राजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेशराजपत्र, हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित हिमाचल प्रदेश राज्य शासन द्वारा प्रकाशित शिमला,शिमला,शिमला,शिमला, बुधबुधबुधबुधववववारारारार, , , , 29292929 सितम्बरसितम्बरसितम्बरसितम्बर, 2010, 2010, 2010, 2010////7777 आश्विनआश्विनआश्विनआश्विन,,,, 1932 1932 1932 1932
हिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकारहिमाचल प्रदेश सरकार
बहुउ६ेशबहुउ६ेशबहुउ६ेशबहुउ६ेशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभागीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग
अधिसूचना (शुद्धि पत्र)
1 सितम्बर, 2010
संख्याः विद्युत-छसंख्याः विद्युत-छसंख्याः विद्युत-छसंख्याः विद्युत-छ-(5)-10/2010-(5)-10/2010-(5)-10/2010-(5)-10/2010....--------इस विभाग की समसंख्यक अधिसूचना दिनांक 15-05-2010 जो कि गांव सोईधार, तहसील आनी, जिला कुल्लू में भूमि अधिग्रहण करने हेतु जारी की गई है, की विवरणी में भूमि खसरा नम्बर "2963" के स्थान पर "2963/1" पढ़ा जाए।
आदेश द्वारा, हस्ता0/- प्रधान सचिव (विद्युत)। 137-राजपत्र/2010-29-9-2010 (5095)5096 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932
कृष्किृष्किृष्किृषि विभागा विभागा विभागा विभाग
अधिसूचना
शिमला-2, 28-9-2010
संख्या : एग्र-बी (2)-1/2009संख्या : एग्र-बी (2)-1/2009संख्या : एग्र-बी (2)-1/2009संख्या : एग्र-बी (2)-1/2009....--------हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श स,े हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग में, अधीक्षण अभियन्ता (भू-संरक्षण), वर्ग-I (राजपत्रित) के पद के लिए इस अधिसूचना से संलग्न उपाबन्ध-क के अनुसार भर्ती और प्रोन्नति नियम बनाती हैं, अर्थात :-
1111.... संक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भसंक्षिप्त नाम और प्रारम्भ....--------(i) इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग, अधीक्षण अभियन्ता (भू-संरक्षण), वर्ग-I (राजपत्रित)भर्ती और प्रोन्नति नियम, 2010 है ।
(ii) ये नियम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश में प्रकाशित किए जाने की तारीख से प्रवृत्त होंगे ।
आदेश द्वारा, हस्ता0/- सचिव (कृषि)।
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उपाबन्ध-"क" हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग, में अधीक्षण अभियन्ता (भू-संरक्षण), वर्ग-I (राजपत्रित) के पद के लिए (राजपत्रित) के पद के लिए (राजपत्रित) के पद के लिए (राजपत्रित) के पद के लिए हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग, में अधीक्षण अभियन्ता (भू-संरक्षण), वर्ग- हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग, में अधीक्षण अभियन्ता (भू-संरक्षण), वर्ग- हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग, में अधीक्षण अभियन्ता (भू-संरक्षण), वर्ग- भर्ती और प्रोन्नति नियम ।भर्ती और प्रोन्नति नियम ।भर्ती और प्रोन्नति नियम ।भर्ती और प्रोन्नति नियम ।
1111.... पद का नामपद का नामपद का नामपद का नाम....--------अधीक्षण अभियन्ता (भू-संरक्षण)
2222.... पदों की संख्यापदों की संख्यापदों की संख्यापदों की संख्या....--------1 (एक)
3333.... वर्गीकरणवर्गीकरणवर्गीकरणवर्गीकरण....--------वर्ग-I (राजपत्रित)
4444.... वेतनमानवेतनमानवेतनमानवेतनमान....--------पे बैंड 37400-67000/-रुपए जमा 8700/- रुपए गे्रड पे ।
5555.... चयन पद अथवा अचयन पदचयन पद अथवा अचयन पदचयन पद अथवा अचयन पदचयन पद अथवा अचयन पद....--------चयन ।
6666.... सीधी भर्ती केसीधी भर्ती केसीधी भर्ती केसीधी भर्ती के लिए आयु लिए आयु लिए आयु लिए आयु....--------लागू नहीं ।
7777.... सीधे भर्ती किए जाने वालेसीधे भर्ती किए जाने वालेसीधे भर्ती किए जाने वालेसीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए अपेक्षितव्यक्तियों के लिए अपेक्षितव्यक्तियों के लिए अपेक्षितव्यक्तियों के लिए अपेक्षित न्यूनतम शैक्षिक और अन्यन्यूनतम शैक्षिक और अन्यन्यूनतम शैक्षिक और अन्यन्यूनतम शैक्षिक और अन्य अर्हताएं अर्हताएं अर्हताएं अर्हताएं....-------- (क) अनिवार्य अर्हताएंअनिवार्य अर्हताएंअनिवार्य अर्हताएंअनिवार्य अर्हताएं....--------लागू नहीं ।
(ख)(ख)(ख)(ख) वांछनीय अर्हताएंवांछनीय अर्हताएंवांछनीय अर्हताएंवांछनीय अर्हताएं....--------लागू नहीं ।
व्यक्तियों के लिए विहित आयु और शैक्षिक अर्हताए, प्रोन्नतऔर शैक्षिक अर्हताए, प्रोन्नतऔर शैक्षिक अर्हताए, प्रोन्नतऔर शैक्षिक अर्हताए, प्रोन्नत व्यक्तियों व्यक्तियों व्यक्तियों व्यक्तियों 8888.... सीधे भर्ती किए जाने वालेसीधे भर्ती किए जाने वालेसीधे भर्ती किए जाने वालेसीधे भर्ती किए जाने वाले व्यक्तियों के लिए विहित आयु व्यक्तियों के लिए विहित आयु व्यक्तियों के लिए विहित आयु की दशा में लागूकी दशा में लागूकी दशा में लागूकी दशा में लागू हाेंगी या नहीें हाेंगी या नहीें हाेंगी या नहीें हाेंगी या नहीें....--आयु--आयु--आयु--आयु....--------लागू नहीं ।
शैक्षिक अर्हताशैक्षिक अर्हताशैक्षिक अर्हताशैक्षिक अर्हता....--------जैसा स्तम्भ संख्या-11 में विहित है । राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5097 9999.... परिवीक्षा की अवधि, यदि कोईपरिवीक्षा की अवधि, यदि कोईपरिवीक्षा की अवधि, यदि कोईपरिवीक्षा की अवधि, यदि कोई हो हो हो हो....--------दो वर्ष, जिसका एक वर्ष से अनधिक ऐसी और अवधि के लिए विस्तार किया जा सकेगा जैसा सक्षम प्राधिकारी विशेष परिस्थितियों में और लिखित कारणों से आदेश दे। भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी होगी या प्रोन्नति, होगी या प्रोन्नति, होगी या प्रोन्नति, होगी या प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति,प्रतिनियुक्ति,प्रतिनियुक्ति,प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण द्वारा और विभिन्नस्थानान्तरण द्वारा और विभिन्नस्थानान्तरण द्वारा और विभिन्नस्थानान्तरण द्वारा और विभिन्न 10101010.... भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी भर्ती की पद्धतिः भर्ती सीधी पद्धतियों द्वारा भरे जाने वालेपद्धतियों द्वारा भरे जाने वालेपद्धतियों द्वारा भरे जाने वालेपद्धतियों द्वारा भरे जाने वाले पदों की प्रतिश्पदों की प्रतिश्पदों की प्रतिश्पदों की प्रतिशतताातताातताातता....--------शतप्रतिशत् प्रोन्नति द्वारा, ऐसा न होने पर सैकन्डमैंट आधार पर ।
स्थानान्तरण की दशा में श्रेणी जिससे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्तिजिससे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्तिजिससे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्तिजिससे प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति या या या या 11111111.... प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति,प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति,प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति,प्रोन्नति, प्रतिनियुक्ति, स्थानान्तरण की दशा में श्रेणी स्थानान्तरण की दशा में श्रेणी स्थानान्तरण की दशा में श्रेणी स्थानान्स्थानान्स्थानान्स्थानान्तरण किया जाएगातरण किया जाएगातरण किया जाएगातरण किया जाएगा....--------मण्डलीय अभियन्ता (भू-संरक्षण) जो किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विज्ञान स्नातक (कृषि इंजीनियरिंग)/बी.टेक. (कृषि इंजीनियरिंग)/बी.ई.(कृषि इंजीनियरिंग)/बी.टेक (सिविल इंजीनियरिंग)/कृषि में ए.एम.आई.ई./सिविल इंजीनियरिंग की उपाधि रखते हों, में से प्रोन्नति द्वारा, जिनका पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल या ग्रेड में की गई लगातार तदर्थ सेवा,यदि कोई हो, को सम्मिलित करके पांच वर्ष का नियमित सेवाकाल हो, ऐसा न होने पर हिमाचल प्रदेश सरकार के अन्य विभागों में समरूप वेतनमान में समरूप शैक्षिक अर्हता और उपरोक्त यथा विहित अनुभव रखने वाले इस पद के पदधारियों में से सैकेण्डमैंट आधार पर ।
