीय परियोजनाएंंं एवं विद्युत विभागद्देशीय परियोजनाएंंं एवं विद्युत विभागद्देशीय परियोजनाएंंं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 22 जून, 2010

संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))-13/2009-13/2009-13/2009-13/2009....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत हेाता है कि हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतू नामतः मुहाल उगर कान्डो, तहसील रैणुका जी, जिला सिरमौर, हि0 प्र0 में रेणुका बांध के निर्माण व इसके जलमग्न क्षेत्र हेतु भूमि अर्जित करनी अति आवश्यक अपेक्षित है, अतएवः तद्‌द्वारा यह धोषित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि नीचे विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है, उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अधीन इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु धोषणा की जाती है और उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम, उत्तम भवन, शिमला-4 को उक्त भूमि के अर्जन के लिए आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निर्देश दिया जाता है।

3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यह निर्देश देते है्र कि अति आवश्यक मामला होने के कारण भूमि अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम, उत्तम भवन, शिमला-4 उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।

4. भूमि के रेखांक का निरीक्षण कार्यालय भू-अर्जन समाहर्ता, हिमाचल प्रदेश ऊर्जा निगम, उत्तम भवन, शिमला-4 में किया जा सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील गॉंव खसरा नम्बर रकबा (बिघों में) सिरमौर रैणुका जी उगर कान्डो 927/1

9-6

1053/934/1 2-10

1054/934/1 85-8

1056/935 1-16

1059/936/1 24-13

1063/937/1 25-6 कुल कित्ता- 6 कुल रकबा- 148-19 बिघे

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।1868 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागबहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग

अधिसूचना

शिमला, 6 मई, 2010

संख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युतसंख्या विद्युत....-छ--छ--छ--छ-((((5555))))-9/2010-9/2010-9/2010-9/2010....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत हेाता है कि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड जो कि भू-अर्जन अधिनियम, 1894 (1894 का पहला अधिनियम) की धारा-3 के खण्ड (सी.सी.) के अन्तर्गत सरकार के स्वामित्व और नियन्त्रण के अधीन एक निगम है के द्वारा अपने व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतू नामतः गॉंव नित्थर, तहसील निरमण्ड, जिला कुल्लू, हि0 प्र0 में लुहरी जल विद्युत परियोजना के जलाश्य और खनन हेतू भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएवः एतद्‌द्वारा यह अधिसूचित किया जाता है कि उक्त परिक्षेत्र में जैसा कि निम्न विवरणी में निर्दिष्ट किया गया है उपरोक्त प्रयोजन के लिए भूमि का अर्जन अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को जो इससे सम्बन्धित हैं या हो सकते हैं की जानकारी के लिए भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-4 के उपबन्धों के अन्तर्गत जारी की जाती है।

3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने और उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः सभी अन्य कार्यों को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी ऐसा हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के 30 दिनों की अवधि के भीतर लिखित रूप में भू-अर्जन समाहर्ता, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड, लुहरी जल विद्युत परियोजना, स्थित बिथल, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला, हि0प्र0 के समक्ष अपनी आपति दर्ज कर सकता है।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील ग्राम खसरा नम्बर रकबा (बिघों में) कुल्लू निरमण्ड नित्थर 2617