(1) प्रोन्नति के सभी मामलों में, पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद में की गई लगातार तदर्थ सेवा, यदि कोई हो, प्रोन्नति के लिए इन नियमों में यथाविहित सेवाकाल के लिए, इस शर्त के अधीन रहते हुए गणना में ली जाएगी, कि सम्भरक (पोषक) प्रवर्ग में तदर्थ नियुक्ति, भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार चयन की उचित स्वीकार्य प्रक्रिया को अपनाने के पश्चात् की गई थी :-
परन्तु उन सभी मामलों मे जिनमें कोई कनिष्ठ व्यक्ति सम्भरक (पोषक) पद में अपने कुल सेवाकाल (तदर्थ आधार पर की गई तदर्थ सेवा सहित, जो नियमित सेवा/नियुक्ति के अनुसरण में हो) के आधार पर उपर्युक्त निर्दिष्ट उपवन्धों के कारण विचार किए जाने का पात्र हो जाता है, वहां अपने-अपने प्रवर्ग/पद/काडर में उससे वरिष्ठ सभी व्यक्ति विचार किए जाने के पात्र समझे जाएंगे और विचार करते समय कनिष्ठ व्यक्ति से ऊपर रखे जाएंगे :
परन्तु यह और कि उन सभी पदधारियों, जिन पर प्रोन्नति के लिए विचार किया जाना है, की कम से कम तीन वर्ष की न्यूनतम अर्हता सेवा या पद के भर्ती और प्रोन्नति नियमों में विहित सेवा जो भी कम हो, होगी :
परन्तु यह और भी कि जहां कोई व्यक्ति पूर्वगामी परन्तुक की अपेक्षाओं के कारण प्रोन्नति किए जाने सम्बन्धी विचार के लिए अपात्र हो जाता है, वहां उससे कनिष्ठ व्यक्ति भी ऐसी प्रोन्नति के विचार के लिए अपात्र समझा जाएगा/समझे जाएंगे ।
स्पष्स्पष्स्पष्स्पष्टीकरणटीकरणटीकरणटीकरण....--------अन्तिम परन्तुक के अन्तर्गत कनिष्ठ पदधारी प्रोन्नति के लिए अपात्र नहीं समझा जाएगा/समझे जाएंगे यदि वरिष्ठ अपात्र व्यक्ति भूतपूर्व सैनिक है, जिसे डिमोबिलाइज्ड आर्मड फोर्सिज परसोनल (रिजर्वेशन आफ वैकेन्सीज इन हिमाचल स्टेट नौन-टैक्नीकल सर्विसिज) रूल्ज, 1972 के नियम-3 के उपबन्धोंं के अन्तर्गत भर्ती किया गया है और इसके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों या जिसे एक्स-सर्विसमैन (रिजर्वेशन आफ वैकेन्सीज इन दी हिमाचल प्रदेश टैक्नीकल सर्विसिज) रूल्ज, 1985 के नियम-3 के उपबन्धोंं के अन्तर्गत भर्ती किया गया हो तथा इनके अन्तर्गत वरीयता लाभ दिए गए हों । 2. इसी प्रकार स्थाईकरण के सभी मामलों में ऐसे पद पर नियमित नियुक्ति से पूर्व सम्भरक (पोषक) पद पर की गई लगातार तदर्थ सेवा यदि कोई हो, सेवाकाल के लिए गणना में ली जाएगी, यदि तदर्थ नियुक्ति/ प्रोन्नति उचित चयन के पश्चात़ और भर्ती और प्रोन्नति नियमों के उपबन्धों के अनुसार की गई थीः परन्तु की गई उपर्युक्त निर्दिष्ट तदर्थ सेवा को गणना में लेने के पश्चात जो स्थाईकरण होगा, उसके फलस्वरूप पारस्परिक वरीयता अपरिवर्तित रहेगी । 5098 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 विद्यमान हो तो उसकी संरचना संरचना संरचना संरचना....--------जैसी सरकार द्वारा 12121212.... यदि विभागीय प्रोन्नति यदि विभागीय प्रोन्नति यदि विभागीय प्रोन्नति यदि विभागीय प्रोन्नति समितिसमितिसमितिसमिति विद्यमान हो तो उसकी विद्यमान हो तो उसकी विद्यमान हो तो उसकी समय-समय पर गठित की जाए।
13131313.... भर्ती करने में भर्ती करने में भर्ती करने में भर्ती करने में जिन जिन जिन जिन परिस्थितियोपरिस्थितियोपरिस्थितियोपरिस्थितियो में हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश में हिमाचल प्रदेश लोक लोक लोक लोक सेवासेवासेवासेवा आयोग से परामर्श कियाआयोग से परामर्श कियाआयोग से परामर्श कियाआयोग से परामर्श किया जाएगाजाएगाजाएगाजाएगा....--------जैसा विधि द्वारा अपेक्षित हो ।
14141414.... सीधी भर्ती के लिए अनिवार्यसीधी भर्ती के लिए अनिवार्यसीधी भर्ती के लिए अनिवार्यसीधी भर्ती के लिए अनिवार्य अपेक्षा अपेक्षा अपेक्षा अपेक्षा....--------लागू नहीं ।
15151515.... सीधी भर्ती द्वारा पद परसीधी भर्ती द्वारा पद परसीधी भर्ती द्वारा पद परसीधी भर्ती द्वारा पद पर नियुक्ति के लिए चयन नियुक्ति के लिए चयन नियुक्ति के लिए चयन नियुक्ति के लिए चयन....--------लागू नहीं ।
16161616.... आरक्षणआरक्षणआरक्षणआरक्षण....--------सेवा में नियुक्ति, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर अनुसूचित जातियाें/ अनुसूचित जन-जातियों/अन्य पिछडे वर्गों/अन्य प्रवर्गों के व्यक्तियों के लिए सेवा में आरक्षण की बावत जारी किए गए आदेशोेंं के अधीन होगी ।
17171717.... विभागीय परीक्षाविभागीय परीक्षाविभागीय परीक्षाविभागीय परीक्षा....--------सेवा में प्रत्येक सदस्य को समय-समय पर यथा संशोधित हिमाचल प्रदेश विभागीय परीक्षा नियम, 1997में यथा विहित विभागीय परीक्षा उर्तीण करनी होगी ।
18181818.... शिथिल करने की शक्तिशिथिल करने की शक्तिशिथिल करने की शक्तिशिथिल करने की शक्ति....--------जहां राज्य सरकार की यह राय हो कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, वहां वह कारणों को लिखित में अभिलिखित करके तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के परामर्श से, आदेश द्वारा, इन नियमों के किन्ही उपबन्ध(धों) को किसी वर्ग या व्यक्ति(यों) के प्रवर्ग या पद(दों) की बावत, शिथिल कर सकेगी ।
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[Authoritative English text of Government Notification No. Agr.-B(2)-1/2009, dated
28-9-2010 as required under Article 348 (3) of the Constitution of India].
AGRICULTURE DEPARTMENT
NOTIFICATION
Shimla-2, the 28-9-2010
No. Agr B(2)-1/2009.—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor, Himachal Pradesh, in consultation with the Himachal Pradesh Public Service Commission is pleased to make the Recruitment & Promotion Rules for the post of Superintending Engineer (Soil Conservation), Class-I (Gazetted) in the Department of Agriculture , HP as per Annexure-A attached to this notification, namely :-
1. Short title and Commencement.—(i) These rules may be called the Himachal Pradesh Department of Agriculture, Suprintending Engineer (Soil Conservation) , Class-I (Gazetted), Recruitment & Promotion Rules, 2010.
(ii) These rules shall come into force from the date of their publication in Rajpatra, HP.
By Order, Sd/- Secretary (Agr.).
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5099Annexure-A
RECRUITMENT AND PROMOTION RULES FOR THE POST OF SUPERINTENDING ENGINEER( SOIL CONSERVATION)(GAZETTED) CLASS-I IN THE DEPARTMENT OF AGRICULTURE, HIMACHAL PRADESH.
1. Name of post.—Superintending Engineer(Soil Conservation)
2. Numbers of post(s).—01 (One)
3. Classification.—Class-I (Gazetted)
4. Scale of Pay.—Pay Band Rs.37400-67000+Rs.8700/- Grade pay
5. Whether "Selection" post or "Non-selection" post.—Selection
6. Age for direct recruitment.—Not applicable.
7. Minimum Education and other qualifications required for direct recruit(s).—(a) Essential Qualification(s).—Not applicable.
(b) Desirable Qualification(s).—Not applicable.
8. Whether age and educational qualification(s) prescribed for direct recruit(s) will
apply in the case of the promotee(s).—Age.—Not applicable.
Educational Qualification.—As prescribed in Column No. 11.
9. Period of probation, if any.—Two years subject to such further extension for a period not exceeding one year as may be ordered by the competent authority in special circumstances and reasons to be recorded in writing.
10. Method(s) of recruitment, whether by direct recruitment or by promotion, deputation, transfer and the percentage of post(s) to be filled in by various methods.— 100 % by promotion, failing which on secondment basis.