3-13

2610

3-5

2611

1-19

2614

0-7

2615

0-2

2612

1-0

2616

1-11

2613

2-3

2609

1-19

2619

1-0

2625

0-19

2608

0-15

2620

1-10

2622

1-4राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1869 2606

1-9

2618

0-17

2623

1-2

2607

1-8

2621

1-2

2624

1-8

1941

1-5

1956

1-4

1937

0-19

1938

0-18

1953

0-12

1954

0-6

1955

0-8

1810

0-15

1813

0-5

1832

0-9

5102/1916 0-6

1931

0-14

5100/1897 0-5

1961

2-7

1960

0-18

1907

0-18

1944

1-2

1805

0-13

1806

0-7

1829

0-14

1814

0-8

1826

0-18

1837

0-10

1887

0-7

5097/1873 0-17

1878

0-4

1946

0-14

1952

0-7

1825

0-16

1834

0-8

1900

1-2

5099/1897 0-5

5103/1916 0-6

1889

1-5

5098/1873 0-17

5101/1897 0-51870 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1903

0-16

1947

1-14

1950

1-0

1959

1-7

1809

0-6

1893

0-17

1896

0-12

1835

1-3

1906

0-14

1911

0-3

1913

0-15

1904

0-6

1820

0-13

1943

1-8

1945

0-13

1951

0-15

1957

2-2

1869

1-12

1909

0-13

1872

0-11

1940

0-5

1901

0-13

1926

0-3

1874

1-8

1875

0-9

1933

1-14

1932

0-14

1853

1-17

1963

0-15

1964

0-10

1967

0-6

1970

0-6

1971

1-7

1821

0-9

1855

0-12

1848

7-0

1935

0-3

1870

0-13

1936

1-3

1942

1-5

1804

0-9

1881

0-11राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1871 1998

0-18

1949

3-6

1882

4-13

1883

1-4

1824

0-12

1865

0-6

1858

0-18

5511/1866 1-5

1811

0-9

1816

0-6

1822

0-9

1844

0-15

1968

0-16

1510/1866 1-6

1815

1-3

1930

1-2

5509/1868 1-6

1863

1-0

5773/1925 0-8

1928

0-8

1862

0-16

1846

1-17

5774/1925 0-9

1812

0-6

1845

0-16

1823

0-8

1924

0-3

1927

0-10

1859

0-9

1864

0-8

1886

0-11

1969

0-12

1854

0-14

1974

0-4

1966

0-4

1819

0-4

1841

1-3

1842

2-5

1857

1-1

1856

0-18

5758/1830 0-14

1836

0-131872 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 5759/1843 0-6

5759/1830 1-4

1831

0-2

5760/1843 0-6

5740/1860 0-2

5739/1860 0-5

1808

0-4

1838

1-19

1899

0-5

1934

0-8

2117

0-4

2113

0-11

2114

0-5

2112

0-16

1827

0-15

1828

0-17

1888

0-7

1807

0-7

1817

0-11

1871

0-14

1877

0-14

1885

1-1

1902

0-14

1905

0-13

1910

0-3

1912

0-3

1923

0-18

5339

7-16

1849

2-11

5328

3-8

1850

1-8

1851

3-0

1852

2-5

1867

2-11

1868

3-1

1847

6-16

5478

4-0

5473

3-6

1880

2-17

1894

0-6

1908

1-0

1929

0-7राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1873 1884

0-19

1892

0-19

5420

5-5

1890

0-8

1891

0-9

2013

0-2

2014

0-9

1996

3-4

1997

0-5

1998

0-4

2000

0-3

2001

0-5

2002

0-4

2003

0-1

2004

0-4

2005

0-5

2007

0-17

2009

0-18

1999

0-7

2006

0-2

2008

0-5

2011

1-2

2012

0-13

5126/1948 0-11

5127/1948 0-7

1965

0-9

5123/1948 0-8

5124/1948 0-8

5125/1948 0-9

5128/1948 0-8

कित्ता =214 212-3 बिघा

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।

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आयुर्वेद विभागआयुर्वेद विभागआयुर्वेद विभागआयुर्वेद विभाग

अधिसूचना

शिमला-171002, 24 जून, 2010

संख्या आयु0 ज (1)-7/89-संख्या आयु0 ज (1)-7/89-संख्या आयु0 ज (1)-7/89-संख्या आयु0 ज (1)-7/89-II.—यतः राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश को यह प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोजन हेतु नामतः मौजा पपरोला, तहसील बैजनाथ, 1874 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 जिला कांगड़ा में राजीव गांधी राजकीय स्नातकोतर आयुर्वेदिक महाविद्यालय, पपरोला के विस्तार हेतु भूमि अर्जित करनी अपेक्षित है। अतएव एतद्‌द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विवरणी में वर्णित भूमि उक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित है।

2. यह घोषणा भू-अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा-6 के उपबन्धों के अन्तर्गत इससे सम्बन्धित सभी व्यक्तियों की सूचना हेतु जारी की जाती है तथा उक्त अधिनियम की धारा-7 के उपबन्धों के अधीन भू-अर्जन समाहर्ता, बैजनाथ, जिला कांगड़ा को उक्त भूमि के अर्जन करने के आदेश लेने का एतद्‌द्वारा निर्देश दिया जाता है।