11. In case of recruitment by promotion, deputation, transfer, grade from which promotion/deputation /transfer is to be made.—By promotion from amongst the Divisional Engineers (Soil Conservation) who hold the Degree of B.Sc. (Agriculture Engineering)/B.Tech.(Agriculture Engineering) /B.E. (Agricultrue Engineering) /B.Tech. (Civil Engineering) /A.M.I.E. in Agriculture/ Civil Engineering from a recognized University with five years regular service or regular combined with continuous adhoc service rendered, if any, in the grade failing which on secondment basis from amongst the incumbents of this post working in the identical pay scales from other H.P. Govt. Departments having similar educational qualification and experience as prescribed above.
(1) In all cases of promotion, the continuous adhoc services rendered in the feeder post, if any, prior to regular appointment to the post shall be taken into account towards the length of service as prescribed in these rules for promotion subject to the condition that the adhoc appointment /promotion in the feeder category had been made after following proper acceptable process of selection in accordance with the provisions of R&P rules; provided, that in all cases where a junior person become eligible for consideration by virtue of his total length of service5100 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 (including the service rendered on adhoc basis followed by regular service/appointment) in the feeder post in view of the provision referred to above, all persons senior to him in the respective category post/cadre shall be deemed to be eligible for consideration and placed above the junior person in the field of consideration;
Provided further that all incumbents to be considered for promotion shall possess the minimum qualifying service of atleast three years or that prescribed in the R&P rules for the post, whichever is less;
Provided further that where a person becomes ineligible to be considered for promotion on account of the requirements of the preceding proviso, the person(s) junior to him shall also be deemed to be ineligible for consideration for such promotion.
Explanation.—The last proviso shall not render the junior incumbents ineligible for consideration for promotion if the senior ineligible person happened to be ex-servicemen recruited under the provisions of Rule-3 of the Demobilized Armed Forces Personnel (Reservations of vacancies in Himachal State Non-Technical services) Rules, 1972 and having been given the benefit of seniority thereunder or recruited under the provision of Rule-3 of the Ex-servicemen (Reservations of vacancies in Himachal Pradesh Technical Services) Rules, 1985 and having been given the benefit of seniority thereunder.
Similarly in all cases of confirmation, adhoc service rendered on the feeder post, if any, prior to the regular appointment against such posts shall be taken into account towards the length of service, if the adhoc appointment had been made after proper selection and in accordance with the provisions of R&P rules.
Provided that inter-se-seniority as a result of confirmation after taking into account, adhoc service rendered as referred to above shall remain unchanged.
12. If a departmental promotion committee, exists, what is its composition.—As may be constituted by the Government from time to time.
13. Circumstances under which the H.P. P.S.C. is to be consulted in making recruitments.—As required under the Law.
14. Essential requirement for a direct recruitment.—Not applicable.
15. Selection for appointment to post by direct recruitment.—Not applicable.
16. Reservation.—The appointment to the service shall be subject to orders regarding reservation in the service for Schedules Castes/Scheduled Tribes/Other Backward Classes/ other categories of persons issued by the Himachal Pradesh Government from time to time.
17. Departmental Examination.—Every member of the service shall pass Departmental Examiniation as prescribed in the H.P. Departmental Examination Rules,1997 as amended from time to time.
18. Power to relax.—Where the State Government is of the opinion that it is necessary or expedient to do so it may, by order, for reasons, to be recorded in writing and in consultation with the H..P P.S.C., relax any of the provision(s) of these rules with respect to any class or category of person(s) or post(s).
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5101 वन विभागवन विभागवन विभागवन विभागअधिसूचना
शिमला-2, 24-09-2010
संख्याः एफएफई-बी-सी(1)-13/2008संख्याः एफएफई-बी-सी(1)-13/2008संख्याः एफएफई-बी-सी(1)-13/2008संख्याः एफएफई-बी-सी(1)-13/2008....--------हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल, भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 76(घ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, उक्त अधिनियम के प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती हैं, अर्थातः-
1111.... संंिसंंिसंंिसंंिक्षप्त नामः--क्षप्त नामः--क्षप्त नामः--क्षप्त नामः--इन नियमों का संक्षिप्त नाम हिमाचल प्रदेश (वन थाना) नियम, 2010 है। 2222.... परिभाषाएंःपरिभाषाएंःपरिभाषाएंःपरिभाषाएंः--------(1) इन नियमों में जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो -
(क) ''विभाग''''विभाग''''विभाग''''विभाग'' से सरकार का वन विभाग अभिप्रेत है;
(ख) ''वन-अपराध''''वन-अपराध''''वन-अपराध''''वन-अपराध'' से भारतीय वन अधिनियम, 1927 या तदधीन बनाए गए नियमों या अन्य किन्हीं वन विधियों के अधीन दण्डनीय कोई अपराध अभिप्रेत हैं;
''वन अपराध रिपोर्ट'' से नुकसान रिपोर्ट जारी होने के पश्चात् अन्वेष्ण के लिए सूचीबद्ध रिपोर्ट (ग) ''वन अपराध रिपोर्ट'' ''वन अपराध रिपोर्ट'' ''वन अपराध रिपोर्ट'' अभिप्रेत है;
(घ) ''वन अधिकारी''''वन अधिकारी''''वन अधिकारी''''वन अधिकारी'' से राज्य सरकार द्वारा इन नियमों के समस्त या किन्हीं प्रयोजनों को कार्यान्वित करने के लिए सशक्त कोई व्यक्ति अभिप्रेत है;
(ङ) ''वन उपज''''वन उपज''''वन उपज''''वन उपज'' के अन्तर्गत :-
(क) निम्नलिखित वस्तुएं आती हैं अर्थात इमारती लकडी, लकडी का कोयला, कुचुम्भ, खैर, लकड़ी का तैल, राल, प्राकृतिक वारनिश, छाल, लाख, महुआ के फूल, महुआ के बीज, कुथ और हरड़ भले ही वे वन में पाई या वन से लाई गई हों या न लाई गई हों; और (ख) निम्नलिखित वस्तुएं उस सूरत मे आनी है जिसमें कि वे वन में पाई जाती है या वन से लाई जाती हैं अर्थातः-
(i) वृक्ष और पत्ते फूल और फल और वृक्षों मे इसके पूर्व अवर्जित सब अन्य भाग या उपज;
(ii) घास, बेलें, नरकुल और काई सहित वे पौधे जो वृक्ष नहीं है और एैसे पौधों के सब भाग और उपज;
(iii) वन्य पशु और खालें, हाथीदान्त, सींग, हडिडयां, रेशम, रेशम के कोए, शहद और मोम तथा पशुओं के सब अन्य भाग या उत्पाद, और
(iv) चूना-पत्थर, लेटराईट, खनिज तेल और खानों या खदानों की समस्त पैदावार (उत्पादों) सहित पीट, सतही मिटटी, चटटान और खनिज;
(च) 'प्ररूप'प्ररूप'प्ररूप'प्ररूप'''''''' से इन नियमों से संलग्न प्ररूप अभिप्रेत है;
(छ) 'सरकार''सरकार''सरकार''सरकार' से हिमाचल प्रदेश सरकार अभिप्रेत है;
5102 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 (ज) 'अन्वेषण''अन्वेषण''अन्वेषण''अन्वेषण' से किए गए अभिकथित वन अपराध की जांच और उसमें साक्ष्य प्राप्त करना और अभिलिखित करना अभिप्रेत है;
(झ) 'अधिसूचना' 'अधिसूचना' 'अधिसूचना' 'अधिसूचना' से विभाग द्वारा जारी और राजपत्र, हिमाचल प्रदेश मे प्रकाशित कोई अधिसूचना अभिप्रेत है;
''थाना का प्रभारी अधिकारी'' से वन थाना के थाना प्रभारी के रूप मे तैनात डिप्टी रेंजर अभिप्रेत () ''थाना का प्रभारी अधिकारी'' ''थाना का प्रभारी अधिकारी'' ''थाना का प्रभारी अधिकारी'' है और उसकी अनुपस्थिति में, थाना में उपस्थित वरिष्ठतम वन रक्षक सम्मिलित होगा;
(ट) ''ईमारती लकड''ईमारती लकड''ईमारती लकड''ईमारती लकड़़़़ी''ी''ी''ी'' के अन्तर्गत वृ्क्ष आते हैं, जब वे गिर गए हों या गिराए गए हों, और सब प्रकार की लकडी है चाहे वह किसी प्रयोजन के लिए कार्य या गढी या खोखली की गई हो या न की गई हो;
(ठ) ''वृक्ष''''वृक्ष''''वृक्ष''''वृक्ष'' के अन्तर्गत ताड़, बांस, ठूंठ, झाड़-झंखाड़ और बेंत आते हैं;
(ड) ''थाना''''थाना''''थाना''''थाना'' से इन नियमों के अधीन सरकार द्वारा इस रुप में अधिसूचित कोई वन थाना अभिप्रेत है; और
(ढ) ''यान''''यान''''यान''''यान'' से किसी भी प्रकार का पहियादार वाहन जो भूमि पर चलाए जाने हेतु उपयोग किए जाने के लिए सक्षम हो, अभिप्रेत है, और इसमें ठेला, ट्रॉली यान और ट्रेलर सम्मिलित है, परन्तु इसमें साईकिल और पशु सम्मिलित नहीं है;
(2) उन शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त है, और परिभाषित नहीं है, वही अर्थ हाेंंगे जो भारतीय वन अधिनियम, 1927 में है।
3333.... वन थाना की स्थापनावन थाना की स्थापनावन थाना की स्थापनावन थाना की स्थापना....--------(1) सरकार, अधिसूचना द्वारा उन क्षेत्रों में, जहां वह ऐसा करना समीचीन समझती हैं, थाना स्थापित कर सकेगी।
(2) प्रत्येक थाना में एक डिप्टी रेंजर, 3-4 वन रक्षक और 5-6 वन कर्मी तैतान किए जाएंगे। (3) अपेक्षाओं के दृष्टिगत थाना का गठन करने हेतु एक खण्ड या दों खण्डों या एक रेंज में पांच से छः बीटों का विलय किया जाएगा।
(4) थाना डिप्टी रेंजर के संपूर्ण नियंत्रणाधीन होगा।
(5) थाना (थाने) क्षेत्रीय रेंज के संबंधित रेंज प्रभारी अधिकारी के संपूर्ण पर्यवेक्षणाधीन कार्य करेगा/करेंगे ।
(6) थाना मे तैनात कर्मचारिवृंद, हिमाचल प्रदेश वन विभाग (एच0एफ0डी0) के कंधों के बैज के नीचे ''वन थाना'' अंकित कंधे के बैज वाली खाकी वर्दी पहनेंगे।
(7) थाना मे तैनात वन रक्षकों मे से एक रक्षक थाना में अभिलेख बनाए रखने के लिए मुन्शी के रुप मे कार्य करेगा और विधिमान्य वाहन चालन अनुज्ञप्ति धारक कोई रक्षक या थाना के कर्मचारिवृन्द का कोई अन्य सदस्य थाना में अभिनियोजित वाहन को चलाने के लिए, थाना के प्रभारी अधिकारी के आदेशों के अधीन, चालक के रूप में कार्य करेगा।
(8) थाना के कर्मचारीवृंद, संबंधित वन मण्डल अधिकारी द्वारा उनको सौंपे गये विकासात्मक क्रियाकलाप और अन्य कार्य भी करेंगे। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5103 4444.... थाना के कृथाना के कृथाना के कृथाना के कृत्त्त्त्यययय....--------(1) थाना के कृत्य-
(क) वृक्षों के अवैध कटान ;
(ख) वन भूमि पर अधिक्रमण;
(ग) विधि के अधीन कोई अन्य वन अपराध; की घटनाओं को निवारित और नियंत्रित करना होंगे। (2) छोटे-मोटे वन अपराधों का शमन सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अनुदेशों के अनुसार किया जाएगा।
(3) संबंधित थाना क्षेत्र के भीतर विभिन्न स्कीमों के अधीन सामान्य विकासात्मक और अन्य वन क्रियाकलाप भी थाना-कर्मचारिवृन्द द्वारा कार्यान्वित किए जाएंगे।
थाना के वन अधिकारियों की शक्तियां....--------(1) थाना के्र वन अधिकारी ऐसी शक्तियों का प्रयोग 5555.... थाना के वन अधिकारियों की शक्तियां थाना के वन अधिकारियों की शक्तियां थाना के वन अधिकारियों की शक्तियां करेंगे जैसी भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 76 के उपबन्धों के अधीन और वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और तदधीन बनाए गए नियमों के अधीन प्रत्यायोजित की जा सकेगी।
(2) वन अधिकारी ऐसी शक्तियों का प्रयोग और ऐसे कर्तव्यों का निर्वहन भी करेंगे, जो उनकों निम्नलिखित के अधीन प्रत्यायोजित किए जा सकेंगे, अर्थात्ः-
(क) वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980;
(ख) हिमाचल प्रदेश वन (इमारती लकडी का विक्रय) अधिनियम, 1968 और तदधीन बनाए गए नियम;
(ग) हिमाचल प्रदेश फौरैस्ट प्रोडयूस टा्रंजिट(लैण्ड रुटज) नियम, 1978 ;
(घ) हिमाचल प्रदेश सरकारी स्थान और भूमि (बेदखली और किराया वसूली) अधिनियम, 1971 और तदधीन बनाए गए नियम;
(ङ) हिमाचल प्रदेश भू-परिरक्षण अधिनियम,1978 और तदधीन बनाए गए नियम;
(च) हिमाचल प्रदेश वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम, 1982 और तदधीन बनाए गए नियम;
(छ) हिमाचल प्रदेश बिरोजा व बिरोजा उत्पाद (व्यापार विनियमन) अधिनियम, 1981 और तदधीन बनाए गए नियम, और
(ज) अन्य कोई सुसंगत अधिनियम और नियम जो प्रवृत हैं या हो सकेंगे।
(3) वन मण्डल अधिकारी और उसकी अनुपस्थिति में संबंधित अरण्यपाल भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 72 की उपधारा (1) के खण्ड (ग) के अधीन प्रत्यायोजित शक्तियों के अनूसार तलाशी वारंट जारी करेगा।
6666.... थाना के कार्यकरण हेतु प्रक्रिया थाना के कार्यकरण हेतु प्रक्रिया....--------(1) प्रत्येक थाना, प्ररुप-1 में थाना के दैनिक क्रियाकलाप के थाना के कार्यकरण हेतु प्रक्रिया थाना के कार्यकरण हेतु प्रक्रिया ब्यौरे की बाबत, रोजनामचा नामक दैनिक डायरी रजिस्टर रखेगा।
(2) जब कभी थाना द्वारा कोई परिवाद (शिकायत), किसी भी माध्यम से चाहें मौखिक रूप से, दूरभाष से या लिखित रूप में, चाहे नाम से, अनाम से या छद्मनाम से, प्राप्त किया जाता है, तो उसकी प्रविष्टि रोजनामचा में की जाएगी। प्रारम्भिक जांच, जो दो सप्ताह के भीतर पूर्ण की जाएगी, पर यदि यह पाया 5104 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 जाता है कि कोई वन अपराध किया गया है, तो नुकसान रिपोर्ट के जारी होने के पश्चात् प्रथम अपराध रिपोर्ट रजिस्ट्रीकृत की जाएगी।
(3) जब कभी किसी वन अधिकारी द्वारा किसी वन अपराध का पता लगाया जाता है तो घटना-स्थल पर उपस्थित संबंधित वन रक्षक द्वारा नुकसान रिपोर्ट जारी की जाएगी। यदि इस प्रकार पता लगाए गये वन अपराध का शमन नहीं किया जाता है तो, इसको प्ररुप-II मे प्रथम अपराध रिपोर्ट (एफ ओ आर) के रूप में रजिस्ट्रीकृत किया जाएगा और इस बाबत प्रारुप-III में आवष्यक प्रविष्टियां अभिलिखित की जाएंगी।
(4) अपराधी की गिरफतारी, जब कभी अपेक्षित हो, भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 64 के अधीन की जाएगी और व्यक्ति की गिरफतारी और निर्मुक्ति की बावत प्रविष्टियां प्ररुप-IV में अभिलिखित की जाएंगी।
(5) गिरफतार किए गए व्यक्ति की निर्मुक्ति (जमानत) भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 65 के अधीन संबंधित रेंज अधिकारी द्वारा प्ररुप-V के अनुसार की जाएगी।
(6) वन मण्डल अधिकारी या उसकी अनुपस्थिति मे संबंधित अरण्यपाल तलाशी वारंट जारी करने के लिए और अभियुक्त/साक्षियों की हाजरी के लिए समन जारी करने के लिए सशक्त होगा।
(7) अशमनीय अपराधों का विस्तृत अन्वेषण थाना प्रभारी द्वारा स्वयं या उसके द्वारा इस निमित प्राधिकृत थाना के वन अधिकारी द्वारा किया जायेगा और उसको प्ररूप-VI में अभिलिखित किया जाएगा। (8) थाना द्वारा अन्वेषण प्रथम अपराध रिपोर्ट के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से 11 मास की अवधि के भीतर पूर्ण किया जाएगा और अन्वेषण रिपोर्ट संबंधित रेंज अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी, जो इसे और समुचित कार्रवाई हेतु एक मास के भीतर संबंधित वन मण्डल अधिकारी को प्रस्तुत करेगाः
परन्तु यदि संबंधित वन मण्डल अधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा करना समीचीन और न्यायोचित है, तो वह अन्वेषण पूर्ण करने हेतु समयावधि मे विस्तार प्रदान कर सकेगा, जो किसी भी दशा में 3 मास से अधिक नहीं होगा।
(9) यदि अन्वेषण रिपोर्ट वन मण्डल अधिकारी द्वारा समूचित न्यायालय में चालान फाईल करने हेतु अनुमोदित की जाती है तो संबंधित रेंज अधिकारी या सुसंगत अधिनियम या नियमों के अधीन प्राधिकृत अधिकारी उसको फाईल करेगा।
(10) प्रथम सूचना रिपोर्ट, पुलिस विभाग के सतर्कता/प्रवर्तन कक्ष (खण्ड) में सरकार द्वारा समय-समय पर जारी अनुदेशों के आधार पर दर्ज की जा सकेगी।