3. इसके अतिरिक्त उक्त अधिनियम की धारा-17 की उप धारा-1 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश यह निर्देश देते हैं कि अतिआवश्यक मामला होने के कारण भू-अर्जन समाहर्ता, बैजनाथ, जिला कांगड़ा उक्त अधिनियम की धारा-9 की उप धारा-1 के अधीन नोटिस के प्रकाशन के 15 दिन की अवधि समाप्त होने पर पंचाट देने से पूर्व भूमि का कब्जा ले सकते हैं।

4. उक्त भूमि के रेखांक का निरीक्षण भू-अर्जन समाहर्ता, बैजनाथ, जिला कांगड़ा के कार्यालय में किया जा सकता है।

जिला तहसील म ुहाल मौजा खसरा नं0 रकबा हैक्टेयर मे ं
कांगड़ा बैजनाथ कोठी पपरोला 1382 1383 1384 1385 0-01-98 0-46-42 0-53-53 0-25-52
कुलकुलकुलकुल किता 4 1-27-45

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।

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लोक निलोक निलोक निलोक निर्माण विभागर्माण विभागर्माण विभागर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 24 जून, 2010

ससससंंंंख्या पी0बी0डव्ल्यू0 (बी0)एफ0 (5) 50/2010 ख्या पी0बी0डव्ल्यू0 (बी0)एफ0 (5) 50/2010....--------यतः हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल को यह प्रतीत ख्या पी0बी0डव्ल्यू0 (बी0)एफ0 (5) 50/2010 ख्या पी0बी0डव्ल्यू0 (बी0)एफ0 (5) 50/2010 होता है कि हिमाचल प्रदेश सरकार को सरकारी व्यय पर सार्वजनिक प्रयोेजन हेतु नामतः गांव लुहारवीं शहरी, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर मे जोगिन्द्रनगर-सरकाघाट-घुमारवीं सडक के निर्माण करने हेतु भूिम अर्जित करनी अपेक्षित है, अतएव एतद्‌ द्वारा यह घोषित किया जाता है कि निम्नलिखित विवरणी में उपर्युक्त प्रयोजन के लिए अपेक्षित है।

2. यह अधिसूचना ऐसे सभी व्यक्तियों को, जो इससे सम्बन्धित हो सकते हैं, की जानकारी के लिए भूमि अर्जन अधिनियम, 1894 की धारा 4 के उपबन्धोेंं के अन्तर्गत जारी की जाती है। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1875 3. पूर्वोक्त धारा द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्र्रयोग करते हुए राज्यपाल हिमाचल प्रदेश इस समय इस उपक्रम में कार्यरत सभी अधिकारियों उनके कर्मचारियों और श्रमिकों को इलाके की किसी भी भूमि में प्रवेश करने और सर्वेक्षण करने तथा उस धारा द्वारा अपेक्षित अथवा अनुमतः अन्य सभी कार्यो को करने के लिए सहर्ष प्राधिकार देते हैं।

4. कोई भी हितबद्ध व्यक्ति जिसे उक्त परिक्षेत्र में कथित भूमि के अर्जन पर कोई आपत्ति हो तो वह इस अधिसूचना के प्रकाशित होने के तीस (30) दिन की अवधि के भीतर भू-अर्जन सर्माहता, लोक निर्माण विभाग, मण्डी, के समक्ष लिखित आपत्ति दायर कर सकता हैं ।

विवरणीविवरणीविवरणीविवरणी

जिला तहसील गांव खसरा नम्बर बीघा-बिस्वा बिलासपुर घुमरवीं लुुहारवी शहरी 735/1 2-39

940/1 3-90

946/1 1-12

947/1 1-89

947/2 1-35

991/1 70-38

1003/1 7-92

1004/1 22-44

1008/1 53-63

1010/1 102-74

1012/1 19-60

1014/1 7-32

1015 9-08

1016/1 18-40 कुल जोड कित्ता-14 325-41

आदेश द्धारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव।

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लोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-9, 14 जून, 2010