7777.... प्रस्तुत की जाने वाली प्रगति रिपोटप्रस्तुत की जाने वाली प्रगति रिपोटप्रस्तुत की जाने वाली प्रगति रिपोटप्रस्तुत की जाने वाली प्रगति रिपोर्र्ट....--------(1) वन्य जीव अपराधेां और भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 52 क के अधीन अभिगृहित वाहनों सहित अवैध कटान, अधिक्रमणों, अन्य वन अपराधों की पाक्षिक रिपोर्ट विभाग द्वारा निर्धारित प्ररुपों पर रेंज अधिकारी के माध्यम से संबंधित वन मण्डल अधिकारी को भेजी जाएंगी।
(2) थाना प्रभारी थाना की पाक्षिक प्रगति रिपोर्ट संबंधित वन मण्डल अधिकारी को प्ररुप-VII में रेंज अधिकारी के माध्यम से भेजेगा।
8888.... आयुध और गोआयुध और गोआयुध और गोआयुध और गोला-बारुद के रख-रख्ला-बारुद के रख-रख्ला-बारुद के रख-रख्ला-बारुद के रख-रखाव और उनके उपयोग की बाबत प्रक्रि ााव और उनके उपयोग की बाबत प्रक्रियायायायाः--(1) प्रत्येक ााव और उनके उपयोग की बाबत प्रक्रि ााव और उनके उपयोग की बाबत प्रक्रि थाना में एक शस्त्रागार होगा, जिसके लिए दो द्वारों वाले प्रत्येक में एक ताला सहित, एक कोष-कक्ष की व्यवस्था की जाएगी। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5105 (2) थाना का प्रभारी अधिकारी शस्त्रागार और तालों की चाबियों का अभिरक्षक होगा।
(3) प्रारम्भ में प्रत्येक थाना को एक पिस्तौल या रिवाल्वर और दो राइफलें, जो थाना के शस्त्रागार में रखी जाएंगी, जारी की जाएंगी। थाना को जारी किये जाने वाले आयुध की संख्या में सरकार द्वारा फेरफार किया जा सकेगा।
(4) अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए शस्त्रागार से थाना के प्रभारी अधिकारी को पिस्तौल और वन अधिकारियों को राईफल जारी की जाएगी।
(5) थाना का प्रभारी अधिकारी जब अपेक्षित न हो या जब वह किसी अशासकीय कार्य से बाहर हो तो पिस्तौल या रिवालवर थाना शस्त्रागात में रख सकेगा।
(6) राईफलें थाना के शस्त्रागार में रखी जाएंगी और तभी अन्य वन अधिकारियों को जारी की जाएंगी जब वे पैट्रोलिंग या अन्य सौंपे गए कर्तव्य के कारण बाहर जाते हों।
(7) थाना के प्रभारी अधिकारी को पिस्तौल के लिए 12 राउंड और प्रत्येक राईफल के लिए तीस राउंड जारी किए जाएंगे। संबंधित रेंज अधिकारी शस्त्रागार में आयुध और गोला-बारुद का निरीक्षण करेगा, जिसमें आयुध की स्वच्छता, गोला-बारुद की मात्रा का सत्यापन/जांच की जाएगी।
(8) आयुध और गोला-बारुद का वार्षिक निरीक्षण पुलिस विभाग के जिला आर्मरर द्वारा संचालित किया जाएगा।
(9) थाना के कर्मचारीवृंद को प्रशिक्षण की व्यवस्था पुलिस विभाग के प्रशिक्षण महाविद्यालय, डरोह द्वारा की जाएगी।
(10) थाना के वन अधिकारी द्वारा आयुध और गोला-बारुद का उपयोग वन सम्पति के संरक्षण और आत्मरक्षा में किया जाएगा।
(11) आयुध और गोला-बारुद का उपयोग शीघ्रतम रोजनामचा में अभिलिखित किया जाएगा और यदि आवश्यकता हो तो अपराधियों से किसी प्रति-अभिकथन का प्रतिकार करने के लिए निकटतम पुलिस थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दाखिल की जा सकेगी।
(12) आयुध और गोला-बारूद के ब्यौरे प्ररुप-VIII पर रखे जाएंगे।
9999.... थानोें थानोें थानोें थानोें में में में मेंं उपयो ं उपयोग मेग मेग मेग में लाए जाने वाले प्ररुपं लाए जाने वाले प्ररुपं लाए जाने वाले प्ररुपं लाए जाने वाले प्ररुप....--------(1) इन नियमों में विनिर्दिष्टतः वर्णित प्ररुपों के ं उपयो ं उपयो अतिरिक्त, थानों में निम्नलिखित प्ररुप भी उपयोग में लाए जाएंगे, अर्थातः-
(i) प्ररुप-IX में थाना के कर्मचारिवृन्द द्वारा कार्यभार संभालना/सौंपना।
(ii) कोई व्यक्ति जो वन अपराध दो बार या दो से अधिक बार करता है आभ्यासिक अपराधी समझाा जाएगा और ऐसे अपराधियों के नाम प्ररुप-X में अनुरक्षित किए जाएंगे।
(iii) जब दो से अधिक अपराधी वन अपराध(धों) को सामूहिक रुप से करते हैं तो इसे गैंग कहा जाएगा। वन अपराधियों के ऐसे गैंगों का ब्यौरा प्ररुप-XI में अनुरक्षित किया जाएगा। (iv) वन अपराध में अंतर्वलित सम्मति का अभिग्रहण और इसका निपटारा प्ररुप-XII में पाक्षिक आधार पर अनुरक्षित और अद्यतन किया जाएगा।
(v) किए गए वन अपराधें के सम्बन्ध में अभियुक्तों और साक्षियों की हाजिरी की अपेक्षा करने वाले समन क्रमशः प्ररुप-XIII और XIV में जारी किए जाएंगे।5106 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 (vi) तलाशी वारंट प्ररुप-XV और XVI में जारी किए जाएंगे।
(vii) अपराध के बारे में ब्यौरे देने वाले मामला (केस) डायरी रजिस्टर, वन उपज और वाहन, अधिकृत औजार और उपस्कर, जिनका उपयोग अपराध करने में किया गया था और न्यायालय में इसके चालान के बारे में प्ररुप-XVII में अनुरक्षित किए जाएंगे।
(2) थाना द्वारा, विभाग में पहले से विद्यमान प्ररूपों या इसके द्वारा तत्पश्चात् तैयार किए जाने वाले प्ररूपों के अनूसार निम्नलिखित रजिस्टर भी अनुरक्षित किए जाएंगे, अर्थात
(i) कर्मचारिवृन्द का रजिस्टर। (ii) उपस्करों का रजिस्टर, (iii) मानचित्रों, उपखण्ड पूर्ववृत फाईलों, वन अधिसूचनाओं और निपटारा रिपोर्टों का रजिस्टर। (iv) पत्राचार का रजिस्टर। (v) निरीक्षण का रजिस्टर। (vi) अग्नि का रजिस्टर। (vii) वन समितियों का रजिस्टर।
10. निम्नलिखित संशोधित अद्यतन अधिनियम, नियम और विनियम वन थाना में दिन-प्रतिदिन के परामर्ष के लिए रखे जाएंगे, अर्थात :-
(i) भारतीय वन अधिनियम,1927 (ii) वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (iii) भारतीय दण्ड संहिता, 1860 (iv) दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (v) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908
प्रप्रप्रप्ररुप-रुप-रुप-रुप-I
नियम 6(1) देखें}
रोजनामचा थाना/दैनिक डायरी
रेंज ...................................खण्ड........................................ वन थाना............................... जिला................... हिमाचल प्रदेश प्रातः हाजिरी में निम्नलिखित अधिकारी उपस्थित थे : तारीख............. पूर्वान्ह............. से ........................ अपरान्ह तक।
1. उप रेंज .......................... 2. वन रक्षक 1 2 3 4 3. वन कर्मी 1 2 3 4
4. अनुपस्थिति ब्यौरा
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5107 5. थाना द्वारा प्राप्त परिवादों (शिकायतें) पता लगाई गई घटनाओं के ब्यौरे :-
प्ररुप-II
नियम 6(3) देखें}
वन अपराध रिपोर्ट
वन वृत .................................. मण्डल.....................................
1. जिला............... वन थाना................... वर्ष.......................एफओ आर संख्या....................... तारीख.........................
2. (i) अधिनियम......................................... धाराएं................... (ii) अधिनियम...........................................धाराएं.................... (iii) अधिनियम......................................... धाराएं.................... (iv) अधिनियम.......................................................ं.................. (v) ..........................................................................................
3. (क) अपराध की घटना दिन...........................तारीख से ...............................................तारीख तक................ समयावधि............................ समय से .......................................समय तक........................... (ख) वन थाना में प्राप्त सूचना तारीख.............................................समय.................................. (ग) रोजनामचा संदर्भ प्रविष्टि संख्या.................................................समय..................................
4. सूचना का प्रकार :......................... लिखित/मौखिक/अन्य माध्यम द्वारा।
5. घटना स्थल
(क) वन थाना से दिशा और दूरी.......................................................
(ख) पता...............................................................................................................................................................
(ग) इस वन थाना की सीमा से बाहर की दशा में, क्षेत्र का ब्यौरा ...............................................................
6. परिवादी/मुखबिर की विषिष्टियां (यदि उपलब्ध हों)
(क) नाम........................................................................................................................................................
(ख) पिता/पति का नाम.........................................................................................................................................
(ग) जन्म की तारीख/वर्ष.................(घ) राष्ट्रीयता..................................................................
(ङ) पासपोर्ट (पारपत्र) संख्या.............. जारी करने की तारीख.................. जारी करने का स्थान ..............
(च) व्यवसाय..................................................... ........................................................
(छ) पता.................................................................................................................
5108 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 7. ज्ञात/संदिग्ध/अज्ञात अभियुक्त के पूर्ण विशिष्टियों सहित ब्यौरे (यदि आवश्यक हो तो पृथक पन्ना संलग्न करें)
8. परिवादी/इत्तिला देने वाले (मुखबिर) द्वारा रिपोर्ट करने में विलम्ब के कारणः .............................................
9. चोरी हुई/अन्तर्वलित वन सम्पत्ति की विशिष्टियां (यदि आवश्यक हो तो पृथक पन्ना संलग्न करें) ................................................................................................................................................................................
10. चोरी हुई अंतर्वलित संम्पत्ति का कुल मूल्य ..................................................................................
11. मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट/यू0डी0 मामला संख्या, यदि कोई हो......................................................................
12. एफ0ओ0आर0 विषयवस्तु (यदि अपेक्षित हो तो पृथक पन्ना संलग्न करें)ः
प्ररुप-III
नियम 6(3) देखें}
प्ररुप-IV
नियम 6(4) देखें}
प्ररुप-V
नियम 6(5) देखें}
बंधपत्र का प्ररुप
न्यायालय का नाम .......................................................
बनाम राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5109 अपराध ................................................................
मैं.............................. पूत्र श्री..................... निवासी ............ तहसील.......................... जिला............................ एतद द्वारा प्रतिज्ञान करता हूं कि मैं इस माननीय न्यायालय द्वारा नियत प्रत्येक तारीख को हाजिर रहूंगा। यदि यह मामला किसी अन्य न्यायालय को स्थानान्तरित किया जाता है, तो मै वहां भी प्रत्येक तारीख को मामले के विनिश्चय तक हाजिर रहूंगा, और यदि मैं किसी तारीख को हाजिर रहने में विफल रहता हूं, तो मैं सरकार को ...................... रूपये की बंधपत्र राशि संदत्त करुंगा। यह बंधपत्र अभिलेख हेतु लिखा गया है।
आज तारीख .............................मास................20........को हस्ताक्षरित।
अपराधी के हस्ताक्षर।
जमानत
मैं ............ पुत्र श्री.....................निवासी............................. तहसील.................जिला..................... एतद द्वारा लिखित मे प्रतिज्ञान करता हूं कि मै, श्री/श्रीमती............................. के लिए, जो ......................... उपबन्धों के अधीन मामले में आरोपी है, प्रतिभूत होता हूं कि वह न्यायालय में प्रत्येक सुनवाई को उपस्थित रहेगा, और यदि यह मामला किसी अन्य न्यायालय में स्थानांतरित किया जाता है तो अपराधी भी स्वयं को, प्रत्येक सुनवाई में, मामले के विनिष्चय तक हाजिर रहेगा। यदि वह किसी सुनवाई पर न्यायालय में हाजिर होने में विफल रहता है, तो मै सरकार को .................. रूपये की राशि संदत्त करुंगा। यह अभिलेख के लिए लिखा गया है। आज तारीख....................... मास................20..........को हस्ताक्षरित।
साक्षियों के हस्ताक्षर हस्ताक्षर। 1......................... 2...........................
प्ररुप-VI
नियम 6(7) देखें}
जिमनी रिपोर्ट/अन्वेष्ण रिपोर्ट वन रेंज............................................................................................................................................................................................. वन थाना..................................................................वन मण्डल.....................................................................................................
हिमाचल प्रदेश...........................................................एफ.ओ.आर. संख्या....................................................................................
तारीख...............................................................................डी.आर.संख्या.........................................................................................
वर्ष................................................................................. जिमनी संख्या..........................................................................................
तारीख....................................................................... वन थाना में पहुंचने की तारीख और समय......................................... वन थाना से निपटान की तारीख और समय........................ .................................................................................................
अपराध
5110 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932प्ररुप-VII
नियम 7(2) देखें}
वन अपराधों का पता चलने और अन्वेषण और उनके अभियोजन की पाक्षिक रिपोर्ट वन अपराधों का पता चलने और अन्वेषण और उनके अभियोजन की पाक्षिक रिपोर्ट वन अपराधों का पता चलने और अन्वेषण और उनके अभियोजन की पाक्षिक रिपोर्ट वन अपराधों का पता चलने और अन्वेषण और उनके अभियोजन की पाक्षिक रिपोर्ट
| वन थाना का नाम | विशिष्टियां | पता लगाए गए मामले | ||||||||
| पिछले | चालू | क ु ल | ||||||||
| मामलों की स ं ख्या | ईकाईयां | राशि रू. में | मामलो ं की स ंख्या | ईकाईयां | राशि रू. में | मामलों की स ंख्या | ईकाईयां | राशि रू. में | ||
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 |
| शमन किए गए मामले | अन्वेष्ण किए गए मामले | न्यायालय मे चालान किए गए मामले | शेष मामले | |||||||
| मामलों की स ंख्या | ईकाईयां | राशि रू. में | मामलों की स ंख्या | ईकाईयां | राशि रू. में | मामलों की स ंख्या | ईकाईयां | राशि रू. में | मामलों की स ं. (स्तंभ 9-स्तंभ 12स्तंभ 18) | ईकाईयां (स्तंभ 10-स्तंभ 13स्तंभ 19) |
| 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 |
| अवैध कटान | |
| अधिक्रमण | |
| वन्य जीव अपराध | |
| अभिवहन (भार्गस्थ) अपराध | |
| अन्य अपराध | |
| क्ुल | |
| टिप्पण....--------उपदर्शित की जाने वाली ईकाईयाः घन मीटर में इमारती लकडी का आयतन; अधिक्रमण की दशा में टिप्पण क्षेत्रफल हैक्टेयर में; वन्य जीव अपराध अभिवहन अपराधें की दशा में अभिगृहीत वाहन और अन्य सम्पति तथा अन्य वन अपराधों की दशा में वन उपज के ब्यौरे दिए जाएं। |
प्ररुप-VIII
नियम 8(12) देखें}
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5111प्ररुप-IX
नियम 9(1)(i) देखें}
वन विभाग, हिमाचल प्रदेश
वन थाना रेंज.................................. मण्डल.................. का कार्यभार ग्रहण करने/सौंपने का प्रमाण-पत्र मैं प्रमाणित करता हूं कि मैने वन थाना रेंज.................. वन मण्डल....................का कार्यभार आज दिन....... मास........20........... को ग्रहण कर/सौंप दिया है।
1. मैंने समस्त कार्यालय-बहियों की परीक्षा कर ली है और उन्हें अद्यतन पाया है।
2. मैंने शस्त्रागार की परीक्षा कर ली है और यह पाया है कि आयुध और गोला बारुद अभिलेख के अनुसार रखे गए हैं तथा तदनुसार कार्यभार ग्रहण कर/सौंप दिया है।
3. मैने वन थाना में समस्त रजिस्टर, प्ररुप और अन्य वस्तुएं ग्रहण कर ली है/सौंप दी हैं। भारमुक्त अधिकारी (नाम और पदनाम)
भार मोचन अधिकारी (नाम और पदनाम)
----------
5112 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932प्ररुप-XIII
नियम 9(1)(v) देखें}
अभियुक्त व्यक्ति को समन
सेवा में,
....................(अभियुक्त का नाम)............................................... (पता) ...................................................................... आपकी उपस्थिति................. के आरोप (आरोपित अपराध का संक्षेप में कथन करें) का उत्तर देने हेतु अनिवार्य है, अतः आपकों एतद् द्वारा ............ के समक्ष ......... तारीख .................... को स्वयं हाजिर होकर या, यथास्थिति, प्लीडर (अभिवक्ता) के माध्यम से हाजिर होने का निर्देश दिया जाता है।
तारीख.................. दिवस .....................20...................
कार्यालय की मुद्रा सहित हस्ताक्षर।
-------
प्ररुप-XIV
नियम 9(1)(v) देखें}
साक्षियों को समन
सेवा में,
.................................पता..............................................
मेरे समक्ष शिकायत की गई है कि ..................................... (अभियुक्त का नाम) ..................... पता................ ...... (या संदिग्ध है) ने .................... का अपराध किया है (अपराध का समय और स्थान के साथ संक्षिप्त विवरण कथन), और मुझे यह प्रतीत होता है कि तुम अभियोजन हेतु तात्विक साक्ष्य देने या कोई दस्तावेज या अन्य सामग्री प्रस्तुत (उपलब्ध) करने के लिए अपेक्षित हो;
अतः आपको एतद् द्वारा इस न्यायालय के, समक्ष ....... दिन .... को ..... दस बजे (पूर्वान्ह) ऐसे दस्तावेज या वस्तु (सामग्री) प्रस्तुत करने या प्रमाणित करने हेतु हाजिर होने के लिए बुलाया जाता है जो आप उक्त शिकायत के विषय में जानते हैं, और वहां से न्यायालय की ईजाजत के बिना प्रस्थान नहीं करने के लिए समन राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5113 दिया जाता है और आपको एतद् द्वारा चेतावनी दी जाती है कि यदि आप उक्त तारीख को बिना किसी उचित (न्यायसंगत) कारण के हाजिर होने में उपेक्षा या इंकार करते हैं तो आपकी उपस्थिति बाध्य करने हेतु एक वारंट जारी किया जाएगा।
तारीख....................................दिवस..............................20......................