संख्याः पी0बी0डब्ल्यू0 -ए-ए(3)-2/2005-1संख्याः पी0बी0डब्ल्यू0 -ए-ए(3)-2/2005-1संख्याः पी0बी0डब्ल्यू0 -ए-ए(3)-2/2005-1संख्याः पी0बी0डब्ल्यू0 -ए-ए(3)-2/2005-1....----हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयो के परामर्श से, अधिसूचना संख्याः पी0बी0डब्ल्यू0 (ए)-बी(13)39/94 तारीख 21-1-1997 द्वारा अधिसूचित 1876 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, सहायक अभियन्ता (विद्युत) वर्ग-।, (राजपत्रित) भर्ती एवं प्रोन्नति नियम, 1996 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती हैं, अर्थात्‌ः-

1111.... संक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भ....----(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, सहायक अभियन्ता (विद्युत) वर्ग-।, (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति (पांचवा संशोधन) नियम, 2010 है। (2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2222.... उपाबन्ध-"क" का संशोधनउपाबन्ध-"क" का संशोधनउपाबन्ध-"क" का संशोधनउपाबन्ध-"क" का संशोधन....----हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, सहायक अभियन्ता (विद्युत) वर्ग-।, (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 1997 के उपाबन्ध-""क"" में,-

(क) स्तम्भ संख्या 11 के सामने विद्यमान उपबन्ध के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ः- "निम्नलिखित में से प्रोन्नति द्वाराः

(i) कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) में से, जिनका सात वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा सहित सात वर्ष का नियमित सेवाकाल हो। ... पचास प्रतिशत। (ii) कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) में से जिसने कनिष्ठ अभियन्ता विद्युत) के रूप में सेवाकाल के दौरान ए0एम0आई0ई0 या इसके समकक्ष उपाधि प्राप्त की हैं और जिसका तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा सहित तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल हो। ..... दस प्रतिशत। (iii) कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) में स,े जिसका कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) के रूप में नियुक्ति के समय इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग या इसके समकक्ष उपाधि प्राप्त की हों और जिसका तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा सहित तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल हो। ... दस प्रतिशत। (iv) कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) में से जिसने किसी मान्यता प्राप्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान या केन्द्रीय या राज्य सरकार द्वारा सम्यक्‌ रूप से मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से इलैक्ट्रीशियन के टे्रड में दो वर्ष का प्रमाण-पत्र कोर्स किया हो और जिसका पन्द्रह वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके पन्द्रह वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर उपरोक्त स्तम्भ संख्या (i) में वर्णित प्रवर्ग में से प्रोन्नति द्वारा। ... पांच प्रतिशत। सहायक अभियन्ता (विद्युत) के पदों को भरने के लिए निम्नलिखित 20 बिन्दु पद आधारित रोस्टर का अनुसरण किया जाएगाः-

रोस्टर बिन्दु संख्या प्रवर्ग
पहला, द सरा, ू तीसरा,सातवां, आठवां, चौहदवां, पन्द्रहवां, अट्‌ठहरवां, उन्नीसवां और बीसवां डिप्लोमा धारक कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत)
चौथा, नौवां, दसवां, सोहलवां और सतरहवां सीधी भर्ती
पांचवां और ग्यारहवां स्नातक कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत)
छठा और बारहवां ए0एम0आई0ई0 उपाधि धारक कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) ।
तेहरवां औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से प्रमाण-पत्र धारक कनिष्ठ अभियन्ता (विद्युत) ।

(रोस्टर प्रत्येक बीसवें बिन्दु के पश्चात्‌ तब तक दोहराया जाता रहेगा जब तक समस्त प्रवर्गों को दी गई प्रतिशतता तक प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीें हो जाता। तत्पश्चात्‌ पद को उसी प्रवर्ग से भरा जाएगा जिससे पद रिक्त हुआ हो।) राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1877 परन्तु प्रोन्नति के प्रयोजन के लिए प्रत्येक कर्मचारी को जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों में पद (पदों) की ऐसे क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या की उपलब्धता के अध्यधीन, कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा करनी होगीः परन्तु यह और कि उपर्युक्त परन्तुक (1) उन कर्मचारियों के मामले में लागू नहीं होगा जिनकी अधिवर्षिता के लिए पाचं वर्ष या उससे कम की सेवा शेष रही होः

परन्तु यह और भी कि उन अधिकारियों/कर्मचारियों को, जिन्हानें जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र में कम से कम एक कार्यकाल तक सेवा नहीं की है, ऐसे क्षेत्र में उसके अपने संवर्ग (काडर) में सर्वथा वरिष्ठता के अनुसार स्थानान्तरण किया जाएगा ।