कार्यालय की मुद्रा सहित हस्ताक्षर।
--------
प्ररुप-XV
नियम 9(1)(vi) देखें}
किसी विशिष्ट अपराध की सूचना के पश्चात् तलाशी वारंट
सेवा में, .................... (वन अधिकारी या अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों का नाम और पदनाम जिसने (जिन्होंने) वारंट का निष्पादन करना है।
मेरे समक्ष ........................ का अपराध (अपराध संक्षिप्त रुप से वर्णित करें) करने (या संदिग्ध कृत्य किए जाने) की सूचना रखी गई है एवं शिकायत की गई है, और मुझे प्रतीत होता है कि उक्त अपराध (या संदिग्ध अपराध) में किए जा रहे या संभाव्यतः किये जाने वाले अन्वेषण (जांच) के लिए .................... (वस्तु सामग्री) को स्पष्टतया विनिर्दिष्ट करें) को प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है;
अतः आपको उक्त .......... (विनिर्दिष्ट वस्तु) हेतु ...............(उस घर या स्थान या उसके भागतः को वर्णित करें जिसमें तलाशी परिरूद की जानी है) में तलाशी के लिए अधिकृत और अपेक्षित किया जाता है; और यदि वस्तु मिलती है तो उसे इस वारंट को लौटाते हुए कि इसके निष्पादन पर आपके द्वारा तुरन्त किए गए कृत्य को प्रमाणित करते पृष्ठांकन के साथ अधोहस्ताक्षरी के समक्ष तत्काल उपलब्ध करवाने की अपेक्षा की जाती है।
तारीख.................................... दिवस.............................. 20...................
कार्यालय की मुद्रा सहित हस्ताक्षर।
--------
प्ररुप-XVI
नियम 9(1)(अप) देखें}
प्राप्ति के संदिग्ध स्थान की तलाशी का वारंट
मेरे समक्ष सूचना रखी गई है और उस पर समयक अन्वेषण (जांच) करने पर मुझे यह विश्वास करना पडा है कि .....................(गृह या अन्य स्थान वर्णित करें) चुराई गई सम्पति को जमा करने या बिक्री के लिए स्थान के रुप मे या इस धारा (धारा में वर्णित प्रयोजन का कथन करें) में ब्यक्त अन्य प्रयोजनों में से किसी एक के लिए उपयोग में लाया गया है;
अतः आपको उक्त गृह (या अन्य स्थान) मे ऐसी सहायता के साथ जैसी अपेक्षित हो प्रवेश करने के लिए और यदि आवश्यक हो, तो उस प्रयोजन के लिए मुक्तियुक्त बल प्रयोग करने हेतु, और उक्त गृह (या अन्य स्थान) (यदि तलाशी केवल एक भाग तक सीमित है तो भाग को स्पष्टतयाः विनिर्दिष्ट करें) प्रत्येक भाग की तलाशी और किसी भी सम्पति (या, यथास्थिति दस्तावेज या स्टैंप या मुद्राएं या सिक्के या उत्तेजक 5114 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 सामग्री) (जब भी मामले में यह अपेक्षित हैं संलग्न करें), का और किन्हीं उपकरणों और पदार्थों का भी जिन पर आपको युक्तियुक्त रुप से जाली दस्तावेजीें या, यथास्थ्तिि कूटकृत स्टांप या मिथ्या मुद्रा या कूटकृत सिक्कों या कूटकृत करेंसी नोटों के निर्माण के लिए रखे होने का विश्वास है, अभिग्रहण करने और कब्जा लेने और अधोहस्ताक्षरी के समक्ष अपने कब्जे में ली गई उक्त वस्तुओं को लाने हेतु प्राधिकृत किया जाता है और अपेक्षा की जाती है। इस वारंट को, इसके निष्पादन पर इसे पृष्ठांकन के साथ प्रमाणित करते हुए कि आपने इसके अन्तर्गत क्या किया है, तुरन्त वापिस करें।
तारीख..................................दिवस.........................................20.............
कार्यालय की मुद्रा सहित हस्ताक्षर।
--------
प्ररुप-XVII
नियम 9(1)(vii) देखें}
मामला (केस) डायरी रजिस्टर
वन थाना............................ रेंज ........................ वन मण्डल...............
(1) एफ.ओ.आर./डैमेज (नुकसानी) रिपोर्ट संख्या............................................ (2) रिपोर्ट की तारीख ...................................................................... (3) अपराध की किस्म (श्रेणी) ................................................................
(4) अभिगृहीत/अधिहृत वन उत्पाद का विवरण (किस्म, परिमाण एवं कीमत) .............................................
(5) अभिगृहीत/अधिहृत थानों/अन्य औजारों/उपकरणों का विवरण ......................................................
(6) चालान की तारीख .......................................................................................................................................................
(7) न्यायालय पहुंचने की तारीख ....................................................................................................................
(8) अपराध के ब्यौरे .......................................................................................................................................................
आदेश द्वारा, हस्ता0/- अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन)।राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5115
In the Court of Shri Layak Ram Negi, Sub-Divisional Magistrate Shimla(R), District Shimla,
Himachal Pradesh
Shri Shankar Lal s/o Late Shri Kalu Ram, r/o Vill. Kalhoni, P. O. Tun, Tehsil & Distt. ..Applicant. Shimla
Versus
General Public
..Respondent.
Whereas Shri Shankar Lal s/o Late Shri Kalu Ram, r/o Vill. Kalhoni, P. O. Tun, Tehsil & Distt. Shimla has filed an application along with an affidavit in the court of undersigned under section 13 of the Births and Deaths Registration Act, 1969 to enter the name and date of birth of his grand daughter namely Bharti born on 15-7-2009 in the record of Gram Panchayat Bainsh, Pargana Nebal.
Hence, this proclamation is issued to the general public if they have any objection/claim regarding entry of name and date of birth of the grand daughter of Shri Shankar Lal s/o Late Shri Kalu Ram, r/o Vill. Kalhoni, P. O. Tun, Tehsil & Distt. Shimla the same may file their claim/objection on or before one month of publication of this notice in Government Gazette in this court, failing which necessary orders will be passed.
Given today 3rd August, 2010 under my signature and seal of the court.
Seal.
LAYAK RAM NEGI,
Sub-Divisional Magistrate Shimla(R),
District Shimla, Himachal Pradesh.
———— ब अदालत श्री बीे0 एस0 गर्ग, कार्यकारी दण्डाधिकारी, नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश श्रीमती शमशाद बेगम पत्नी श्री मोहम्मद हनीफ, निवासी अमरपुर, नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
उपरोक्त प्रार्थना-पत्र श्रीमती शमशाद बेगम पत्नी श्री मोहम्मद हनीफ, निवासी अमरपुर, नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने अधीन धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उनके पुत्र मोहम्मद अमन की जन्म तिथि 22-9-1999 है, का नाम नगरपालिका नाहन के रिकार्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है। अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 30-9-2010 को सुबह दस बजे इस अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे बसूरत दीगर मोहम्मद अमन का नाम एवं जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए जावेंगे।
आज दिनांक.......................................को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। बीे0 एस0 गर्ग, कार्यकारी दण्डाधिकारी, नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।5116 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 ब अदालत श्री बीे0 एस0 गर्ग, कार्यकारी दण्डाधिकारी, नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश श्रीमती असगरी बेगम पत्नी श्री शरीफ अहमद, निवासी हरिपुर, नाहन, तहसील नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
उपरोक्त प्रार्थना-पत्र श्रीमती असगरी बेगम तत्नी श्री शरीफ अहमद, निवासी हरिपुर, तहसील नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश ने अधीन धारा 13 (3) जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 के अन्तर्गत प्रस्तुत करके प्रार्थना की है कि उनकी पुत्री प्रवीण बेबी की जन्म तिथि 15-6-1985 है, का नाम नगरपालिका नाहन के रिकार्ड में दर्ज नहीं करवाया गया है। जिसे प्रार्थी अब दर्ज करवाना चाहता है।
अतः सर्वसाधारण को इस इश्तहार द्वारा सूचित किया जाता है कि इस सम्बन्ध में यदि किसी व्यक्ति को उजर या एतराज हो तो वह स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि द्वारा मिति 30-9-2010 को सुबह दस बजे इस अदालत में उपस्थित आकर प्रस्तुत करे बसूरत दीगर प्रवीण बेबी का नाम एवं जन्म तिथि को दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए जावेंगे।
आज दिनांक.......................................को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर। बीे0 एस0 गर्ग, कार्यकारी दण्डाधिकारी, नाहन, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत उप-पंजीकाध्यक्ष सुन्दरनगर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
ब मुकद्दमा :
श्री शूंकू पुत्र श्री सुहडू, निवासी डोध, मुहाल बहलग, डाकघर भड़ोल, तहसील सुन्दरनगर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र घरेलू वसीयत को पंजीकृत करने बारा।
इश्तहार।
प्रार्थी उपरोक्त शीर्षक द्वारा प्रार्थना-पत्र मय घरेलू वसीयत इस आशय पर पेश की है कि स्व0 श्रीमती धमी वेवा श्री कालू पुत्र श्री नरू, सकना तलसाई, तहसील सुन्दनगर ने उसके हक में की है कि उसके मरने के बाद उक्त अचल व चल सम्पत्ति उक्त प्रार्थी को मिले। जिसे पंजीकृत किये जाने हेतु प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया है। राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5117 अतः इस इश्तहार राजपत्र के माध्यम से आम जनता को सूचित किया जाता है कि उपरोक्त वसीयत को पंजीकृत किये जाने बारा किसी को कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 28-10-2010 को हाजिर अदालत होकर पेश करे। हाजिर न आने की सूरत में एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई जाकर उक्त वसीयत को पंजीकृत कर दिया जायेगा।
आज दिनांक 24-7-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर न्यायालय से जारी हुआ।
मोहर।
हस्ताक्षरित/- उप-पंजीकाध्यक्ष सुन्दरनगर,
जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
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ब अदालत श्री सरद सिंह ठाकुर, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी पधर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश श्री राजेश कुमार पुत्र श्री मोहन सिंह, निवासी बल्ह, डाकघर बल्ह, तहसील पधर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश . .प्रार्थी। बनाम
आम जनता . .प्रत्यार्थी। धारा 37(2) राजस्व अधिनियम, 1954 के अन्तर्गत राजस्व रिकार्ड में नाम दरुस्त करवाने बारे।
श्री राजेश कुमार पुत्र श्री मोहन सिंह, निवासी बल्ह, डाकघर बल्ह, तहसील पधर, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ने शपथी-पत्र सहित एक प्रार्थना-पत्र गुजारा है जिसमें प्रार्थना की है कि उसका नाम पंचायत रिकार्ड में राजेश कुमार दर्ज है जो कि सही है, लेकिन राजस्व रिकार्ड में वरासत दर्ज करवाते समय मेरे परिवार के सदस्यों ने गलती से उसका नाम राजू दर्ज करवा दिया है। उपरोक्त गलत नाम राजू की वजह से बहुत सी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। जिस कारण प्रार्थी अब राजस्व रिकार्ड के तमाम रिकार्ड में अपना सही नाम राजेश कुमार दर्ज करवाना चाहता है। अतः इस अदालत से प्रार्थना है कि उसका नाम राजस्व अभिलेख में दरुस्त किया जावे।
अतः इस इश्तहार द्वारा आम जनता को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त नाम दरुस्ती दर्ज करने बारे कोई एतराज हो तो वह असालतन या वकालतन दिनांक 28-10-2010 को प्रातः 10.00 बजे इस अदालत में अपना एतराज प्रस्तुत करे। उपस्थित न होने की सूरत में एकपक्षीय कार्यवाही अमल में लाई जाकर प्रार्थना-पत्र पर यथोचित आदेश पारित कर दिया जाएगा।
आज दिनांक 24-9-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
सरद सिंह ठाकुर, सहायक समाहर्ता, प्रथम श्रेणी पधर,
जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।5118 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 ब अदालत श्री एम0 एल0 भार्गव, सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी, उप-तहसील कोटली, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश
श्री अच्छर सिंह पुत्र श्री निहालू पुत्र श्री तुलसिया, निवासी गांव रोपडू, इलाका तुंगल, उप-तहसील कोटली, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
बनाम
आम जनता
प्रार्थना-पत्र नाम दरुस्ती राजस्व अभिलेख।
श्री अच्छर सिंह पुत्र श्री निहालू पुत्र श्री तुलसिया, निवासी गांव रोपडू, इलाका तुंगल, उप-तहसील कोटली, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश ने इस अदालत में प्रार्थना-पत्र गुजारा है कि मेरा वास्तविक नाम अच्छर सिंह है जो कि स्कूल प्रमाण-पत्रों में दर्ज है। परन्तु राजस्व अभिलेख व ग्राम पंचायत अभिलेख में मेरा घरेलू नाम अच्छरू दर्ज है। अतः राजस्व अभिलेख व ग्राम पंचायत अभिलेख में अच्छर सिंह दर्ज करने के आदेश दिए जावे।
अतः इश्तहार राजपत्र के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त नाम दर्ज करने बारे कोई उजर/एतराज हो तो वह दिनांक 30-10-2010 को सुबह 10.00 बजे या इससे पहले इस अदालत में असालतन या वकालतन हाजिर होकर पेश कर सकता है, अन्यथा उक्त नाम दरुस्ती के आदेश कर दिए जाएंगे। इसके उपरान्त कोई उजर/एतराज न सुना जाएगा।
आज दिनांक 17-9-2010 को मेरे हस्ताक्षर व मोहर अदालत से जारी हुआ।
मोहर।
एम0 एल0 भार्गव, सहायक समाहर्ता, द्वितीय श्रेणी,
उप-तहसील कोटली जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश।
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In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Sadar Mandi, District
Mandi, Himachal Pradesh
In the matter of :
1. Shri Surinder Kumar Guleria s/o Sh. Balam Ram, r/o Village & P.O. Sari, Tehsil Sarkaghat, District Mandi, H. P. (Presently residing at H. No. 238/7, Upper Samkhetar, Mandi Town, Distt. Mandi, Himachal Pradesh).
2. Smt. Kritika Saroch d/o Sh. B. C. Saroch, r/o H. No. 238/7, Upper Samkhetar, Mandi Town, Distt. Mandi, Himachal Pradesh. (At present wife of Sh. Surender Kumar Guleria s/o Sh. Balam Ram, r/o Village & P.O. Sari, Tehsil Sarkaghat, District Mandi . . Applicants. H. P.).
Versus
General public
राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 5119 Subject.—Application for the registration of marriage under section 15 of Special Marriage Act,1954.
Shri Surinder Kumar Guleria s/o Sh. Balam Ram, r/o Village & P.O. Sari, Tehsil Sarkaghat, District Mandi, H. P. (Presently residing at H. No. 238/7, Upper Samkhetar, Mandi Town, Distt. Mandi, Himachal Pradesh. (At present wife of Sh. Surender Kumar Guleria s/o Sh. Balam Ram, r/o Village & P.O. Sari, Tehsil Sarkaghat, District Mandi, H. P.) have filed an application alongwith affidavits in the Court of the undersigned under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their marriage on 10-11-2009 according to Hindu rites and customs at Hateshwari Temple, Diargi (Baggi) Tehsil Sadar Mandi, Distt. Mandi, H. P. and they are living together as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 20th October, 2010 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.
Issued today on 19th day of September, 2010 under my hand and seal of the court.
Seal. Sd/- Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Sadar Mandi, District Mandi (H. P.).
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In the Court of Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Sadar Mandi, District
Mandi, Himachal Pradesh
In the matter of :
1. Shri Kuldeep Singh Guleria s/o Sh. Sher Singh Guleria, r/o Village Dayari, P.O. Tilli, Tehsil Sadar Mandi, District Mandi (H. P.).
2. Smt. Bimla Devi d/o Sh. Lal Singh, r/o Vill. Saini Mohari, P.O. Alathu, Tehsil Sadar Mandi, Distt. Mandi, Himachal Pradesh (At present wife of Shri Kuldeep Singh Guleria s/o Sh. Sher Singh Guleria, r/o Village Dayri, P.O. Tilli, Tehsil Sadar Mandi, . . Applicants. District Mandi (H. P.)
Versus
General public
Subject.—Application for the registration of marriage under section 15 of Special Marriage Act, 1954.
Shri Kuldeep Singh Guleria s/o Sh. Sher Singh Guleria, r/o Village Dayari, P.O. Tilli, Tehsil Sadar Mandi, District Mandi (H. P.). and Smt. Bimla Devi d/o Sh. Lal Singh, r/o Vill. Saini Mohari, P.O. Alathu, Tehsil Sadar Mandi, Distt. Mandi, Himachal Pradesh (At present wife of Shri Kuldeep Singh Guleria s/o Sh. Sher Singh Guleria, r/o Village Dayri, P.O. Tilli, Tehsil Sadar Mandi, District Mandi, H. P.) have filed an application alongwith affidavits in the Court of the undersigned under section 15 of Special Marriage Act, 1954 that they have solemnized their5120 राजपत्र, हिमाचल प्रदेश, 29 सितम्बर, 2010/7 आश्विन, 1932 marriage on 2-6-1993 according to Hindu rites and customs at their respective homes and they are living together as husband and wife since then, hence their marriage may be registered under Special Marriage Act, 1954.
Therefore, the general public is hereby informed through this notice that any person who has any objection regarding this marriage can file the objection personally or in writing before this court on or before 20th October, 2010 after that no objection will be entertained and marriage will be registered.
Issued today on 19th day of September, 2010 under my hand and seal of the court.
Seal. Sd/- Marriage Officer-cum-Sub-Divisional Magistrate, Sadar Mandi, District Mandi (H. P.).
नियन्त्रक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, हिमाचल प्रदेश, शिमला-5 द्वारा मुद्रित तथा प्रकाशित