स्पष्टीकरण-।स्पष्टीकरण-।स्पष्टीकरण-।स्पष्टीकरण-।....- उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों में "कार्यकाल'' से साधारणतया तीन वर्ष की अवधि या प्रशासनिक अपेक्षाओं और कर्मचारी द्वारा दिए गए कार्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे क्षेत्रों में तैनाती की इससे कम अवधि अभिप्रेत होगी ।

स्पष्टीकरण-।।स्पष्टीकरण-।।स्पष्टीकरण-।।स्पष्टीकरण-।।....-उपर्युक्त परन्तुक के प्रयोजन के लिए जनजातीय/दुर्गम क्षेत्र निम्न प्रकार से होंगेः- 1. जिला लाहौल एवं स्पिति ।

2. चम्बा जिला का पांगी और भरमौर उप मण्डल ।

3. रोहड़ू उप मण्डल का डोडरा क्वार क्षेत्र ।

4. जिला शिमला की रामपुर तहसील का पन्द्रह बीस परगना, मुनीष, दरकाली और ग्राम पंचायत काशापाट ।

5. कुल्लू जिला का पन्द्रह बीस परगना ।

6. कांगडा जिला के बैजनाथ उप मण्डल का बडा भंगाल क्षेत्र ।

7. जिला किन्नौर ।

8. सिरमौर जिला में उप तहसील कमरउ के काठवाड और कोरगा पटवार वृत्त, रेणुकाजी तहसील के भलाड-भलौना और सांगना पटवार वृत्त और शिलाई तहसील का कोटा पाब पटवार वृत्त ।

9. मण्डी जिला में करसोग तहसील का खन्योल-बगडा पटवार वृत्त, बाली चौकी उप तहसील के गाडा गोसाई, मठयानी, घनयाड, थाची, बागी, सोमगाड और खोलानाल, पद्धर तहसील के झारवाड, कुटगढ़, ग्रामन, देवगढ, टै्रला, रोपा, कथोग, सिल्ह-भडवानी, हस्तपुर, घमरेड और भटेढ पटवार वृत्त, थुनाग तहसील के चियूणी, कालीपार, मानगढ, थाच-बगडा उत्तरी मगरू और दक्षिणी मगरू पटवार वृत्त और सुन्दरनगर तहसील का बटवाडा पटवार वृत्त । (1) प्रोन्नति के सभी मामलों में पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक पोषक पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए गणना में ली जाएगी कि सम्भरक प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात्‌ की गई थीः

परन्तु उन सभी मामलों में जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निदिर्ष्ट उपबन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता ह,ै वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगेः1878 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियों की, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा, जो भी कम हो, होगीः

परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे।

स्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरणस्पष्टीकरण....-अंतिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपर्व सैनिक है जिसे डिमोबीलाइज्ड आमर्ड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन हिमाचल स्टेट नॉन टैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1972 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हैे और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स सर्विसमैन (रिजर्वेशन ऑफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टेैक्नीकल सर्विसीज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धों के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो और इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों।

(2) इसी प्रकार स्थाईकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि तदर्थ नियुक्ति/प्रोन्नति, उचित चयन के पश्चात्‌ और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थीः परन्तु की गई उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात्‌ जो स्थाईकरण होगा उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी।

आदेश द्वारा, डॉ0 पी0सी0कपूर, प्रधान सचिव।

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IN THE HON'BLE HIGH COURT OF HIMACHAL PRADESH AT SHIMLA

(ORIGINAL COMPANY JURISDICTION)

COMPANY PETITION NO. 5 OF 2010

IN THE MATTER OF COMPANIES ACT, 1956

AND

IN THE MATTER OF SECTIONS 391 TO 394 OF THE COMPANIES ACT, 1956;

ANDराजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932 1879 IN THE MATTER OF SCHEME OF AMALGAMATION OF NITIN LIFESCIENCES LIMITED WITH

NITIN PHARMACEUTICALS PRIVATE LIMITED AND

IN THE MATTER OF THE SCHEME OF ARRANGEMENT/AMALGAMATION OF;

NITIN LIFESCIENCES LIMITED, VILLAGE KUNJ, RAMPUR GHAT ROAD, PAONTA SAHIB, DISTRICT SIRMOUR, HIMACHAL PRADESH

...PETITIONER/TRANSFEREE COMPANY NITIN PHARMACEUTICALS PRIVATE LIMITED

…TRANSFEROR

A COMPANY INCORPORATED UNDER THE COMPANIES ACT, 1956 AND HAVING

ITS REGISTERED OFFICE AT SOM DUTT CHAMBERS -15 BHIKAJI CAMA PLACE,

NEW DELHI

COMPANY

NOTICE OF PETITION

A Petition under Section 391 to 394 of the Companies Act, 1956 sanctioning of the scheme of amalgamation of Transferee Company i.e., Nitin Life Sciences Limited with Transferor Company i.e., Nitin Pharmaceuticals Private Limited has been filed in the Hon'ble High Court of H.P., Shimla and was listed before the Hon'ble Company Judge on 31-5-2010 when the Hon'ble court ordered for listing the matter on 12-7-2010.

Any person desirous of opposing the said petition should send its opposition to the petition or a notice of its intention to oppose in writing so as to reach the undersigned at least 10 days before the date of hearing in person or through your advocate. If you wish to oppose the petition, the grounds of opposition or a copy of your affidavit should be furnished with your notice. The matter is fixed for hearing on 12-7-2010.

A copy of the petition will be supplied by the counsel for the petitioner to any person requiring the same on payment of the prescribed charges for the same.

Suneet Goel Advocate 57/3,The Mall Seal of the Hon'ble High Court of H.P. Shimla1880 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 जून, 2010/8 आषाढ़, 1932

लोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभागलोक निर्माण विभाग

अधिसूचना

शिमला-2, 11 जून, 2010

संख्या पी0बी0डब्ल्यू0 (संख्या पी0बी0डब्ल्यू0 (संख्या पी0बी0डब्ल्यू0 (संख्या पी0बी0डब्ल्यू0 (ए)ए(3)4/2009ए)ए(3)4/2009ए)ए(3)4/2009ए)ए(3)4/2009....----हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, अधिसूचना संख्या पी0बी0डब्ल्यू0 (सी)ए (3)3/94-II दिनांक 30-5-2002 द्वारा अधिसूचित और समय-समय पर यथा संशोधित हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग सहायक अभियन्ता (सिविल), वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2002 का और संशोधन करने के लिये निम्नलिखित नियम बनाती हैं, अर्थात्‌ :-

1111.... संक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भ....----इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग, सहायक अभियन्ता (सिविल), वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति (छठा संशोधन) नियम, 2010 है। (2) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किये जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे। 2222.... उपाबन्ध-'क' का संशोधनउपाबन्ध-'क' का संशोधनउपाबन्ध-'क' का संशोधनउपाबन्ध-'क' का संशोधन....----(1) हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण सहायक अभियन्ता (सिविल), वर्ग-I (राजपत्रित) भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2002 के उपाबन्ध 'क' में-

(क) स्तम्भ संख्या : 4 के सामने विद्यमान उपबन्ध के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ः- (ख) सतम्भ संख्या : 11 (ङ) के सामने विद्यमान उपबन्ध के स्थान पर निम्नलिखित रखा जाएगा, अर्थात्‌ :-

''योजना सहायकों में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल या बोर्ड में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, को सम्मिलित करके तीन वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर योजना सहायकों में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका योजना सहायक, वृत्त मुख्य प्रारूपकार और मुख्य प्रारूपकार का संयुक्ततः पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल या की गई लगातार तदर्थ सेवा को सम्मिलित करके पांच वर्ष का नियमित सेवकाल हो, जिसमें से योजना सहायक के रूप में की गई दो वर्ष की सेवा अनिवार्य होगी, दोनों के न होने पर स्तम्भ संख्या : 11 (घ) के सामने वर्णित प्रवर्गों में से प्रोन्नति द्वारा।'' . .चार प्रतिशत।

आदेश द्वारा, हस्ताक्षरित/- प्रधान सचिव। नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित

Cite this issue. Himachal Pradesh Gazette, Government of Himachal Pradesh, 29 June 2010. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gazette.himachal.2010-06-29.63_gazette_2010-29_06_2010/. Archive identifier in.gazette.himachal.2010-06-29.63_gazette_2010-29_06_2010.